बिलहरी में कब्रों पर चला बुलडोज़र: संवाददाता बाल किशन नामदेव क्या माफिया से हार गया कटनी का तंत्र? कटनी (मध्यप्रदेश)। पुरातात्विक पहचान रखने वाली नगरी बिलहरी एक बार फिर सुर्खियों में है—लेकिन इस बार इतिहास के गौरव के लिए नहीं, बल्कि इतिहास को मिटाने की शर्मनाक घटना के लिए। आरोप है कि अवैध खनन के लालच में मुक्तिधाम और कब्रिस्तान की जमीन पर जेसीबी चलाकर कब्रें खोद दी गईं। परिणामस्वरूप, पुरखों के कंकाल और अस्थियाँ खुले में बिखरी मिलीं। ग्रामीणों का कहना है—“यह सिर्फ अवैध खनन नहीं, यह हमारी आस्था और अस्मिता पर सीधा हमला है।” 🔎 मामला क्या है? स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन माफिया विनोद शंकर शर्मा पर आरोप है कि उसने सरकारी जमीन, खेल मैदान और सार्वजनिक मुक्तिधाम तक को नहीं छोड़ा। मिट्टी निकालने के लिए भारी मशीनें लगाई गईं और खुदाई के दौरान कब्रों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का दावा है कि जब खुदाई के दौरान मानव अवशेष बाहर आने लगे, तब भी मशीनें नहीं रोकी गईं। ⚖ प्रशासनिक भूमिका पर सवाल ग्रामीणों ने सीधे तौर पर राजस्व और पुलिस अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं: पटवारी और आरआई की चुप्पी: महीनों से चल रहे उत्खनन की भनक तक नहीं लगना क्या संभव है? बीट पुलिस की निष्क्रियता: क्षेत्र में भारी मशीनें चलती रहीं, फिर भी “कोई सूचना नहीं” – यह दावा संदेह पैदा करता है। तहसील स्तर पर टालमटोल: ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी केवल आश्वासन मिला, ठोस कार्रवाई नहीं। अब शिकायत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुकी है। 🕯 आस्था बनाम अवैध खनन बिलहरी केवल एक बस्ती नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाला क्षेत्र है। यहां की जमीन में इतिहास दफ्न है—और अब आरोप है कि उसी इतिहास को लालच की जेसीबी रौंद रही है। ग्रामीणों के शब्दों में: “हमारे पूर्वजों की अस्थियाँ सड़क पर बिखरी हैं और अधिकारी फाइलों में उलझे हैं।” 🚧 7 दिन का अल्टीमेटम ग्रामीणों—मनोज कुमार, संजय चक्रवर्ती, रमेश चक्रवर्ती सहित अन्य लोगों—ने प्रशासन को 7 दिन का समय दिया है। मांगें स्पष्ट हैं: दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो अवैध खनन में लगी जेसीबी मशीन जब्त हो संबंधित राजस्व और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो अन्यथा, बिलहरी और आसपास के गांवों में चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ❓ सबसे बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन माफिया के दबाव में है? क्या आस्था की रक्षा के लिए अब जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा? या फिर आने वाले दिनों में प्रशासन अपनी सख्ती दिखाएगा? बिलहरी की यह घटना केवल एक गांव का मामला नहीं—यह शासन की जवाबदेही और सामाजिक संवेदनशीलता की परीक्षा है। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं…
बिलहरी में कब्रों पर चला बुलडोज़र: संवाददाता बाल किशन नामदेव क्या माफिया से हार गया कटनी का तंत्र? कटनी (मध्यप्रदेश)। पुरातात्विक पहचान रखने वाली नगरी बिलहरी एक बार फिर सुर्खियों में है—लेकिन इस बार इतिहास के गौरव के लिए नहीं, बल्कि इतिहास को मिटाने की शर्मनाक घटना के लिए। आरोप है कि अवैध खनन के लालच में मुक्तिधाम और कब्रिस्तान की जमीन पर जेसीबी चलाकर कब्रें खोद दी गईं। परिणामस्वरूप, पुरखों के कंकाल और अस्थियाँ खुले में बिखरी मिलीं। ग्रामीणों का कहना है—“यह सिर्फ अवैध खनन नहीं, यह हमारी आस्था और अस्मिता पर सीधा हमला है।” 🔎 मामला क्या है? स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन माफिया विनोद शंकर शर्मा पर आरोप है कि उसने सरकारी जमीन, खेल मैदान और सार्वजनिक मुक्तिधाम तक को नहीं छोड़ा। मिट्टी निकालने के लिए भारी मशीनें लगाई गईं और खुदाई के दौरान कब्रों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का दावा है कि जब खुदाई के दौरान मानव अवशेष बाहर आने लगे, तब भी मशीनें नहीं रोकी गईं। ⚖ प्रशासनिक भूमिका पर सवाल ग्रामीणों ने सीधे तौर पर राजस्व और पुलिस अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं: पटवारी और आरआई की चुप्पी: महीनों से चल रहे उत्खनन की भनक तक नहीं लगना क्या संभव है? बीट पुलिस की निष्क्रियता: क्षेत्र में भारी मशीनें चलती रहीं, फिर भी “कोई सूचना नहीं” – यह दावा संदेह पैदा करता है। तहसील स्तर पर टालमटोल: ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी केवल आश्वासन मिला, ठोस कार्रवाई नहीं। अब शिकायत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुकी है। 🕯 आस्था बनाम अवैध खनन बिलहरी केवल एक बस्ती नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाला क्षेत्र है। यहां की जमीन में इतिहास दफ्न है—और अब आरोप है कि उसी इतिहास को लालच की जेसीबी रौंद रही है। ग्रामीणों के शब्दों में: “हमारे पूर्वजों की अस्थियाँ सड़क पर बिखरी हैं और अधिकारी फाइलों में उलझे हैं।” 🚧 7 दिन का अल्टीमेटम ग्रामीणों—मनोज कुमार, संजय चक्रवर्ती, रमेश चक्रवर्ती सहित अन्य लोगों—ने प्रशासन को 7 दिन का समय दिया है। मांगें स्पष्ट हैं: दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो अवैध खनन में लगी जेसीबी मशीन जब्त हो संबंधित राजस्व और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो अन्यथा, बिलहरी और आसपास के गांवों में चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ❓ सबसे बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन माफिया के दबाव में है? क्या आस्था की रक्षा के लिए अब जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा? या फिर आने वाले दिनों में प्रशासन अपनी सख्ती दिखाएगा? बिलहरी की यह घटना केवल एक गांव का मामला नहीं—यह शासन की जवाबदेही और सामाजिक संवेदनशीलता की परीक्षा है। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं…
- कटनी जिले में पान मसाला पाउच और सिगरेट के दाम में अचानक आज विगत 15 दिनों से आज सी लगी पड़ी है आपको कट्टी में जमा को खोरो चलते छोटी सी पान दुकान चलाने वाला छोटा व्यापारी बड़े जमाखोरों के हाथों की कठपुतलिय बंद कर रह गया है बड़ी व्यापारियों ने बड़े स्तर पर पान मसाला पाउच और सिगरेट कुछ जमा कर दबा लिया है और ऊंचे दाम पर छोटे दुकानदारों को झड़ने से भेजा जा रहा है पान मसाला पाउच एक ऐसा उत्पाद है जिसे हर कोई बड़ी शौक से खाता है पर अब खाने वालों की बड़े व्यापारी बकरियां देखने में लगे हुए ₹10 बिकने वाला राजश्री पान मसाला पाउच 15 कैसे 15 क विमल 10 वाला 15 20 वाला 25 40 वाला 50 और 60 में पूछे दम पर छोटे व्यापारी बेचने को मजबूर वहीं जिला प्रशासन भी बड़े व्यापारियों की हाथों की कठपुतली बनकर बाजार का मुख्य दर्शन तरीके से मुख सहमति के अनुसार चुपचाप बैठा हुआ है1
- सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के गांव-गांव में मांझी आरक्षण पर चौपाल लगाई जाए, ताकि छोटी-बड़ी चर्चा से समाधान निकले। सभी संगठनों को एक मंच पर आकर अपने-अपने जिलों में समाज तक आरक्षण की हुंकार पहुँचानी होगी। समाज की ताकत हमारी एकजुटता में है। जब हम संगठित होंगे, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित और मजबूत होंगे। आइए, एक स्वर में समाजहित के लिए आगे बढ़ें। ✍️ श्याम निषाद राजा निषाद राज उत्थान समिति कटनी मध्यप्रदेश #kewat #Manjhi#nishad #kewatsamaj # आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर निमिहा मोहल्ला कटनी मध्यप्रदेश निषाद जयंती समारोह के लिए जगह जगह बैठकों का आयोजन किया गया जिसमें की श्री वेंकट निषाद श्री संतोष निषाद(सरपंच मझगवां)श्री जयनारायण निषाद(पार्षद)श्री श्याम निषाद श्री राकेश निषाद(पब्लिक न्यूज)एवम सभी निषाद बन्धु बैठक पर उपस्थित रहे राजा निषाद राज उत्थान समिति कटनी मध्यप्रदेश1
- Post by बलराम सिंह राजपूत2
- कटनी में स्कूल में शौचालय की दीवार गिरी, 5वीं कक्षा के छात्र की मौतः परिजन बोले- एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची1
- एमपीईबी कॉलोनी से 9वीं का छात्र रहस्यमय ढंग से लापता, हफ्तेभर बाद भी सुराग नहीं* पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी मंगठार से कक्षा 9वीं का एक नाबालिग आदिवासी छात्र बीते एक सप्ताह से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है।घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है,वहीं कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिंहपमर थाना नौरोजाबाद निवासी गंगाराम बैगा उम्र 26 वर्ष हाल निवास क्वार्टर नंबर डी-190 एमपीईबी कॉलोनी मंगठार,संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। उनके साथ उनके चाचा का बेटा नीरज बैगा पिता छोटेलाल बैगा रहकर पढ़ाई कर रहा था। नीरज विद्याभारती सरस्वती हाई स्कूल, एमपीईबी कॉलोनी में कक्षा 9वीं का छात्र है।बताया गया है कि 10 फरवरी की सुबह लगभग 9:30 बजे नीरज रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकला, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा।परिजनों ने रिश्तेदारी और परिचितों में काफी तलाश की, किंतु उसका कोई सुराग नहीं लग सका। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए पाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नीरज बैगा के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल थाना पाली या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।2
- Post by Rudra Pratap Singh Parihar1
- मैहर: आदिवासियों की साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन हड़पने का पर्दाफाश; EOW ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला रीवा/मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में आदिवासियों की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए बेचने और करोड़ों रुपये के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने इस संबंध में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? EOW रीवा के एसपी डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला मैहर जिले के ग्राम बदनपुर का है। यहाँ अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के समीप स्थित आदिवासियों की लगभग 3.5 हेक्टेयर (साढ़े तीन हेक्टेयर) जमीन को फर्जी तरीके से हड़प लिया गया।1
- नहीं दे रहा है नगर निगम प्रशासन ध्यान आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर तक सड़क व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को करना पड़ता हैं समस्याओ का सामना नवरात्र पर्व भी नजदीक आ रहे है लेकिन सड़क मार्ग की हालत गंभीर रूप से है कृपया सड़क मार्ग सही करवाने में नगर निगम प्रशासन ध्यान दे1