दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को पूरी तरह से फ्रॉड और प्रायोजित बताया गया है, जहां सोनम वांगचुक को समर्थन देने के लिए कई बड़ी हस्तियां पहुंच रही हैं। जन आंदोलनों से लोगों का भरोसा डिगाने वाले अरविंद केजरीवाल अब वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि नई शिक्षा नीति पर वांगचुक के विचार सबको पता हैं। इस धरने पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी पहुंची थीं, जिसके बाद आशंका जताई गई है कि आने वाले दिनों में अखिलेश की पार्टी का हाल भी दीदी की तरह हो सकता है। वहीं, आंदोलनों को बेचने के आरोपों से घिरे किसान नेता राकेश टिकैत भी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे हैं। इस आंदोलन को कांग्रेस महासचिव ने भी समर्थन दिया है, जिस पर तंज कसते हुए राहुल गांधी के उस बयान की याद दिलाई गई है जिसमें उन्होंने पार्टी में बीजेपी के स्लीपर सेल मौजूद होने की बात कही थी। आगामी 20 तारीख को संसद का सत्र शुरू होने के दिन ही सीजेपी द्वारा संसद का घेराव करने की तैयारी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदल देगी और वांगचुक अनशन खत्म कर अपनी जीत का डंका बजा देंगे। लेकिन इस सब के बीच, वहीं चंद कदमों की दूरी पर अनशन पर बैठी बहन-बेटी नेहा बोरा की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जो वांगचुक के अनशन शुरू करने के समय से ही डटी हुई हैं और दम तोड़ने की कगार पर हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को पूरी तरह से फ्रॉड और प्रायोजित बताया गया है, जहां सोनम वांगचुक को समर्थन देने के लिए कई बड़ी हस्तियां पहुंच रही हैं। जन आंदोलनों से लोगों का भरोसा डिगाने वाले अरविंद केजरीवाल अब वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि नई शिक्षा नीति पर वांगचुक के विचार सबको पता हैं। इस धरने पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी पहुंची थीं, जिसके बाद आशंका जताई गई है कि आने वाले दिनों में अखिलेश की पार्टी का हाल भी दीदी की तरह हो सकता है। वहीं, आंदोलनों को बेचने के आरोपों से घिरे किसान नेता राकेश टिकैत भी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे हैं। इस आंदोलन को कांग्रेस महासचिव ने भी समर्थन दिया है, जिस पर तंज कसते हुए राहुल गांधी के उस बयान की याद दिलाई गई है जिसमें उन्होंने पार्टी में बीजेपी के स्लीपर सेल मौजूद होने की बात कही थी। आगामी 20 तारीख को संसद का सत्र शुरू होने के दिन ही सीजेपी द्वारा संसद का घेराव करने की तैयारी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदल देगी और वांगचुक अनशन खत्म कर अपनी जीत का डंका बजा देंगे। लेकिन इस सब के बीच, वहीं चंद कदमों की दूरी पर अनशन पर बैठी बहन-बेटी नेहा बोरा की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जो वांगचुक के अनशन शुरू करने के समय से ही डटी हुई हैं और दम तोड़ने की कगार पर हैं।
- कोटा के डीसीएम रोड स्थित बॉम्बे योजना की लुहारों की बस्ती में शुक्रवार को एक रूई के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग की चपेट में आने से गोदाम में रखी पूरी रूई और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे के समय मौके पर स्थानीय लोग और प्रशासनिक टीम भी मौजूद रही। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1
- कोटा में एलन डिजिटल (Allen Digital) से एआईआर 1 (AIR 1st Rank) आई है, जिसके साथ ही यह इस मुकाम को हासिल करने वाला पहला कोचिंग संस्थान बन गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को पूरी तरह से फ्रॉड और प्रायोजित बताया गया है, जहां सोनम वांगचुक को समर्थन देने के लिए कई बड़ी हस्तियां पहुंच रही हैं। जन आंदोलनों से लोगों का भरोसा डिगाने वाले अरविंद केजरीवाल अब वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि नई शिक्षा नीति पर वांगचुक के विचार सबको पता हैं। इस धरने पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी पहुंची थीं, जिसके बाद आशंका जताई गई है कि आने वाले दिनों में अखिलेश की पार्टी का हाल भी दीदी की तरह हो सकता है। वहीं, आंदोलनों को बेचने के आरोपों से घिरे किसान नेता राकेश टिकैत भी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे हैं। इस आंदोलन को कांग्रेस महासचिव ने भी समर्थन दिया है, जिस पर तंज कसते हुए राहुल गांधी के उस बयान की याद दिलाई गई है जिसमें उन्होंने पार्टी में बीजेपी के स्लीपर सेल मौजूद होने की बात कही थी। आगामी 20 तारीख को संसद का सत्र शुरू होने के दिन ही सीजेपी द्वारा संसद का घेराव करने की तैयारी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदल देगी और वांगचुक अनशन खत्म कर अपनी जीत का डंका बजा देंगे। लेकिन इस सब के बीच, वहीं चंद कदमों की दूरी पर अनशन पर बैठी बहन-बेटी नेहा बोरा की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जो वांगचुक के अनशन शुरू करने के समय से ही डटी हुई हैं और दम तोड़ने की कगार पर हैं।1
- कोटा के दादाबाड़ी श्रीकृष्ण मुरारी गोशाला और एसी वाले गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चांदी के 13 छत्रों को बेचने की कोशिश के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण दिया है। समिति अध्यक्ष का कहना है कि इन चांदी के छत्रों को बेचने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, बल्कि इसके बदले एक बड़ा छत्र और सीता माता की प्रतिमा के लिए पायजेब बनवाई जानी थी। चांदी के छत्र बेचने के प्रयासों के आरोपों के बीच अब इस पूरे मामले को लेकर एक बैठक आयोजित की जाएगी।1
- राजस्थान के बारां कलेक्टरी को एक बार फिर ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। प्रशासन को भेजे गए इस धमकी भरे संदेश में इस बार बारां कलेक्टरी को "मानव बम" से उड़ाने की बात कही गई है। पिछले एक वर्ष के भीतर कलेक्टरी को उड़ाने की मिलने वाली यह तीसरी धमकी है, लेकिन इस बार "मानव बम" के उल्लेख ने इसकी संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। इस गंभीर धमकी के मिलने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।1
- कोटा की बरडा बस्ती में 33 केवी हाईटेंशन लाइन से हुए हादसे के बाद भी लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस हादसे में एक महिला की मौत और कई लोगों के घायल होने के बावजूद अब तक इस लाइन को वहां से नहीं हटाया गया है। इस स्थिति को देखते हुए समाजसेवी हिम्मत सिंह ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से हाईटेंशन लाइन को आबादी क्षेत्र से तत्काल शिफ्ट करने, मृतका के परिजनों को सरकारी नौकरी देने, घायलों को मुआवजा देने और बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने निजी बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आमजन की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की।1
- कोटा जिले के बंबोरी गांव में एक प्राइवेट स्मार्ट मीटर कंपनी की टीम द्वारा उपभोक्ताओं की बिना सहमति के पुराने बिजली मीटर तोड़कर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। विरोध करने वाले लोगों को कंपनी के कर्मचारी खुलेआम धमकियां दे रहे हैं कि अभी फ्री में लगवा लो, नहीं तो बाद में ₹5000 देकर लगवाना पड़ेगा। इस जबरन कार्रवाई का ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। स्थानीय महिला गुड्डी बाई ने अपने मकान पर इसका जोरदार विरोध किया, जिसके कारण उनके घर पर मीटर नहीं लग सका। लेकिन गांव के गरीब और मजदूर परिवारों को डरा-धमकाकर कंपनी के कर्मचारियों ने जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, सुल्तानपुर ब्लॉक के जिन इलाकों में पहले ही स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां उपभोक्ताओं को ₹10,000 से ₹25,000 और कुछ मामलों में ₹50,000 तक के भारी-भरकम बिजली बिल आ रहे हैं, जिन पर बिजली विभाग के मुख्यालय में शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल रहा है। इस लूट को लेकर अब सीधे सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर गरीबों और आम जनता की जेब काटने के लिए इस प्राइवेट कंपनी को खुली छूट क्यों दी जा रही है। पूरे देश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ बढ़ते आक्रोश के बीच सीटू (CITU) संगठन ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन शुरू कर दिया है। संगठन ने आम बिजली उपभोक्ताओं से इन स्मार्ट मीटरों का पुरजोर विरोध करने और इसे पूरी तरह बंद कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की अपील की है।4
- बूंदी जिले के कापरेन में शक्ति चौराहे पर हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई है। मोर वहां मौजूद हाइटेंशन विद्युत लाइन से आए करंट की चपेट में आ गया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।1