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रामगंगा की खूबसूरती से सफारी की भीड़ तक... स्टीफन ऑल्टर ने बताया कॉर्बेट बचाने का रास्ता रामगंगा की खूबसूरती से सफारी की भीड़ तक... स्टीफन ऑल्टर ने बताया कॉर्बेट बचाने का रास्ता रामनगर,कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर ने कॉर्बेट और उत्तराखंड के जंगलों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं,ऑल्टर ने जहां रामगंगा की खूबसूरती को बेमिसाल बताया, वहीं बढ़ते पर्यटन, सफारी में वाहनों की भीड़, मानव-वन्यजीव संघर्ष और जंगलों में बढ़ते कचरे पर चिंता जताई,उन्होंने कहा कि पर्यटन जरूरी है, लेकिन प्रकृति की अपनी एक क्षमता है और उसका सम्मान करना होगा, इसी दौरान उन्होंने जिम कॉर्बेट की चर्चित किताब Man-Eaters of Kumaon से लेकर कॉर्बेट के भारत छोड़कर केन्या जाने तक की कहानी पर भी अपनी बात रखी. कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल... जहां किताबों के पन्नों से निकलकर कॉर्बेट का जंगल, उसका इतिहास और वन्यजीव संरक्षण सीधे संवाद का हिस्सा बना,प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर ने कहा कि जिम कॉर्बेट की किताब Man-Eaters of Kumaon आज भी लोगों को जंगल और वन्यजीवों से जोड़ने का काम कर रही है, 1940 के दशक में प्रकाशित यह किताब दशकों बाद भी पढ़ी जा रही है और इसकी लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं,प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर=ने कहाँ किताब सिर्फ रोमांच और शिकार की कहानियां नहीं है। इसके भीतर जंगल, बाघ और वन्यजीव संरक्षण की समझ भी छिपी है. उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में जब उन्होंने पहली बार यह किताब पढ़ी, तब उन्हें इसमें शिकार और रोमांच ज्यादा आकर्षित करता था, लेकिन आज उसी किताब को देखने पर उसमें छिपा संरक्षण का संदेश ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई देता है. और यही बात आज के कॉर्बेट से भी जुड़ती है,ऑल्टर ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए पर्यटन जरूरी है, लेकिन पर्यटन की भी एक प्राकृतिक सीमा होनी चाहिए,किसी बाघ या दूसरे वन्यजीव के दिखाई देते ही उसके पीछे 10-20 सफारी गाड़ियों का पहुंच जाना न तो वन्यजीव के लिए उचित है और न ही पर्यटकों के अनुभव के लिए. उन्होंने गुजरात के गीर फॉरेस्ट का उदाहरण देते हुए सफारी के लिए निर्धारित रूट सिस्टम की जरूरत बताई,उनका कहना था कि यदि पर्यटक को किसी वन्यजीव को अपेक्षाकृत शांत माहौल में देखने का अवसर मिले तो अनुभव कहीं बेहतर होगा, लेकिन जब एक जानवर के आसपास वाहनों और पर्यटकों की भीड़ जमा हो जाती है तो वन्यजीव दर्शन एक तमाशे में बदलने लगता है. स्टीफन ऑल्टर ने उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन को लेकर भी अपनी चिंता साझा की,उन्होंने बद्रीनाथ और गंगोत्री जैसे धार्मिक स्थलों से लेकर नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व तक... हर जगह पर्यटकों की संख्या वहां की क्षमता के मुताबिक तय करने की जरूरत बताई. मसूरी और नैनीताल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हाल में छुट्टियों के दौरान 15 मिनट का सफर तय करने में उन्हें चार घंटे लग गए,यानी पर्यटन बढ़े... लेकिन इतना नहीं कि पर्यटक मंजिल से ज्यादा रास्ते में ही फंस जाए. लेकिन स्टीफन ऑल्टर के लिए कॉर्बेट सिर्फ जंगल और पर्यटन नहीं है,उन्होंने रामगंगा नदी और रामगंगा वैली की खूबसूरती का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह का प्राकृतिक सौंदर्य उन्हें देश में कहीं और नजर नहीं आता. वर्ष 1965 से इस इलाके को देखते आ रहे ऑल्टर ने कहा कि उस समय यहां बहुत कम लोग आते थे। जंगल शांत था... और आज पर्यटन बढ़ने के बावजूद रामगंगा और कॉर्बेट लैंडस्केप की खूबसूरती को बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है. इसके लिए सरकार ही नहीं... पर्यटन उद्योग और आम लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। ऑल्टर ने जंगलों और नदियों में फेंके जा रहे प्लास्टिक और कचरे पर भी नाराजगी जताई,उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी से सड़क या जंगल में कचरा फेंकने की आदत सिर्फ एक व्यक्ति की लापरवाही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी गैर-जिम्मेदारी है. अब सवाल है अगर जंगल और नदी ही कूड़ेदान बन गए... तो फिर हम किस प्रकृति को देखने के लिए पर्यटन कर रहे हैं? इसी कॉर्बेट के इतिहास से जुड़ा एक और सवाल स्टीफन ऑल्टर की लेखनी का विषय बना। जिम कॉर्बेट भारत में पैदा हुए... कुमाऊं की धरती, जंगलों और यहां के लोगों से उनका गहरा रिश्ता रहा। लेकिन 1947 में वे भारत छोड़कर केन्या क्यों चले गए? ऑल्टर ने कॉर्बेट के जीवन के इसी अनछुए सवाल को अपनी रचनात्मकता का हिस्सा बनाया,उनकी किताब The Corbett Papers, जिसे उन्होंने अक्षय शाह के साथ संपादित किया, में कॉर्बेट की वसीयत, ऐतिहासिक दस्तावेज और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं. वहीं कॉर्बेट के जीवन के उन हिस्सों को समझने के लिए, जहां ऐतिहासिक दस्तावेज कम हैं, ऑल्टर ने फिक्शन का सहारा लिया. कॉर्बेट का नैनीताल का बचपन... जंगल और प्राकृतिक इतिहास के प्रति उनका आकर्षण... परिवार से उनका रिश्ता... और भारत छोड़ने का फैसला—इन सबको उन्होंने कल्पनात्मक नजरिए से देखने की कोशिश की. कॉर्बेट ने शादी क्यों नहीं की? इस सवाल पर भी ऑल्टर ने उनकी मां और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को एक महत्वपूर्ण पहलू बताया। और दिलचस्प बात यह कि किताब प्रकाशित होने के बाद एक समीक्षक ने ऑल्टर की पूरी तरह काल्पनिक कहानी को कॉर्बेट की वास्तविक कहानी समझ लिया. कॉर्बेट की कहानी सिर्फ एक शिकारी की कहानी नहीं है... और न ही कॉर्बेट सिर्फ एक पर्यटन स्थल है। स्टीफन ऑल्टर का संदेश साफ है—अगर रामगंगा की खूबसूरती, जंगल की खामोशी और वन्यजीवों की दुनिया को आने वाली पीढ़ियों तक बचाना है, तो पर्यटन भी प्रकृति की क्षमता के मुताबिक होना चाहिए, शायद यही कॉर्बेट की किताबों और आज के कॉर्बेट के बीच सबसे बड़ा संबंध भी है.

1 day ago
user_UP NEWS 18 BHARAT
UP NEWS 18 BHARAT
Journalist patrakaar बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

रामगंगा की खूबसूरती से सफारी की भीड़ तक... स्टीफन ऑल्टर ने बताया कॉर्बेट बचाने का रास्ता रामगंगा की खूबसूरती से सफारी की भीड़ तक... स्टीफन ऑल्टर ने बताया कॉर्बेट बचाने का रास्ता रामनगर,कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर ने कॉर्बेट और उत्तराखंड के जंगलों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं,ऑल्टर ने जहां रामगंगा की खूबसूरती को बेमिसाल बताया, वहीं बढ़ते पर्यटन, सफारी में वाहनों की भीड़, मानव-वन्यजीव संघर्ष और जंगलों में बढ़ते कचरे पर चिंता जताई,उन्होंने कहा कि पर्यटन जरूरी है, लेकिन प्रकृति की अपनी एक क्षमता है और उसका सम्मान करना होगा, इसी दौरान उन्होंने जिम कॉर्बेट की चर्चित किताब Man-Eaters of Kumaon से लेकर कॉर्बेट के भारत छोड़कर केन्या जाने तक की कहानी पर भी अपनी बात रखी. कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल... जहां किताबों के पन्नों से निकलकर कॉर्बेट का जंगल, उसका इतिहास और वन्यजीव संरक्षण सीधे संवाद का हिस्सा बना,प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर ने कहा कि जिम कॉर्बेट की किताब Man-Eaters of Kumaon आज भी लोगों को जंगल और वन्यजीवों से जोड़ने का काम कर रही है, 1940 के दशक में प्रकाशित यह किताब दशकों बाद भी पढ़ी जा रही है और इसकी लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं,प्रसिद्ध लेखक स्टीफन ऑल्टर=ने कहाँ किताब सिर्फ रोमांच और शिकार की कहानियां नहीं है। इसके भीतर जंगल, बाघ और वन्यजीव संरक्षण की समझ भी छिपी है. उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में जब उन्होंने पहली बार यह किताब पढ़ी, तब उन्हें इसमें शिकार और रोमांच ज्यादा आकर्षित करता था, लेकिन आज उसी किताब को देखने पर उसमें छिपा संरक्षण का संदेश ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई देता है. और यही बात आज के कॉर्बेट से भी जुड़ती है,ऑल्टर ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए पर्यटन जरूरी है, लेकिन पर्यटन की भी एक प्राकृतिक सीमा होनी चाहिए,किसी बाघ या दूसरे वन्यजीव के दिखाई देते ही उसके पीछे 10-20 सफारी गाड़ियों का पहुंच जाना न तो वन्यजीव के लिए उचित है और न ही पर्यटकों के अनुभव के लिए. उन्होंने गुजरात के गीर फॉरेस्ट का उदाहरण देते हुए सफारी के लिए निर्धारित रूट सिस्टम की जरूरत बताई,उनका कहना था कि यदि पर्यटक को किसी वन्यजीव को अपेक्षाकृत शांत माहौल में देखने का अवसर मिले तो अनुभव कहीं बेहतर होगा, लेकिन जब एक जानवर के आसपास वाहनों और पर्यटकों की भीड़ जमा हो जाती है तो वन्यजीव दर्शन एक तमाशे में बदलने लगता है. स्टीफन ऑल्टर ने उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन को लेकर भी अपनी चिंता साझा की,उन्होंने बद्रीनाथ और गंगोत्री जैसे धार्मिक स्थलों से लेकर नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व तक... हर जगह पर्यटकों की संख्या वहां की क्षमता के मुताबिक तय करने की जरूरत बताई. मसूरी और नैनीताल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हाल में छुट्टियों के दौरान 15 मिनट का सफर तय करने में उन्हें चार घंटे लग गए,यानी पर्यटन बढ़े... लेकिन इतना नहीं कि पर्यटक मंजिल से ज्यादा रास्ते में ही फंस जाए. लेकिन स्टीफन ऑल्टर के लिए कॉर्बेट सिर्फ जंगल और पर्यटन नहीं है,उन्होंने रामगंगा नदी और रामगंगा वैली की खूबसूरती का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह का प्राकृतिक सौंदर्य उन्हें देश में कहीं और नजर नहीं आता. वर्ष 1965 से इस इलाके को देखते आ रहे ऑल्टर ने कहा कि उस समय यहां बहुत कम लोग आते थे। जंगल शांत था... और आज पर्यटन बढ़ने के बावजूद रामगंगा और कॉर्बेट लैंडस्केप की खूबसूरती को बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है. इसके लिए सरकार ही नहीं... पर्यटन उद्योग और आम लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। ऑल्टर ने जंगलों और नदियों में फेंके जा रहे प्लास्टिक और कचरे पर भी नाराजगी जताई,उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी से सड़क या जंगल में कचरा फेंकने की आदत सिर्फ एक व्यक्ति की लापरवाही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी गैर-जिम्मेदारी है. अब सवाल है अगर जंगल और नदी ही कूड़ेदान बन गए... तो फिर हम किस प्रकृति को देखने के लिए पर्यटन कर रहे हैं? इसी कॉर्बेट के इतिहास से जुड़ा एक और सवाल स्टीफन ऑल्टर की लेखनी का विषय बना। जिम कॉर्बेट भारत में पैदा हुए... कुमाऊं की धरती, जंगलों और यहां के लोगों से उनका गहरा रिश्ता रहा। लेकिन 1947 में वे भारत छोड़कर केन्या क्यों चले गए? ऑल्टर ने कॉर्बेट के जीवन के इसी अनछुए सवाल को अपनी रचनात्मकता का हिस्सा बनाया,उनकी किताब The Corbett Papers, जिसे उन्होंने अक्षय शाह के साथ संपादित किया, में कॉर्बेट की वसीयत, ऐतिहासिक दस्तावेज और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं. वहीं कॉर्बेट के जीवन के उन हिस्सों को समझने के लिए, जहां ऐतिहासिक दस्तावेज कम हैं, ऑल्टर ने फिक्शन का सहारा लिया. कॉर्बेट का नैनीताल का बचपन... जंगल और प्राकृतिक इतिहास के प्रति उनका आकर्षण... परिवार से उनका रिश्ता... और भारत छोड़ने का फैसला—इन सबको उन्होंने कल्पनात्मक नजरिए से देखने की कोशिश की. कॉर्बेट ने शादी क्यों नहीं की? इस सवाल पर भी ऑल्टर ने उनकी मां और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को एक महत्वपूर्ण पहलू बताया। और दिलचस्प बात यह कि किताब प्रकाशित होने के बाद एक समीक्षक ने ऑल्टर की पूरी तरह काल्पनिक कहानी को कॉर्बेट की वास्तविक कहानी समझ लिया. कॉर्बेट की कहानी सिर्फ एक शिकारी की कहानी नहीं है... और न ही कॉर्बेट सिर्फ एक पर्यटन स्थल है। स्टीफन ऑल्टर का संदेश साफ है—अगर रामगंगा की खूबसूरती, जंगल की खामोशी और वन्यजीवों की दुनिया को आने वाली पीढ़ियों तक बचाना है, तो पर्यटन भी प्रकृति की क्षमता के मुताबिक होना चाहिए, शायद यही कॉर्बेट की किताबों और आज के कॉर्बेट के बीच सबसे बड़ा संबंध भी है.

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    बरेली -अपने जीवन को उत्सव की तरह जियों, ताकि जीवन में हमेशा ताजगी बनी रहे-- सुधांशु जी महाराज
मनोहर भूषण इंटर कालेज के तत्वावधान में बिश्व जागृत मिशन के अन्तर्गत चल रहें, सत्संग के तीसरे दिन साय: कालीन सत्र में  सुधांशु जी महाराज जी ने अपने श्री मुख से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि, हमें अपने जीवन को उत्सव की तरह जीना चाहिए, ताकि हमारे जीवन में किसी प्रकार की निराशा, उदासी हावी ना हो, हमारी भारतीय संस्कृति में रोजाना कोई ना कोई त्योहार रहता है.
इसका कारण जानते हैं, हमारे बुजुर्गों ने बहुत सोच समझकर इस तरह की परंपरा रखी है, ताकि इतने लंबे जीवन में हमें अपने जीवन के प्रति आकर्षण कम ना हो, इन त्योहारों के बहाने हमारे अंदर हमेशा एक ताजगी, एक नयापन, एक सुंदरता बनी रहें, इसके लिए उन्होंने त्योहारों की परंपरा डाली, इन त्योहारों के बहाने हम रोजाना कोई ना कोई काम करते रहते हैं, खुद भी हंसते गाते हैं और दूसरों को भी प्रसन्न रखते हैं, इन त्योहारों के कारण लोगों को रोजी- रोजगार के नए अवसर प्राप्त होते रहते हैं, लोगों को काम मिलता है.
परम पूज्य गुरुदेव सुधांशु जी महाराज ने कहा, जीवन कि, जब विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में आपका हौसला बना रहें, आपकी हिम्मत बनी रहें, आपका विश्वास बना रहे तो, समझ लीजिए कहीं ना कहीं आप ऊपर आपके गुरु की कृपा बनी हुई है, गुरु साक्षात ईश्वर का प्रतिनिधि बनकर आपका हर परिस्थिति में ध्यान रखते हैं, इसीलिए हमारे यहां गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा प्राप्त है, इसीलिए कहा गया है, अगर हम अपनी पूजा में ईश्वर का ध्यान एक बार ना करें और गुरु का ध्यान कर लें, तब भी पूजा पूर्ण मानी जाती है. क्योंकि गुरु भी ईश्वर की तरह त्रिकालदर्शी और संपूर्ण है.
संपूर्ण भाव से, पूरी श्रद्धा के साथ उस प्यारे ईश्वर कि, शरण में जाओ, उसकी कृपा से परम शांति को और शाश्वत धाम को तुम प्राप्त कर पाओगे, यह भगवान ने निर्देश दिया है तो, तुम सच्चें से ह्रदय से ईश्वर की शरण में जाओ, पहला संदेश तो यही है, दूसरा संदेश है कि, उसकी कृपा से वह सब मिलेगा, जिसकी तुम्हें तलाश है, परम धाम कि, परम शान्ति कि, सभी प्रकार के भौतिक सुखों कि, और अंत में मोक्ष कि, हम उस मंजिल को पाना चाहते हैं, जिसको पाने के बाद किसी अन्य मंजिल को पाने कि, तलाश ना रहे, उस प्रेम को पाना चाहते हैं, जिसके बाद फिर किसी प्रेम की आवश्यकता ना रहे. भगवान कि, ऐसी साधना करो कि, जीवन सत्यम शिवम सुंदरम कि, तरह सुंदर और आनंददायक हो जाए.
इससे पूर्व महाराज जी की सुपुत्री डॉक्टर अर्चिका सुधांशु ने कहा, जब हम सत्संग सुनते हैं, अर्थात सत्य का संग करते हैं, तब हमारी विचारधारा बदलती है, हमारा मन बदलता है, जब हमारा मन बदलता है, तभी एक नए युग का एक नए समाज का निर्माण होता है, और सत्संग सुनने और अच्छी किताबें पढ़ने से हमारा डिप्रेशन दूर होता है, चिंताएं दूर होती हैं, मन हर्षित और प्रफुलित होता है, इसलिए हमें हमेशा अच्छे लोगों का संग करना चाहिए. 
कार्यक्रम के शुभारंभ में महाराज जी का स्वागत करने बालों में अशोक अग्रवाल, श्री अशोक गोयल, सुधीर अग्रवाल सोमेश बाष्णेय, डॉ. भारत कालरा, राजकुमार अग्रवाल, गिरधर गोपाल खंडेलवाल आदि लोग रहें, इसके अतिरिक्त बरेली मंडल के प्रधान देवेंद्र खंडेलवाल, महामंत्री पवन अरोड़ा, नरेंद्र नाथ खुराना, संदीप मेहरा,संजय गर्ग, अनिल कुमार श्रीवास्तव, वेद प्रकाश गंगवार, जगदीश बहादुर, छत्रपाल सिंह, राजीव शर्मा, खेमकरण गंगवार, प्रमोद माहेश्वरी, जगदीश माहेश्वरी, अशोक कुमार अग्निहोत्री, रेखा मेहरा, मंजू गोयल, रितेश गुप्ता, प्रमोद अरोड़ा, सुधा अग्रवाल, कुसुम खंडेलवाल आदि लोगों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
    user_Press reporter
    Press reporter
    Bareilly, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • बरेली। दि0 09.10.26 को आंवला-बदांयू मार्ग ग्राम सिकरोड़ा भट्टे के पास गौकशी की घटना में सम्मिलित 02 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अवैध असलाह, कारतूस, गाड़ी व गौकशी के बरेली। दि0 09.10.26 को आंवला-बदांयू मार्ग ग्राम सिकरोड़ा भट्टे के पास गौकशी की घटना में सम्मिलित 02 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अवैध असलाह, कारतूस, गाड़ी व गौकशी के उपकरण आदि बरामदगी के सम्बन्ध में जानकारी देते क्षेत्राधिकारी आंवला।
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    बरेली। दि0 09.10.26 को आंवला-बदांयू मार्ग ग्राम सिकरोड़ा भट्टे के पास गौकशी की घटना में सम्मिलित 02 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अवैध असलाह, कारतूस, गाड़ी व गौकशी के
बरेली। दि0 09.10.26 को आंवला-बदांयू मार्ग ग्राम सिकरोड़ा भट्टे के पास गौकशी की घटना में सम्मिलित 02 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अवैध असलाह, कारतूस, गाड़ी व गौकशी के उपकरण आदि बरामदगी के सम्बन्ध में जानकारी देते क्षेत्राधिकारी आंवला।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • तीन तलाक का सनसनीखेज मामला पति ने भाइयों के कहने पर पत्नी को दिया तलाक तीन तलाक का सनसनीखेज मामला, पति ने भाइयों के कहने पर पत्नी को दिया तलाक, गला दबाकर मारने का प्रयास, पीड़िता ने 112 पर कॉल कर बचाई जान। बरेली। थाना किला क्षेत्र के स्वाले नगर में तीन तलाक और दहेज उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई है। प्रार्थी अमीर हुसैन पुत्र मोहम्मदीन, मूल निवासी वैलकम सीलमपुर उत्तर पूर्वी दिल्ली, हाल निवासी स्वाले नगर थाना किला जिला बरेली ने बताया कि उसने अपनी पुत्री रुखसार का विवाह लगभग 13 वर्ष पूर्व इरफान पुत्र इशाक के साथ किया था। शादी के बाद से पुत्री के दो बच्चे हैं। आरोप है कि देवर रिजवान, राजा और ननद आसमा लगातार उसके पति पर दूसरी शादी करने का दबाव बना रहे थे। जब रुखसार इसका विरोध करती थी तो उक्त लोग उसके साथ मारपीट करते थे। दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को हद हो गई। आरोप है कि देवर रिजवान, राजा और ननद आसमा ने उसके पति से कहा कि इसको तू तीन तलाक दे दे, हम तेरी दूसरी जगह अच्छी शादी करा देंगे। इसके बाद पति इरफान ने रुखसार को तीन तलाक दे दिया। विरोध करने पर सभी ने एक राय होकर बुरी तरह मारपीट की। देवर रिजवान ने गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। पीड़िता ने अपने दो बच्चों का हवाला देकर जान की भीख मांगी तो आरोपियों ने कहा कि तू अब हमारी नौकरानी बनकर रहेगी, अगर कहीं मुंह खोला तो तुझे जान से मार देंगे और उसे कमरे में बंद करके सभी लोग चले गए। बताया गया कि पीड़िता ने जैसे तैसे 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ही पीड़िता को कमरे से बाहर निकाला। सूचना पर जब पिता मौके पर पहुंचा तो पति इरफान, देवर रिजवान और राजा ने उसे धमकी दी कि तू यहां से चुपचाप चला जा वरना तुझे जान से मारकर फेंक देंगे। दबंग लोगों के डर से पिता सहम गया और वापस आ गया। प्रार्थी का कहना है कि उक्त लोगों ने उसकी पुत्री को तीन तलाक देकर जान से मारने का प्रयास किया है और अब उसको बंधक बनाकर रखा हुआ है। उसे डर है कि उक्त लोग उसकी पुत्री को जान से मार देंगे। उक्त लोग बेहद दबंग और शातिर किस्म के व्यक्ति हैं। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से उक्त लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और पुत्री को अवैध बंधन से मुक्त कराने की मांग की है।
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    तीन तलाक  का सनसनीखेज  मामला पति ने भाइयों के कहने पर पत्नी को दिया तलाक 
तीन तलाक का सनसनीखेज मामला, पति ने भाइयों के कहने पर पत्नी को दिया तलाक, गला दबाकर मारने का प्रयास, पीड़िता ने 112 पर कॉल कर बचाई जान।
बरेली। थाना किला क्षेत्र के स्वाले नगर में तीन तलाक और दहेज उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई है।
प्रार्थी अमीर हुसैन पुत्र मोहम्मदीन, मूल निवासी वैलकम सीलमपुर उत्तर पूर्वी दिल्ली, हाल निवासी स्वाले नगर थाना किला जिला बरेली ने बताया कि उसने अपनी पुत्री रुखसार का विवाह लगभग 13 वर्ष पूर्व इरफान पुत्र इशाक के साथ किया था। शादी के बाद से पुत्री के दो बच्चे हैं।
आरोप है कि देवर रिजवान, राजा और ननद आसमा लगातार उसके पति पर दूसरी शादी करने का दबाव बना रहे थे। जब रुखसार इसका विरोध करती थी तो उक्त लोग उसके साथ मारपीट करते थे।
दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को हद हो गई। आरोप है कि देवर रिजवान, राजा और ननद आसमा ने उसके पति से कहा कि इसको तू तीन तलाक दे दे, हम तेरी दूसरी जगह अच्छी शादी करा देंगे। इसके बाद पति इरफान ने रुखसार को तीन तलाक दे दिया। विरोध करने पर सभी ने एक राय होकर बुरी तरह मारपीट की। देवर रिजवान ने गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया।
पीड़िता ने अपने दो बच्चों का हवाला देकर जान की भीख मांगी तो आरोपियों ने कहा कि तू अब हमारी नौकरानी बनकर रहेगी, अगर कहीं मुंह खोला तो तुझे जान से मार देंगे और उसे कमरे में बंद करके सभी लोग चले गए।
बताया गया कि पीड़िता ने जैसे तैसे 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ही पीड़िता को कमरे से बाहर निकाला। सूचना पर जब पिता मौके पर पहुंचा तो पति इरफान, देवर रिजवान और राजा ने उसे धमकी दी कि तू यहां से चुपचाप चला जा वरना तुझे जान से मारकर फेंक देंगे। दबंग लोगों के डर से पिता सहम गया और वापस आ गया।
प्रार्थी का कहना है कि उक्त लोगों ने उसकी पुत्री को तीन तलाक देकर जान से मारने का प्रयास किया है और अब उसको बंधक बनाकर रखा हुआ है। उसे डर है कि उक्त लोग उसकी पुत्री को जान से मार देंगे। उक्त लोग बेहद दबंग और शातिर किस्म के व्यक्ति हैं।
पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से उक्त लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और पुत्री को अवैध बंधन से मुक्त कराने की मांग की है।
    user_मोहित अवस्थी
    मोहित अवस्थी
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बरामद मोबाइल फोनअनुमानित कीमतकरीब 82लख रुपए हैपुलिस लाइन मेंएसपी साउथ अशिका वर्मा ने उनके असली मालिको को मोबाइल फोन सौपे गये रिपोर्टर डी.पी साहू आवाज न्यूज24 x बरेली उत्तर प्रदेश
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    बरामद मोबाइल फोनअनुमानित कीमतकरीब 82लख रुपए हैपुलिस लाइन मेंएसपी साउथ अशिका वर्मा ने उनके असली मालिको को मोबाइल फोन सौपे गये रिपोर्टर डी.पी साहू आवाज न्यूज24 x बरेली उत्तर प्रदेश
    user_द्वारिका प्रसाद साहू
    द्वारिका प्रसाद साहू
    Farmer बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Bareilly Doctor Anish veg janmdin samaroh IMA hall Bareilly/ 🎂 Anish veg Bareilly Uttar Pradesh janamdin mubarak ho/ Janmdin ki khushiyan is tarah aaiae jaane/ Janmdin ki khushiyan tofha btaor/ pretbaras yon hi barkrar bani rahe/ Bareilly Ke jansevak ka jasan/ Bareilly Doctor Anish veg janmdin samaroh IMA hall Bareilly/ 🎂 Anish veg Bareilly Uttar Pradesh janamdin mubarak ho/ Janmdin ki khushiyan is tarah aaiae jaane/ Janmdin ki khushiyan tofha btaor/ pretbaras yon hi barkrar bani rahe/ Bareilly Ke jansevak ka jasan/
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    Bareilly Doctor Anish veg janmdin samaroh IMA hall Bareilly/
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Bareilly Ke jansevak ka jasan/

Bareilly Doctor Anish veg janmdin samaroh IMA hall Bareilly/
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Janmdin ki khushiyan tofha btaor/
pretbaras yon hi barkrar bani rahe/
Bareilly Ke jansevak ka jasan/
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • इटावा के सरकारी स्कूल में सिर मुंडवाकर पहुंचे चौथी कक्षा के छात्र के सिर को हेड मास्टर ने तबले की तरह बजाया। क्लासरूम में बच्चों के सामने उसका मजाक उड़ाते हुए ठहाके लगाते रहे। इस दौरान दूसरे बच्चे भी हंसते रहे। गुरुवार को वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी हेड मास्टर को सस्पेंड इटावा के सरकारी स्कूल में सिर मुंडवाकर पहुंचे चौथी कक्षा के छात्र के सिर को हेड मास्टर ने तबले की तरह बजाया। क्लासरूम में बच्चों के सामने उसका मजाक उड़ाते हुए ठहाके लगाते रहे। इस दौरान दूसरे बच्चे भी हंसते रहे। गुरुवार को वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी हेड मास्टर को सस्पेंड
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    इटावा के सरकारी स्कूल में सिर मुंडवाकर पहुंचे चौथी कक्षा के छात्र के सिर को हेड मास्टर ने तबले की तरह बजाया। क्लासरूम में बच्चों के सामने उसका मजाक उड़ाते हुए ठहाके लगाते रहे। इस दौरान दूसरे बच्चे भी हंसते रहे। गुरुवार को वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी हेड मास्टर को सस्पेंड 
इटावा के सरकारी स्कूल में सिर मुंडवाकर पहुंचे चौथी कक्षा के छात्र के सिर को हेड मास्टर ने तबले की तरह बजाया। क्लासरूम में बच्चों के सामने उसका मजाक उड़ाते हुए ठहाके लगाते रहे। इस दौरान दूसरे बच्चे भी हंसते रहे। गुरुवार को वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी हेड मास्टर को सस्पेंड
    user_Sumit Awasthi पत्रकार
    Sumit Awasthi पत्रकार
    Local News Reporter फरीदपुर, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आंवला-बदायूं मार्ग पर गौकशी की सूचना से मचा हड़कंप, मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी घायल बरेली। आंवला-बदायूं मार्ग पर ग्राम सिकरौड़ा भट्टे के पास गौवंशीय पशु के वध की सूचना पर पहुंची आंवला पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दो आरोपी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अवैध असलहे, कारतूस, गौकशी के उपकरण और एक सफारी गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को ग्राम आसपुर निवासी श्री गणेशन गिरि की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ गौवंशीय पशु का वध करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम कन्नागांव के जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध सफारी गाड़ी को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैदर अली निवासी मियां कॉलोनी, थाना मझोला, जनपद मुरादाबाद और शाहखुर्श निवासी ग्राम दारापुर, थाना असमोली, जनपद संभल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर गौवंशीय पशु का वध करने और मांस को गाड़ी में भरकर दूसरे शहरों में बेचने की तैयारी करने की बात स्वीकार की। मुठभेड़ के दौरान पुलिसकर्मी संदीप कुमार और सुमित कुमार भी गोली लगने से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 520/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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    आंवला-बदायूं मार्ग पर गौकशी की सूचना से मचा हड़कंप, मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी घायल
बरेली। आंवला-बदायूं मार्ग पर ग्राम सिकरौड़ा भट्टे के पास गौवंशीय पशु के वध की सूचना पर पहुंची आंवला पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दो आरोपी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अवैध असलहे, कारतूस, गौकशी के उपकरण और एक सफारी गाड़ी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को ग्राम आसपुर निवासी श्री गणेशन गिरि की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ गौवंशीय पशु का वध करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम कन्नागांव के जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध सफारी गाड़ी को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैदर अली निवासी मियां कॉलोनी, थाना मझोला, जनपद मुरादाबाद और शाहखुर्श निवासी ग्राम दारापुर, थाना असमोली, जनपद संभल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर गौवंशीय पशु का वध करने और मांस को गाड़ी में भरकर दूसरे शहरों में बेचने की तैयारी करने की बात स्वीकार की।
मुठभेड़ के दौरान पुलिसकर्मी संदीप कुमार और सुमित कुमार भी गोली लगने से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 520/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
    user_SURAJ SAGAR
    SURAJ SAGAR
    Local News Reporter आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, उत्तराखंड में रहकर देते थे वारदात को अंजाम भैरपुरा बाजार से चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद, भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, उत्तराखंड में रहकर देते थे वारदात को अंजाम भैरपुरा बाजार से चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद, भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई बरेली। भोजीपुरा थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में रह रहे थे। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, थाना देवरनियां क्षेत्र के ग्राम चंदिया निवासी महेश कुमार पुत्र राजेंद्र पाल ने 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई हरवेश कुमार के नाम पंजीकृत काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या UP25CE3954 भैरपुरा बाजार से चोरी हो गई थी। तहरीर के आधार पर भोजीपुरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 807/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले के खुलासे के लिए थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम गश्त और अपराधियों की रोकथाम के दौरान मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने आयुष पुत्र बबलू निवासी ग्राम खमरिया गोपडांडी, थाना देवरनियां, बरेली, हाल निवासी किच्छा, जिला ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड और गोपाल पुत्र दिल्लीधर निवासी ग्राम कलारा, थाना भोजीपुरा, बरेली, हाल निवासी किच्छा, जिला ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों और सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों के लॉक तोड़कर चोरी करते थे। चोरी की गई बाइकों को कम कीमत पर बेचकर मिलने वाली रकम आपस में बांट लेते थे। हालांकि, आरोपियों के इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक तनवीश कुमार, कांस्टेबल इरशाद, कांस्टेबल नवीन कुमार और रिजर्व कांस्टेबल पारस जैन शामिल रहे।
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    चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, उत्तराखंड में रहकर देते थे वारदात को अंजाम

भैरपुरा बाजार से चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद, भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई

चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, उत्तराखंड में रहकर देते थे वारदात को अंजाम
भैरपुरा बाजार से चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद, भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई
बरेली। भोजीपुरा थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में रह रहे थे। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, थाना देवरनियां क्षेत्र के ग्राम चंदिया निवासी महेश कुमार पुत्र राजेंद्र पाल ने 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई हरवेश कुमार के नाम पंजीकृत काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या UP25CE3954 भैरपुरा बाजार से चोरी हो गई थी। तहरीर के आधार पर भोजीपुरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 807/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले के खुलासे के लिए थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम गश्त और अपराधियों की रोकथाम के दौरान मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने आयुष पुत्र बबलू निवासी ग्राम खमरिया गोपडांडी, थाना देवरनियां, बरेली, हाल निवासी किच्छा, जिला ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड और गोपाल पुत्र दिल्लीधर निवासी ग्राम कलारा, थाना भोजीपुरा, बरेली, हाल निवासी किच्छा, जिला ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों और सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों के लॉक तोड़कर चोरी करते थे। चोरी की गई बाइकों को कम कीमत पर बेचकर मिलने वाली रकम आपस में बांट लेते थे। हालांकि, आरोपियों के इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक तनवीश कुमार, कांस्टेबल इरशाद, कांस्टेबल नवीन कुमार और रिजर्व कांस्टेबल पारस जैन शामिल रहे।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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