नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित बिहार के “छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क में लगभग 10 गुना वृद्धि के विरोध में बुधवार को ककोलत परिसर के दुकानदारों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। बढ़ाए गए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के खिलाफ एकजुट होकर सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रशासन के प्रति जमकर नाराजगी जताई। दुकानें बंद होने के कारण ककोलत घूमने आए सैकड़ों पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खाने-पीने की दुकानें बंद होने से कई पर्यटक भूखे-प्यासे ही वापस लौटने को मजबूर हुए। पर्यटकों ने भी बढ़े हुए शुल्क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब ककोलत की सैर आम लोगों के बजट से बाहर होती जा रही है। पर्यटक गोवर्धन राम, सुरेश प्रसाद, विपुल कुमार, पिंकी देवी, ममता देवी सहित दर्जनों सैलानियों ने बताया कि पहले प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपये था, जो अब बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। ऐसे में परिवार के साथ आने वालों को केवल प्रवेश शुल्क में ही हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें खाने-पीने के लिए भी सोचना पड़ रहा है। ककोलत परिसर के दुकानदार नीरज कुमार सिंह, छोटू सिंह, बिनोद तुरिया, दिलीप कुमार, मिथलेश कुमार यादव, महेश चौधरी समेत दर्जनों अन्य दुकानदारों ने बताया कि शुल्क वृद्धि के बाद से पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। पर्यटकों के कम आने से दुकानों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, जिससे रोजाना बनाए जाने वाले खाने और अन्य सामान नहीं बिक पा रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों ने कहा कि बढ़े हुए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के कारण ही उन्हें अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। दुकानदारों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि बढ़े हुए शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो 29 मई 2026 तक ककोलत परिसर की सभी दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही, 29 मई को थाली चौक पर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ककोलत में पहले की तरह सामान्य शुल्क व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आम लोग आसानी से पर्यटन स्थल का आनंद ले सकें और स्थानीय दुकानदारों का रोजगार भी प्रभावित न हो।
नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित बिहार के “छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क में लगभग 10 गुना वृद्धि के विरोध में बुधवार को ककोलत परिसर के दुकानदारों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। बढ़ाए गए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के खिलाफ एकजुट होकर सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रशासन के प्रति जमकर नाराजगी जताई। दुकानें बंद होने के कारण ककोलत घूमने आए सैकड़ों पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खाने-पीने की दुकानें बंद होने से कई पर्यटक भूखे-प्यासे ही वापस लौटने को मजबूर हुए। पर्यटकों ने भी बढ़े हुए शुल्क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब ककोलत की सैर आम लोगों के बजट से बाहर होती जा रही है। पर्यटक गोवर्धन राम, सुरेश प्रसाद, विपुल कुमार, पिंकी देवी, ममता देवी सहित दर्जनों सैलानियों ने बताया कि पहले प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपये था, जो अब बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। ऐसे में परिवार के साथ आने वालों को केवल प्रवेश शुल्क में ही हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें खाने-पीने के लिए भी सोचना पड़ रहा है। ककोलत परिसर के दुकानदार नीरज कुमार सिंह, छोटू सिंह, बिनोद तुरिया, दिलीप कुमार, मिथलेश कुमार यादव, महेश चौधरी समेत दर्जनों अन्य दुकानदारों ने बताया कि शुल्क वृद्धि के बाद से पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। पर्यटकों के कम आने से दुकानों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, जिससे रोजाना बनाए जाने वाले खाने और अन्य सामान नहीं बिक पा रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों ने कहा कि बढ़े हुए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के कारण ही उन्हें अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। दुकानदारों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि बढ़े हुए शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो 29 मई 2026 तक ककोलत परिसर की सभी दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही, 29 मई को थाली चौक पर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ककोलत में पहले की तरह सामान्य शुल्क व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आम लोग आसानी से पर्यटन स्थल का आनंद ले सकें और स्थानीय दुकानदारों का रोजगार भी प्रभावित न हो।
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड के कुत्तरूचक गांव में बुधवार दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘संगठन सृजन साथी अभियान’ को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बालेश्वर यादव ने की, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। बैठक में नवादा जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष प्रभाकर झा और गोविंदपुर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के संगठन सृजन साथी अभियान प्रभारी मनोज कुमार का स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष प्रभाकर झा ने कांग्रेस पार्टी के जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ें, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही जनता की आवाज को बुलंद कर सकता है। प्रभाकर झा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी की डबल इंजन वाली सरकार में किसान परेशान हैं। उन्होंने खेती की लागत में लगातार वृद्धि और किसानों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने पूंजीपति मित्रों के करोड़ों रुपये माफ कर देती है। अभियान प्रभारी मनोज कुमार ने भी संगठन की मजबूती को जनता की आवाज उठाने के लिए महत्वपूर्ण बताया और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। कांग्रेस नेता सत्येंद्र प्रसाद ने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर लोगों को संगठन से जोड़ने का काम करने को कहा ताकि पार्टी को और अधिक मजबूती मिल सके। इस विशेष सदस्यता अभियान के दौरान संदीप पासवान, सचिन पासवान, महेश्वर यादव, पप्पू यादव, मनोज कुमार सहित कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। सभी नए सदस्यों ने माननीय राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आगामी दिनों में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर काफी उत्साह देखा गया।1
- नवादा जिले के रजौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाली हरदिया पंचायत की जनता आज भी सरकारी लाभ से वंचित है। स्थानीय निवासियों को अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का फायदा नहीं मिल पाया है।1
- एनएच20 पर रजौली महादेव मोड़ ओवर ब्रिज के पास सर्विस रोड की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया है कि यह सर्विस रोड लगभग एक से दो साल से इसी बदतर हालत में है और अभी तक इसका पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। पिछले 10 से 15 दिनों से इस सर्विस रोड को ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन सड़क मरम्मत का काम अब भी शुरू नहीं हुआ है। सर्विस रोड के बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दुश्वारियां हो रही हैं। इसके साथ ही, इस स्थिति से दुर्घटनाओं और यातायात जाम की संभावना भी बनी हुई है। मरम्मत करने की बजाय, बदहाल सर्विस रोड को ही ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।1
- यह संदेश पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ ईमानदारी की जय बोलने का आह्वान करता है। इसमें मोर मुकुट वाले बंसीधर श्रीकृष्ण और श्री श्याम प्यारे, खाटू वाले श्याम बाबा की जय-जयकार की गई है।1
- बालिकाओं को जागरूक करने के साथ-साथ सेनेटरी पैड का वितरण किया गया है। यह पहल उन्हें आवश्यक जानकारी देने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच प्रदान करने पर केंद्रित है।1
- मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पंचायती स्तर पर संवाद किया।1
- आज आईपीएल 2026 का सबसे बड़ा और निर्णायक 'करो या मरो' मुकाबला खेला जाएगा, जहाँ Rajasthan Royals और Sunrisers Hyderabad मैदान में भिड़ेंगी। यह एलिमिनेटर मैच 27 मई 2026 को निर्धारित है, जिसका परिणाम सीधा टूर्नामेंट के भविष्य को तय करेगा: हारने वाली टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाएगी, जबकि जीतने वाली टीम अगले बड़े मुकाबले में अपनी जगह पक्की करेगी। सबकी नजरें युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी पर होंगी कि क्या वह फिर से तूफानी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करेंगे, या फिर पैट कमिंस के नेतृत्व वाली सनराइजर्स हैदराबाद की खतरनाक गेंदबाजी राजस्थान का सफर खत्म कर देगी। इस मैच को सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक 'महायुद्ध' के रूप में देखा जा रहा है, और दर्शकों से अपनी भविष्यवाणियां साझा करने तथा धमाकेदार IPL अपडेट्स के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आह्वान किया गया है।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित बिहार के “छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क में लगभग 10 गुना वृद्धि के विरोध में बुधवार को ककोलत परिसर के दुकानदारों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। बढ़ाए गए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के खिलाफ एकजुट होकर सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रशासन के प्रति जमकर नाराजगी जताई। दुकानें बंद होने के कारण ककोलत घूमने आए सैकड़ों पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खाने-पीने की दुकानें बंद होने से कई पर्यटक भूखे-प्यासे ही वापस लौटने को मजबूर हुए। पर्यटकों ने भी बढ़े हुए शुल्क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब ककोलत की सैर आम लोगों के बजट से बाहर होती जा रही है। पर्यटक गोवर्धन राम, सुरेश प्रसाद, विपुल कुमार, पिंकी देवी, ममता देवी सहित दर्जनों सैलानियों ने बताया कि पहले प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपये था, जो अब बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। ऐसे में परिवार के साथ आने वालों को केवल प्रवेश शुल्क में ही हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें खाने-पीने के लिए भी सोचना पड़ रहा है। ककोलत परिसर के दुकानदार नीरज कुमार सिंह, छोटू सिंह, बिनोद तुरिया, दिलीप कुमार, मिथलेश कुमार यादव, महेश चौधरी समेत दर्जनों अन्य दुकानदारों ने बताया कि शुल्क वृद्धि के बाद से पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। पर्यटकों के कम आने से दुकानों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, जिससे रोजाना बनाए जाने वाले खाने और अन्य सामान नहीं बिक पा रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों ने कहा कि बढ़े हुए प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के कारण ही उन्हें अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। दुकानदारों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि बढ़े हुए शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो 29 मई 2026 तक ककोलत परिसर की सभी दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही, 29 मई को थाली चौक पर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ककोलत में पहले की तरह सामान्य शुल्क व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आम लोग आसानी से पर्यटन स्थल का आनंद ले सकें और स्थानीय दुकानदारों का रोजगार भी प्रभावित न हो।1