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- पुलिस स्टेशन के लॉकअप।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पुलिस स्टेशन के लॉकअप। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।1
- जंतर मंतर पर 'कॉकराच जनता पार्टी' के पहले प्रदर्शन को लेकर यह सवाल प्रमुख हो गया है कि इसमें कितने लोग शामिल हुए, या विशेष रूप से कितने 'कॉकराच' आए। इस सवाल के पीछे की वजहों को एक वीडियो के माध्यम से तलाशने का दावा किया गया है। वीडियो के अनुसार, अभिजीत दीपके ने अमेरिका से दिल्ली आकर उस भय के आवरण को भेदा है, जो पूरे भारत पर फैला दिया गया था, जिसके चलते लोगों के मन में प्रदर्शन का विचार तक नहीं आता था। इस प्रदर्शन ने ऐसे डर को दूर करने में भूमिका निभाई है। वर्तमान में, कौन इसके पीछे है या कितने लोग इसमें शामिल हैं, यह महत्व नहीं रखता। हालांकि, जब यह पार्टी एक राजनीतिक दल का रूप लेगी, तब उसे इन सवालों का सामना करना होगा और ऐसा होना भी चाहिए। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे वीडियो को पूरा देखें।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 'संविधान बचाओ संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सांसद राकेश राठौर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक बड़ा हमला बोला। उन्होंने जाति जनगणना के मुद्दे पर भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया।1
- एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 8 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है। दुर्घटना के बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम कचनार में तालाब की सरकारी जमीन पर पिछले 15 साल से बने एक अवैध मदरसे 'जामिया अब्दुल्लाह बिन मसऊद' को उसके संचालकों ने बुलडोजर कार्रवाई और भारी जुर्माने के डर से खुद ही ढहाना शुरू कर दिया है। यह स्वैच्छिक ध्वस्तीकरण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला ग्राम कचनार का है, जहां करीब चार बीघा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मदरसे का निर्माण किया गया था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद तहसील प्रशासन की जांच में यह अवैध कब्जा उजागर हुआ। इस पर जिलाधिकारी न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए 8 जून को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। न्यायालय ने न केवल मदरसा खाली कर तालाब की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का निर्देश दिया, बल्कि अवैध निर्माण कराने वाले भू-माफियाओं और संचालकों पर 10.50 लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया। निर्माण हटाने के लिए महज 15 दिन की समय सीमा तय की गई थी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मदरसा संचालकों को डर था कि यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) चलेगा और उसका अतिरिक्त खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा। इसी संभावित कार्रवाई और कानूनी अड़चनों से बचने के लिए उन्होंने खुद ही मजदूर बुलाकर भवन को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में हैमर, हथौड़े और आधुनिक उपकरणों की मदद से यह अवैध निर्माण तेजी से ढहाया जा रहा है, जिस पर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर रहकर पैनी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का साफ कहना है कि योगी सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन का पूरा फोकस अब जल स्रोतों और तालाबों की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर है और सरकारी जमीन पूरी तरह मुक्त होने के बाद तालाब को उसके पुराने और प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाया जाएगा।1
- एक मजबूर पिता अपनी बेटी के सामने आँखों में आंसू लिए और हाथ जोड़े मिन्नतें करता रहा। हालांकि, बेटी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही रहने का फैसला किया।1
- सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र के बनिहार गांव में मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री सुखदीप सिंह (38) पर जानलेवा हमला हुआ। बाइक सवार दबंगों ने उन्हें चुनावी रंजिश के चलते गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, सुखदीप सिंह बाजार से अपनी बाइक पर घर लौट रहे थे। आरोप है कि घर से लगभग 400 मीटर पहले चुनावी रंजिश रखने वाले अजय यादव, धर्मेंद्र यादव और अरुण यादव एक ही बाइक पर सवार होकर आए और उन्हें रोककर जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान एक गोली सुखदीप सिंह की पीठ में जा लगी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। घायल सुखदीप सिंह को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से भी उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना के पीछे चुनावी रंजिश की बात सामने आ रही है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।1