जोकीहाट प्रखंड के गैरकी मसूरिया पंचायत स्थित खिखरमानी चौधरी टोला का प्राथमिक विद्यालय चार साल पहले बकरा नदी में विलीन हो गया था। 2021 की बाढ़ में यह स्कूल नदी में समा गया था। इसके बाद से पोषक क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए एक किलोमीटर दूर टैग विद्यालय जाना पड़ रहा है। चार साल बीत जाने के बाद भी अब तक न तो स्कूल के लिए नई जमीन तलाशी जा सकी है और न ही इसके निर्माण का कार्य शुरू हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, छोटे बच्चों को इतनी दूरी तय करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने बताया कि विभागीय आदेश के बाद इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय रहड़िया में टैग कर दिया गया था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने भी इसकी पुष्टि की है। बीईओ ने कहा कि उन्होंने पोषक क्षेत्र के लोगों से जमीन चिन्हित कर विभाग को जानकारी देने को कहा था। उन्होंने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कर स्कूल निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्राथमिक विद्यालय खिखरमानी चौधरी टोला का केवल शौचालय ही बचा है, जो बकरा नदी के काफी करीब है। यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो यह शौचालय भी नदी में समा सकता है।
जोकीहाट प्रखंड के गैरकी मसूरिया पंचायत स्थित खिखरमानी चौधरी टोला का प्राथमिक विद्यालय चार साल पहले बकरा नदी में विलीन हो गया था। 2021 की बाढ़ में यह स्कूल नदी में समा गया था। इसके बाद से पोषक क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए एक किलोमीटर दूर टैग विद्यालय जाना पड़ रहा है। चार साल बीत जाने के बाद भी अब तक न तो स्कूल के लिए नई जमीन तलाशी जा सकी है और न ही इसके निर्माण का कार्य शुरू हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, छोटे बच्चों को इतनी दूरी तय करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने बताया कि विभागीय आदेश के बाद इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय रहड़िया में टैग कर दिया गया था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने भी इसकी पुष्टि की है। बीईओ ने कहा कि उन्होंने पोषक क्षेत्र के लोगों से जमीन चिन्हित कर विभाग को जानकारी देने को कहा था। उन्होंने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कर स्कूल निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्राथमिक विद्यालय खिखरमानी चौधरी टोला का केवल शौचालय ही बचा है, जो बकरा नदी के काफी करीब है। यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो यह शौचालय भी नदी में समा सकता है।
- जोकीहाट प्रखंड के गैरकी मसूरिया पंचायत स्थित खिखरमानी चौधरी टोला का प्राथमिक विद्यालय चार साल पहले बकरा नदी में विलीन हो गया था। 2021 की बाढ़ में यह स्कूल नदी में समा गया था। इसके बाद से पोषक क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए एक किलोमीटर दूर टैग विद्यालय जाना पड़ रहा है। चार साल बीत जाने के बाद भी अब तक न तो स्कूल के लिए नई जमीन तलाशी जा सकी है और न ही इसके निर्माण का कार्य शुरू हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, छोटे बच्चों को इतनी दूरी तय करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने बताया कि विभागीय आदेश के बाद इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय रहड़िया में टैग कर दिया गया था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने भी इसकी पुष्टि की है। बीईओ ने कहा कि उन्होंने पोषक क्षेत्र के लोगों से जमीन चिन्हित कर विभाग को जानकारी देने को कहा था। उन्होंने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कर स्कूल निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्राथमिक विद्यालय खिखरमानी चौधरी टोला का केवल शौचालय ही बचा है, जो बकरा नदी के काफी करीब है। यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो यह शौचालय भी नदी में समा सकता है।1
- Post by Jairam kumar Singh1
- बिहार विधानसभा में सीमांचल में बढ़ा से किसान तबाह रहता है हर साल बाढ़ आती है लेकिन उसका कोई समाधान नहीं होता है। फारबिसगंज विधायक मनोज बिश्वास1
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- jila paschimi Champaran Bihar Bharat Chauraha1
- यज्ञ अखंड कीर्तन और भजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नदी घाट पहुँचे, जहाँ विधि-विधान से आरती के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम करीब 10 बजे रात्रि में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- पैचेली पंचायत के वार्ड संख्या 07 में भीषण अगलगी, तीन घर जलकर राख जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली पैचेली पंचायत के वार्ड संख्या 07 में देर रात भीषण अगलगी की घटना में तीन गैर-आवासीय घर जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग लगने से हजारों रुपये मूल्य का पुआल और कीमती लकड़ी भी नष्ट हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने मोटर चलाकर पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, अग्निशमन विभाग को सूचना देर से मिली, तब तक आग पर नियंत्रण हो चुका था।इस संबंध में पंचायत के सरपंच ने बताया कि इस अग्निकांड में भारी नुकसान हुआ है।आग से प्रभावित लोगों में वार्ड संख्या 07 निवासी इलियास (पिता रसूल), तजम्मुल (पिता खलील) और हजरत (पिता तसलीम) शामिल हैं। पीड़ित परिवारों ने अंचलाधिकारी से उचित मुआवजा राशि देने की मांग की है।1