मध्यप्रदेश सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया है। इसे राज्य में UCC की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बयान जारी कर दावा किया है कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश "एक देश-एक विधान-एक व्यवस्था" की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रदेशहित में विपक्ष से भी सहयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही पुलिस को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए हैं, जिसके तहत नई पुलिस भर्तियों और प्रमोशन पर जोर दिया जाएगा। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के साथ नशे के खिलाफ अभियान और पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इन आधिकारिक बयानों के बीच यह भी उल्लेख किया गया है कि UCC पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के अलग-अलग मत भी हैं।
मध्यप्रदेश सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया है। इसे राज्य में UCC की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बयान जारी कर दावा किया है कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश "एक देश-एक विधान-एक व्यवस्था" की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रदेशहित में विपक्ष से भी सहयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही पुलिस को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए हैं, जिसके तहत नई पुलिस भर्तियों और प्रमोशन पर जोर दिया जाएगा। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के साथ नशे के खिलाफ अभियान और पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इन आधिकारिक बयानों के बीच यह भी उल्लेख किया गया है कि UCC पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के अलग-अलग मत भी हैं।
- भोपाल में निगम मुख्यालय कार्यालय से नई इलेक्ट्रिक पीएम ई-बस सेवा का ट्रायल रन किया गया। इस दौरान शहर का भ्रमण कर सफर के साथ चने और भुट्टो का आनंद लिया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय जी, निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी और एम आई सी सदस्य श्री मनोज राठौर उपस्थित रहे। इनके साथ ही एम आई सी सदस्य गण, जोन अध्यक्ष गण, पार्षद गण एवं अधिकारी गण भी इस ट्रायल रन के दौरान मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के विधायक आरिफ मसूद ने यूसीसी बिल को लेकर एक बयान दिया है। अपने इस बयान में विधायक आरिफ मसूद ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यूसीसी बिल के अंदर ही चोरी की गई है। उन्होंने इस बिल पर खुद बिल के भीतर ही चोरी होने का गंभीर आरोप मढ़ा है।1
- भोपाल में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया।4
- भोपाल के हुजूर से शायर गंगाधर मलाजपुरे ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए एक बेहद खूबसूरत और दर्दभरी शायरी साझा की है। उन्होंने लिखा है, 'तेरे प्यार की तमन्ना गम जिंदगी कैसा है, बड़ी तेज आंधी आए चिराग बुझ न जाए, मोहब्बत रास न आए।' इस शायरी के माध्यम से उन्होंने प्यार की चाहत, जिंदगी के गमों और तेज आंधी के बीच चिराग के बुझ जाने के डर के साथ ही मोहब्बत रास न आने के गहरे दर्द को बयां किया है।1
- हज-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। पूर्व में आवेदन करने की आखिरी तिथि 20 जुलाई निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 24 जुलाई-2026 कर दिया गया है।1
- भोपाल नगर निगम में नई इलेक्ट्रिक (ई) बस का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान महापौर, नगर निगम कमिश्नर, सभी पार्षदों और अधिकारियों ने नई ई-बस का निरीक्षण कर उसकी सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। भोपाल में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की दिशा में इस पहल को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।2
- भोपाल के खुशीलाल मैदान में मध्य प्रदेशभर से आए दिव्यांगजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 600 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की है। दिव्यांगजनों का साफ कहना है कि इस भयंकर महंगाई के दौर में महज 600 रुपये की पेंशन से दवा, इलाज और रोजमर्रा का जरूरी खर्च चलाना संभव नहीं है। इस प्रदर्शन में विकलांग बल के प्रदेश अध्यक्ष भारत मुनिया, राष्ट्रीय महासचिव पुनीत कुमार और राष्ट्रीय सदस्य मैथिल शरण शर्मा भी शामिल हुए। इन सभी ने सरकार से दिव्यांगों के लिए आवास, शौचालय, रोजगार और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और भी तेज किया जाएगा।1
- जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान भारी बवाल मच गया है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल और बहस तेज हो गई है। इस प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं और पूछा जा रहा है कि "ये कैसे-कैसे आदमी लाठीचार्ज करने आए थे?"1