2 नवंबर की आर-पार महारैली की गूंज अब दिल्ली से देहरादून तक, दीपावली पर उत्तराखंड के हर जनपद में सजेगी OPS रंगोली NOPRUF उत्तराखंड की दोहरी पहल: महारैली के बाद सरकार तक पहुंची कर्मचारियों की आवाज, अब दीपावली पर रंगों के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली का संदेश देंगे कर्मचारी देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अपने आंदोलन को निरंतर नई दिशा और व्यापक स्वरूप दे रहा है। 2 नवंबर 2026 को देहरादून में आयोजित ऐतिहासिक आर-पार महारैली के बाद अब दीपावली के पावन अवसर पर मोर्चा ने प्रदेशव्यापी OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। इस अभियान के तहत उत्तराखंड के सभी जनपदों में कर्मचारी अपने घरों, आंगनों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर OPS संदेशों से सजी रंगोलियां बनाकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को समाज और सरकार तक पहुंचाएंगे। 2 नवंबर की आर-पार महारैली में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विभिन्न विभागों के कार्मिकों ने भागीदारी कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया था। महारैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग अब प्रदेश के कर्मचारियों का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुकी है। आज माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा OPS के विषय में दिया गया बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। NOPRUF का मानना है कि कर्मचारियों की लगातार एकजुटता और आंदोलन की आवाज अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही है। लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आना इस बात का संकेत है कि इस मुद्दे को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता। मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि NPS बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था है तथा UPS निर्धारित शर्तों के अधीन सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान करती है, जबकि कर्मचारियों की मांग पुरानी पेंशन जैसी पारंपरिक सामाजिक सुरक्षा की है। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा – रंगों के माध्यम से भी बुलंद होगी OPS की आवाज मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का विषय कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ राज्य एवं देश की सेवा करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होना उनका महत्वपूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने कर्मचारियों की एकजुटता का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। अब OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांग को सकारात्मक, शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से समाज के सामने रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों के पदाधिकारियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा – OPS बहाली तक संघर्ष रहेगा जारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने सरकार को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री जी के बयान के बाद यह और भी आवश्यक हो गया है कि सरकार कर्मचारियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और उनकी वर्षों पुरानी मांग का सकारात्मक समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली केवल कर्मचारियों की आर्थिक मांग नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की गारंटी का सवाल है। कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में समर्पित करता है, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उसका भविष्य बाजार की अनिश्चितताओं के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। दीपावली के OPS रंगोली अभियान पर उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल बैठकों, धरना-प्रदर्शनों और महारैलियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे कर्मचारियों के परिवारों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। दीपावली प्रकाश का पर्व है और इस अवसर पर प्रत्येक कर्मचारी के घर और आंगन में OPS का संदेश दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों एवं उनके परिवारों से अपील की कि वे OPS रंगोली बनाकर उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का संघर्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संघर्ष है। एक मिशन – पुरानी पेंशन! प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा – प्रदेशभर में अभियान को संगठित रूप दिया जाएगा मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी, मंडल कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणियों के माध्यम से व्यापक समन्वय किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में संगठन के पदाधिकारी अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों से संपर्क स्थापित करेंगे और कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें हर कर्मचारी अपनी सुविधा और रचनात्मकता के अनुसार भाग ले सकता है। कोई अपने घर में रंगोली बनाएगा, कोई अपने कार्यालय में OPS का संदेश प्रदर्शित करेगा और कोई अपने परिवार के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो संगठन के साथ साझा करें, ताकि प्रदेशभर की सहभागिता को एक साझा अभियान के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा – कर्मचारियों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। कर्मचारियों की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए NPS और UPS के स्थान पर पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर आयोजित होने वाला OPS रंगोली कार्यक्रम आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास है। रंगोली के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांग को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करेंगे और यह संदेश देंगे कि पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा – महिला शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा OPS अभियान मोर्चा की प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन का विषय प्रत्येक कर्मचारी परिवार से जुड़ा हुआ है। घर की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों का भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन, इन सभी पहलुओं में पेंशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन में पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली का त्योहार महिलाओं की रचनात्मकता, परंपरा और परिवार की खुशियों से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में OPS रंगोली कार्यक्रम महिलाओं को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली के अभियान से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रदेश की सभी महिला कर्मचारियों एवं महिला पदाधिकारियों से अपील की कि वे इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएं। प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा – आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज करा रहा अपनी उपस्थिति मोर्चा के प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन अब प्रदेश की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 2 नवंबर की महारैली ने सरकार को यह संदेश दे दिया है कि कर्मचारी अपनी सामाजिक सुरक्षा के अधिकार के लिए पूरी तरह संगठित हैं। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कर्मचारियों को जोड़ने का एक प्रभावशाली माध्यम बनेगा। यह केवल रंगों से बनाई गई आकृतियां नहीं होंगी, बल्कि कर्मचारियों की उम्मीदों, संघर्ष और सुरक्षित भविष्य के संकल्प का प्रतीक होंगी। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, NOPRUF का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा – महिला कर्मचारी भी अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगी प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर महिला कर्मचारियों की चिंताएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पुरुष कर्मचारियों की। कर्मचारी जीवनभर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से महिला कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इस मुहिम में शामिल होंगी। रंगोली के माध्यम से दिया गया संदेश केवल एक मांग नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और भविष्य की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक बनेगा। गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा – गढ़वाल मंडल के जनपदों में बढ़ाई जाएगी भागीदारी गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा कि गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों में महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच OPS रंगोली कार्यक्रम को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग किसी एक विभाग या वर्ग तक सीमित नहीं है। यह उन सभी कर्मचारियों की आवाज है जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य और समाज की सेवा में लगाए हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे दीपावली पर पारंपरिक रंगोलियों के साथ OPS का संदेश भी जोड़ें और अपनी भागीदारी के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में महिला शक्ति भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ शामिल है। कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा – कुमाऊं में भी रंगोलियों से गूंजेगा OPS का संदेश कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जनपदों में महिला कर्मचारियों एवं कर्मचारी परिवारों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर OPS रंगोली बनाना एक ऐसा रचनात्मक प्रयास है, जिसके माध्यम से अपनी बात बिना किसी शोर-शराबे के प्रभावशाली ढंग से समाज तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला कर्मचारी अपने घर के आंगन में OPS रंगोली बनाकर इस अभियान की सहभागी बने। हमारी रंगोलियों के रंगों में एक ही संदेश होना चाहिए कि कर्मचारी अपने सुरक्षित भविष्य और पुरानी पेंशन बहाली के अधिकार को लेकर जागरूक हैं और इस मांग के समर्थन में एकजुट हैं। दीपावली पर हर जनपद में होगा OPS रंगोली कार्यक्रम राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारी OPS, OLD PENSION SCHEME, WE WANT OPS, एक मिशन पुरानी पेंशन तथा पेंशन हमारा अधिकार है जैसे संदेशों को रंगोलियों के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम में महिला कर्मचारी, पुरुष कर्मचारी, युवा कार्मिक, शिक्षक एवं उनके परिवारजन भी अपनी सहभागिता निभाएंगे। मोर्चा की योजना है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद से OPS रंगोली की तस्वीरें एवं वीडियो एकत्रित कर इस अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाए, ताकि उत्तराखंड के हर क्षेत्र से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज एक साथ उठ सके। मोर्चा ने प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों, युवा कर्मचारियों, संगठन के पदाधिकारियों और उनके परिवारजनों से अपील की है कि वे दीपावली के अवसर पर इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लें। मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकार के प्रति जागरूकता का रचनात्मक अभियान है। इस दीपावली संदेश सिर्फ रोशनी का नहीं, अधिकारों की आवाज का भी होगा। घर-घर दीप जलेंगे, आंगन-आंगन OPS रंगोली सजेगी और उत्तराखंड का कर्मचारी एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराएगा। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! एक मिशन – पुरानी पेंशन। पेंशन संवैधानिक अधिकार है, भीख नहीं। संघर्ष पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा। जारीकर्ता: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड
2 नवंबर की आर-पार महारैली की गूंज अब दिल्ली से देहरादून तक, दीपावली पर उत्तराखंड के हर जनपद में सजेगी OPS रंगोली NOPRUF उत्तराखंड की दोहरी पहल: महारैली के बाद सरकार तक पहुंची कर्मचारियों की आवाज, अब दीपावली पर रंगों के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली का संदेश देंगे कर्मचारी देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अपने आंदोलन को निरंतर नई दिशा और व्यापक स्वरूप दे रहा है। 2 नवंबर 2026 को देहरादून में आयोजित ऐतिहासिक आर-पार महारैली के बाद अब दीपावली के पावन अवसर पर मोर्चा ने प्रदेशव्यापी OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। इस अभियान के तहत उत्तराखंड के सभी जनपदों में कर्मचारी अपने घरों, आंगनों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर OPS संदेशों से सजी रंगोलियां बनाकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को समाज और सरकार तक पहुंचाएंगे। 2 नवंबर की आर-पार महारैली में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विभिन्न विभागों के कार्मिकों ने भागीदारी कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया था। महारैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग अब प्रदेश के कर्मचारियों का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुकी है। आज माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा OPS के विषय में दिया गया बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। NOPRUF का मानना है कि कर्मचारियों की लगातार एकजुटता और आंदोलन की आवाज अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही है। लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आना इस बात का संकेत है कि इस मुद्दे को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता। मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि NPS बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था है तथा UPS निर्धारित शर्तों के अधीन सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान करती है, जबकि कर्मचारियों की मांग पुरानी पेंशन जैसी पारंपरिक सामाजिक सुरक्षा की है। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा – रंगों के माध्यम से भी बुलंद होगी OPS की आवाज मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का विषय कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ राज्य एवं देश की सेवा करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होना उनका महत्वपूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने कर्मचारियों की एकजुटता का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। अब OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांग को सकारात्मक, शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से समाज के सामने रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों के पदाधिकारियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी
ने कहा – OPS बहाली तक संघर्ष रहेगा जारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने सरकार को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री जी के बयान के बाद यह और भी आवश्यक हो गया है कि सरकार कर्मचारियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और उनकी वर्षों पुरानी मांग का सकारात्मक समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली केवल कर्मचारियों की आर्थिक मांग नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की गारंटी का सवाल है। कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में समर्पित करता है, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उसका भविष्य बाजार की अनिश्चितताओं के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। दीपावली के OPS रंगोली अभियान पर उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल बैठकों, धरना-प्रदर्शनों और महारैलियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे कर्मचारियों के परिवारों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। दीपावली प्रकाश का पर्व है और इस अवसर पर प्रत्येक कर्मचारी के घर और आंगन में OPS का संदेश दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों एवं उनके परिवारों से अपील की कि वे OPS रंगोली बनाकर उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का संघर्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संघर्ष है। एक मिशन – पुरानी पेंशन! प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा – प्रदेशभर में अभियान को संगठित रूप दिया जाएगा मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी, मंडल कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणियों के माध्यम से व्यापक समन्वय किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में संगठन के पदाधिकारी अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों से संपर्क स्थापित करेंगे और कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें हर कर्मचारी अपनी सुविधा और रचनात्मकता के अनुसार भाग ले सकता है। कोई अपने घर में रंगोली बनाएगा, कोई अपने कार्यालय में OPS का संदेश प्रदर्शित करेगा और कोई अपने परिवार के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो संगठन के साथ साझा करें, ताकि प्रदेशभर की सहभागिता को एक साझा अभियान के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा – कर्मचारियों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। कर्मचारियों की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए NPS और UPS के स्थान
पर पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर आयोजित होने वाला OPS रंगोली कार्यक्रम आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास है। रंगोली के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांग को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करेंगे और यह संदेश देंगे कि पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा – महिला शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा OPS अभियान मोर्चा की प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन का विषय प्रत्येक कर्मचारी परिवार से जुड़ा हुआ है। घर की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों का भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन, इन सभी पहलुओं में पेंशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन में पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली का त्योहार महिलाओं की रचनात्मकता, परंपरा और परिवार की खुशियों से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में OPS रंगोली कार्यक्रम महिलाओं को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली के अभियान से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रदेश की सभी महिला कर्मचारियों एवं महिला पदाधिकारियों से अपील की कि वे इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएं। प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा – आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज करा रहा अपनी उपस्थिति मोर्चा के प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन अब प्रदेश की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 2 नवंबर की महारैली ने सरकार को यह संदेश दे दिया है कि कर्मचारी अपनी सामाजिक सुरक्षा के अधिकार के लिए पूरी तरह संगठित हैं। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कर्मचारियों को जोड़ने का एक प्रभावशाली माध्यम बनेगा। यह केवल रंगों से बनाई गई आकृतियां नहीं होंगी, बल्कि कर्मचारियों की उम्मीदों, संघर्ष और सुरक्षित भविष्य के संकल्प का प्रतीक होंगी। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, NOPRUF का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा – महिला कर्मचारी भी अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगी प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर महिला कर्मचारियों की चिंताएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पुरुष कर्मचारियों की। कर्मचारी जीवनभर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से महिला कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इस मुहिम में शामिल होंगी। रंगोली के माध्यम से दिया गया संदेश केवल एक मांग नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और भविष्य की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक बनेगा। गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा – गढ़वाल मंडल के जनपदों में बढ़ाई जाएगी भागीदारी गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा कि गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों में महिला कर्मचारियों और
उनके परिवारों के बीच OPS रंगोली कार्यक्रम को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग किसी एक विभाग या वर्ग तक सीमित नहीं है। यह उन सभी कर्मचारियों की आवाज है जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य और समाज की सेवा में लगाए हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे दीपावली पर पारंपरिक रंगोलियों के साथ OPS का संदेश भी जोड़ें और अपनी भागीदारी के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में महिला शक्ति भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ शामिल है। कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा – कुमाऊं में भी रंगोलियों से गूंजेगा OPS का संदेश कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जनपदों में महिला कर्मचारियों एवं कर्मचारी परिवारों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर OPS रंगोली बनाना एक ऐसा रचनात्मक प्रयास है, जिसके माध्यम से अपनी बात बिना किसी शोर-शराबे के प्रभावशाली ढंग से समाज तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला कर्मचारी अपने घर के आंगन में OPS रंगोली बनाकर इस अभियान की सहभागी बने। हमारी रंगोलियों के रंगों में एक ही संदेश होना चाहिए कि कर्मचारी अपने सुरक्षित भविष्य और पुरानी पेंशन बहाली के अधिकार को लेकर जागरूक हैं और इस मांग के समर्थन में एकजुट हैं। दीपावली पर हर जनपद में होगा OPS रंगोली कार्यक्रम राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारी OPS, OLD PENSION SCHEME, WE WANT OPS, एक मिशन पुरानी पेंशन तथा पेंशन हमारा अधिकार है जैसे संदेशों को रंगोलियों के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम में महिला कर्मचारी, पुरुष कर्मचारी, युवा कार्मिक, शिक्षक एवं उनके परिवारजन भी अपनी सहभागिता निभाएंगे। मोर्चा की योजना है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद से OPS रंगोली की तस्वीरें एवं वीडियो एकत्रित कर इस अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाए, ताकि उत्तराखंड के हर क्षेत्र से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज एक साथ उठ सके। मोर्चा ने प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों, युवा कर्मचारियों, संगठन के पदाधिकारियों और उनके परिवारजनों से अपील की है कि वे दीपावली के अवसर पर इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लें। मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकार के प्रति जागरूकता का रचनात्मक अभियान है। इस दीपावली संदेश सिर्फ रोशनी का नहीं, अधिकारों की आवाज का भी होगा। घर-घर दीप जलेंगे, आंगन-आंगन OPS रंगोली सजेगी और उत्तराखंड का कर्मचारी एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराएगा। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! एक मिशन – पुरानी पेंशन। पेंशन संवैधानिक अधिकार है, भीख नहीं। संघर्ष पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा। जारीकर्ता: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड
- 🚨 ऋषिकेश में फ्लैट के अंदर चल रहा था जुए का खेल, पुलिस ने 8 जुआरियों को किया गिरफ्तार ₹2.20 लाख से अधिक की नकदी, 208 ताश के पत्ते और मोबाइल फोन बरामद ऋषिकेश के भरत विहार क्षेत्र में पुलिस ने अवैध जुए के अड्डे का भंडाफोड़ करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक अपने फ्लैट में कथित रूप से जुआ खिलवा रहा था। देहरादून एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 5 नवंबर को ऋषिकेश पुलिस को मुखबिर से फ्लैट में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो वहां 8 व्यक्ति जुआ खेलते हुए मिले। पुलिस ने मौके से 2,20,650 रुपये की नकदी, ताश की चार गड्डियां (कुल 208 पत्ते) और विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 584/2026 के तहत सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3/4 में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं: राहुल, अरविंद कुमार, विवेक, प्रशांत कुमार, प्रवीण, गगन बर्तवाल, सुधीर कांत और एकांत गोयल। इस कार्रवाई कोतवाली ऋषिकेश पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान जारी है। #Rishikesh #DehradunPolice #UttarakhandPolice #CrimeNews #GamblingRaid #UttarakhandNews3
- हरिद्वार जेल से रिहा होते ही उर्मिला सनावर को पुलिस ने घेरा, पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई टीम The Aman Times हरिद्वार जेल से रिहा होते ही उर्मिला सनावर को पुलिस ने घेरा, पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई टीम हरिद्वार जिला जेल से रिहाई के कुछ ही मिनट बाद पुलिस ने उर्मिला सनावर को घेर लिया। दोनों मुकदमों में जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को जेल से बाहर आईं उर्मिला को पुलिस टीम पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। रिहाई की खुशी कुछ ही मिनटों में पुलिस कार्रवाई के चलते फीकी पड़ गई।1
- आज शाम से गंगनहर में जल प्रवाहित हो जाएगा। वार्षिक क्लोजर के दौरान विभिन्न विभागों ने गंगनहर में साफ-सफाई, घाटों, प्लेटफार्म के निर्माण व रखरखाव का दावा किया है लेकिन इन कामों पर आज हरकी पैड़ी के निकट स्थित कांगड़ा घाट पर लोगों ने प्रदर्शन कर सवाल उठाए हैं। नागरिकों ने कहा कि प्लेटफार्म निर्माण बहुत घटिया स्तर का है जिसकी टाइल्स अभी से उखड़ रही हैं।गंगा में साफ-सफाई का दावा किया गया है जबकि गंगनहर में अब भी कपड़ों और गंदगी के ढेर लगे हैं। नागरिकों ने कांगड़ा घाट में जंग लगे पुराने एंगल आयरन व पाईपों से ही रेलिंग बना दिए जाने के आरोप लगाते हुए इसे श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ बताया है।1
- एक दांत वाला हाथी अब नहीं करेगा काॅलोनियों और खेतों में चहल कदमी, सूत्र ईलाज के दौरान हुई मृत्यु पोस्टमार्टम के बाद दी विभाग ने अंतिम विदाई आधिकारिक पुष्टि बाकी।1
- भारतीय यूनियन बेदी संगठन ने मुख्यमंत्री से जैतवादा से कुंदरकी और जैतवादा संगठन ने मुख्यमंत्री से जैतवाड़ा से कुंदरकी और जैतवाड़ा से डोंगर तक सड़कों का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने, संबंधित विभागीय अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जब तक स्थायी निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाकर आवागमन सुचारु कराया जाए। किसानों और ग्रामीणों के साथ आंदोलन की चेतावनी जिला अध्यक्ष गुड्डू पाशा ने कहा कि सड़कें ग्रामीण क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा होती हैं। खराब सड़कों के कारण हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन (बेदी) क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी मुरादाबाद, मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा उपजिलाधिकारी कुंदरकी को भी भेजने की बात कही गई है। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (बेदी) के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के किसान भाई उपस्थित रहकर जनहित की इस मांग को प्रशासन के सामने रखेंगे। हमारा संकल्प – किसानों का सम्मान, ग्रामीणों का अधिकार और क्षेत्र का विकास। गुड्डू पाशा जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (बेदी) जनपद मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।2
- 2003 का जेनी कांड फिर चर्चा में! हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप, दोबारा CBI जांच की मांग 2003 का चर्चित जेनी कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इंदिरा देवड़ी उर्फ जेनी ने हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की दोबारा CBI जांच कराने की मांग की है। जेनी ने पुरानी CBI जांच और DNA टेस्ट की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। साथ ही अपने बेटे को पिता का नाम दिलाने की मांग भी की है। क्या 23 साल पुराने इस मामले की दोबारा जांच होगी? देखिए पूरी खबर। The India Vox | उत्तराखंड की हर बड़ी खबर सबसे पहले।1
- 2 नवंबर की आर-पार महारैली की गूंज अब दिल्ली से देहरादून तक, दीपावली पर उत्तराखंड के हर जनपद में सजेगी OPS रंगोली NOPRUF उत्तराखंड की दोहरी पहल: महारैली के बाद सरकार तक पहुंची कर्मचारियों की आवाज, अब दीपावली पर रंगों के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली का संदेश देंगे कर्मचारी देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अपने आंदोलन को निरंतर नई दिशा और व्यापक स्वरूप दे रहा है। 2 नवंबर 2026 को देहरादून में आयोजित ऐतिहासिक आर-पार महारैली के बाद अब दीपावली के पावन अवसर पर मोर्चा ने प्रदेशव्यापी OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। इस अभियान के तहत उत्तराखंड के सभी जनपदों में कर्मचारी अपने घरों, आंगनों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर OPS संदेशों से सजी रंगोलियां बनाकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को समाज और सरकार तक पहुंचाएंगे। 2 नवंबर की आर-पार महारैली में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विभिन्न विभागों के कार्मिकों ने भागीदारी कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया था। महारैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग अब प्रदेश के कर्मचारियों का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुकी है। आज माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा OPS के विषय में दिया गया बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। NOPRUF का मानना है कि कर्मचारियों की लगातार एकजुटता और आंदोलन की आवाज अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही है। लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आना इस बात का संकेत है कि इस मुद्दे को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता। मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि NPS बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था है तथा UPS निर्धारित शर्तों के अधीन सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान करती है, जबकि कर्मचारियों की मांग पुरानी पेंशन जैसी पारंपरिक सामाजिक सुरक्षा की है। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा – रंगों के माध्यम से भी बुलंद होगी OPS की आवाज मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का विषय कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ राज्य एवं देश की सेवा करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होना उनका महत्वपूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने कर्मचारियों की एकजुटता का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। अब OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांग को सकारात्मक, शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से समाज के सामने रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों के पदाधिकारियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा – OPS बहाली तक संघर्ष रहेगा जारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने सरकार को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री जी के बयान के बाद यह और भी आवश्यक हो गया है कि सरकार कर्मचारियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और उनकी वर्षों पुरानी मांग का सकारात्मक समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली केवल कर्मचारियों की आर्थिक मांग नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की गारंटी का सवाल है। कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में समर्पित करता है, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उसका भविष्य बाजार की अनिश्चितताओं के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। दीपावली के OPS रंगोली अभियान पर उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल बैठकों, धरना-प्रदर्शनों और महारैलियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे कर्मचारियों के परिवारों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। दीपावली प्रकाश का पर्व है और इस अवसर पर प्रत्येक कर्मचारी के घर और आंगन में OPS का संदेश दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों एवं उनके परिवारों से अपील की कि वे OPS रंगोली बनाकर उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का संघर्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संघर्ष है। एक मिशन – पुरानी पेंशन! प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा – प्रदेशभर में अभियान को संगठित रूप दिया जाएगा मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी, मंडल कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणियों के माध्यम से व्यापक समन्वय किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में संगठन के पदाधिकारी अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों से संपर्क स्थापित करेंगे और कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें हर कर्मचारी अपनी सुविधा और रचनात्मकता के अनुसार भाग ले सकता है। कोई अपने घर में रंगोली बनाएगा, कोई अपने कार्यालय में OPS का संदेश प्रदर्शित करेगा और कोई अपने परिवार के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो संगठन के साथ साझा करें, ताकि प्रदेशभर की सहभागिता को एक साझा अभियान के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा – कर्मचारियों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फरस्वाण ने कहा कि 2 नवंबर की आर-पार महारैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड का कर्मचारी अब अपने पेंशन अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। कर्मचारियों की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए NPS और UPS के स्थान पर पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर आयोजित होने वाला OPS रंगोली कार्यक्रम आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास है। रंगोली के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांग को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करेंगे और यह संदेश देंगे कि पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा – महिला शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा OPS अभियान मोर्चा की प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन का विषय प्रत्येक कर्मचारी परिवार से जुड़ा हुआ है। घर की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों का भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन, इन सभी पहलुओं में पेंशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन में पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली का त्योहार महिलाओं की रचनात्मकता, परंपरा और परिवार की खुशियों से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में OPS रंगोली कार्यक्रम महिलाओं को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली के अभियान से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रदेश की सभी महिला कर्मचारियों एवं महिला पदाधिकारियों से अपील की कि वे इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएं। प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा – आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज करा रहा अपनी उपस्थिति मोर्चा के प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन अब प्रदेश की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 2 नवंबर की महारैली ने सरकार को यह संदेश दे दिया है कि कर्मचारी अपनी सामाजिक सुरक्षा के अधिकार के लिए पूरी तरह संगठित हैं। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कर्मचारियों को जोड़ने का एक प्रभावशाली माध्यम बनेगा। यह केवल रंगों से बनाई गई आकृतियां नहीं होंगी, बल्कि कर्मचारियों की उम्मीदों, संघर्ष और सुरक्षित भविष्य के संकल्प का प्रतीक होंगी। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, NOPRUF का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा – महिला कर्मचारी भी अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगी प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू कार्की ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर महिला कर्मचारियों की चिंताएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पुरुष कर्मचारियों की। कर्मचारी जीवनभर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि OPS रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से महिला कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इस मुहिम में शामिल होंगी। रंगोली के माध्यम से दिया गया संदेश केवल एक मांग नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और भविष्य की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक बनेगा। गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा – गढ़वाल मंडल के जनपदों में बढ़ाई जाएगी भागीदारी गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़ ने कहा कि गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों में महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच OPS रंगोली कार्यक्रम को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग किसी एक विभाग या वर्ग तक सीमित नहीं है। यह उन सभी कर्मचारियों की आवाज है जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य और समाज की सेवा में लगाए हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे दीपावली पर पारंपरिक रंगोलियों के साथ OPS का संदेश भी जोड़ें और अपनी भागीदारी के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में महिला शक्ति भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ शामिल है। कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा – कुमाऊं में भी रंगोलियों से गूंजेगा OPS का संदेश कुमाऊं मंडल महिला अध्यक्ष सुधा पांडे ने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जनपदों में महिला कर्मचारियों एवं कर्मचारी परिवारों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर OPS रंगोली बनाना एक ऐसा रचनात्मक प्रयास है, जिसके माध्यम से अपनी बात बिना किसी शोर-शराबे के प्रभावशाली ढंग से समाज तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला कर्मचारी अपने घर के आंगन में OPS रंगोली बनाकर इस अभियान की सहभागी बने। हमारी रंगोलियों के रंगों में एक ही संदेश होना चाहिए कि कर्मचारी अपने सुरक्षित भविष्य और पुरानी पेंशन बहाली के अधिकार को लेकर जागरूक हैं और इस मांग के समर्थन में एकजुट हैं। दीपावली पर हर जनपद में होगा OPS रंगोली कार्यक्रम राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में OPS रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारी OPS, OLD PENSION SCHEME, WE WANT OPS, एक मिशन पुरानी पेंशन तथा पेंशन हमारा अधिकार है जैसे संदेशों को रंगोलियों के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम में महिला कर्मचारी, पुरुष कर्मचारी, युवा कार्मिक, शिक्षक एवं उनके परिवारजन भी अपनी सहभागिता निभाएंगे। मोर्चा की योजना है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद से OPS रंगोली की तस्वीरें एवं वीडियो एकत्रित कर इस अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाए, ताकि उत्तराखंड के हर क्षेत्र से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज एक साथ उठ सके। मोर्चा ने प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कार्मिकों, युवा कर्मचारियों, संगठन के पदाधिकारियों और उनके परिवारजनों से अपील की है कि वे दीपावली के अवसर पर इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लें। मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकार के प्रति जागरूकता का रचनात्मक अभियान है। इस दीपावली संदेश सिर्फ रोशनी का नहीं, अधिकारों की आवाज का भी होगा। घर-घर दीप जलेंगे, आंगन-आंगन OPS रंगोली सजेगी और उत्तराखंड का कर्मचारी एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराएगा। NPS और UPS नहीं, OPS चाहिए! एक मिशन – पुरानी पेंशन। पेंशन संवैधानिक अधिकार है, भीख नहीं। संघर्ष पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा। जारीकर्ता: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड4
- झांसी में खत्म हुई तलाश, पुलिस की गिरफ्त में गिरधारी लाल साहू! उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े चर्चित प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरधारी लाल साहू को गिरफ्तार कर लिया है। झांसी से हुई इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच में आगे क्या सामने आता है, इस पर सबकी नजरें हैं।1