शीतलाष्टमी व्रत आज, जानिए शीतलाष्टमी व्रत का महत्व एवं पौराणिक कथा आचार्य अविनाश शास्त्री से 💐शीतलाष्टमी आज 💐 ***************** होली के कुछ दिन बाद आने वाला शीतला अष्टमी का पर्व हिंदू परंपरा में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन माता शीतला की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि मां शीतला की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और बच्चों को रोगों से रक्षा मिलती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। कई जगहों पर इसे बसौड़ा या बसोड़ा भी कहा जाता है। इस दिन की खास परंपरा यह है कि घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बना हुआ ठंडा भोजन ही माता को भोग लगाया जाता है। कब है शीतला अष्टमी ================ साल 2026 में शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च, बुधवार को रखा जाएगा। अष्टमी तिथि की शुरुआत: 10 मार्च, रात 00:23 बजे अष्टमी तिथि समाप्त: 11 मार्च, देर रात्रि बाद 2:28 बजे पूजा का शुभ समय: सुबह 06:08 बजे से शाम 05:51 बजे तक क्यों कहा जाता है बसौड़ा ================= शीतला अष्टमी को कई राज्यों में बसौड़ा कहा जाता है। बसौड़ा शब्द का मतलब ही होता है बासी या ठंडा भोजन। दरअसल इस दिन माता को ठंडा भोजन चढ़ाने की परंपरा है, इसलिए इस पर्व का नाम बसौड़ा पड़ गया। बासी भोजन चढ़ाने की परंपरा के पीछे मान्यता ================================ धार्मिक कथाओं के अनुसार, एक बार किसी गांव में लोगों ने माता शीतला को गर्म भोजन अर्पित कर दिया था। इससे उनका मुंह जल गया और वे क्रोधित हो गईं। कहा जाता है कि उस समय एक वृद्ध महिला ने उन्हें ठंडा भोजन अर्पित किया, जिससे माता प्रसन्न हो गईं और उसका घर सुरक्षित रहा। तभी से माता को ठंडा या बासी भोजन चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई। मौसम से जुड़ा वैज्ञानिक कारण ====================== शीतला अष्टमी के पीछे एक व्यावहारिक कारण भी बताया जाता है। यह समय मौसम बदलने का होता है, जब ठंड खत्म होकर गर्मी की शुरुआत होती है। पुराने समय में माना जाता था कि इस दिन के बाद बासी भोजन से बचना चाहिए, क्योंकि बदलते मौसम में इससे बीमारियां फैल सकती हैं। इसलिए इसे एक तरह से ताजा भोजन खाने की शुरुआत का संकेत भी माना जाता है। शीतला अष्टमी की पूजा विधि ============================= • शीतला अष्टमी के दिन पूजा करने के लिए कुछ आसान नियम बताए गए हैं। • पूजा का भोजन एक दिन पहले यानी सप्तमी की रात को बना लिया जाता है। • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद माता शीतला की पूजा की जाती है। • माता को मीठे चावल, पूड़ी, पुए, राबड़ी या अन्य ठंडे व्यंजन का भोग लगाया जाता है। • पूजा के समय शीतला माता की कथा सुनना और शीतलाष्टक का पाठ करना शुभ माना जाता है। • पूजा के बाद वही भोजन प्रसाद के रूप में पूरे परिवार में बांटा जाता है। शीतला माता की पूजा का महत्व ====================== धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला को आरोग्य की देवी माना जाता है। उनकी पूजा से चेचक, खसरा और त्वचा से जुड़ी बीमारियों से रक्षा होने की मान्यता है। साथ ही यह व्रत परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और बच्चों की लंबी उम्र के लिए भी किया जाता है। *आचार्य अविनाश शास्त्री* फलित ज्योतिषाचार्य बरौनी,बिहार संपर्क:-8271569010
शीतलाष्टमी व्रत आज, जानिए शीतलाष्टमी व्रत का महत्व एवं पौराणिक कथा आचार्य अविनाश शास्त्री से 💐शीतलाष्टमी आज 💐 ***************** होली के कुछ दिन बाद आने वाला शीतला अष्टमी का पर्व हिंदू परंपरा में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन माता शीतला की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि मां शीतला की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और बच्चों को रोगों से रक्षा मिलती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। कई जगहों पर इसे बसौड़ा या बसोड़ा भी कहा जाता है। इस दिन की खास परंपरा यह है कि घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बना हुआ ठंडा भोजन ही माता को भोग लगाया जाता है। कब है शीतला अष्टमी ================ साल 2026 में शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च, बुधवार को रखा जाएगा। अष्टमी तिथि की शुरुआत: 10 मार्च, रात 00:23 बजे अष्टमी तिथि समाप्त: 11 मार्च, देर रात्रि बाद 2:28 बजे पूजा का शुभ समय: सुबह 06:08 बजे से शाम 05:51 बजे तक क्यों कहा जाता है बसौड़ा ================= शीतला अष्टमी को कई राज्यों में बसौड़ा कहा जाता है। बसौड़ा शब्द का मतलब ही होता है बासी या ठंडा भोजन। दरअसल इस दिन माता को ठंडा भोजन चढ़ाने की परंपरा है, इसलिए इस पर्व का नाम बसौड़ा पड़ गया। बासी भोजन चढ़ाने की परंपरा के पीछे मान्यता ================================ धार्मिक कथाओं के अनुसार, एक बार किसी गांव में लोगों ने माता शीतला को गर्म भोजन अर्पित कर दिया था। इससे उनका मुंह जल गया और वे क्रोधित हो गईं। कहा जाता है कि उस
समय एक वृद्ध महिला ने उन्हें ठंडा भोजन अर्पित किया, जिससे माता प्रसन्न हो गईं और उसका घर सुरक्षित रहा। तभी से माता को ठंडा या बासी भोजन चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई। मौसम से जुड़ा वैज्ञानिक कारण ====================== शीतला अष्टमी के पीछे एक व्यावहारिक कारण भी बताया जाता है। यह समय मौसम बदलने का होता है, जब ठंड खत्म होकर गर्मी की शुरुआत होती है। पुराने समय में माना जाता था कि इस दिन के बाद बासी भोजन से बचना चाहिए, क्योंकि बदलते मौसम में इससे बीमारियां फैल सकती हैं। इसलिए इसे एक तरह से ताजा भोजन खाने की शुरुआत का संकेत भी माना जाता है। शीतला अष्टमी की पूजा विधि ============================= • शीतला अष्टमी के दिन पूजा करने के लिए कुछ आसान नियम बताए गए हैं। • पूजा का भोजन एक दिन पहले यानी सप्तमी की रात को बना लिया जाता है। • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद माता शीतला की पूजा की जाती है। • माता को मीठे चावल, पूड़ी, पुए, राबड़ी या अन्य ठंडे व्यंजन का भोग लगाया जाता है। • पूजा के समय शीतला माता की कथा सुनना और शीतलाष्टक का पाठ करना शुभ माना जाता है। • पूजा के बाद वही भोजन प्रसाद के रूप में पूरे परिवार में बांटा जाता है। शीतला माता की पूजा का महत्व ====================== धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला को आरोग्य की देवी माना जाता है। उनकी पूजा से चेचक, खसरा और त्वचा से जुड़ी बीमारियों से रक्षा होने की मान्यता है। साथ ही यह व्रत परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और बच्चों की लंबी उम्र के लिए भी किया जाता है। *आचार्य अविनाश शास्त्री* फलित ज्योतिषाचार्य बरौनी,बिहार संपर्क:-8271569010
- Post by Pawan Sahni Pawan Saini1
- #बिहार का CM कौन ? सुनिए #गिरिराजसिंह ने क्या कहा । #बेगूसराय #Begusarai #GirirajSingh मोबाइल टीवी न्यूज को फॉलो शेयर करें |1
- जैसे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहे, वैसे ही अगर चुनाव से पहले 10 हजार रुपये नहीं बांटे गए होते, तो JDU को 25 सीटें भी नहीं मिलतीं।1
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- Post by Focus Bihar News1
- लोहियानगर थाना की पुलिस ने चोरी की घटना में संलिप्त 02 व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी सोमवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में बताया गया कि लोहियानगर में चोरी की घटना हुई थी, इसमें संलिप्त जीतो पासवान एवं सूरज ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. एसपी ने बताया कि बेगूसराय जिले में कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है.1
- Post by तुफैल अहमद (राजा भाई)1
- Post by Pawan Sahni Pawan Saini1