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लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Pawan Kumar Tiwari
लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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- लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित हरिधाम सरकार आश्रम के प्रमुख हरिओम यादव उर्फ़ बोतल बाबा और उनके एक चेले दीपक को जेल भेज दिया गया है। बाबा पर एक श्रद्धालु महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप है। उनके जेल जाने के बाद, अब कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बाबा खुद को चमत्कारी शक्ति प्राप्त बताकर लोगों का कथित तौर पर उल्लू बनाते हुए देखे जा सकते हैं। वायरल हो रहे वीडियो में, बोतल बाबा को खुद को चमत्कारी शक्ति प्राप्त बताकर लोगों को कथित तौर पर भ्रमित करते देखा जा सकता है। एक #viralvídeo में, बाबा एक महिला को संतान प्राप्ति का लाइव आशीर्वाद देते हुए सेब पर कुछ मंत्र पढ़ते हुए दिखाई दिए। दुष्कर्म के प्रयास के मामले में, एक श्रद्धालु महिला ने आरोप लगाया है कि बाबा ने उससे कहा था कि उस पर कई काली छायाएं हैं। इसके बाद, हरिओम महाराज उसे एक अलग कमरे में ले गए और पूजा के बहाने उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। जब महिला ने विरोध किया, तो उसे पीटा भी गया। महिला को पीटते हुए का एक वीडियो भी अब वायरल हो रहा है।1
- प्रस्तुत पोस्ट में 'जय जय महाकाल' का बार-बार उद्घोष किया गया है। यह महाकाल के प्रति गहरी भक्ति, श्रद्धा और जय-जयकार का एक प्रबल प्रदर्शन है, जो पूर्णतः भक्तिमय वातावरण को दर्शाता है।1
- कौशांबी में एक पीड़ित पिता ने भरवारी पुलिस चौकी पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का आरोप है कि उनकी बेटी 11 दिन से लापता है, लेकिन भरवारी चौकी इंचार्ज और कोखराज थाना इंचार्ज उसे खोजने में असमर्थ दिख रहे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि पुलिसकर्मी थाने और चौकी में बैठे रहते हैं, जबकि उन्हें अपनी लापता बेटी को ढूंढने के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर भटकने को कहा जा रहा है। परिवार का कहना है कि 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है और वे अपनी बेटी की तलाश में खुद जुटे हुए हैं, रो-रोकर उनका बुरा हाल है। पिता ने आरोप लगाया है कि बेटी के लापता होने की तुरंत सूचना भरवारी पुलिस चौकी पर दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले, न ही आसपास पूछताछ की और न ही कोई टीम बनाई, बल्कि पीड़ित को ही इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से, खासकर कौशांबी के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से, मामले की निष्पक्ष जांच करने और बेटी को तुरंत बरामद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानून के अनुसार, लापता नाबालिग या महिला की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के भीतर जांच शुरू करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में 11 दिन की महत्वपूर्ण अवधि बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने लंभुआ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर यह गंभीर सवाल उठाया है कि महत्वपूर्ण फॉर्म 6 समेत अन्य अभिलेख सड़क किनारे कैसे मिले। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और दोषियों को कब तक जेल भेजा जाएगा, इस पर प्रशासन से जवाब मांगा है। निषाद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि लंभुआ की जनता को इस मामले में जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक श्यामलाल निषाद, जो लंभुआ से भावी विधानसभा प्रत्याशी भी हैं, ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही।1
- भाजपा सरकार के 12 साल को 'बेमिसाल' बताते हुए उसे सेवा, सुशासन और विकास की नई मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी कड़ी में, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस दावे का एक प्रमाण रहा।1
- लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने बुद्धेश्वर क्षेत्र में आलमनगर मेन रोड को जाम कर दिया, विशेषकर एएलवाई मैनपुरिया स्कूल के पास। बिजली न मिलने के कारण क्षेत्र निवासियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मौके पर पारा पुलिस भी मौजूद रही। हैरानी की बात यह है कि पुलिस भी भ्रष्ट बिजली से संबंधित अधिकारियों के पक्ष में है, इसीलिए क्षेत्र के निवासियों...1
- अमेठी कोतवाली क्षेत्र के दलशाहपुर मजरे सैदपुर में हुए रामफली पाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने रविवार को तीन अन्य नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक बांस की लाठी भी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह मामला बुधवार रात करीब 12 बजे एक जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें रामफली पाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीन फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार, विवाद मकान के छज्जे को लेकर शुरू हुआ था, जिसने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और बाहर खड़े वाहनों में भी तोड़फोड़ की। गंभीर रूप से घायल रामफली पाल को पहले सीएचसी अमेठी, फिर जिला अस्पताल और बाद में एम्स रायबरेली रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग की थी, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं। रविवार को अमेठी कोतवाली पुलिस ने अभियान चलाकर फरार चल रहे तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।2