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झारखंड में राज्यसभा की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। राज्य में राज्यसभा की कुल दो सीटें हैं और यह देखना होगा कि इन पर क्या स्थिति बनती है।
Muddin Press
झारखंड में राज्यसभा की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। राज्य में राज्यसभा की कुल दो सीटें हैं और यह देखना होगा कि इन पर क्या स्थिति बनती है।
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- बसंतराय प्रखंड की गेरुआ नदी में बच्चों ने एक मगरमच्छ को देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि यह मगरमच्छ 'मौत का शिकारी' है, और इसके नदी में दिखने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।1
- गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड अंतर्गत सनौर गांव के समीप गेरूवा नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ देखे जाने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में एक बड़े मगरमच्छ को तैरते हुए देखा था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गोड्डा के वन प्रमंडल पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि सुरक्षा के मद्देनजर गेरूवा नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। साथ ही, नदी में स्नान, मछली पकड़ने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए ले जाने पर भी फिलहाल रोक लगाने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने तथा मगरमच्छ को पकड़ने या उसे छेड़ने का प्रयास न करने का भी आग्रह किया है। यदि किसी व्यक्ति को मगरमच्छ दिखाई देता है या कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय अथवा वनकर्मी को देने का अनुरोध किया गया है। फिलहाल वन विभाग की टीम क्षेत्र में सतर्कता बरत रही है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगरानी अभियान चला रही है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- बिहार में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब कड़ा शिकंजा कसा जाएगा और ऐसे सभी लोग जेल जाएंगे। यह स्पष्ट संदेश राज्य के सीएम द्वारा दिया गया है, जिन्होंने इस कार्रवाई को लेकर अपनी बात साफ तौर पर कह दी है।1
- CBSE बोर्ड के छात्रों ने ऑनलाइन स्कैनिंग मशीन (OSM) प्रणाली के कारण अपने परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी होने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि इस प्रणाली की वजह से उनके परिणाम खराब हुए हैं। कॉपी जांचने वाले शिक्षकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे उत्तर पुस्तिकाओं की सही ढंग से जांच नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कॉपी चेकिंग के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया, जिनमें कई कॉपियों के स्कैन का साफ न होना और महत्वपूर्ण पेजों का गायब होना शामिल था। शिक्षकों के अनुसार, स्टेप मार्किंग भी सही तरीके से नहीं हुई, जिससे छात्रों को कम अंक मिले। एक और बड़ी खामी यह सामने आई कि सिस्टम ने उन पृष्ठों को भी खाली बता दिया जिन पर छात्रों ने विस्तृत उत्तर लिखे थे। शिक्षकों ने यह भी उजागर किया कि उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए केवल सात दिनों का संक्षिप्त प्रशिक्षण मिला था, जिससे इस पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने कुल 203 करोड़ रुपये लागत की 84 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।1
- दो बच्चों की मां ने अपने प्रेमी के लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया है। इस कदम के बाद अब उनके सामने एक नई और अप्रत्याशित मुश्किल खड़ी हो गई है।1
- झारखंड के बड़ातालबोना गांव में लोगों को आम खाने के प्रति गंभीर रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। गांव के निवासियों से विशेष रूप से अनुरोध किया गया है कि वे आम का सेवन करते समय बेहद सावधानी बरतें और सतर्क रहें।1
- ममता बनर्जी जी ने एक बयान में बताया कि उन्हें राहुल गांधी जी का फ़ोन आया था। राहुल गांधी जी ने फ़ोन पर उनसे पूछा था कि क्या उन्हें किसी भी तरह की मदद की आवश्यकता है। ममता बनर्जी जी ने यह भी कहा कि यदि अभिषेक को इलाज नहीं मिल रहा है, तो वह उसे हैदराबाद में स्थानांतरित करवाने की व्यवस्था कर सकती हैं।1
- आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के दनिहा पंचायत अंतर्गत फुदकीपुर गांव के वार्ड संख्या 13 के ग्रामीणों ने वर्ष 2017 की प्रलयंकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए एक महत्वपूर्ण पुल के पुनर्निर्माण न होने पर जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान यह पुल, जो गांव को खेतिहर जमीन, श्मशान घाट और कब्रिस्तान से जोड़ता था, पूरी तरह टूट गया था। लगभग आठ साल बीत जाने के बाद भी इसका निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे गांव के हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, फुदकीपुर गांव में करीब 10 हजार की आबादी रहती है, जिसमें सभी समुदायों के लोग शामिल हैं। गांव की हजारों बीघा खेती योग्य भूमि, श्मशान घाट और कब्रिस्तान एक नदीनुमा धार के दूसरी ओर स्थित हैं। पुल के टूटने के कारण किसानों को खेती-बाड़ी से संबंधित सामग्री ले जाने और फसलें वापस लाने में आर्थिक और शारीरिक रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट और कब्रिस्तान तक पहुंचने में भी लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस संबंध में, मोहम्मद जफिर आलम और मुराद आलम सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने विधायक और सांसद से तत्काल उच्च स्तरीय पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।1