हजारीबाग: नशा, लॉटरी और भटकती युवा सोच का बढ़ता संकट हजारीबाग… कभी अपनी शांति, सौहार्द और सुकून भरे माहौल के लिए पहचाना जाने वाला यह शहर आज एक गहरी चिंता के दौर से गुजर रहा है। यहाँ की ठंडी हवाएँ, भाईचारा और सांस्कृतिक गौरव कभी इसकी पहचान हुआ करते थे। खासकर रामनवमी जैसे पर्व, जो पूरे शहर को एक सूत्र में बाँधते थे, आज वही कहीं न कहीं आत्ममंथन का कारण बनते जा रहे हैं। हाल ही में रामनवमी के दौरान जो घटनाएँ सामने आईं, उन्होंने पूरे हजारीबाग को स्तब्ध कर दिया। इन घटनाओं ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है… आज भी रह-रहकर दिल में एक टीस उठती है कि जब हम मर्यादा पुरषोत्तम प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव मना रहे थे उसी वक्त किसी माँ का बेटा मर रहा था, किसी बहन का भाई हमेशा के लिए उससे विदा ले रहा था ,किसी पत्नी का सुहाग उजड़ रहा था।एक तरफ प्रभु श्री राम के जन्म के उत्सव मे सराबोर होकर लोग नाच गा रहे थे तो वहीं उसी जन्मोत्सव मे शामिल होने गये कई युवा के घर मातम मन रहा था। जिस पर्व को हम आस्था, उत्साह और एकता का प्रतीक मानते हैं, उसी के बीच हिंसा और हत्याओं की खबरें सुनना किसी भी संवेदनशील मन के लिए बेहद पीड़ादायक है। इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिल रहा है कि समाज के भीतर कुछ गंभीर रूप से बदल रहा है। जब युवा बिना सोचे-समझे हिंसा का रास्ता अपनाने लगें, तो यह केवल एक घटना नहीं होती यह उस बिगड़ती मानसिक स्थिति का प्रतिबिंब होती है, जो नशे और गलत रास्तों के कारण पैदा हो रही है। यह घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर क्यों हमारे युवा इतना आक्रामक और असंवेदनशील होते जा रहे हैं? क्यों छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और हिंसा हावी हो रही है? पिछले कुछ वर्षों में शहर में एक खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है ब्राउन शुगर का फैलता जाल और अवैध लॉटरी का बढ़ता प्रभाव। ये दोनों मिलकर न केवल सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रहे हैं, बल्कि युवाओं की मानसिक स्थिति को भी गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। युवा किसी भी समाज की नींव होते हैं। लेकिन जब वही युवा नशे और झूठे सपनों के जाल में फँसने लगें, तो समाज की दिशा बदलना तय हो जाता है। ब्राउन शुगर जैसे नशे इंसान की सोचने-समझने की क्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देते हैं। सही और गलत का फर्क धुंधला पड़ जाता है। वहीं लॉटरी, जो आसान पैसे का लालच देती है, युवाओं को मेहनत के रास्ते से हटाकर भ्रम और लालसा के रास्ते पर ले जाती है।जब नशा और लालच मिलते हैं, तो परिणाम केवल व्यक्तिगत नुकसान तक सीमित नहीं रहता यह सामाजिक असंतुलन पैदा करता है। जब किसी युवा की सोच पर नशे का असर हो और वह लॉटरी जैसे भ्रम में उलझा हो, तो उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो जाती है। ऐसी स्थिति में वह जल्दबाजी में फैसले लेता है, गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाता और धीरे-धीरे हिंसा की ओर झुकने लगता है। यही कारण है कि आज समाज में छोटी घटनाएँ भी बड़े विवाद का रूप ले रही हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के कमजोर पड़ने का संकेत है। यह समय केवल चिंता करने का नहीं, बल्कि जागने का है। अगर हम आज भी चुप रहे, तो आने वाला समय और अधिक भयावह हो सकता है।अब समय आ गया है कि हमें मिलकर आगे आना होगा युवाओं को सही दिशा दिखानी होगी नशे और अवैध लॉटरी के खिलाफ आवाज उठानी होगी और सबसे जरूरी, अपने मन से डर को निकालना होगा क्योंकि यही डर इन गलत धंधों को ताकत देता है। हजारीबाग केवल एक शहर नहीं है… यह हमारी पहचान है, हमारे पूर्वजों की आन है, हमारी यादें हैं, हमारे बच्चों का भविष्य है। क्या हम इसे यूँ ही खोते हुए देखते रहेंगे? क्या हम अपने ही शहर को अंधेरे में जाने देंगे? क्या अब भी हम खामोश रहेंगे? या हम डर के आगे झुकेंगे नहीं और हम अपने शहर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, क्योंकि जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो सबसे मजबूत बुराइयाँ भी हार जाती हैं। रामनवमी की घटनाएँ केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी हैं। अब भी समय है संभलने का, समझने का और बदलाव लाने का। हजारीबाग को बचाना है तो हमें ही आगे आना होगा आज, अभी और एकजुट होकर। कुणाल यादव एक ही नारा सोच हजारीबाग से खत्म हो लॉटरी अफीम ब्राउन का जोरदार विरोध जारी हुआ
हजारीबाग: नशा, लॉटरी और भटकती युवा सोच का बढ़ता संकट हजारीबाग… कभी अपनी शांति, सौहार्द और सुकून भरे माहौल के लिए पहचाना जाने वाला यह शहर आज एक गहरी चिंता के दौर से गुजर रहा है। यहाँ की ठंडी हवाएँ, भाईचारा और सांस्कृतिक गौरव कभी इसकी पहचान हुआ करते थे। खासकर रामनवमी जैसे पर्व, जो पूरे शहर को एक सूत्र में बाँधते थे, आज वही कहीं न कहीं आत्ममंथन का कारण बनते जा रहे हैं। हाल ही में रामनवमी के दौरान जो घटनाएँ सामने आईं, उन्होंने पूरे हजारीबाग को स्तब्ध कर दिया। इन घटनाओं ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है… आज भी रह-रहकर दिल में एक टीस उठती है कि जब हम मर्यादा पुरषोत्तम प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव मना रहे थे उसी वक्त किसी माँ का बेटा मर रहा था, किसी बहन का भाई हमेशा के लिए उससे विदा ले रहा था ,किसी पत्नी का सुहाग उजड़ रहा था।एक तरफ प्रभु श्री राम के जन्म के उत्सव मे सराबोर होकर लोग नाच गा रहे थे तो वहीं उसी जन्मोत्सव मे शामिल होने गये कई युवा के घर मातम मन रहा था। जिस पर्व को हम आस्था, उत्साह और एकता का प्रतीक मानते हैं, उसी के बीच हिंसा और हत्याओं की खबरें सुनना किसी भी संवेदनशील मन के लिए बेहद पीड़ादायक है। इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिल रहा है कि समाज के भीतर कुछ गंभीर रूप से बदल रहा है। जब युवा बिना सोचे-समझे हिंसा का रास्ता अपनाने लगें, तो यह केवल एक घटना नहीं होती यह उस बिगड़ती मानसिक स्थिति का प्रतिबिंब होती है, जो नशे और गलत रास्तों के कारण पैदा हो रही है। यह घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर क्यों हमारे युवा इतना आक्रामक और असंवेदनशील होते जा रहे हैं? क्यों छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और हिंसा हावी हो रही है? पिछले कुछ वर्षों में शहर में एक खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है ब्राउन शुगर का फैलता जाल और अवैध लॉटरी का बढ़ता प्रभाव। ये दोनों मिलकर न केवल सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रहे हैं, बल्कि युवाओं की मानसिक स्थिति को भी गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। युवा किसी भी समाज की नींव होते हैं। लेकिन जब वही युवा नशे और झूठे सपनों के जाल में फँसने लगें, तो समाज की दिशा बदलना तय हो जाता है। ब्राउन शुगर जैसे नशे इंसान की सोचने-समझने की क्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देते हैं। सही और गलत का फर्क धुंधला पड़ जाता है। वहीं लॉटरी, जो आसान पैसे का लालच देती है, युवाओं को मेहनत के रास्ते से हटाकर भ्रम और लालसा के रास्ते पर ले जाती है।जब नशा और लालच मिलते हैं, तो परिणाम केवल व्यक्तिगत नुकसान तक सीमित नहीं रहता यह सामाजिक असंतुलन पैदा करता है। जब किसी युवा की सोच पर नशे का असर हो और वह लॉटरी जैसे भ्रम में उलझा हो, तो उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो जाती है। ऐसी स्थिति में वह जल्दबाजी में फैसले लेता है, गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाता और धीरे-धीरे हिंसा की ओर झुकने लगता है। यही कारण है कि आज समाज में छोटी घटनाएँ भी बड़े विवाद का रूप ले रही हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के कमजोर पड़ने का संकेत है। यह समय केवल चिंता करने का नहीं, बल्कि जागने का है। अगर हम आज भी चुप रहे, तो आने वाला समय और अधिक भयावह हो सकता है।अब समय आ गया है कि हमें मिलकर आगे आना होगा युवाओं को सही दिशा दिखानी होगी नशे और अवैध लॉटरी के खिलाफ आवाज उठानी होगी और सबसे जरूरी, अपने मन से डर को निकालना होगा क्योंकि यही डर इन गलत धंधों को ताकत देता है। हजारीबाग केवल एक शहर नहीं है… यह हमारी पहचान है, हमारे पूर्वजों की आन है, हमारी यादें हैं, हमारे बच्चों का भविष्य है। क्या हम इसे यूँ ही खोते हुए देखते रहेंगे? क्या हम अपने ही शहर को अंधेरे में जाने देंगे? क्या अब भी हम खामोश रहेंगे? या हम डर के आगे झुकेंगे नहीं और हम अपने शहर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, क्योंकि जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो सबसे मजबूत बुराइयाँ भी हार जाती हैं। रामनवमी की घटनाएँ केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी हैं। अब भी समय है संभलने का, समझने का और बदलाव लाने का। हजारीबाग को बचाना है तो हमें ही आगे आना होगा आज, अभी और एकजुट होकर। कुणाल यादव एक ही नारा सोच हजारीबाग से खत्म हो लॉटरी अफीम ब्राउन का जोरदार विरोध जारी हुआ
- हजारीबाग कुद स्थित रामेश्वरम शिव मंदिर में श्री श्री 108 रुद्र यज्ञ सह वार्षिक उत्सव पूजन का शुभारंभ बुधवार से श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हो गया। तीन दिवसीय यह धार्मिक आयोजन 17 अप्रैल तक विधि-विधान के साथ चलेगा। पहले दिन सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों और हर हर महादेव के जयघोष के साथ शोभायात्रा में शामिल हुईं। यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए नदी तट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल संग्रह किया गया। इसके बाद मंदिर में विधिवत कलश स्थापना की गई। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी से आयोजन भव्य रूप लेता नजर आया। आयोजन समिति के अनुसार 16 अप्रैल को देवी-देवताओं का पूजन, गणेश पूजन, महाअभिषेक और भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। 17 अप्रैल को हवन, पूर्णाहुति, कन्या पूजन और भंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।1
- इचाक तीखे मोड़ पर पलटी सवारी गाड़ी, एक की मौत, दो घायल1
- हजारीबाग | उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने आज टाटीझरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कर्मियों, पेयजल विभाग के कनीय अभियंताओं तथा चिकित्सकों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के टीकाकरण से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट की जांच की तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित महिला प्रवेक्षिकाओ के मोबाइल से पोषण ट्रैकर ऐप की जांच करते हुए बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति का सत्यापन किया। इस दौरान कोड़ाइया गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में वास्तविक उपस्थिति से अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए महिला प्रवेक्षिका उर्मिला देवी को स्पष्टीकरण करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को उक्त केंद्र की जांच करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से टाटीझरिया प्रखंड अंतर्गत झरपो एवं टाटीझरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति तथा चिकित्सकों के रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा झरपो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता पर उपायुक्त ने जल्द डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की बात कही। पेयजल समस्या की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला स्तर पर संचालित ‘नीरवीर’ व्हाट्सएप चैट बोर्ड पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम में पेयजल से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। चापानल मरम्मती से संबंधित सभी प्राप्त आवेदनों पर अविलंब कार्रवाई करने तथा शिकायतों का विधिवत संधारण रजिस्टर में करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विशेष रूप से सुदूरवर्ती आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नियमित भ्रमण कर खराब चापाकलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया तथा स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को नियमित रूप नीर चौपाल कार्यक्रम करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने धान अधिप्राप्ति, पैक्सों की स्थिति, फसल बीमा योजना तथा आपूर्ति विभाग द्वारा राशन उठाव से संबंधित कार्यों की समीक्षा की एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने म्यूटेशन मामलों में अस्वीकृति के कारणों, प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया तथा कैश बुक का भी परीक्षण किया। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को सभी योजनाओं की समग्र मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मौके पर अपर समाहर्ता संतोष कुमार मौजूद थे। जिलें के निष्क्रिय चापानल मरम्मती के लिए "नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट" (8757864361) का उपयोग अवश्य करें।1
- जिला निबंधन कार्यालय हजारीबाग का अद्भुत नजारा एक ही समुदाय के दो लोग जमीन विवाद को लेकर आपस में भिड़े यह मामला तब प्रकाश में आया जब जमीन बिकने को लेकर पैसे को लेकर मामला हाथापाही पर उतर आया1
- हजारीबाग/कटकमसांडी: ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बिजली विभाग ने RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत पेलावल क्षेत्र में तीन नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना कर दी है। इस महत्वपूर्ण कार्य को मैट्रिक्स स्मार्ट टेक्नोलॉजी एजेंसी द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इन ट्रांसफार्मरों में से दो गदोखर रोड स्थित—एक चांद बैंक्विट हॉल के समीप और दूसरा आलम फर्नीचर के पास—स्थापित किया गया है, जबकि तीसरा ट्रांसफार्मर पेलावल आजाद नगर नहर के पास लगाया गया है। इस जनहितकारी कार्य का उद्घाटन पेलावल दक्षिणी पंचायत की मुखिया नूरजहां द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने इस पहल का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में बिजली विभाग के अधिकारियों की सक्रिय भूमिका के साथ-साथ मैट्रिक्स कंपनी के असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर राजकुमार यादव की मेहनत और समर्पण की भी जमकर सराहना हुई। उनके कुशल नेतृत्व में यह परियोजना समय पर पूरी हुई, जो विभाग और कंपनी के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पहल से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर व सुचारू बनेगी। लोगों ने विभाग और कंपनी के प्रति आभार जताते हुए इसे विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह पहल न केवल बिजली व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति देगी।4
- #बिहार के 24वें मुख्यमंत्री #सम्राट चौधरी ने ली शपथ बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी बने उपमुख्यमंत्री #viral बिहार लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में माननीय राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने श्री Samrat Choudhary जी को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के साथ ही वरिष्ठ जद (यू) नेता श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जी तथा श्री Vijay Kumar Choudhary जी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री Nitish Kumar जी ने नवनियुक्त मुख्यमंत्री एवं दोनों उपमुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं। इस शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए घटक दलों के वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे। #Bihar #NitishKumar #SamratChoudhary #VijayKumarChaudhary #BijendraPrasadYadav #JDU #JanataDalUnited #NDA #jharkhand #everyonehilights #likesharecomment #bihar #BiharNews #BiharCM #BiharPolitics2
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई, फिर मामला इतना बढ़ गया कि लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह दोनों को अलग कर स्थिति को शांत कराया।1
- चुरचू हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा क्षेत्र के चूरचू प्रखंड अंतर्गत इंदरा पंचायत अवस्थित ग्राम बासाडीह में प्राचीन मंदिर प्रांगण में नवीन दुर्गा मंडप एवं हनुमान मंदिर निर्माण का शिलान्यास सह भूमि पूजन कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों सह ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया। यहां पंहुचने पर सांसद मनीष जायसवाल का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से ढोल-नगाड़े की थाप के साथ गर्मजोशी से फूल माला पहनाकर अभिनंदन किया। भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान यहाँ उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि मंदिर निर्माण केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और आस्था को जीवंत रखना है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण की इस पुनीत घड़ी में हमें यह भी आत्मचिंतन करना होगा कि हमारी आने वाली पीढ़ी इन मंदिरों में सुरक्षित ढंग से अपनी आस्था का पालन कर सके, इसके लिए हम कितने तैयार हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने सनातन धर्म के प्रति वैश्विक षड्यंत्रों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसे कठिन समय में सनातन का ध्वज थामकर इसे मजबूती प्रदान करने के लिए बासाडीह के ग्रामीण साधुवाद के पात्र हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने मंदिर निर्माण समिति को आश्वस्त किया कि इस पावन कार्य में उनका यथासंभव व्यक्तिगत और रचनात्मक सहयोग सदैव बना रहेगा। इसके साथ ही ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने घोषणा की कि चौदह माइल से बासाडीह तक की सड़क निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सड़क निर्माण के इस भरोसे ने ग्रामीणों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। उक्त अवसर पर विशेषरूप से सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, मांडू विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, आजसू जिला अध्यक्ष परमेश्वर महतो, स्थानीय जिला परिषद सदस्य बासुदेव करमाली, चुरचू प्रमुख निरंजन नायक, स्थानीय सांसद प्रतिनिधि फुलेश्वर महतो, इंदरा मुखिया राधिका देवी, पूर्व मुखिया दशरथ महतो, लोकसभा सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, चौधरी प्रसाद साहू, जेएलकेएम नेता संजय महतो, राजकुमार प्रसाद, मथुर महतो, गंगा प्रसाद, संतोष करमाली, भुनेश्वर राम, गोपी प्रसाद, प्रद्युम्न महतो, अनिल साव, विंदु देवी, प्रभु साव, संदीप साव, दिलीप महतो, विजय महतो, गणेश राम, लक्ष्मी साव, विजय करमाली, कैलाश महतो, सुरेश प्रसाद साव, सुरेश महतो, अशोक साव, सुरेश राम, इन्द्र राम, भुनेश्वर गंझू, बद्री प्रसाद, भुलन भुइयां, आरती देवी, पानो देवी, बंगाली करमाली, अमित साव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें।1