बकाया भुगतान की मांग को लेकर 394 वें दिन भी जारी रह धरना कोटा। जे.के. सिंथेटिक्स फैक्ट्री कोटा के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बुधवार को 394 वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस लंबे संघर्ष में सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और उनके परिजन शामिल हैं। मजदूर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 18% ब्याज सहित 28 वर्षों का बकाया वेतन (मूल रूप से 260 करोड़ से अधिक, अब ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से ज्यादा) का भुगतान करवाने की मांग पर डटे हुए हैं। सरकार ने फैक्ट्री प्लांट की जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन मजदूरों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राजनीतिक समर्थन और विरोध की आवाजें बुधवार को धरने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को खुलकर समर्थन दिया और कहा कि मैं जे.के. मजदूरों के साथ हूं। आप कोटा के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। गुंजल ने कांग्रेस नेताओं से इस न्यायपूर्ण संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों और सरकार की नाकामी पर भी प्रदर्शन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी रामगंजमंडी से इंटक के उपाध्यक्ष और मजदूर नेता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने धरने को संबोधित करते हुए कोटा के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय से जे.के. मजदूर न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जो मजदूर आंदोलन का इतिहास रच रहा है। इंटक के सभी साथी इस संघर्ष में मजदूरों के साथ हैं। सिस्टम पर गंभीर आरोप, जीत का भरोसा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल लगातार धरने पर आकर समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कोटा के चुने हुए विधायक और सांसद मजदूरों के हित में दो शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने दुख जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सब मिलकर मजदूरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। रिश्वत-दलाली के चक्र में मजदूरों का कुठाराघात हो रहा है, लेकिन सिस्टम बिकाऊ है और एक दिन जीत जरूर होगी। दलालों के चेहरे उजागर होंगे। भुगतान होने तक नहीं उठेगा धरना धरने को कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह, गोपाल शर्मा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण हो चुकी है, अब जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक) सुप्रीम कोर्ट आदेशानुसार भुगतान किया जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि पूरा भुगतान नहीं होने तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। मानव श्रृंखला और जोरदार नारेबाजी सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, अशोक सिंह, केदार जोशी, गिरजाशंकर पांडे, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, हनुमान सिंह, मलखान सिंह यादव, छीतर लाल बैरवा सहित महिला मजदूर नेता निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी और सैकड़ों मजदूरों व परिजनों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की। बकाया भुगतान की मांग को लेकर 394 वें दिन भी जारी रह धरना कोटा। जे.के. सिंथेटिक्स फैक्ट्री कोटा के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बुधवार को 394 वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस लंबे संघर्ष में सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और उनके परिजन शामिल हैं। मजदूर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 18% ब्याज सहित 28 वर्षों का बकाया वेतन (मूल रूप से 260 करोड़ से अधिक, अब ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से ज्यादा) का भुगतान करवाने की मांग पर डटे हुए हैं। सरकार ने फैक्ट्री प्लांट की जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन मजदूरों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राजनीतिक समर्थन और विरोध की आवाजें बुधवार को धरने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को खुलकर समर्थन दिया और कहा कि मैं जे.के. मजदूरों के साथ हूं। आप कोटा के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। गुंजल ने कांग्रेस नेताओं से इस न्यायपूर्ण संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों और सरकार की नाकामी पर भी प्रदर्शन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी रामगंजमंडी से इंटक के उपाध्यक्ष और मजदूर नेता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने धरने को संबोधित करते हुए कोटा के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय से जे.के. मजदूर न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जो मजदूर आंदोलन का इतिहास रच रहा है। इंटक के सभी साथी इस संघर्ष में मजदूरों के साथ हैं। सिस्टम पर गंभीर आरोप, जीत का भरोसा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल लगातार धरने पर आकर समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कोटा के चुने हुए विधायक और सांसद मजदूरों के हित में दो शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने दुख जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सब मिलकर मजदूरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। रिश्वत-दलाली के चक्र में मजदूरों का कुठाराघात हो रहा है, लेकिन सिस्टम बिकाऊ है और एक दिन जीत जरूर होगी। दलालों के चेहरे उजागर होंगे। भुगतान होने तक नहीं उठेगा धरना धरने को कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह, गोपाल शर्मा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण हो चुकी है, अब जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक) सुप्रीम कोर्ट आदेशानुसार भुगतान किया जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि पूरा भुगतान नहीं होने तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। मानव श्रृंखला और जोरदार नारेबाजी सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, अशोक सिंह, केदार जोशी, गिरजाशंकर पांडे, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, हनुमान सिंह, मलखान सिंह यादव, छीतर लाल बैरवा सहित महिला मजदूर नेता निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी और सैकड़ों मजदूरों व परिजनों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर 394 वें दिन भी जारी रह धरना कोटा। जे.के. सिंथेटिक्स फैक्ट्री कोटा के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बुधवार को 394 वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस लंबे संघर्ष में सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और उनके परिजन शामिल हैं। मजदूर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 18% ब्याज सहित 28 वर्षों का बकाया वेतन (मूल रूप से 260 करोड़ से अधिक, अब ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से ज्यादा) का भुगतान करवाने की मांग पर डटे हुए हैं। सरकार ने फैक्ट्री प्लांट की जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन मजदूरों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राजनीतिक समर्थन और विरोध की आवाजें बुधवार को धरने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को खुलकर समर्थन दिया और कहा कि मैं जे.के. मजदूरों के साथ हूं। आप कोटा के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। गुंजल ने कांग्रेस नेताओं से इस न्यायपूर्ण संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों और सरकार की नाकामी पर भी प्रदर्शन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी रामगंजमंडी से इंटक के उपाध्यक्ष और मजदूर नेता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने धरने को संबोधित करते हुए कोटा के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय से जे.के. मजदूर न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जो मजदूर आंदोलन का इतिहास रच रहा है। इंटक के सभी साथी इस संघर्ष में मजदूरों के साथ हैं। सिस्टम पर गंभीर आरोप, जीत का भरोसा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल लगातार धरने पर आकर समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कोटा के चुने हुए विधायक और सांसद मजदूरों के हित में दो शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने दुख जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सब मिलकर मजदूरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। रिश्वत-दलाली के चक्र में मजदूरों का कुठाराघात हो रहा है, लेकिन सिस्टम बिकाऊ है और एक दिन जीत जरूर होगी। दलालों के चेहरे उजागर होंगे। भुगतान होने तक नहीं उठेगा धरना धरने को कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह, गोपाल शर्मा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण हो चुकी है, अब जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक) सुप्रीम कोर्ट आदेशानुसार भुगतान किया जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि पूरा भुगतान नहीं होने तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। मानव श्रृंखला और जोरदार नारेबाजी सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, अशोक सिंह, केदार जोशी, गिरजाशंकर पांडे, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, हनुमान सिंह, मलखान सिंह यादव, छीतर लाल बैरवा सहित महिला मजदूर नेता निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी और सैकड़ों मजदूरों व परिजनों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की। बकाया भुगतान की मांग को लेकर 394 वें दिन भी जारी रह धरना कोटा। जे.के. सिंथेटिक्स फैक्ट्री कोटा के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बुधवार को 394 वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस लंबे संघर्ष में सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और उनके परिजन शामिल हैं। मजदूर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 18% ब्याज सहित 28 वर्षों का बकाया वेतन (मूल रूप से 260 करोड़ से अधिक, अब ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से ज्यादा) का भुगतान करवाने की मांग पर डटे हुए हैं। सरकार ने फैक्ट्री प्लांट की जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन मजदूरों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राजनीतिक समर्थन और विरोध की आवाजें बुधवार को धरने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को खुलकर समर्थन दिया और कहा कि मैं जे.के. मजदूरों के साथ हूं। आप कोटा के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। गुंजल ने कांग्रेस नेताओं से इस न्यायपूर्ण संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों और सरकार की नाकामी पर भी प्रदर्शन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी रामगंजमंडी से इंटक के उपाध्यक्ष और मजदूर नेता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने धरने को संबोधित करते हुए कोटा के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय से जे.के. मजदूर न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जो मजदूर आंदोलन का इतिहास रच रहा है। इंटक के सभी साथी इस संघर्ष में मजदूरों के साथ हैं। सिस्टम पर गंभीर आरोप, जीत का भरोसा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल लगातार धरने पर आकर समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कोटा के चुने हुए विधायक और सांसद मजदूरों के हित में दो शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने दुख जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सब मिलकर मजदूरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। रिश्वत-दलाली के चक्र में मजदूरों का कुठाराघात हो रहा है, लेकिन सिस्टम बिकाऊ है और एक दिन जीत जरूर होगी। दलालों के चेहरे उजागर होंगे। भुगतान होने तक नहीं उठेगा धरना धरने को कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह, गोपाल शर्मा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण हो चुकी है, अब जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक) सुप्रीम कोर्ट आदेशानुसार भुगतान किया जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि पूरा भुगतान नहीं होने तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। मानव श्रृंखला और जोरदार नारेबाजी सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, अशोक सिंह, केदार जोशी, गिरजाशंकर पांडे, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, हनुमान सिंह, मलखान सिंह यादव, छीतर लाल बैरवा सहित महिला मजदूर नेता निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी और सैकड़ों मजदूरों व परिजनों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की।
- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दरा स्टेशन के समीप सोमवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर रविवार को एक ट्रक दरा घाटी में खराब होने के बाद जाम के हालात बने। इसके चलते सोमवार को भी लोगो को जाम का सामना करना पड़ा। वाहनों की कतारों के चलते दरा स्टेशन के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही जिससे दोनों तरफ से रेंग रेंग कर वाहन चल रहे हैं। ऐसे में एक वाहन को दरा घाटी पार करने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग रहा है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कनवास थाना SI से मिली जानकारी के अनुसार NH -52 पर जाम नहीं है। रविवार से ही इस रोड पर वाहनों का दबाव है। सुबह से ही कोटा से झालावाड़ व झालावाड़ से कोटा आने वाली दोनों लाइन फुल चल रही है। वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। सांगोद डीएसपी भी मौके पर RAC के जवान, मोड़क थाना, कनवास थाना का जाप्ता भी मौजूद हैं। यातायात सुधार करने में लगे है। घाटी क्षेत्र होने के कारण सड़क संकरी है, दरा की नाल से एक एक करके वाहनों को निकाला जा रहा है। दरअसल दरा की नाल में संकरा सिंगल-लेन पुल है। यह स्थिति बॉटलनेक बनाती है, जहां आमने-सामने से आने वाले भारी वाहनों के कारण यातायात ठप हो जाता है। पश्चिम-मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने दरा घाटी में रेलवे अंडरपास के निर्माण के लिए 9.5 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया।1
- बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से कोटा कलेक्ट्रेट पर चल रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना 23 मार्च 2026 को 399 वें दिन भी जारी रहा...1
- कोटा में ब्याज के पैसों के लेन-देन को लेकर घर में अकेला पाकर एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने वारदात के बाद नकदी और आभूषण लेकर फरार होते हुए इसे लूट का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे में मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- Post by VKH NEWS1
- Post by अप्सरा अंसारी जिलाप्रभारी कोटा उत्तर महिला कांग्रेस सेवादल Ansari2
- कोटा शहर में एक बार फिर शिक्षा की रौनक लौटती नजर आ रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का रुझान दोबारा कोटा की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट: कोटा शहर में इन दिनों कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए देशभर से छात्र-छात्राएं फिर से कोटा का रुख कर रहे हैं। कोचिंग हब के रूप में पहचान रखने वाले कोटा में लंबे समय बाद फिर से रौनक लौटती नजर आ रही है। विभिन्न कोचिंग संस्थानों में छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। छात्रों का कहना है कि कोटा में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी फैकल्टी और प्रतियोगी माहौल उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित करता है। वहीं अभिभावक भी कोटा को अभी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक भरोसेमंद केंद्र मानते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कोटा में छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे एक बार फिर शहर अपनी पुरानी पहचान के साथ पूरी तरह सक्रिय होता नजर आए गा कोटा शैक्षणिक नगरी3
- Post by Mahendar.merotha1
- चेचट कस्बे में सोमवार को एक अद्भुत हास्य कलाकार ने फिल्मों कि तर्ज पर एक व्यक्ति द्वारा ड़ाकू का वैसे बूसा पहनकर हाथ में नकली ऐरगनल लेकर बाजारों में घूमता हुआं दिखा जिसने भी देखा वह दग रह गया कि यह कोन लेकिन वह बस मनोरंजन करने बाजारों में घूमने वाला हास्य कलाकार था1