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जौरा शहर की एमएस रोड पर एक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ किया। यह घटना एमएस रोड पर स्थित एक शराब के ठेके के सामने हुई, जहाँ नशे में चूर वह व्यक्ति सड़क पर लेट गया। उसकी इस हरकत के कारण इधर-उधर से गुजर रहे वाहनों से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्थानीय व्यक्तियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उस शराबी को उठाकर सड़क के किनारे किया, जिससे एक संभावित दुर्घटना टल गई।
Mahesh singh
जौरा शहर की एमएस रोड पर एक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ किया। यह घटना एमएस रोड पर स्थित एक शराब के ठेके के सामने हुई, जहाँ नशे में चूर वह व्यक्ति सड़क पर लेट गया। उसकी इस हरकत के कारण इधर-उधर से गुजर रहे वाहनों से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्थानीय व्यक्तियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उस शराबी को उठाकर सड़क के किनारे किया, जिससे एक संभावित दुर्घटना टल गई।
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- जौरा शहर की एमएस रोड पर एक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ किया। यह घटना एमएस रोड पर स्थित एक शराब के ठेके के सामने हुई, जहाँ नशे में चूर वह व्यक्ति सड़क पर लेट गया। उसकी इस हरकत के कारण इधर-उधर से गुजर रहे वाहनों से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्थानीय व्यक्तियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उस शराबी को उठाकर सड़क के किनारे किया, जिससे एक संभावित दुर्घटना टल गई।1
- 12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, मुरैना में बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सी.आई.डी. संस्था के जिला समन्वयक डॉ. प्रेमदीप कुलश्रेष्ठ ने इस कार्यक्रम का संचालन किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में श्रम विभाग से श्रम निरीक्षक श्री लक्की शिवहरे अपनी टीम के साथ, बाल कल्याण समिति से श्रीमती पूनम दंडोतिया एवं श्री स्वप्नेश वर्मा उपस्थित रहे। जन अभियान परिषद, मुरैना के ब्लॉक समन्वयक श्री अनिल मोदी जी ने भी बाल अधिकारों और समाज की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उमंग क्लिनिक के परामर्शदाता श्री पवन शर्मा, श्री अमन भदौरिया, श्री हरिओम, श्री राघवेंद्र एवं श्री धर्मेंद्र राठौर तथा सी.आई.डी. संस्था से श्री सभाराम एवं श्री सरनाम ने भी सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम से संबंधित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार दिए गए। सभी उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत पट्टी पहनाकर सम्मान किया गया। जनसहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक "बाल श्रम विरोधी हस्ताक्षर अभियान" भी चलाया गया, जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर बाल श्रम के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन बाल श्रम उन्मूलन की शपथ के साथ हुआ, जिसके बाद जन-जागरूकता हेतु एक रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से लोगों को बाल श्रम के गंभीर दुष्परिणामों और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन प्रदान करने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।4
- स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध करते हुए, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर के कांचमिल रोड पर एक हस्ताक्षर अभियान चलाया।1
- धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने जिलाध्यक्ष गौरव पोसवाल और युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिल गिरी को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से वर्तमान सरकार द्वारा पूर्ववर्ती योजनाओं के बजट में की गई कटौती का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने स्पष्ट किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मेधावी विद्यार्थियों को कालीबाई भील स्कूटी योजना और देवनारायण योजना के तहत स्कूटी प्रदान की जाती थी। हालांकि, मौजूदा सरकार ने इन योजनाओं पर रोक लगाते हुए घोषणा की है कि स्कूटी की आधी रकम सीधे विद्यार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी। तिवारी ने इसे योजनाओं की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए मेधावी विद्यार्थियों के साथ घोर अन्याय करार दिया, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि दूसरी पार्टी के सांसदों को खरीदने के लिए उसके पास हजारों करोड़ रुपये हैं, लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने के लिए पैसे नहीं हैं, जो अत्यंत शर्मनाक है। NSUI जिलाध्यक्ष गौरव पोसवाल ने मांग की कि सरकार या तो मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान करे, अन्यथा इस योजना का नाम बदलकर 'प्रोत्साहन योजना' रखा जाए। उन्होंने स्कूटी के नाम पर केवल प्रोत्साहन राशि दिए जाने का पुरजोर विरोध किया। इस अवसर पर जिला सचिव जितेंद्र माहौर, राजाखेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन तोमर, पूर्व स्टेट कोऑर्डिनेटर योगेंद्र शर्मा सहित कृष्णा सोलंकी, रामबृज कंसाना, मनीष, जावेद, अरबाज, इमरान, सचिन कंसाना, राहुल, रोहित, विमल ठाकुर, हिमांशु त्यागी, नीतू पोसवाल, आशीष, सुमित सिकरवार, विवेक और यश पोसवाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। पंकज तिवारी ने एक बार फिर दोहराया कि स्कूटी योजनाओं में स्कूटी की जगह आधी प्रोत्साहन राशि देना योजना की मूलभावना के विरुद्ध है।2
- सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के ददरोनी गांव में आज शनिवार को भागवत कथा का विधि-विधान से समापन हुआ। इस पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज से पधारे करीब पंद्रह से बीस हजार भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसादी ग्रहण की। भंडारे में प्रसादी परोसने और व्यवस्था बनाने में शीतलपुरा, बरई पुरा, पारे का पुरा सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों का विशेष और अहम योगदान रहा। इस दौरान परीक्षित रामनाथ सिंह जादोंन, गोपाल स्वामी, लज्जाराम, नारायण सिंह, प्रताप सिंह, बासुदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में भक्त गण उपस्थित रहे। कथा वाचक ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा के प्रसाद को ग्रहण करने से प्राणी के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।3
- धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने वाली पूर्ववर्ती योजनाओं के बजट में की गई कथित कटौती का कड़ा विरोध जताया। यह ज्ञापन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष गौरव पोसवाल और युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी के नेतृत्व में राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल गिरी को दिया गया। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मेधावी छात्राओं को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण स्कूटी योजना के तहत स्कूटी प्रदान की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने स्कूटी वितरण पर रोक लगा दी है और इसके बजाय आधी राशि सीधे बैंक खातों में जमा करने की घोषणा की है, जो इन योजनाओं की मूल भावना के विपरीत है। तिवारी ने इसे मेधावी विद्यार्थियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उसके पास अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त बजट है, लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए संसाधनों की कमी बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष गौरव पोसवाल ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार स्कूटी उपलब्ध नहीं करा सकती तो योजना का नाम बदलकर “प्रोत्साहन योजना” रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूटी योजना के नाम पर केवल प्रोत्साहन राशि देना छात्रों के साथ किया जा रहा छलावा है, जिसका एनएसयूआई पुरजोर विरोध करती है। ज्ञापन सौंपते समय जिला सचिव जितेंद्र माहौर, ब्लॉक अध्यक्ष राजाखेड़ा अर्जुन तौमर, पूर्व स्टेट कोऑर्डिनेटर योगेंद्र शर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- मोरैना जिले के कैलारस जनपद की ग्राम पंचायत रीझोनी के पांडौली गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवक का शव गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खेत में नीम के पेड़ से लटका हुआ मिला, जिसके बाद परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पांडौली निवासी शिवराज उर्फ अतिन जाटव, पुत्र स्वर्गीय सतीश जाटव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शिवराज शुक्रवार सुबह अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश भी की थी। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने नीम के पेड़ से लटके हुए शव को देखा और पहचान होने पर तत्काल परिजनों और फिर कैलारस एवं जौरा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जौरा अस्पताल भेजा गया, जहां प्रक्रिया के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के दादा, रामचरन जाटव (पुजारी) ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित हुलासपुरा गांव में 13 जून को बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण 20 वर्षीय अमित कुमार मीणा गंभीर रूप से झुलस गए। अमित एक गरीब किसान एवं मजदूर परिवार से आते हैं, और इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है, जिसके चलते ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली लाइन पर काम करने के लिए विभाग ने शटडाउन लिया था। आरोप है कि जब अमित कुमार मीणा लाइन के पास काम कर रहे थे, तभी बिना किसी पूर्व सूचना के शटडाउन समाप्त कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे वे करंट की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण अमित को तुरंत सरमथुरा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में अमित कुमार मीणा का करौली अस्पताल में इलाज जारी है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अमित कुमार मीणा एक गरीब किसान और मजदूर लालाराम मीणा के बेटे हैं, और उनका परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, जिससे परिजन बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि शटडाउन प्रक्रिया का ठीक से पालन किया गया होता, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1