धौलपुर में भव्य श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को एक विशाल एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुआ। यह कलश यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से शुरू होकर कथा स्थल तक पहुँची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर हर महादेव" तथा "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। नगरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर इस दिव्य शोभायात्रा के दर्शन किए। कलश यात्रा के उपरांत, कथा स्थल मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, गौरव पथ पर श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। महाराज श्री ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूज्य श्री रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजकों ने जानकारी दी कि यह कथा 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी, और उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया।
धौलपुर में भव्य श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को एक विशाल एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुआ। यह कलश यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से शुरू होकर कथा स्थल तक पहुँची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और
"हर हर महादेव" तथा "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। नगरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर इस दिव्य शोभायात्रा के दर्शन किए। कलश यात्रा के उपरांत, कथा स्थल मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, गौरव पथ पर श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। महाराज श्री ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव भक्ति मनुष्य के
जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूज्य श्री रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजकों ने जानकारी दी कि यह कथा 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी, और उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया।
- धौलपुर के एक स्थानीय मैरिज होम में दतिया वाले स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित हरिओम शास्त्री द्वारा स्वामी जी महाराज और भगवती पीतांबरा मैया का विधिपूर्वक पूजन और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इस पूजन में स्वामी अष्टक, बगलामुखी चालीसा, शतनाम स्तोत्र और बगलामुखी मैया की महाआरती सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से की। उपस्थित सभी भक्तों ने स्वामी जी महाराज को चंदन तिलक लगाकर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दतिया पीठ से दीक्षा प्राप्त श्रवण कुमार वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि स्वामी जी महाराज की असीम अनुकंपा धौलपुर के लोगों पर हमेशा रही है, और यहां के लोग भी स्वामी जी महाराज तथा माई में गहरी आस्था रखते हैं। इसी का परिणाम है कि पीतांबरा भक्त मंडल धौलपुर द्वारा विगत 15 वर्षों से लगातार स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दतिया पूरे भारतवर्ष के लिए आस्था का केंद्र है और धौलपुर में स्वामी एवं माई के बहुत अधिक भक्त हैं, जिसके कारण ऐसे आयोजनों में भक्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो माई की कृपा ही है क्योंकि माई सभी भक्तों का ख्याल रखती हैं। पीतांबरा भक्त मंडल के वरिष्ठ सदस्य चंद्रकांत सक्सेना ने स्वामी जी महाराज के एक ऐतिहासिक कार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सन् 1962 में राष्ट्र रक्षा हेतु छत्तीस दिनों का एक तांत्रिक अनुष्ठान कराया था, जिसकी पूर्णाहुति होते ही युद्ध विराम की घोषणा हुई थी। इस कार्यक्रम में भक्त मंडल के सदस्यों ने अतिथियों को पीतांबरा माई की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर, पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल, डॉ. शिवचरण कुशवाहा, राजाखेड़ा विधानसभा प्रत्याशी नीरजा शर्मा, जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व प्रधान राम हेतु कुशवाहा, बांकेलाल लोधा, दुर्ग सिंह अंधन, जितेंद्र सिंह राजोरिया, प्रशांत हुंडवाल सहित पीतांबरा भक्त मंडल के अश्वनी श्रीवास्तव, राजकुमार शर्मा, राज बहादुर सिसोदिया, मुकेश सक्सेना, बाबू बंसल, लोकेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, अजय राठौर, सचिन जादौन, कमल पहाड़िया, नंदकिशोर शुक्ला, मोहित अग्रवाल, केदार सिंह, रामकुमार दुबे, नर्मदा शर्मा और राम त्रिवेदी जैसे सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, हजारों लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।4
- धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम के SE विवेक शर्मा ने मच कुंड रोड उपखंड व्रत कार्यालय पर एक जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान कुल 62 बिजली संबंधी प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। जनसुनवाई में बिजली बिल से संबंधित 26 प्रकरण, VCR से जुड़े 25 प्रकरण और बिजली के अन्य 11 मामले शामिल थे। वे कटे हुए और नियमित बिजली उपभोक्ता, जिन्हें अपने बिलों में गड़बड़ी का अंदेशा था, उन्होंने इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और रिकॉर्ड के अनुसार निर्णय लिए गए, जिसके बाद बिलों में संशोधन किया गया और संशोधित बिलों का भुगतान उपभोक्ताओं द्वारा किया गया।1
- विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी मुरैना जिले के बेरोजगारों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर लेकर आई है। कंपनी द्वारा पूरे जिले में एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। भर्ती प्रक्रिया में चयनित जवानों को पहले एक माह का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण के बाद, जवानों को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर पोस्टिंग दी जाएगी, जहां उन्हें तीन महीने की अवधि तक काम करना होगा। तीन महीने पूरे होने पर, जवान अपनी गृह डिस्ट्रिक्ट या अपनी गृह ब्रांच में वापस जा सकते हैं। वेतन की बात करें तो, जवानों को 15,000 से 18,000 रुपये तक और सुपरवाइजरों को 20,000 से 28,000 रुपये तक वेतन मिलेगा। इस अवसर के लिए, जवानों का प्रशिक्षण शुल्क 10,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह शुल्क 40,000 रुपये है। जवानों के लिए यह प्रशिक्षण शुल्क धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से उनके खाते में जोड़ा जाएगा।1
- मध्य प्रदेश को वीरों की धरती और जवानों का देश बताया गया है, साथ ही इसे 'बलिया बगिया' कहकर भी सराहा गया है। इस पोस्ट में कहा गया है कि यदि जीवन में सच्चा सुकून पाना चाहते हैं, तो एक बार चंबल की सफारी पर अवश्य जाना चाहिए।1
- मुरैना जिले के अंबाह नगर पालिका चौराहे पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सांड आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सड़क किनारे खड़ी एक टिम-टिम (ई-रिक्शा) में जा घुसे, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में चीख-पुकार मच गई और लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की जबरदस्त भिड़ंत से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते दिखाई दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा और चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह घटना नगर में दिन-प्रतिदिन गंभीर होती आवारा मवेशियों की समस्या का एक और उदाहरण है। नागरिकों के अनुसार, बाजारों, मुख्य सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सांडों का खुलेआम घूमना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, और पूर्व में भी कई लोग इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें, आवेदन और मांग पत्र दिए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है और कोई स्थायी व प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी और भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।1
- रूपवास क्षेत्र के धौलपुर मार्ग पर स्थित घाटौली गाँव की पुलिस चौकी के सामने नवनिर्मित मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं राधा कृष्ण मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन भक्तिमय माहौल रहा। कथा वाचिका रूबी किशोरी दीदी ने नारद जी के जन्म और जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कथा सुनाते हुए रूबी किशोरी दीदी ने बताया कि अपने पूर्व जन्म में नारद जी एक दासी पुत्र थे। चातुर्मास के दौरान आश्रम में पधारे संत-महात्माओं की सेवा और सत्संग के गहरे प्रभाव से उनके जीवन की दिशा पूरी तरह बदल गई। संतों के आशीर्वाद और निरंतर नाम-स्मरण से उनके हृदय में सच्ची भक्ति जागृत हुई। अपनी माता के निधन के पश्चात उन्होंने सभी सांसारिक मोह-माया का त्याग कर ईश्वर की आराधना प्रारंभ की। उनकी कठोर साधना और अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अगले जन्म में ब्रह्मा जी के मानस पुत्र देवर्षि नारद के रूप में जन्म दिया। रूबी किशोरी दीदी ने इस अवसर पर कहा कि सत्संग, निस्वार्थ सेवा और सच्ची श्रद्धा के माध्यम से एक साधारण व्यक्ति भी उच्चतम आध्यात्मिक पद को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जोर दिया कि नारद जी का जीवन भक्ति, समर्पण और सदाचार का जीवंत संदेश देता है और श्रद्धालुओं से अच्छे कर्म करने तथा भगवान के नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा पांडाल भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस भक्तिमय आयोजन में परीक्षत प्रेमगिरी, गिर्राजी देवी, सुनील कुमार, रिंकू कुमार, वीरेंद्र सिंह, पिंकेश कुमार, रवि कुमार, ताराचंद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।1
- धौलपुर के मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से मंगलवार को श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसकी शुरुआत एक विशाल और ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवतियां और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। उनके हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कलश यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर-हर महादेव" एवं "ॐ नमः शिवाय" के जयघोषों के साथ नगर भ्रमण किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। नगरवासियों ने भी अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर इस शोभायात्रा के दर्शन किए। कलश यात्रा के पश्चात मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, वॉटर वर्क्स, गौरव पथ स्थित कथा स्थल पर श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर महाराज श्री ने भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। यह धार्मिक आयोजन पूज्य श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगा। आयोजक समस्त सनातनी महादेव शिव भक्त परिवार ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया है।2
- जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम घुघस में 29 वर्षीय सीमा कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष का कहना है कि पति-पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद के बाद सीमा ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय ग्वालियर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं, मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई रिंकू कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि सीमा दो दिन पहले ही अपने मायके मुरैना खुर्द से पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में ससुराल गई थी। उन्होंने ससुराल पक्ष पर लंबे समय से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। रिंकू कुशवाहा का यह भी दावा है कि उन्हें घटना की सूचना करीब पांच घंटे बाद दी गई और जब वे मौके पर पहुंचे तो सीमा के मुंह से खून निकल रहा था और उसके दांत भी टूटे हुए थे। मृतका के मामा गुलाब सिंह कुशवाहा ने बताया कि सीमा के पति संदीप कुशवाहा की करीब छह-सात महीने पहले सचिव पद पर नौकरी लगने के बाद से उसकी प्रताड़ना बढ़ गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संदीप के किसी अन्य युवती से संबंध थे, जिसके कारण वह सीमा को परेशान करता था। परिवार का यह भी कहना है कि पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौते कराए गए थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जौरा थाने में पदस्थ एसआई नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।1
- पोरसा शहर में इस वर्ष मोहर्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहाँ कुल दो दर्जन, यानि 24 ताजिये बनाए गए हैं। मोहर्रम एवं कर्बला इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जनाब यूनिस खां पठान ने बताया कि ताजियों का मुख्य जुलूस 26 जून को निकाला जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को आलम उठाए जाएंगे, जिसके बाद 25 जून की रात्रि में ताजिये गश्त पर निकलेंगे। अगले दिन, 26 जून को ये ताजिये पूरे शहर में भ्रमण करते हुए कर्बला तक पहुँचेंगे। इस वर्ष बने 24 ताजियों में जनाब मुन्ना स्या का बुर्राक तथा समीर खान का पंचायती जामा मस्जिद वाला ताजिया प्रमुख हैं। इनके साथ ही, अनवर (पुरानी बस्ती), रशीद खां, रफीक खान मुल्लाजी, रमजानी खां (इमली चौक), मुन्ना खां (गांधीनगर), याकूब खां (पुराना खेरा), सादिक खां (पुराना खेरा), अंसार खां (इमली चौक), शद्दों खां, शहजाद ख़ां, कासिम खां (छोटा पंचायती बगिया मोहल्ला), बल्ली खां, मुन्ना खां अब्बासी, सलीम खान (मोहल्ला पंचायती ईदगाह मोहल्ला), फिरोज शाह, अब्बू उर्फ अबरार खां, दिलशाद खां, बशारत खान, पुल्ली खां, साबिर खां और हसन खां द्वारा निर्मित ताजिए भी तैयार हो चुके हैं। इस आयोजन में अब्दुल्ला अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब सूफी आबिद खां हैं, और इस्लामिया अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब शरीफ खां हैं, भी अपनी भागीदारी निभाएंगे।1