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आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार (आईएएस) ने एक योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। आजमगढ़ जनपद के मोहब्बतपुर में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शंभू कुमार ने नोडल अधिकारी (योग दिवस) के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
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आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार (आईएएस) ने एक योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। आजमगढ़ जनपद के मोहब्बतपुर में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शंभू कुमार ने नोडल अधिकारी (योग दिवस) के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।1
- अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?1
- अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के डल्ला निजामपुर निमिन्दीपुर में जमीन विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित राजितराम और उनके पुत्र ने आरोप लगाया है कि उन पर परिजनों ने ही लाठी-डंडों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, और बताया जा रहा है कि अंजीत का हाथ टूट गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।1
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।1
- रविवार, 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आजमगढ़ का ऐतिहासिक और धार्मिक 'चंद्रमा ऋषि आश्रम' पूरी तरह योगमय हो गया। तमसा और सिली नदी के संगम तट पर स्थित इस पावन स्थल पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जहाँ उनके साथ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी योगाभ्यास किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय और जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने योग को केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया, ताकि एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सके। योग के साथ-साथ, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और तमसा नदी की स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया, इसे एक 'जनआंदोलन' बनाने का आह्वान करते हुए ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने 'चंद्रमा ऋषि आश्रम' के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद के हर स्तर (ग्राम, ब्लॉक और जिला) पर योग दिवस को लेकर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में इस आश्रम के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए नई योजनाएं संचालित की जाएंगी, जिससे इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लेने के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा।1
- संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया। मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।4
- आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र के कंजहित गांव में महिलाओं को गहने चमकाने का झांसा देकर सोने के आभूषण उड़ाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार देर रात पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है। यह मामला बीते 16 जून को सामने आया था जब कंजहित गांव के जयनारायण दुबे ने देवगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी पत्नी मनोरमा दुबे को गहने साफ करने का झांसा दिया और धोखे से सोने के आभूषण ले लिए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने असलहा दिखाकर उन्हें धमकाया और मौके से फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। 20 और 21 जून की मध्यरात्रि गायत्री मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। पीछा करने के दौरान सरूपहां क्षेत्र में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया, जबकि दूसरे बदमाश को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान चाहत कुमार (22 वर्ष) और मुन्ना शाह (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के समेली गांव के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर महिलाओं को गहने साफ करने के नाम पर अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक सोने की चैन, दो कान के झाले, एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उन पर लूट व चोरी के कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।1