नैनीताल जिले में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहाँ भीमताल से मुक्तेश्वर की ओर पत्थर लेकर जा रहा एक डंपर अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के बीच एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह हादसा देर रात तब हुआ जब चालक का डंपर से नियंत्रण हट गया और वाहन सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। आपदा नियंत्रण कक्ष नैनीताल को सूचना मिलने के बाद राहत कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल, जो कि भवाली में फ़रसौली के समीप था, पहुँची। मौके पर पत्थरों से भरा डंपर खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा मिला। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम उठाकर खाई में उतरकर चालक की तलाश की और उसे झाड़ियों के बीच घायल अवस्था में पाया। बताया गया कि डंपर के खाई में गिरने के दौरान चालक वाहन से बाहर छिटक गया था और झाड़ियों में फंसने के कारण उसकी जान बच गई। घायल चालक की पहचान सूरज सिंह बिष्ट पुत्र देवेंद्र सिंह, निवासी कसियालेक, मुक्तेश्वर के रूप में हुई है। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ कर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए भवाली अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार, चालक को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रात के अंधेरे और कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ टीम की सराहना की, जिससे चालक की जान बचाई जा सकी। फिलहाल, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि यह दुर्घटना तीखे मोड़ या वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुई होगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।
नैनीताल जिले में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहाँ भीमताल से मुक्तेश्वर की ओर पत्थर लेकर जा रहा एक डंपर अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के बीच एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह हादसा देर रात तब हुआ जब चालक का डंपर से नियंत्रण हट गया और वाहन सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। आपदा नियंत्रण कक्ष नैनीताल को सूचना मिलने के बाद राहत कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल, जो कि भवाली में फ़रसौली के समीप था, पहुँची। मौके पर पत्थरों से भरा डंपर खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा मिला। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम उठाकर खाई में उतरकर चालक की तलाश की और उसे झाड़ियों के बीच घायल अवस्था में पाया। बताया गया कि डंपर के खाई में गिरने के दौरान चालक वाहन से बाहर छिटक गया था और झाड़ियों में फंसने के कारण उसकी जान बच गई। घायल चालक की पहचान सूरज सिंह बिष्ट पुत्र देवेंद्र सिंह, निवासी कसियालेक, मुक्तेश्वर के रूप में हुई है। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ कर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए भवाली अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार, चालक को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रात के अंधेरे और कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ टीम की सराहना की, जिससे चालक की जान बचाई जा सकी। फिलहाल, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि यह दुर्घटना तीखे मोड़ या वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुई होगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।
- उत्तराखंड में आगामी चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज होने के बीच, नैनीताल क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में विख्यात समाजसेवी शीलू कुमार ने राजनीतिक दलों पर वाल्मीकि समाज की लगातार उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर चुनाव में वाल्मीकि समाज के योग्य चेहरों को टिकट से जानबूझकर वंचित किया जाता है। इसे समाज को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की एक सोची-समझी साजिश बताया गया है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शीलू कुमार ने समाज की नई राजनीतिक दिशा तय करते हुए घोषणा की है कि वाल्मीकि समाज का संगठन अब किसी पार्टी विशेष के पीछे नहीं भागेगा। समाज का यह स्पष्ट निर्णय है कि जो भी राजनीतिक दल वाल्मीकि समाज के प्रत्याशी को टिकट देकर मैदान में उतारेगा, पूरा संगठन पूरी ताकत से केवल उसी का समर्थन करेगा। इसके अलावा, समाज से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशी को भी संगठन का पूरा सहयोग और समर्थन मिलेगा। अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए संगठन ने भवाली में एक ऐतिहासिक जन सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की है। अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले इस विधानसभा सम्मेलन में 5 से 7 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है, जिसकी आधिकारिक तारीख प्रशासन से अनुमति मिलते ही घोषित कर दी जाएगी। इस महासम्मेलन की तैयारी के लिए भवाली में ही एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसके लिए 2,000 सक्रिय कार्यकर्ताओं की विशेष टीम का गठन किया जा चुका है। संगठन केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग हर बूथ पर कमेटियां तैयार कर ली गई हैं। वर्तमान में 1,500 से 2,000 समर्पित कार्यकर्ता धरातल पर काम कर रहे हैं और बूथ स्तर पर जिम्मेदारियों की घोषणा भी शुरू हो चुकी है। अगस्त के इस शक्ति प्रदर्शन के बाद, सितंबर महीने में पूरे प्रदेश को लेकर एक महामंथन बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य स्तरीय रणनीति पर अंतिम मुहर लगेगी। अंत में शीलू कुमार ने स्पष्ट किया कि इस पूरे आंदोलन की मुख्य प्राथमिकता क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारना और युवाओं को बेहतर व उच्च शिक्षा दिलाना है।3
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹29.65 करोड़ की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी पुल को जनता को समर्पित कर उसका लोकार्पण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर स्थित यह धनगढ़ी सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्र को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पुल के निर्माण से बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ जाने और मार्ग बंद होने के कारण लोगों को होने वाली आवागमन की समस्या से निजात मिली है, जिससे यह कुमाऊँ एवं गढ़वाल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बन गया है। यह पुल विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान तक पहुँचने का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा पौड़ी गढ़वाल के लाखों नागरिकों के दैनिक आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं आवश्यक सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक पुल का लोकार्पण नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की जनता के वर्षों के संघर्षों और धैर्य की जीत का दिन है। उन्होंने जोर दिया कि धनगढ़ी पुल पूरे उत्तराखंड का पुल है, जो कुमाऊं मंडल एवं गढ़वाल मंडल को जोड़ता है और राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है। पुल के निर्माण से वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य सरकार द्वारा 'सेवा, सुशासन और विकास' के सफल 5 वर्ष पूरे करने का प्रतीक भी बताया। उन्होंने कहा कि इन 5 वर्षों में सरकार ने उत्तराखंड के प्रत्येक गांव, घर और परिवार तक विकास पहुँचाने का कार्य किया है, जिससे आज आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, विस्तृत रेल नेटवर्क, देश का सबसे लंबा रोपवे, तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उन्होंने 'सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि' की कार्यसंस्कृति पर बल देते हुए कहा कि राज्य में जिस योजना का शिलान्यास किया जाता है, उसका समयबद्ध ढंग से काम पूरा कराकर लोकार्पण भी किया जाता है। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि धनगढ़ी सेतु के निकट ₹18 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में इस पर यातायात संचालित हो रहा है, जिसका डामरीकरण का अंतिम कार्य शीघ्र पूरा कर इसे भी पूर्ण रूप से जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये दोनों पुल आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनेंगे और यह उत्तराखण्ड के संतुलित विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों पर बसे परिवारों की समस्याओं पर उचित कार्यवाही करने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टमटा ने भी पुल की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा, बरसात के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या समाप्त होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि इससे कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, जिससे चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने क्षेत्र के गिरिजा देवी (गर्जिया) मंदिर में पूजा अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की और पुल के पैदल भ्रमण के दौरान कॉर्बेट की सीमा पर पुल के समीप आए वन्य जीवों का भी दीदार किया। इस अवसर पर विभिन्न विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, दर्जा राज्यमंत्री, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित क्षेत्रीय जनता और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।2
- नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 मंजूनाथ टी०सी० के निर्देशों का पालन करते हुए, जनपद में अपराध नियंत्रण और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत भवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली भवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक नागरिक का गुम हुआ कीमती मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर उसे सकुशल वापस सौंप दिया है। यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता नीरज ने 01 जुलाई 2026 को कोतवाली भवाली में अपने मोबाइल फोन के अचानक गुम हो जाने के संबंध में एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत प्राप्त होते ही, भवाली पुलिस द्वारा तत्काल मामले की जांच और मोबाइल की खोजबीन शुरू की गई। श्री प्रकाश सिंह मेहरा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भवाली, के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए अथक प्रयासों के बाद गुमशुदा मोबाइल को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला। आज, 05 जुलाई 2026 को, वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्री आसिफ खान द्वारा कोतवाली परिसर में नीरज और उनके साथियों की मौजूदगी में बरामद किया गया मोबाइल फोन उनके सुपुर्द किया गया। मात्र चार दिनों के भीतर अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर पीड़ित नीरज के चेहरे पर खुशी लौट आई। मोबाइल फोन वापस मिलने पर नीरज और उनके साथियों ने भवाली पुलिस को तहे दिल से आभार व्यक्त किया। एसएसपी नैनीताल के निर्देशन में भवाली पुलिस ने न केवल गुम हुए मोबाइल को ढूंढकर स्वामी को सुपुर्द किया, बल्कि उनकी मुस्कान भी लौटाई।1
- आज युवा साथियों ने कालाढूंगी-कोटाबाग मुख्य मोटर मार्ग की खराब हालत के विरोध में एक अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मार्ग पर धान की रोपाई की, यह दर्शाने के लिए कि सड़क अब वाहनों के चलने योग्य नहीं रही और खेतों में बदल चुकी है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस मामले पर अभी भी खामोश हैं।1
- अल्मोड़ा नगर निगम ने शहर के निवासियों और पर्यटकों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर लगभग ₹25 लाख की लागत से 15 वाटर कूलर स्थापित किए हैं। रविवार को भैरव मंदिर परिसर में लगाए गए एक वाटर कूलर का उद्घाटन महापौर अजय वर्मा, नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा और स्थानीय पार्षद अमित साह मोनू ने संयुक्त रूप से किया। नगर निगम के अनुसार, ये सभी वाटर कूलर शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, छात्र-छात्राएँ, व्यापारी, श्रद्धालु और पर्यटक पहुँचते हैं, जिससे गर्मी के मौसम में उन्हें स्वच्छ और ठंडा पेयजल आसानी से मिल सकेगा। महापौर अजय वर्मा ने कहा कि नगर निगम लगातार नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए काम कर रहा है और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, जिससे इन वाटर कूलरों से प्रतिदिन हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि सभी वाटर कूलरों के नियमित रखरखाव, साफ-सफाई और संचालन की उचित व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को लगातार गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलता रहे। उन्होंने जोर दिया कि नगर निगम जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है ताकि शहर को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा सके। स्थानीय पार्षद अमित साह मोनू ने भैरव मंदिर समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर वाटर कूलर लगने से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मिलने वाली बड़ी सुविधा को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह भंडारी, पार्षद अभिषेक जोशी, आशा बिष्ट, राधा मटियानी, पूनम त्रिपाठी सहित अन्य नगर निगम जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। नगर निगम ने नागरिकों से इन सार्वजनिक सुविधाओं का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने और उनकी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।1
- प. पू. श्री गुरुजी ने अपने विचारों में परकीय आक्रमणों के मूल कारणों पर प्रकाश डाला है, जिसमें राष्ट्रजीवन की धारणा की शिथिलता को एक प्रमुख सहायक कारण बताया गया है। उनके अनुसार, स्वार्थ के वशीभूत होकर हमने न केवल आपस में संघर्ष किया, बल्कि सहायता के लिए परकीयों को बुलाने में भी कोई संकोच नहीं किया। ऐसा करते हुए हमने यह विचार नहीं किया कि इस प्रकार हम अपनी ही मातृभूमि को संकट में डाल रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति का कारण राष्ट्रभक्तिहीन, परस्पर संघर्षमय, असंगठित और छिन्न-विच्छिन्न समाजजीवन को बताया। यह आंतरिक कमजोरी ही विदेशी ताकतों को हावी होने का अवसर देती रही है। प. पू. श्री गुरुजी ने गंभीर चेतावनी देते हुए प्रश्न किया है कि यदि इस मूल कारण को दूर नहीं किया गया, तो आज प्राप्त स्वतंत्रता को कैसे बनाए रखा जा सकेगा। उनके ये विचार राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।1
- उत्तराखंड के बाजपुर स्थित झारखंडी गांव में विकास कार्यों को हरी झंडी मिल गई है। गांव में सड़क निर्माण, सोलर लाइट लगाने और पुलिया बनाने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।1
- नैनीताल जिले में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहाँ भीमताल से मुक्तेश्वर की ओर पत्थर लेकर जा रहा एक डंपर अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के बीच एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह हादसा देर रात तब हुआ जब चालक का डंपर से नियंत्रण हट गया और वाहन सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। आपदा नियंत्रण कक्ष नैनीताल को सूचना मिलने के बाद राहत कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल, जो कि भवाली में फ़रसौली के समीप था, पहुँची। मौके पर पत्थरों से भरा डंपर खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा मिला। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम उठाकर खाई में उतरकर चालक की तलाश की और उसे झाड़ियों के बीच घायल अवस्था में पाया। बताया गया कि डंपर के खाई में गिरने के दौरान चालक वाहन से बाहर छिटक गया था और झाड़ियों में फंसने के कारण उसकी जान बच गई। घायल चालक की पहचान सूरज सिंह बिष्ट पुत्र देवेंद्र सिंह, निवासी कसियालेक, मुक्तेश्वर के रूप में हुई है। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ कर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए भवाली अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार, चालक को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रात के अंधेरे और कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ टीम की सराहना की, जिससे चालक की जान बचाई जा सकी। फिलहाल, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि यह दुर्घटना तीखे मोड़ या वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुई होगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।1