राजधानी भोपाल में नगर निगम 'स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने' और 'गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल' जैसे गीत बजाता है, लेकिन बाणगंगा नाले और रवींद्र भवन परिसर के आसपास कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। यह स्थिति स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़ा करती है, विशेषकर जब बड़े-बड़े पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी यहां अक्सर पहुंचते हैं। शिकायत है कि इतनी भारी मात्रा में कचरा पड़े रहने के कारण बारिश होने पर यह सारा कचरा नाले में बह जाएगा, जिससे गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी। यह पूरा क्षेत्र वार्ड नंबर 24 और जोन नंबर 21 के अंतर्गत आता है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अब ठोस और प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता जताई गई है। नागरिकों की मांग है कि तत्कालीन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अजय श्रवण जी के समय जैसी सफाई व्यवस्था यहां रहती थी, उसे फिर से बहाल किया जाए, ताकि भोपाल सही मायने में स्वच्छ रह सके।
राजधानी भोपाल में नगर निगम 'स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने' और 'गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल' जैसे गीत बजाता है, लेकिन बाणगंगा नाले और रवींद्र भवन परिसर के आसपास कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। यह स्थिति स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़ा करती है, विशेषकर जब बड़े-बड़े पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी यहां अक्सर पहुंचते हैं। शिकायत है कि इतनी भारी मात्रा में कचरा पड़े रहने के कारण बारिश होने पर यह सारा कचरा नाले में बह जाएगा, जिससे गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी। यह पूरा क्षेत्र वार्ड नंबर 24 और जोन नंबर 21 के अंतर्गत आता है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अब ठोस और प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता जताई गई है। नागरिकों की मांग है कि तत्कालीन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अजय श्रवण जी के समय जैसी सफाई व्यवस्था यहां रहती थी, उसे फिर से बहाल किया जाए, ताकि भोपाल सही मायने में स्वच्छ रह सके।
- एक बड़ी खबर में, नवैद खान ने भारत सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग को जल्द से जल्द लागू करने की अपील की है।1
- बैरागढ़ वन ट्री हिल्स रोड पर स्थित डॉ. ज्ञानचंदानी क्लिनिक और शासकीय स्कूल के सामने नालों की सफाई के काम के दौरान नगर निगम ने मुख्य पानी की सप्लाई लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस घटना के चलते कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे लोग पिछले दो दिनों से पानी के लिए भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा अभी तक इस टूटी हुई लाइन की मरम्मत नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया और लाइन ठीक नहीं की गई, तो वे महापौर के कार्यालय जाकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे।1
- आज राजधानी भोपाल के करोंद चौराहे के पास मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान निर्माण कंपनी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ मेट्रो का एक निर्माणाधीन पिलर अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में भारी हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पिलर गिरने से 11KV की बिजली लाइन भी टूट गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। सुरक्षा के मद्देनज़र, क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है, हालांकि अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं। घटना के तत्काल बाद बिजली विभाग ने क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी और पुलिस ने यातायात को भी डायवर्ट कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।1
- भोपाल जिले के परवलिया थाना परिसर में ग्रामीण क्षेत्रों और बाजार के जिम्मेदार नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देहात पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को जागरूक करना था। पुलिस अधिकारियों ने सभी ग्रामीणों, व्यापारियों और नागरिकों से विशेष अपील की कि वे अपनी दुकानों और मकानों के बाहर कम से कम एक सीसीटीवी कैमरा अवश्य लगाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरे न केवल उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि गांव और बाजार क्षेत्र में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर भी प्रभावी ढंग से नजर रखने में सहायक सिद्ध होंगे। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन कैमरों की मदद से किसी भी घटना की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी, जिससे अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी में आसानी होगी। साथ ही, यह पहल नागरिकों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद करेगी, जिससे क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। बैठक में मौजूद लोगों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।1
- भोपाल में जेके हॉस्पिटल के पास एक पुल के नीचे नवजात शिशु मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति नवजात को पुल के नीचे छोड़कर मौके से फरार हो गया है।1
- भाजपा सरकार पर विक्टोरिया अस्पताल के कर्मचारियों का वेतन रोकने के बावजूद 'अभिनंदन' करने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि कर्मचारियों को अभी तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।1
- राजधानी भोपाल में नगर निगम 'स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने' और 'गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल' जैसे गीत बजाता है, लेकिन बाणगंगा नाले और रवींद्र भवन परिसर के आसपास कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। यह स्थिति स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़ा करती है, विशेषकर जब बड़े-बड़े पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी यहां अक्सर पहुंचते हैं। शिकायत है कि इतनी भारी मात्रा में कचरा पड़े रहने के कारण बारिश होने पर यह सारा कचरा नाले में बह जाएगा, जिससे गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी। यह पूरा क्षेत्र वार्ड नंबर 24 और जोन नंबर 21 के अंतर्गत आता है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अब ठोस और प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता जताई गई है। नागरिकों की मांग है कि तत्कालीन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अजय श्रवण जी के समय जैसी सफाई व्यवस्था यहां रहती थी, उसे फिर से बहाल किया जाए, ताकि भोपाल सही मायने में स्वच्छ रह सके।1
- क्राइम ब्रांच भोपाल ने अपराध पर एक बड़ा प्रहार करते हुए गोविंदपुरा क्षेत्र से दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी अदनान बेग उर्फ पिस्टल ₹15,000 का इनामी, आधा दर्जन प्रकरणों में फरार स्थायी वारंटी और जिला बदर का आरोपी निकला। दूसरा आरोपी रंजीत सिंह दांगी जिला सीहोर का निवासी है। पुलिस ने इनके कब्जे से 04 देशी पिस्टल, 04 जिंदा कारतूस, 03 मोबाइल फोन और एक दोपहिया वाहन बरामद किया है। ये दोनों बदमाश हेमा पब्लिक स्कूल चौराहा स्थित रंगमंच के पीछे बैठकर किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, तभी क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें धर-दबोचा। आरोपी अदनान बेग उर्फ पिस्टल पर भोपाल के कई थानों में दर्जनों अपराध पंजीबद्ध हैं। वह थाना क्राइम ब्रांच के एनडीपीएस (ड्रग्स) प्रकरण, थाना छोला मंदिर के हत्या प्रकरण और थाना गौतम नगर के अड़ीबाजी के प्रकरण में फरार चल रहा था। इसके अलावा, वह थाना अशोका गार्डन के एक प्रकरण में स्थायी वारंटी भी था। पुलिस आयुक्त भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अदनान को 06 माह के लिए भोपाल शहर एवं आसपास के जिलों की सीमाओं से जिला बदर किया गया था, जिसका उल्लंघन करते हुए वह भोपाल में निवास एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। इस उल्लंघन के लिए उसके विरुद्ध धारा 14 मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत एक अलग प्रकरण भी दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 25(1-A) आर्म्स एक्ट एवं अन्य वैधानिक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्रीमती मोनिका शुक्ला ने अवैध आर्म्स तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अखिल पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध श्री चंद्रभान सिंह चढार और श्री अनिल वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अशोक मरावी व उनकी टीम को शहर में अवैध हथियार तस्करों की तलाश में लगाया गया था। ईद पर्व के मद्देनजर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली। क्राइम ब्रांच टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ किसी गंभीर अपराध की योजना बना रहे हैं, जिसके बाद घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने मुंबई निवासी साथी से अवैध हथियार खरीदकर भोपाल लाते थे। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क, अवैध हथियारों के स्रोत और अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है। प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।1