Bounsi News: हवन-पूजन और खोईंचा के साथ नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई बौंसी/बांका:- नगर पंचायत बौंसी अंतर्गत पुरानी हाट स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में रविवार को माहौल पूरी तरह भक्तिमय और भावुक बना रहा। हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सजी-धजी माता की आराधना में लीन दिखीं। विदाई से पूर्व “खोईंचा” की रस्म अदा की गई। विवाहित महिलाओं ने मां दुर्गा को चुनरी, सिन्दूर, अक्षत और नारियल अर्पित कर सुख - समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। “अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। पंडितों के मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच हवन सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति देकर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। वातावरण में घी और हवन सामग्री की सुगंध के साथ भक्ति का भाव स्पष्ट महसूस किया जा रहा था। विदाई के इस भावुक पल में हर भक्त के चेहरे पर आस्था और श्रद्धा झलक रही थी। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष लोगों ने अंतिम बार माथा टेककर आशीर्वाद लिया और अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। इस प्रकार भक्ति, परंपरा और भावनाओं के संगम के साथ वैष्णवी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा को श्रद्धापूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, सचिव प्रदीप घोष, संयोजक सौरभ चौधरी, उपाध्यक्ष बंटी कुमार, सह-सचिव केशव कुमार तथा सदस्य प्रवीण कुमार, विकास कुमार और विश्वजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
Bounsi News: हवन-पूजन और खोईंचा के साथ नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई बौंसी/बांका:- नगर पंचायत बौंसी अंतर्गत पुरानी हाट स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में रविवार को माहौल पूरी तरह भक्तिमय और भावुक बना रहा। हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सजी-धजी माता की आराधना में लीन दिखीं। विदाई से पूर्व “खोईंचा” की रस्म अदा की गई। विवाहित महिलाओं ने मां दुर्गा को चुनरी, सिन्दूर, अक्षत और नारियल अर्पित कर सुख - समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। “अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। पंडितों के मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच हवन सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति देकर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। वातावरण में घी और हवन सामग्री की सुगंध के साथ भक्ति का भाव स्पष्ट महसूस किया जा रहा था। विदाई के इस भावुक पल में हर भक्त के चेहरे पर आस्था और श्रद्धा झलक रही थी। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष लोगों ने अंतिम बार माथा टेककर आशीर्वाद लिया और अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। इस प्रकार भक्ति, परंपरा और भावनाओं के संगम के साथ वैष्णवी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा को श्रद्धापूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, सचिव प्रदीप घोष, संयोजक सौरभ चौधरी, उपाध्यक्ष बंटी कुमार, सह-सचिव केशव कुमार तथा सदस्य प्रवीण कुमार, विकास कुमार और विश्वजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
- छठ घाट निर्माण में गरीबों को लूटने का एक महत्व कांची मुहिम बनाया जा रहा है लोग परेशान है बाकी छठ घाट निर्माण में काफी घटिया ईट का प्रयोग किया जा रहा और घटिया किस्म के तमाम जो निर्माण में काम होने वाले वस्तुएं हैं उसे उपयोग किया जाता है लोगों ने बताया कि उन्हें बड़े लोगों की डर लगती है और वह आवाज नहीं उठा पाए आपका आवाज तय करता है कि क्या होने वाली है सिस्टमपर1
- झारखंडी हीरो s का जलवा और लोगों के लिये मदद सबसे बड़ी बात है #goddajharkhand #viralreelschallenge2026viralreelschallengejaiviralreelschallenge #kahalgaon #bhagalpur #महगामा1
- Post by N.k.choudhary1
- बिहार बांका- में शंभूगंज के आपदा मित्रों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी का दरवाजा खटखटाया। जिलाध्यक्ष हिमांशु कुमार के नेतृत्व में लखनपुर स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। आपदा मित्रों ने मानदेय बढ़ाने, स्थायी नियुक्ति और कार्य के दौरान सुरक्षा व सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हर आपदा में जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो उचित सम्मान मिला और न ही पर्याप्त सुविधा। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में उचित कदम उठाएगी। अब देखना होगा कि इस आश्वासन के बाद आपदा मित्रों की मांगें कब तक पूरी होती हैं। बांका से विकास शर्मा की रिपोर्ट।1
- चांदन/बांका:प्रखंड क्षेत्र के लालपुर गांव में आयोजित अष्टयाम महायज्ञ को लेकर सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु महिला-पुरुष एवं युवतियों ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो उठा।कलश यात्रा लालपुर गांव से प्रारंभ होकर लालपुर नदी तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर जयकारे लगाते हुए पुनः यज्ञ स्थल पहुंचे।इस धार्मिक अनुष्ठान को पुरोहित कौशल पांडेय के निर्देशन में संपन्न कराया जा रहा है। आयोजन की व्यवस्था निवास बरनवाल द्वारा की गई है।आयोजन समिति के अनुसार, अष्टयाम महायज्ञ का कार्यक्रम 30 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन भी किया जाएगा, वहीं समापन के अवसर पर महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।कलश यात्रा के दौरान “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। स्थानीय ग्रामीणों का इस आयोजन में सराहनीय सहयोग देखने को मिला। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार1
- Post by Pritam Kumar1
- Post by Lal Mohammad1
- नदी में डूबने के कारण दो बच्चे की जीवन लीला समाप्त पूरे गांव में मातम का महत्व लोगों ने बताया कि बच्चे खेलने के लिए गए थे और घर जब वापस नहीं आया तो पूरे खोजबीन किया नहीं मिला कुछ देर बाद नदी में तैरता हुआ तब उसने देखा1