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दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर अब किसी भी प्रकार की देरी या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और इसे तर्कों या बहानों से नहीं सुलझाया जा सकता। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान स्थिति में कागजी सफाई के बजाय जमीन पर वास्तविक और ठोस कार्रवाई की सख्त जरूरत है।
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दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर अब किसी भी प्रकार की देरी या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और इसे तर्कों या बहानों से नहीं सुलझाया जा सकता। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान स्थिति में कागजी सफाई के बजाय जमीन पर वास्तविक और ठोस कार्रवाई की सख्त जरूरत है।
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- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहपुरवा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों के साथ विधायक केतकी सिंह सड़क पर उतर आईं और धरने पर बैठ गईं। धरने पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मामले में जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।1
- दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर अब किसी भी प्रकार की देरी या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और इसे तर्कों या बहानों से नहीं सुलझाया जा सकता। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान स्थिति में कागजी सफाई के बजाय जमीन पर वास्तविक और ठोस कार्रवाई की सख्त जरूरत है।1
- लखनऊ में नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत आने वाले इंदिरा नगर के मैथिलीशरण गुप्त वार्ड क्षेत्र में बी-ब्लॉक और सी-ब्लॉक समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे होने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। क्षेत्र में कई दिनों से समय पर कचरा न उठाए जाने के कारण चारों तरफ गंदगी फैल रही है। इसके चलते इलाके में तेज दुर्गंध आने के साथ ही तरह-तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गली-मोहल्लों में फैली गंदगी पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी क्षेत्र का नियमित निरीक्षण तक नहीं करते? क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इलाके में तत्काल सफाई अभियान चलाकर कूड़ा हटाया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें।4
- सोनम वांगचुक ने दो केंद्रीय मंत्रियों और अपनी पत्नी की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म होने के बाद अब इस आंदोलन के लिए कल का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे आंदोलन की आगे की लाइन-लेंथ और दिशा तय होगी।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने अपने बयान में दोटूक रुख अपनाते हुए CJP को लेकर तीखी टिप्पणी की है और उस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस बयान के सामने आने के बाद से इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।1
- लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत है और उनके विचार आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। समारोह को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज से ऊंच-नीच, जात-पात और भेदभाव के कुचक्र को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने हमेशा प्रेम, करुणा और सामाजिक समरसता की बात कही। उन्होंने बताया कि संत रविदास जी ने सिखाया कि कोई भी व्यक्ति अपने जन्म या जाति से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से महान बनता है। संत रविदास जी की अमर पंक्तियों 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मन की शुद्धता और सेवा भाव ही सच्चा धर्म है। उन्होंने 'बेगमपुरा' का सपना देखते हुए एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहाँ कोई दुःखी या पीड़ित न हो और सभी को समानता व न्याय का अधिकार मिले। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन और उनकी वाणी मानवता की सेवा तथा समाज में एकता बनाए रखने का मार्ग दिखाती है और उनके बताए रास्तों को अपनाकर ही एक सशक्त व समरस समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह से संत रविदास जी की शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि संत रविदास जी के सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।1
- सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक सुनवाई के दौरान Gen Z (नई पीढ़ी) की सोच, बदलती सामाजिक आदतों और आधुनिक जीवनशैली पर की गई टिप्पणी के बाद देशभर में नई बहस छिड़ गई है। कोर्ट द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा बेहद तेज हो गई है और यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर समाज और सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहाँ कुछ लोग कोर्ट की बातों का समर्थन करते हुए इसे आज के दौर का कड़वा सच बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युवा वर्ग इसे अपनी सोच और आजादी पर उठाया गया सवाल मान रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विवाद केवल एक टिप्पणी तक सीमित नहीं है बल्कि समाज में आ रहे बड़े बदलावों को भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा आगे क्या मोड़ लेता है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में फर्जी प्रमाणपत्र के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की गई है, जिसके तहत संबंधित सात शिक्षकों को सेवा से हटा दिया गया है।1
- कल देर रात जंतर-मंतर पर युवाओं की भीड़ पर दिल्ली पुलिस ने मिर्च का पाउडर फेंक दिया। इस कार्रवाई को लेकर सीधा आरोप लगाया गया है कि यह काम दिल्ली पुलिस के क्रिमिनल कमिश्नर के सिवा और कोई करवा ही नहीं सकता। कल दिल्ली पुलिस में एसआई (SI) की नौकरी से इस्तीफा देने वाले व्यक्ति ने माना है कि पुलिस और आरएएफ (RAF) वालों की नेम प्लेट्स हटवाई गई थीं और यह बकायदा एक ऑर्डर था। नेम प्लेट्स हटाने का मकसद यह था कि जवानों की पहचान न हो सके और आरएसएस के गुंडों को वर्दी पहनाकर बीच में घुसाया जा सके। अदालत का आदेश है कि पुलिस के जवानों की नेम प्लेट होनी चाहिए, लेकिन तड़ीपार होम मिनिस्टर के आदेश पर पुलिस अब गुंडों की फौज बन चुकी है और हर तरह का गैर-कानूनी काम कर रही है। इसके साथ ही कोर्ट को सत्ता की बंधुआ मजदूर करार दिया गया है।1