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कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है। इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी। मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है। दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है। यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है। सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।

6 hrs ago
user_Deepak Vishwakarma
Deepak Vishwakarma
Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है। इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी। मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है। दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है। यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है। सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।

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  • 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू जबलपुर समाचार पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में आखिरकार चार महीने के लंबे इंतजार के बाद संगमरमरी वादियों के बीच नौका विहार फिर से शुरू हो गया है। 15 अक्टूबर से नर्मदा की लहरों पर नौकाएं दौड़ने लगी हैं, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। हर साल बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भेड़ाघाट में नौका विहार बंद कर दिया जाता है। इस बार भी चार महीने तक नौका विहार बंद रहा। अब पानी का स्तर सामान्य होने पर प्रशासन ने इसे फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। नौका विहार शुरू होने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नगर परिषद के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नावों में निर्धारित संख्या में ही पर्यटकों को बैठाया जा रहा है, लाइफ जैकेट अनिवार्य कर दी गई है और प्रत्येक घाट पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। दीपावली, क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धुआंधार जलप्रपात और चौंसठ योगिनी मंदिर के साथ-साथ नौका विहार का लुत्फ लेने बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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    4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में  आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू


 
4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में  आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू
जबलपुर समाचार 
पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में आखिरकार चार महीने के लंबे इंतजार के बाद संगमरमरी वादियों के बीच नौका विहार फिर से शुरू हो गया है। 15 अक्टूबर से नर्मदा की लहरों पर नौकाएं दौड़ने लगी हैं, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं।
हर साल बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भेड़ाघाट में नौका विहार बंद कर दिया जाता है। इस बार भी चार महीने तक नौका विहार बंद रहा। अब पानी का स्तर सामान्य होने पर प्रशासन ने इसे फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है।
नौका विहार शुरू होने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नगर परिषद के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नावों में निर्धारित संख्या में ही पर्यटकों को बैठाया जा रहा है, लाइफ जैकेट अनिवार्य कर दी गई है और प्रत्येक घाट पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
दीपावली, क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धुआंधार जलप्रपात और चौंसठ योगिनी मंदिर के साथ-साथ नौका विहार का लुत्फ लेने बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
    user_Sarvesh Tiwari
    Sarvesh Tiwari
    Psychologist जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है। इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी। मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है। दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है। यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है। सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।
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    कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट

कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई

जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है।

यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है।

सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है।

इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी।

मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ

याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।

याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है।

दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है।

यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है।

सच तक पत्रिका न्यूज़
✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर

नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ग्वारीघाट की महारानी मां महाकाली की विसर्जन शोभायात्रा ने मोहा सबका मन ग्वारीघाट की महारानी मां महाकाली की विसर्जन शोभायात्रा ने मोहा सबका मन ढोल-नगाड़ों, डमरू की गूंज और महिला शक्ति की प्रस्तुति ने बांधा समां जबलपुर। संवाददाता मोहित संघी। ग्वारीघाट में महारानी मां महाकाली की भव्य विसर्जन शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा क्षेत्र मां काली के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा के दौरान डमरू की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप, मां काली का मनमोहक नृत्य और महिला शक्ति की शानदार प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु मां की भक्ति में लीन नजर आए। भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए रास्ते भर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। महारानी मां महाकाली की शोभायात्रा ग्वारीघाट से पुरानी बस्ती होते हुए बिग बाजार और बादशाह हलवाई क्षेत्र से गुजरी। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन में सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और महिला शक्ति की झलक देखने को मिली। आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग देने वाले समिति के सदस्यों, शासन-प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में श्रद्धालुओं ने मां महाकाली से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। पूरा वातावरण ‘जय माता दी’ के जयकारों से भक्तिमय बना रहा।
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    ग्वारीघाट की महारानी मां महाकाली की विसर्जन शोभायात्रा ने मोहा सबका मन
ग्वारीघाट की महारानी मां महाकाली की विसर्जन शोभायात्रा ने मोहा सबका मन
ढोल-नगाड़ों, डमरू की गूंज और महिला शक्ति की प्रस्तुति ने बांधा समां
जबलपुर। संवाददाता मोहित संघी। ग्वारीघाट में महारानी मां महाकाली की भव्य विसर्जन शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा क्षेत्र मां काली के जयकारों से गूंज उठा।
शोभायात्रा के दौरान डमरू की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप, मां काली का मनमोहक नृत्य और महिला शक्ति की शानदार प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु मां की भक्ति में लीन नजर आए। भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए रास्ते भर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही।
महारानी मां महाकाली की शोभायात्रा ग्वारीघाट से पुरानी बस्ती होते हुए बिग बाजार और बादशाह हलवाई क्षेत्र से गुजरी। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन में सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और महिला शक्ति की झलक देखने को मिली।
आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग देने वाले समिति के सदस्यों, शासन-प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
अंत में श्रद्धालुओं ने मां महाकाली से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। पूरा वातावरण ‘जय माता दी’ के जयकारों से भक्तिमय बना रहा।
    user_Mohit Sanghi
    Mohit Sanghi
    Offset Printer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बेटे-बहू की प्रताड़ना से परेशान 85 वर्षीय बुजुर्ग पहुंचे कलेक्टर के पास 85 साल के पिता की फरियाद पर कक्ष से बाहर आए कलेक्टर, बेंच पर बैठकर सुनी पीड़ा जबलपुर। बेटे और बहू की कथित मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से परेशान जयप्रकाश नगर, आधारताल निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनकी व्यथा सुनने के लिए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा अपने कक्ष से बाहर आए और बरामदे में बेंच पर साथ बैठकर उनकी समस्या सुनी। बुजुर्ग ने आवेदन में आरोप लगाया कि उनका बेटा और बहू उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं और अपने ही मकान से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने बुजुर्ग को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रकरण की जांच कराने और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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    बेटे-बहू की प्रताड़ना से परेशान 85 वर्षीय बुजुर्ग पहुंचे कलेक्टर के पास
85 साल के पिता की फरियाद पर कक्ष से बाहर आए कलेक्टर, बेंच पर बैठकर सुनी पीड़ा
जबलपुर। 
बेटे और बहू की कथित मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से परेशान जयप्रकाश नगर, आधारताल निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनकी व्यथा सुनने के लिए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा अपने कक्ष से बाहर आए और बरामदे में बेंच पर साथ बैठकर उनकी समस्या सुनी।
बुजुर्ग ने आवेदन में आरोप लगाया कि उनका बेटा और बहू उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं और अपने ही मकान से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने बुजुर्ग को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रकरण की जांच कराने और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
    user_मोहम्मद रिजवान मंसूरी
    मोहम्मद रिजवान मंसूरी
    सिहोरा, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भोपाल लाल परेड ग्राउंड में पूज्य गुरु देव रावतपुरा सरकार जी के सानिध्य में सवा लाख कलश के साथ राजराजेश्वरी माता का दर्शन पूज्य गुरुदेव रावतपुरा सरकार जी के द्वारा भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सवा लाख से ज्यादा कलश के साथ राजराजेश्वरी चिंतामणि माता का पूजन अर्चन किया गया माता के 1000 नाम का उच्चारण कर आहुति दी गई कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पंचायत ग्रामीण मंत्री पहलाद पटेल जीतू पटवारी संजय शर्मा पूर्व विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव आने को लोग उपस्थित थे कार्यक्रम में पूजन अर्चना पूर्ण रूप से म्युचुअल था एवं भक्तों को तीन खाली प्रसाद सभी सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई गई पूज्य सरकार रवि शंकर महाराज जी के द्वारा
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    भोपाल लाल परेड ग्राउंड में पूज्य गुरु देव रावतपुरा सरकार जी के सानिध्य में सवा लाख कलश के साथ राजराजेश्वरी माता का दर्शन
पूज्य गुरुदेव रावतपुरा सरकार जी के द्वारा भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सवा लाख से ज्यादा कलश के साथ राजराजेश्वरी चिंतामणि माता का पूजन अर्चन किया गया माता के 1000 नाम का उच्चारण कर आहुति दी गई कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पंचायत ग्रामीण मंत्री पहलाद पटेल जीतू पटवारी संजय शर्मा पूर्व विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव आने को लोग उपस्थित थे कार्यक्रम में पूजन अर्चना पूर्ण रूप से म्युचुअल था एवं भक्तों को तीन खाली प्रसाद सभी सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई गई पूज्य सरकार रवि शंकर महाराज जी के द्वारा
    user_Ramesh rajak
    Ramesh rajak
    शाहपुरा, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 🌸 **श्रीमद् भागवत कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं** 🌸🙏 ✨ परम श्रद्धेय **पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज** के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त करें। 🛕🚩 🙏🌸 **श्रीमद् भागवत कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं** 🌸🙏 ✨ परम श्रद्धेय **पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज** के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त करें। 🛕🚩 📅 **दिनांक:** 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक 📍 **कथा स्थल:** मणिनागेंद्र सिंह सैनिक स्कूल, गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश आइए, श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति और सनातन धर्म के पावन संदेशों को अपने जीवन में उतारें। 🙏❤️ 🌺 **राधे राधे! जय श्री कृष्ण!** 🌺 आप सभी भक्तजन सपरिवार पधारकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें। 🙏🚩
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    🌸 **श्रीमद् भागवत कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं** 🌸🙏

✨ परम श्रद्धेय **पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज** के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त करें। 🛕🚩
🙏🌸 **श्रीमद् भागवत कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं** 🌸🙏
✨ परम श्रद्धेय **पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज** के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त करें। 🛕🚩
📅 **दिनांक:** 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक 
📍 **कथा स्थल:** मणिनागेंद्र सिंह सैनिक स्कूल, गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश
आइए, श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति और सनातन धर्म के पावन संदेशों को अपने जीवन में उतारें। 🙏❤️
🌺 **राधे राधे! जय श्री कृष्ण!** 🌺
आप सभी भक्तजन सपरिवार पधारकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें। 🙏🚩
    user_Raghunath Rai
    Raghunath Rai
    Local News Reporter गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों 1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
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    कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों
1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 
2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 
3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 
4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक  को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 
5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 
6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 
7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Shahpura, Jabalpur•
    6 hrs ago
  • कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों 1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
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    कौन सा हिंदू राष्ट्र जिसमें ओबीसी एससी एसटी वर्ग के साथ छुआ छूत ऊंच नीच भेद भाव जात पात क्यों
1. लोधी समाज के CMO अधिकारी को जाति के आधार पर छोटा नीचे बोला मारपीट करके माफी मंगवाना 
2.इटावा यादव समाज की कथा वाचक को मुंडन करवा कर मूत्र से छिड़कना 
3.रीवा जाति पूछ कर यादव समाज की छोटी पटना मानवादी खटमलों की मानसिकता 
4.यामिनी साहू समाज की कथा वाचक  को भागवत कथा मंच पर गाली देकर भगाना 
5.देविका पटेल को जातिवादियों में गाली देकर भागवत कथा को बंद करवाया 
6.दमोह कुशवाहा समाज के व्यक्ति से दारू खोर के पर धुलवाकर गंदा पानी पिलवाना माफी मंगवाना 
7.उन्नाव और दमोह में लोधी समाज के विद्वान पंडित पुरोहित के साथ मारपीट इन जातिवादियों का जन्मजात धंधा है जो किसी को करने नहीं देते धर्म की मलाई एक ही जाति के लोग खाना चाहते
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Shahpura, Jabalpur•
    6 hrs ago
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