मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के केसली में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹1835 करोड़ की राशि अंतरित कर लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर, उन्होंने ₹190.85 करोड़ की लागत के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के आशीर्वाद और सहभागिता से मध्य प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और बहनों को हर माह मिलने वाली यह राशि परिवार के संचालन व सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को 37वीं किस्त के रूप में ₹1500-1500 की सौगात दी, जिसमें सागर जिले की 4 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में ₹61.14 करोड़ की राशि अंतरित की गई। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें केसली में सांदीपनि विद्यालय के द्वितीय चरण का कार्य शुरू करना, कई हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में उन्नत करना, देवरी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल प्रारंभ करना, कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंतीबाई के नाम पर रखना और लगभग ₹550 करोड़ की लागत वाली थावरी जलाशय परियोजना को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, देवरी में प्याज एवं लहसुन खरीदी केंद्र स्थापित करने, शासकीय महाविद्यालय देवरी में विज्ञान संकाय और राजनीति शास्त्र विषय शुरू करने, केसली महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, देवरी नगर का नाम देवपुरी करने तथा गौरझामर और केसली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के केसली में प्रथम आगमन को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की, जिसके जवाब में महिलाओं ने 'धन्यवाद लाड़ले भैया' लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित कर उनका स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक बृज बिहारी पटेरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के केसली में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹1835 करोड़ की राशि अंतरित कर लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर, उन्होंने ₹190.85 करोड़ की लागत के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के आशीर्वाद और सहभागिता से मध्य प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और बहनों को हर माह मिलने वाली यह राशि परिवार के संचालन व सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को 37वीं किस्त के रूप में ₹1500-1500 की सौगात दी, जिसमें सागर जिले की 4 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में ₹61.14 करोड़ की राशि अंतरित की गई। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और महिला
स्व-सहायता समूहों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें केसली में सांदीपनि विद्यालय के द्वितीय चरण का कार्य शुरू करना, कई हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में उन्नत करना, देवरी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल प्रारंभ करना, कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंतीबाई के नाम पर रखना और लगभग ₹550 करोड़ की लागत वाली थावरी जलाशय परियोजना को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, देवरी में प्याज एवं लहसुन खरीदी केंद्र स्थापित करने, शासकीय महाविद्यालय देवरी में विज्ञान संकाय और राजनीति शास्त्र विषय शुरू करने, केसली महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, देवरी नगर का नाम देवपुरी करने तथा गौरझामर और केसली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के केसली में प्रथम आगमन को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की, जिसके जवाब में महिलाओं ने 'धन्यवाद लाड़ले भैया' लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित कर उनका स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक बृज बिहारी पटेरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के केसली में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹1835 करोड़ की राशि अंतरित कर लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर, उन्होंने ₹190.85 करोड़ की लागत के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के आशीर्वाद और सहभागिता से मध्य प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और बहनों को हर माह मिलने वाली यह राशि परिवार के संचालन व सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को 37वीं किस्त के रूप में ₹1500-1500 की सौगात दी, जिसमें सागर जिले की 4 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में ₹61.14 करोड़ की राशि अंतरित की गई। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें केसली में सांदीपनि विद्यालय के द्वितीय चरण का कार्य शुरू करना, कई हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में उन्नत करना, देवरी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल प्रारंभ करना, कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंतीबाई के नाम पर रखना और लगभग ₹550 करोड़ की लागत वाली थावरी जलाशय परियोजना को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, देवरी में प्याज एवं लहसुन खरीदी केंद्र स्थापित करने, शासकीय महाविद्यालय देवरी में विज्ञान संकाय और राजनीति शास्त्र विषय शुरू करने, केसली महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, देवरी नगर का नाम देवपुरी करने तथा गौरझामर और केसली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के केसली में प्रथम आगमन को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की, जिसके जवाब में महिलाओं ने 'धन्यवाद लाड़ले भैया' लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित कर उनका स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक बृज बिहारी पटेरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।2
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सागर जिले के केसली पहुँचे। उनके केसली आगमन पर, मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए हेलीपेड पर पूर्व मंत्री, वर्तमान मंत्री, विधायक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई पदाधिकारी मौजूद थे।1
- https://youtu.be/Jn4YVrF73dY?si=tNGRluhRqsrK7UG- Narsinghpur एसपी ऋषिकेष मीना की जुबानी जैन मंदिरों में चोरी करने वाले चोर गिरोह के पर्दाफाश की कहानी1
- सर्वोदय वेयरहाउस से जुड़े एक महाघोटाले में आखिरकार बड़ा खुलासा हो गया है। लगभग पौने 1 करोड़ रुपये मूल्य की 1760 बोरी सरकारी मूंग डकारने के आरोप में वेयरहाउस मालिक अर्पित जैन, एकता जैन और मैनेजर अवधेश गौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना से सिस्टम के 'डबल लॉक' का तिलिस्म टूट गया है। अब यह देखना बाकी है कि ये रसूखदार 'सफेदपोश' हवालात की चक्की पीसते हैं या खुद को बचाने के लिए कोई नया 'चमत्कार' कर पाते हैं, वहीं यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर कौन' है।1
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और फोगसी सागर शाखा ने चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला PICSEP (Programme for Inculcating Culture of Scientific Enquiry and Pursuit) के अंतर्गत आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, निजी प्रैक्टिशनरों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अहमदाबाद के डॉ. सुनील ताम्बवेकर ने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Medicine) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवीन शोधों और वैज्ञानिक तथ्यों को समझकर उन्हें व्यवहार में लागू करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में शोध विषय चयन, अध्ययन डिज़ाइन, डेटा विश्लेषण, बायोस्टैटिस्टिक्स, वैज्ञानिक लेखन, शोध पत्र प्रकाशन तथा अनुसंधान नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। फोगसी सागर अध्यक्ष डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि कार्यशाला से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे एक सामान्य चिकित्सीय प्रश्न को वैज्ञानिक अध्ययन में परिवर्तित कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए योगदान दिया जा सकता है। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने अनुसंधान को न केवल ज्ञान के विस्तार का माध्यम बताया, बल्कि रोगियों को बेहतर एवं प्रमाण-आधारित उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण साधन भी करार दिया। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले शोधों की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस कार्यशाला ने विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और सहयोगात्मक शोध परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों को अनुभवी विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आयोजकों के अनुसार, आईएमए और फोगसी सागर शाखा की यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चिकित्सकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा चिकित्सा विज्ञान में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत केसली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुख्य आतिथ्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना के तहत लाड़ली बहनों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नर्मदा नदी के सतधारा भीमकुंड में एक बार फिर एक बड़ा हादसा हुआ है। इस घटना में दो युवक डूब गए हैं, और फिलहाल उनकी तलाश जारी है।1