Shuru
Apke Nagar Ki App…
बॉलीवुड की 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित का हर नया अवतार फैंस के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। वह अपने ग्लैमरस और स्टाइलिश अंदाज़ से लगातार फैशन की दुनिया में छाई हुई हैं। उनकी खूबसूरती को देखकर फैंस अक्सर यह कहते हैं कि 'उम्र सिर्फ एक नंबर है'।
Ankur Tripathi
बॉलीवुड की 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित का हर नया अवतार फैंस के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। वह अपने ग्लैमरस और स्टाइलिश अंदाज़ से लगातार फैशन की दुनिया में छाई हुई हैं। उनकी खूबसूरती को देखकर फैंस अक्सर यह कहते हैं कि 'उम्र सिर्फ एक नंबर है'।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बॉलीवुड की 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित का हर नया अवतार फैंस के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। वह अपने ग्लैमरस और स्टाइलिश अंदाज़ से लगातार फैशन की दुनिया में छाई हुई हैं। उनकी खूबसूरती को देखकर फैंस अक्सर यह कहते हैं कि 'उम्र सिर्फ एक नंबर है'।1
- इटावा में स्वर्गीय महेंद्र सिंह राजपूत जी के बेटे योगेंद्र सिंह राजपूत जी के साथ एक खास बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान किन विषयों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- इटावा में पक्का तालाब की मौजूदा दुर्दशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि इस तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर पालिका इटावा द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि निकाली गई थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम खर्च किए जाने के बावजूद तालाब की वर्तमान स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। इस पूरी स्थिति के लिए और सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये के हिसाब के लिए नगर पालिका इटावा को सीधा जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- महिलाओं के लिए अब कहीं भी सुरक्षित रूप से आवागमन संभव हो गया है। अब महिलाएं बिना किसी डर के कहीं भी आ-जा सकती हैं, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।1
- इटावा में 31 मई 1857 को घोषित भारतवर्ष की पूर्ण स्वतंत्रता के उद्घोष 'ऐलान-ए-मुकम्मल आज़ादी' की 169वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर चंबल फाउंडेशन परिवार द्वारा चकरनगर स्थित क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान की ऐतिहासिक राजगढ़ी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो रविवार प्रातः 10 बजे से राजगढ़ी परिसर में शुरू होगा। चंबल फाउंडेशन के अनुसार, 31 मई 1857 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जब किसानों, राजाओं और आम जनता के सामूहिक संघर्ष के फलस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को चुनौती देते हुए पूर्ण स्वतंत्रता का उद्घोष किया गया था। फाउंडेशन ने यह भी बताया कि 1857 की जनक्रांति में पूरा चंबल अंचल क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एकजुट हुआ था। कार्यक्रम के दौरान 1857 के ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी, साथ ही पिछले दो माह से संचालित 'चंबल मिशन' अभियान की समीक्षा कर आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर चंबल फाउंडेशन परिवार सरकार के समक्ष अपनी 14 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखेगा। इन मांगों में चंबल शौर्य स्मारक का निर्माण, चंबल केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना, स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों का नामकरण, क्रांतिवीरों पर पुस्तक एवं डॉक्यूमेंट्री का निर्माण, उन्हें शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करना, पर्यटन विकास, स्मारक डाक टिकट जारी करना, सेनानी परिवारों को सम्मान एवं सुविधाएं प्रदान करना, तथा चंबल क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित मांगें शामिल हैं। फाउंडेशन ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि चंबल के गुमनाम क्रांतिकारियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान प्रदान किया जाए और चंबल को अपराध की नहीं, बल्कि क्रांति, बलिदान और शौर्य की धरती के रूप में स्थापित किया जाए। संगठन ने क्षेत्र के नागरिकों, इतिहासकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम में सहभागिता कर 1857 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।1
- यह देखा जा सकता है कि अब महिलाएँ पूरी सुरक्षा के साथ कहीं भी आ-जा सकती हैं, जिससे उनके सुरक्षित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित हुई है।1
- इटावा जिले के महेवा जीजा ब्लॉक के नसीरपुर भोजा गांव स्थित देवी स्थान पर लगा एक हैंडपंप पिछले छह महीने से खराब पड़ा है। स्थानीय लोगों ने जल विभाग से इस हैंडपंप को तत्काल ठीक कराने की मांग की है।1
- औरैया के अजीतमल तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पूर्वा महासुख में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने शिरकत की। उनके आगमन पर कथा आयोजन समिति और ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा स्थल पर पहुँचकर जिलाध्यक्ष ने सर्वप्रथम कथा व्यास का फूल-मालाएं पहनाकर सम्मान किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। उनके अनुसार, यह कथा लोगों को धर्म, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को जीवंत बनाए रखने में धार्मिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कथा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ भी दीं। इस दौरान कथा वाचक ने भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखे। कथा स्थल पर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम का पुनः सम्मान किया और आभार व्यक्त किया, जबकि ग्रामीणों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। महेंद्र त्रिपाठी, राहुल तिवारी, अर्पित पोरवाल, हरिशंकर यादव, नितिन यादव, शिवपाल सिंह यादव, राजकुमार दोहरे, प्रशांत दिवाकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कथा के समापन पर सभी ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।1