जिलाधिकारी के निर्देश पर ’श्रावस्ती मॉडल’ पर किया जा रहा भूमि विवादों का निस्तारण राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में अबतक कुल 60 भूमि विवादों को कराया गया निस्तारित श्रावस्ती। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में जनपद में ’’श्रावस्ती मॉडल’’ पर भूमि विवादों के निस्तारण की पुनः पहल की गई है। यह अभियान 07 अप्रैल, 2026 से प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके तहत जनपद की तीनों तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व वाली टीम द्वारा प्राप्त भूमि विवादों का मौके पर जाकर निस्तारण किया जा रहा है। जिसमें कल दिनांक 07 अप्रैल, 2026 को तहसील भिनगा अन्तर्गत 06 वाद, तहसील इकौना के 44 वाद एवं तहसील जमुनहा के 10 वाद है, इस प्रकार कुल 60 भूमि विवादों को मौके पर निस्तारित कराया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के मंशानुसार राजस्व एवं भूमि विवादों में त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिसके तहत यह अभियान 7 अप्रैल से प्रारंभ है, जिसके प्रथम चरण में 190 गांव को लिया गया है। जनपद के प्रत्येक थानावार राजस्व एवं पुलिस की दो-दो टीमें गठित की गई है। राजस्व टीम में प्रभारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा राजस्व निरीक्षक के साथ चार लेखपाल शामिल है। वहीं पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अथवा चौकी इंचार्ज के साथ चार कांस्टेबल है। प्रत्येक टीम प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार एवं शुक्रवार को भू विवाद संबंधी ग्रामों में जाकर सहमति के आधार पर विवाद का निस्तारण करायेगी। इसमें पक्षों को पूर्व से ही सूचना दे दी जाएगी, जिससे कि संबंधित पक्षकार मौके पर उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर ’श्रावस्ती मॉडल’ पर किया जा रहा भूमि विवादों का निस्तारण राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में अबतक कुल 60 भूमि विवादों को कराया गया निस्तारित श्रावस्ती। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में जनपद में ’’श्रावस्ती मॉडल’’ पर भूमि विवादों के निस्तारण की पुनः पहल की गई है। यह अभियान 07 अप्रैल, 2026 से प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके तहत जनपद की तीनों तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व वाली टीम द्वारा प्राप्त भूमि विवादों का मौके पर जाकर निस्तारण किया जा रहा है। जिसमें कल दिनांक 07 अप्रैल, 2026 को तहसील भिनगा अन्तर्गत 06 वाद, तहसील इकौना के 44 वाद एवं तहसील जमुनहा के 10 वाद है, इस प्रकार कुल 60 भूमि विवादों को मौके पर निस्तारित कराया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के मंशानुसार राजस्व एवं भूमि विवादों में त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिसके तहत यह अभियान 7 अप्रैल से प्रारंभ है, जिसके प्रथम चरण में 190 गांव को लिया गया है। जनपद के प्रत्येक थानावार राजस्व एवं पुलिस की दो-दो टीमें गठित की गई है। राजस्व टीम में प्रभारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा राजस्व निरीक्षक के साथ चार लेखपाल शामिल है। वहीं पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अथवा चौकी इंचार्ज के साथ चार कांस्टेबल है। प्रत्येक टीम प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार एवं शुक्रवार को भू विवाद संबंधी ग्रामों में जाकर सहमति के आधार पर विवाद का निस्तारण करायेगी। इसमें पक्षों को पूर्व से ही सूचना दे दी जाएगी, जिससे कि संबंधित पक्षकार मौके पर उपस्थित रहे।
- साइबर ठगी पर सख्त एक्शन: श्रावस्ती पुलिस की हाई लेवल बैठक, त्वरित कार्यवाही के निर्देश श्रावस्ती। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आलोक कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के सभी थानों के साइबर सेल, साइबर थाना तथा जनपदीय साइबर सेल में तैनात प्रभारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।बैठक के दौरान विशेष रूप से साइबर ठगी से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2026 में अब तक प्राप्त शिकायतों एवं अप्रैल माह में दर्ज प्रकरणों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विश्लेषण किया गया। साथ ही विभिन्न मामलों में LIEN अमाउंट/होल्ड (Debit Freeze) कराई गई धनराशि की प्रगति पर भी चर्चा की गई।अपर पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि साइबर ठगी की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी बैंक एवं अन्य संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें, जिससे अधिक से अधिक ठगी गई धनराशि को शीघ्र LIEN/होल्ड कराया जा सके और पीड़ितों को राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त, LIEN/होल्ड की जाने वाली धनराशि में निरंतर वृद्धि के लिए सक्रिय और परिणाममुखी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। सभी कर्मियों को सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके,जनपद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना/साइबर सेल में संपर्क कर सूचना दें, जिससे समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को सुरक्षित किया जा सके।1
- आधे दर्जन से अधिक दबंगों ने लाठी डंडो व ईंट पत्थर तथा असलहो से लैस हो अधिवक्ता के घर पर किया जानलेवा हमला""" स्थानीय पुलिस आरोपियों पर कार्यवाही करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित करने का कर रही है काम योगी सरकार की छवि को धूमिल करने का काम कर रही स्थानीय पुलिस, जहां एक तरफ योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा वह अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए सदैव लगी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस महकमें के कुछ चंद लोगों की वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं, कुछ लापरवाह तथा भ्रष्ट पुलिसकर्मी अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं जिससे अपराधिक किस्म के लोगों के हौसले बुलंद है और वह किसी भी हद तक जाने में जरा सा भी संकोच नहीं करते जी हाँ ये ताजा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद गोंडा के थानाक्षेत्र खरगूपुर अंतर्गत ग्राम वीरपुर भोज का है जहां पर कुछ मनबढ़ व दबंगों ने ईंट पत्थर लाठी डंडा तथा कट्टा लेकर हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजेश कुमार पाण्डेय के घर पर धावा बोल दिया हालांकि घटना के समय अधिवक्ता राजेश कुमार मिश्रा अपने गांव पर नहीं थे वे लखनऊ में थे घर पर उनकी वृद्ध माँ तथा घर की और अन्य महिलाये व बच्चे थे, इस हमले में 80 वर्षीय अधिवक्ता की माँ को काफ़ी चोटे आयीं, घर मे महिलाओं व बच्चों के साथ वहां पर अचानक पहुँचे हुए गुंडों ने काफ़ी अभद्रता किया, गाली गलौज किया, इतना ही नहीं लोगों से मारपीट करने के बाद घर पर लगे कुछ हरे आम के पेड़ को भी काट कर उठा ले गये घटना की जानकारी पीडित अधिवक्ता राजेश मिश्रा द्वारा डायल 112 को दी गई, संबंधित थाने पर भी सूचना दी गई लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है जिससे दबंगों के हौसले और भी बुलंद है भविष्य में किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं इस हमले के बाद पूरा परिवार सदमें मे है तथा डर का माहौल बना हुआ है किसी भी समय वे लोग इस घटना को दोबारा अंजाम दे सकते हैं l हद तो तब हो गई जब पुलिस द्वारा आरोपियों पर कोई ठोस कार्यवाही करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही उलटे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी ऐसे में पुलिस की कार्य -शैली पर सवाल तो उठना लाजिमी है l इस हमले के बाद पूरा परिवार सदमे में है तथा डर का माहौल बना हुआ है l पीड़ित हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजेश कुमार मिश्र ने पुलिस प्रशासन के आला -अधिकारियों से इसकी शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर हमें यहां से न्याय नहीं मिला तो हम मुख्यमंत्री योगी जी से भी मिलकर न्याय की मांग करेंगे तथा इसके साथ ही साथ उन्होंने अपने इस प्रकरण को अवध बार एसोसिएशन उच्च न्यायलय लखनऊ के समक्ष भी रखा है l अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में न्याय करती है या फिर किसी बड़ी घटना की प्रतीक्षा मे है6
- ताल बाघोड़ा में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गरम हो चुका है 🔥 ग्राउंड पर जब जनता से बात की गई तो अलग-अलग राय सामने आई — किसी ने शिक्षा और स्वास्थ्य को बड़ा मुद्दा बताया, तो कुछ लोगों ने इंद्राणी वर्मा की वापसी की बात कही। वहीं हाजी दद्दन खान को लेकर भी मजबूत समर्थन देखने को मिला, खासकर मुस्लिम वोट को लेकर बड़ी चर्चा सामने आई। 👉 अब सवाल ये है — आखिर 2027 में ताल बाघोड़ा की जनता किसे चुनेगी? 🎥 पूरा वीडियो देखें और अपनी राय जरूर दें!1
- बालाजी भारत गैस सर्विस ने शुरू की होम डिलीवरी, कई मोहल्लों में आपूर्ति1
- Post by Janta ki awaz 6471
- बहराइच। देहात कोतवाली इलाके के नवागढ़ी में अचानक बिजली का पोल के साथ खंभा पिकअप गाड़ी पर गिरा जिससे मार्ग का आवागमन ठप हो गया फिलहाल कोई जनहानि की कोई खबर नहीं जबकि पिकअप चालक ने कूदकर बचाई जान सूचना पर पहुंचे बिजली कर्मचारी की मदद से बिजली सप्लाई बंद कर खंभे को स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित किनारे किया फिर वाहन का आवागमन सुचारू रूप से शुरू कर सामान्य कराया।2
- "बत्ती गुल मीटर चालू" एडवांस बैलेंस के बावजूद स्मार्ट मीटर से कटी बिजली शिकायत लेकर दर दर भटक रहे हैं व्यापारी बहराइच। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में स्मार्ट मीटर को लेकर तरह-तरह के विवाद सामने आए हैं। जिसको लेकर कभी उपभोक्ता परिषद की ओर से कई बार आवाज उठाई गई है तो वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर को लेकर विद्युत विभाग की ओर से भी अपना रूख साफ किया गया है। इसके बावजूद भी स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में संशय बरकरार है, जिसे दूर करने मे विद्युत विभाग लगा हुआ है। लेकिन प्रीपेड स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच का है जहां एडवांस बैलेंस होने के बावजूद भी विद्युत उपभोक्ता के परिसर की विद्युत सप्लाई कट गई। बहराइच शहर के चांदपुरा स्थित शाहीन मार्केट के सामने अपनी दुकान संचालित कर रहे रानू और मोहम्मद सलमान बताते हैं कि उन्होंने 2 किलो वाट का कमर्शियल विद्युत कनेक्शन लिया है। उन्होंने बताया कि अभी जल्द ही उनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया गया है। उनका कहना है कि उनके स्मार्ट प्रीपेड मीटर में एडवांस 2300 रुपए बैलेंस होने के बावजूद भी उनके परिसर की सप्लाई कट गई। उनकी दुकान के बाहर लगाये गये मीटर में विद्युत सप्लाई तो आ रही है लेकिन मीटर से उनके परिसर को विद्युत सप्लाई नहीं मिल पा रही है। विद्युत उपभोक्ता बताते हैं कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर गुल्लाबीर विद्युत उपकेंद्र पर शिकायत की लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और उन्हें गोंडा जनपद के विद्युत विभाग के किसी कर्मचारी का नंबर दिया गया। उन्होंने गोंडा बिजली विभाग से भी संपर्क किया लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा और उनकी समस्या बनी रही। उन्होंने बताया कि सुबह 10:30 बजे से विद्युत सप्लाई स्मार्ट मीटर से काटी और रात 8 बजे तक वह दौड़ते रहे लेकिन उनकी सप्लाई शुरू नहीं हुई है। इसको लेकर जब अधीक्षण अभियंता विद्युत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टेक्निकल इशू की वजह से कुछ जगहों पर इस तरह की समस्याएं आ रही हैं।1
- जिलाधिकारी के निर्देश पर ’श्रावस्ती मॉडल’ पर किया जा रहा भूमि विवादों का निस्तारण राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में अबतक कुल 60 भूमि विवादों को कराया गया निस्तारित श्रावस्ती। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में जनपद में ’’श्रावस्ती मॉडल’’ पर भूमि विवादों के निस्तारण की पुनः पहल की गई है। यह अभियान 07 अप्रैल, 2026 से प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके तहत जनपद की तीनों तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व वाली टीम द्वारा प्राप्त भूमि विवादों का मौके पर जाकर निस्तारण किया जा रहा है। जिसमें कल दिनांक 07 अप्रैल, 2026 को तहसील भिनगा अन्तर्गत 06 वाद, तहसील इकौना के 44 वाद एवं तहसील जमुनहा के 10 वाद है, इस प्रकार कुल 60 भूमि विवादों को मौके पर निस्तारित कराया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के मंशानुसार राजस्व एवं भूमि विवादों में त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिसके तहत यह अभियान 7 अप्रैल से प्रारंभ है, जिसके प्रथम चरण में 190 गांव को लिया गया है। जनपद के प्रत्येक थानावार राजस्व एवं पुलिस की दो-दो टीमें गठित की गई है। राजस्व टीम में प्रभारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा राजस्व निरीक्षक के साथ चार लेखपाल शामिल है। वहीं पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अथवा चौकी इंचार्ज के साथ चार कांस्टेबल है। प्रत्येक टीम प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार एवं शुक्रवार को भू विवाद संबंधी ग्रामों में जाकर सहमति के आधार पर विवाद का निस्तारण करायेगी। इसमें पक्षों को पूर्व से ही सूचना दे दी जाएगी, जिससे कि संबंधित पक्षकार मौके पर उपस्थित रहे।1