भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन, सेवा और समर्पण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सण्डीला नगर मंडल ने हरदोई के सण्डीला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमित गुप्ता विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल ‘रमन’ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, और शिविर का आयोजन सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य शिविर के दौरान कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें टीबी मरीजों को दवा किट का वितरण, बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, आयुष्मान कार्ड का वितरण, बालिकाओं को सेनेटरी पैड का वितरण और शुगर की निःशुल्क जाँच शामिल थी। इस अवसर पर, विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुँचाने के लिए लगातार कार्यरत है। विशिष्ट अतिथि अमित गुप्ता ने कहा कि “मोदी-योगी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं,” वहीं नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल रमन ने जोर देकर कहा कि “जो कार्य पूर्व की सरकारें दशकों में नहीं कर सकीं, वह भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जनहित में कर दिखाया है।” कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर वीरेंद्र सिंह, राजेश अस्थाना, डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह अर्कवंशी, अमित कुमार शर्मा, अमन बाबू, अर्पित गुप्ता, डॉ. हरिओम तिवारी, दीपक गुप्ता, विशाल निगम, अमित पुष्पद, स्पर्श गुप्ता, गोपाल अर्कवंशी, सुमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, कार्यकर्ता और स्थानीय महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन, सेवा और समर्पण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सण्डीला नगर मंडल ने हरदोई के सण्डीला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमित गुप्ता विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल ‘रमन’ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, और शिविर का आयोजन सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य शिविर के दौरान कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें टीबी मरीजों को दवा किट का वितरण, बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, आयुष्मान कार्ड का वितरण, बालिकाओं को सेनेटरी पैड का वितरण और शुगर की निःशुल्क जाँच शामिल थी। इस अवसर पर, विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुँचाने के लिए लगातार कार्यरत है। विशिष्ट अतिथि अमित गुप्ता ने कहा कि “मोदी-योगी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं,” वहीं नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल रमन ने जोर देकर कहा कि “जो कार्य पूर्व की सरकारें दशकों में नहीं कर सकीं, वह भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जनहित में कर दिखाया है।” कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर वीरेंद्र सिंह, राजेश अस्थाना, डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह अर्कवंशी, अमित कुमार शर्मा, अमन बाबू, अर्पित गुप्ता, डॉ. हरिओम तिवारी, दीपक गुप्ता, विशाल निगम, अमित पुष्पद, स्पर्श गुप्ता, गोपाल अर्कवंशी, सुमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, कार्यकर्ता और स्थानीय महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के बाबा हज़ारा बाग इलाके में कुछ युवकों द्वारा खुलेआम हंगामा और उत्पात मचाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, ये युवक लाठी-डंडों के साथ सड़क पर अराजकता फैलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दबंग युवकों ने एक ई-रिक्शा को भी पलट दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में भय व्याप्त हो गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।1
- हरदोई से आए एक पीड़ित परिवार ने लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह करने का प्रयास किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार पिछले एक महीने से संडीला थाने के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उनकी चोरी और मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।1
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ है, जिसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी। इस भीषण धमाके के कारण पूरा घर उड़ गया और एक महिला तथा एक युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गईं।1
- स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से डगमगाई हुई है, जहाँ बुलडोजर की कार्रवाई भी महज हवा हवाई साबित हुई है। बिलग्राम कस्बे में एक मृतक डॉक्टर की डिग्री का इस्तेमाल करके कई क्लीनिक और अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे जिम्मेदार लोग खुलेआम जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिलग्राम तहसील क्षेत्र में, स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही और नाकामी के कारण अवैध क्लीनिकों और निजी अस्पतालों का जाल तेजी से फैल रहा है। बिलग्राम कस्बे से लेकर बिलग्राम-कन्नौज मार्ग पर म्योरा मोड़, छिबरामऊ, जफरपुर, मल्लावां कस्बा और सांडी जैसे सैकड़ों स्थानों पर बेखौफ निजी अस्पताल, क्लीनिक और सेवा सदन चल रहे हैं। ये संस्थान निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन कथित अस्पतालों के बाहर बड़े-बड़े बैनर लगाकर नामचीन डॉक्टरों और लंबी-चौड़ी डिग्रियों का प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन हकीकत में इन स्थानों पर कोई भी योग्य, डिग्री या डिप्लोमा धारक डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि बिना किसी विशेषज्ञ की मौजूदगी के, अप्रशिक्षित स्टाफ खुद ही डिलीवरी (प्रसव) जैसे संवेदनशील कार्यों को अंजाम दे रहा है। इन बंद कमरों के भीतर भ्रूण हत्या जैसे गंभीर और गैरकानूनी काले कारोबार का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा है। सही इलाज न मिलने और तकनीकी खामियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज आए दिन इन झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार हो रहे हैं। इस काले कारोबार को चलाने के लिए इन अस्पताल संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग में दलालों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रखा है। ये दलाल गांवों से आने वाले डिलीवरी के मरीजों को सीधे अवैध अस्पतालों तक पहुंचाते हैं, जिसके बाद मरीजों के परिजनों से ऑपरेशन के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इस बड़ी कमाई का हिस्सा दलालों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों, कर्मचारियों तथा आशा कार्यकर्ताओं में बांट दिया जाता है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इन कारनामों में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार डॉक्टर भी बराबर के हिस्सेदार हैं।2
- लखनऊ के थाना विभूतिखंड के अंतर्गत सिनेपोलिस चौकी (समिट बिल्डिंग) के चौकी प्रभारी हरिओम पटेल को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि चौकी प्रभारी सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने में अधिक रुचि रखते हैं, और उनकी कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो चुकी हैं। इन कथित गतिविधियों के कारण उन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि चौकी क्षेत्र में आए दिन होने वाली मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अपेक्षित गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि समिट बिल्डिंग स्थित बार और अन्य प्रतिष्ठानों से कथित तौर पर सुविधा शुल्क वसूला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इन बार संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और न ही इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब देखना यह होगा कि समाचार के प्रकाशन के बाद संबंधित उच्चाधिकारी इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हैं या नहीं और क्या वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कराते हैं।1
- लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में स्थित एक प्लेसमेंट एजेंसी पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। दर्जनों युवक-युवतियों ने इस मामले में आक्रोशित होकर हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनसे नौकरी का आश्वासन देकर प्रत्येक व्यक्ति से 2-2 हजार रुपये लिए गए थे। एजेंसी ने यह भरोसा भी दिलाया था कि अगर नौकरी नहीं मिली तो उनकी रकम लौटा दी जाएगी, लेकिन आरोप है कि उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। इस शिकायत के बाद, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित प्लेसमेंट ऑफिस का दौरा किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वह आरोपों की सत्यता तथा एजेंसी की गतिविधियों की गहनता से पड़ताल कर रही है।1
- सीतापुर जनपद के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के सरैया मसूदपुर गांव में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के बाहर झील के पीछे एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ। इस घटना की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे कुछ ग्रामीण शौच के लिए झील की ओर गए थे, तभी उनकी नज़र झाड़ियों के पास पड़े एक युवती के शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक श्याम कनौजिया पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर युवती की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक जांच में युवती गोरे रंग की बताई जा रही है, जिसने काले रंग की शर्ट पहन रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार, उसकी गर्दन पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और सीतापुर से फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि युवती की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच में जुटी हुई है। अज्ञात युवती का शव मिलने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना दिया है।2