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मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की राधेश्याम कॉलोनी में उस समय हलचल मच गई जब एक गरीब व्यक्ति पर पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले चार महीनों से उक्त व्यक्ति पर इस्लाम कबूल करने का दबाव लगातार बनाया जा रहा था। इस मामले को लेकर कई बार पुलिस थाने में शिकायत भी की गई, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस स्थिति में हिंदू संगठन के लोग सामने आए हैं, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Murli Thakur Reporter
मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की राधेश्याम कॉलोनी में उस समय हलचल मच गई जब एक गरीब व्यक्ति पर पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले चार महीनों से उक्त व्यक्ति पर इस्लाम कबूल करने का दबाव लगातार बनाया जा रहा था। इस मामले को लेकर कई बार पुलिस थाने में शिकायत भी की गई, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस स्थिति में हिंदू संगठन के लोग सामने आए हैं, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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- मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र अंतर्गत सतोहा गांव में पिता और पुत्र पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है। शिव शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनके पड़ोसी दबंगों ने पहले उनके घर पर हमला किया और परिवार के सदस्यों को जान से मारने का प्रयास भी किया। शर्मा के अनुसार, इन दबंगों ने अपनी खुन्नस निकालने के लिए पिता-पुत्र के खिलाफ एक झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।3
- उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में 10% की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद आगरा के निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। आगरा के लोग बिजली के दाम बढ़ने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। इस मुद्दे पर लखनऊ तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।1
- मथुरा के गोवर्धन थाना पुलिस ने साधु वेषधारी आरोपी अभिषेक मिश्रा उर्फ आदि कर्ता को गिरफ्तार किया है, जिस पर युवतियों और महिलाओं का ब्रेनवाश कर उनका शोषण करने का आरोप है। यह कार्रवाई उड़ीसा की एक पीड़ित युवती द्वारा पुलिस में लिखित तहरीर दिए जाने के बाद की गई। आरोपी अभिषेक मिश्रा, जो मूल रूप से भुवनेश्वर (उड़ीसा) का रहने वाला 30 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर है, पिछले तीन साल से गोवर्धन में रह रहा था। वह ऑनलाइन माध्यम से भजन-कीर्तन मंडली बनाकर बीटेक और एमटेक पास युवतियों को अच्छे पैकेज का झांसा देता था और उन्हें अपने जाल में फंसाता था। आरोपी उनका ब्रेनवाश कर जबरन विवाह रचाता था और उनका शोषण करता था। उसके मोबाइल से 25 से 30 अश्लील फोटो भी पाए गए हैं। उसने दर्जन भर से अधिक युवतियों को अपने जाल में फंसा रखा था और उनके साथ 'गंधर्व विवाह' के नाम पर संबंध बनाता था। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, उड़ीसा की पीड़ित युवती की शिकायत ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। सीओ गोवर्धन अनिल कुमार ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और आरोपी अभिषेक मिश्रा को दबोच लिया गया। पुलिस ने बाबा के चंगुल से दो युवतियों और एक युवक को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है।2
- जनपद देवरिया के थाना खामपार क्षेत्र के ग्राम करौंदी में रविवार को एक खेत से नर कंकाल और खोपड़ी मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया, जिससे माहौल में तनाव बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जो घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। पुलिस के अनुसार, जिस स्थान पर कंकाल मिला है, उसके समीप ही एक कब्रिस्तान स्थित है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस सभी संभावित कोणों से मामले की गहनता से जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी ने बताया कि फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई फॉरेंसिक रिपोर्ट और चल रही जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।1
- Post by Subhash Chand1
- मथुरा के थाना महावन क्षेत्र के मनोहरपुर इलाके में बीती रात एक दर्जन बदमाशों ने जमकर फायरिंग की, जिससे पूरा क्षेत्र गोलियों की आवाज से दहल गया। इस दौरान बदमाशों ने एक घर में सो रहे युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। युवक को बचाने आए एक पुरुष और एक महिला को भी बदमाशों ने नहीं छोड़ा और उन पर हॉकी तथा डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में कुल तीन लोगों के साथ मारपीट की गई। पीड़ितों ने थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- मथुरा के अर्जुनपुरा स्थित प्याऊ वाली गली में भारी गंदगी और प्रदूषण से स्थानीय लोग परेशान हैं। निवासियों ने इस क्षेत्र से गंदगी को तुरंत हटाने की मांग की है, क्योंकि इससे बहुत अधिक प्रदूषण फैल रहा है और गंभीर समस्याएँ खड़ी हो रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द उनकी बात सुनने और इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।1
- मथुरा के जवाहर बाग हिंसा की 10वीं बरसी पर, तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि घटना के एक दशक बाद भी उनके पति को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज और कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकारी को अब तक वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। यह हिंसक घटना 2 जून 2016 को हुई थी, जब रामवृक्ष यादव के नेतृत्व वाले 'स्वाधीन भारत सुभाष सेना' समूह ने जवाहर बाग में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन जब अतिक्रमण हटाने पहुंचा, तो उपद्रवियों ने हिंसा भड़का दी। इस घटना में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और फरह थानाध्यक्ष संतोष कुमार यादव की मौत हो गई थी। पूरे घटनाक्रम में दो पुलिस अधिकारियों सहित कुल 29 लोगों की जान गई थी, जिनमें 27 सत्याग्रही भी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी। अर्चना द्विवेदी ने बताया कि उनके पति ने कर्तव्य निभाते हुए उपद्रवियों का डटकर सामना किया और वीरगति प्राप्त की। हर वर्ष उनकी बरसी पर नेता और प्रशासनिक अधिकारी श्रद्धांजलि देने आते हैं और परिवार को सम्मान दिलाने का आश्वासन भी देते हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। अर्चना द्विवेदी के इस बयान के बाद एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों को अब तक आधिकारिक शहीद का दर्जा क्यों नहीं मिला। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर दिवंगत अधिकारियों को उचित सम्मान प्रदान किया जाए, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा 'शहीद सेवा मेडल' दिया जाना भी शामिल है। अर्चना द्विवेदी का परिवार आज भी उस सम्मानजनक निर्णय का इंतजार कर रहा है जिसकी उम्मीद उन्हें वर्षों से दिलाई जाती रही है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।4