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बुलंदशहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मंडी सचिव नहर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई में अधिकारी को कथित रिश्वतखोरी के आरोप में मौके पर ही पकड़ा गया।
Piyush Singh Patrakaar Pph
बुलंदशहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मंडी सचिव नहर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई में अधिकारी को कथित रिश्वतखोरी के आरोप में मौके पर ही पकड़ा गया।
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- जिला प्रशासन ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। इन उपायों के तहत, श्री राजा उदय प्रताप सिंह सहित कुल 14 व्यक्तियों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 25 जून की सुबह 05 बजे से लागू होकर 26 जून की रात 09 बजे तक प्रभावी रहेगा। स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद है और प्रशासन ने आम जनता से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री बृजनन्दन राय ने भी अपनी बाइट दी है।1
- मंगलवार सुबह एक सूखी नहर में एक शव बरामद किया गया था, जिसके पास ही एक अन्य व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ मिला। इस घटना के बाद, अचेत अवस्था में मिले घायल साथी की भी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों द्वारा अंत्येष्टि से इनकार किए जाने के बाद, पुलिस ने इस पूरे मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है।1
- एक हैरान कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ राम मंदिर चढ़ावा डकैती मामले की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट ACS (गृह विभाग) संजय प्रसाद को सौंप दी है। इस पूरे मामले में एक "गज़ब का खेल" चलने की बात कही जा रही है, क्योंकि रिपोर्ट प्राप्त करने वाले संजय प्रसाद स्वयं राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य भी हैं।1
- जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।1
- लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के सोनवर्सा गांव में बुधवार सुबह नीम के पेड़ की डालियां काटने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय फूलचंद के पुत्र तुषार और स्वर्गीय गुरुदीन के पुत्र सुभाष को मारपीट में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचीं सुभाष की पत्नी ज्योति भी हमलावरों का शिकार बन गईं; परिजनों के अनुसार, उन्हें कमर और गले में चोटें आईं, जब वह अपने 10 माह के मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा रही थीं। मारपीट में तुषार के सिर और कंधे पर भी चोटें आईं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई गई है और वे घटना के बाद दो बार बेहोश हो चुके हैं। गुलाबचंद की पत्नी अनीता, जिनका हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, भी इस झड़प में घायल हो गईं। परिजनों ने बताया कि इस विवाद की शुरुआत 24 जून को नीम की कुछ डालियां काटने को लेकर हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और अगले दिन यह हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के विनोद, मनोज, विनय, सविता और कोमल सहित कई लोग एकजुट होकर तुषार के दरवाजे पर पहुंचे और मारपीट की। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ भेजा। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर तहसील लम्भुआ भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।2
- बदलापुर विकास खंड स्थित शाहपुर गौशाला में गुरुवार को भीमसैनी/निर्जला एकादशी व्रत के पावन अवसर पर गौसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। इस दौरान अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गौसेवा के विशेष महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक पर्वों पर किए गए सेवा कार्य समाज में सकारात्मक प्रेरणा प्रदान करते हैं। गौशाला प्रबंधन ने इस सहयोग के लिए अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित रूप से गौसंरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।1
- शिवपुराण कथा के दौरान रुद्राक्ष, बेलपत्र और नर्मदेश्वर शिवलिंग की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है।1
- प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत का मामला गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। मृतक की पत्नी यशोदा ने कोहंड़ौर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए गांव के आदित्य मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यशोदा का आरोप है कि आदित्य मिश्रा ने उनके पति को निजी काम के लिए बुलाया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर दबाव बनाया और जोखिम भरा काम कराया, जिसके बाद एक दुर्घटना में घायल हुए उनके पति को समय पर सहायता नहीं मिली और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़िता ने आदित्य मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई और SC/ST एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाने की मांग की है। यशोदा के अनुसार, उनके पति घनश्याम दिहाड़ी मजदूर थे। आरोप है कि 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने घनश्याम को कई बार फोन करके अपने घर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से इंकार किया, तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंचा और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। शिकायत में यह भी आरोप है कि दबाव बनाकर मृतक से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया। पीड़िता का दावा है कि काम के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और इसी बीच संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना कई घंटे बाद शाम करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच दी गई। आरोप है कि न तो तत्काल एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। परिजनों के अनुसार, घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इंकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। परिवार का कहना है कि घनश्याम घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घायल को लखनऊ PGI रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौत के बाद यह पूरा मामला कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना अभी बाकी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।1
- जौनपुर जिले के मछली शहर स्थित बंधवा बाजार के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। बताया गया है कि बिजली कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण बाजार के बाहर के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह गड़बड़ा गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से लेकर रात 10 बजे तक बिजली नहीं आती, जिसके कारण लोग पंखे झलते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था के चलते सरकार द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर किए गए सभी दावे पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं। कर्मचारियों की इस लापरवाही ने शासन की पूरी व्यवस्था पर पानी फेर दिया है।1