आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र के कंजहित गांव में महिलाओं को गहने चमकाने का झांसा देकर सोने के आभूषण उड़ाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार देर रात पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है। यह मामला बीते 16 जून को सामने आया था जब कंजहित गांव के जयनारायण दुबे ने देवगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी पत्नी मनोरमा दुबे को गहने साफ करने का झांसा दिया और धोखे से सोने के आभूषण ले लिए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने असलहा दिखाकर उन्हें धमकाया और मौके से फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। 20 और 21 जून की मध्यरात्रि गायत्री मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। पीछा करने के दौरान सरूपहां क्षेत्र में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया, जबकि दूसरे बदमाश को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान चाहत कुमार (22 वर्ष) और मुन्ना शाह (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के समेली गांव के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर महिलाओं को गहने साफ करने के नाम पर अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक सोने की चैन, दो कान के झाले, एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उन पर लूट व चोरी के कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र के कंजहित गांव में महिलाओं को गहने चमकाने का झांसा देकर सोने के आभूषण उड़ाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार देर रात पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है। यह मामला बीते 16 जून को सामने आया था जब कंजहित गांव के जयनारायण दुबे ने देवगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी पत्नी मनोरमा दुबे को गहने साफ करने का झांसा दिया और धोखे से सोने के आभूषण ले लिए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने असलहा दिखाकर उन्हें धमकाया और मौके से फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। 20 और 21 जून की मध्यरात्रि गायत्री मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। पीछा करने के दौरान सरूपहां क्षेत्र में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया, जबकि दूसरे बदमाश को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान चाहत कुमार (22 वर्ष) और मुन्ना शाह (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के समेली गांव के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर महिलाओं को गहने साफ करने के नाम पर अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक सोने की चैन, दो कान के झाले, एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उन पर लूट व चोरी के कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- जौनपुर के शाहगंज स्थित तहसील परिसर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करन गुरु के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया, साथ ही योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिसमें करन गुरु ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन और वज्रासन सहित अनेक योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से बताया, और कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। करन गुरु ने नियमित योगाभ्यास को तनाव, चिंता और कई बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर, तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौजूदा भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उन्होंने जोर दिया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी एकाग्र और संतुलित बनाने में सहायक है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों और नागरिकों से नियमित रूप से योग अपनाने की अपील भी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया, और इस कार्यक्रम में तहसील प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- डोभी मंडल के शक्ति केंद्र हिसामपुर ग्राम पंचायत बोदरी में एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ मंडल उपाध्यक्ष अच्छेलाल राजभर और शक्ति केंद्र संयोजक दशरथ तिवारी भी प्रमुख रूप से मौजूद थे।4
- जौनपुर जिले के जलालगंज रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक खराब हो जाने के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया है।1
- यह पोस्ट मानवीय रिश्तों और भावनाओं पर एक मार्मिक विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि कुछ रिश्ते, भले ही अधूरे रह जाएं, वे हमेशा यादों में स्पष्ट रूप से बसे रहते हैं। इसी तरह, कुछ लोग शारीरिक रूप से दूर होने के बावजूद भी कभी दिल से नहीं जाते हैं, उनकी उपस्थिति हमेशा मन में बनी रहती है।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- जौनपुर के शाहगंज में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को नगर के विभिन्न स्थानों पर योग शिविरों और सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित प्राथमिक पाठशाला में आयोजित योग कार्यक्रम में पतंजलि योग पीठ शाहगंज इकाई के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह, उपाध्यक्ष योगगुरु शिव कुमार यादव, और कोषाध्यक्ष योगाचार्य ओमप्रकाश चौबे के मार्गदर्शन में योग साधकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसी क्रम में, लक्ष्मी नारायण वाटिका में भी एक योग शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ योग गुरु विरेंद्र कुमार वीरू के सानिध्य में लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। प्रतिभागियों को नियमित योग के अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, शाहगंज नगर के अन्य संस्थानों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो व्यक्ति को स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करती है। इन आयोजनों में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई, और पूरे नगर में यह योग दिवस उत्साह, उमंग और व्यापक जनजागरूकता के वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- जौनपुर के जलालपुर स्थित रेलवे फाटक में खराबी आने के कारण, इंजीनियर मौके पर उसकी मरम्मत करने में जुटे हुए हैं।1
- देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के उद्योग नगर वार्ड नंबर-2 में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ श्रवण जायसवाल (60) और उनके पुत्र राकेश जायसवाल (28) का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना परिवार के लिए दुखों का पहाड़ बनकर आई है, जो पहले से ही गहरे सदमे में था। मिली जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र कपड़ों की खरीदारी के लिए चौरीचौरा गए थे। उन्होंने रात करीब 10:30 बजे परिवार से आखिरी बार बात की थी और जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद ही दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। सुबह रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। यह परिवार पहले से ही एक बड़ी त्रासदी झेल रहा था, क्योंकि तीन महीने पहले ही उनके बड़े बेटे श्वेतांक जायसवाल की एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इन लगातार हुई घटनाओं से जायसवाल परिवार पूरी तरह टूट गया है, और अब घर में केवल एक बुजुर्ग माँ और एक अविवाहित बेटी ही बची हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इन मौतों का कारण, चाहे वह हादसा हो, आत्महत्या हो या कोई अन्य वजह, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1