रोहतास पुलिस को जिले में लंबे समय से सक्रिय एक सोना लूटेरा गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के साथ-साथ लूटे गए सोने को खरीदने और गलाने वाले दो स्वर्णकारों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में 44.79 ग्राम गलाया हुआ सोना और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) ने बताया कि यह कार्रवाई 20 मई 2026 की शाम करीब 5:20 बजे हुई एक घटना के बाद शुरू हुई। रोहतास के नोदहार थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-19 पर धनकारा रोड क्रॉसिंग के पास अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने एक व्यक्ति को ओवरटेक कर रोका और हथियार के बल पर उसकी सोने की चेन लूटकर फरार हो गए थे। इस संबंध में नोदहार थाना में लूट का मामला (कांड संख्या 45/26) दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से अपराधियों का सुराग लगाया। पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी रामदेश्वर उर्फ भुल्लन को एसपी जैन कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी सुदर्शन उर्फ टिट्टू को अकोढ़ी गोला स्थित उसके आवास से पकड़ा गया। सुदर्शन उर्फ टिट्टू के खिलाफ पहले से बारून थाने में तीन आपराधिक मामले (158/23, 192/23, 193/23) दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह रवि कुमार उर्फ छोटू के जरिए लूटे गए सोने को स्वर्णकारों को बेचता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डेहरी निवासी दो स्वर्णकारों नितिन कुमार और नंद कुमार सोनी को गिरफ्तार किया। आरोपी नंद कुमार सोनी ने लूटी हुई सोने की चेन को गला दिया था। पुलिस ने नितिन कुमार के डेहरी स्थित घर पर छापेमारी कर 44.79 ग्राम गलाया हुआ सोना बरामद किया। गिरफ्तार किए गए पांच अपराधियों में रामदेश्वर कुमार उर्फ भुल्लन (सासाराम), सुदर्शन कुमार उर्फ टिट्टू (अकोढ़ी गोला), रवि कुमार उर्फ छोटू, नितिन कुमार (स्वर्णकार, डेहरी) और नंद कुमार सोनी (स्वर्णकार, डेहरी) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से रोहतास के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सोने की लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए SIT की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
रोहतास पुलिस को जिले में लंबे समय से सक्रिय एक सोना लूटेरा गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के साथ-साथ लूटे गए सोने को खरीदने और गलाने वाले दो स्वर्णकारों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में 44.79 ग्राम गलाया हुआ सोना और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) ने बताया कि यह कार्रवाई 20 मई 2026 की शाम करीब 5:20 बजे हुई एक घटना के बाद शुरू हुई। रोहतास के नोदहार
थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-19 पर धनकारा रोड क्रॉसिंग के पास अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने एक व्यक्ति को ओवरटेक कर रोका और हथियार के बल पर उसकी सोने की चेन लूटकर फरार हो गए थे। इस संबंध में नोदहार थाना में लूट का मामला (कांड संख्या 45/26) दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से अपराधियों का सुराग लगाया। पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी रामदेश्वर उर्फ भुल्लन को एसपी जैन कॉलेज के
पास से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी सुदर्शन उर्फ टिट्टू को अकोढ़ी गोला स्थित उसके आवास से पकड़ा गया। सुदर्शन उर्फ टिट्टू के खिलाफ पहले से बारून थाने में तीन आपराधिक मामले (158/23, 192/23, 193/23) दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह रवि कुमार उर्फ छोटू के जरिए लूटे गए सोने को स्वर्णकारों को बेचता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डेहरी निवासी दो स्वर्णकारों नितिन कुमार और नंद कुमार सोनी को गिरफ्तार किया। आरोपी नंद कुमार सोनी ने लूटी हुई सोने की चेन को गला दिया था। पुलिस ने
नितिन कुमार के डेहरी स्थित घर पर छापेमारी कर 44.79 ग्राम गलाया हुआ सोना बरामद किया। गिरफ्तार किए गए पांच अपराधियों में रामदेश्वर कुमार उर्फ भुल्लन (सासाराम), सुदर्शन कुमार उर्फ टिट्टू (अकोढ़ी गोला), रवि कुमार उर्फ छोटू, नितिन कुमार (स्वर्णकार, डेहरी) और नंद कुमार सोनी (स्वर्णकार, डेहरी) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से रोहतास के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सोने की लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए SIT की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- रोहतास जिले के सासाराम शहर में एसपी जैन कॉलेज के मुख्य गेट के समीप लगे लंदन थीम मेले में प्रत्येक दिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लोग बड़ी संख्या में आनंद लेते देखे जा रहे हैं। यह मेला अभी एक महीने से भी अधिक समय तक चलेगा और विशेष रूप से बच्चों एवं महिलाओं के लिए लगाए गए मनोरंजन के अनेक लुभावने उपकरणों के कारण यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेला प्रबंधक नईम साह ने प्रेस को बताया कि मेले में सुरक्षा की दृष्टि से अनेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और महिला एवं पुरुष गार्ड भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने लोगों से भयमुक्त होकर मेले में आकर लुत्फ उठाने का आग्रह किया और ज़िला प्रशासन से भी भरपूर सहयोग मिलने की बात कही। प्रबंधक ने लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की सलाह भी दी है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा अंचल कार्यालय में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार अंचलाधिकारी (सीओ) कौशल्या कुमारी की देखरेख में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी विवादों का निपटारा करना था। इस आयोजन के दौरान, कुल आधा दर्जन मामलों को सफलतापूर्वक निपटाया गया, जिससे कई लंबित जमीनी विवादों का समाधान हुआ।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपशब्द बोलते और धमकी देते हुए नजर आ रहा है। यह वीडियो बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को विरोध प्रकट करने और सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी को गाली-गलौज करना या धमकी देना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। अब इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना बाकी है। इस वायरल वीडियो और घटनाक्रम पर लोगों की क्या राय है, यह भी एक अहम सवाल है।1
- सम्राट चौधरी का एक वीडियो इन दिनों तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने विवादों को जन्म दिया है। इस वीडियो में महात्मा गांधी का नाम कथित तौर पर गलत बताते हुए उन्हें "मोहन चंद क्रम कंद गांधी" कहा गया है। गांधी जी के नाम को गलत ढंग से प्रस्तुत करने के कारण यह वीडियो अब लोगों के बीच भारी "बवाल" का विषय बन गया है।1
- मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।1