सालासर समिति की पहल से 90 दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान दीपावली पर नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे, सेवा के इस कार्य की नगर में हो रही सराहना नवापारा-राजिम। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने और दूसरों के जीवन में उजाला लाने का पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए नगर की प्रसिद्ध धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति ने 90 दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को दीपावली की खुशियां बांटीं। समिति ने इन बच्चों को नए कपड़े, मिठाई और नमकीन उपलब्ध कराए। इस पहल से बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण खुशियों से भर गया। समिति ने प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी जरूरतमंद बच्चों के बीच दीपावली मनाई। इस दौरान नवागांव बुडेनी स्थित सेवा संकल्प संस्थान के 62 तथा अभनपुर की नेकी की कुटिया के 28 बच्चे शामिल हुए। इन बच्चों में नेत्रहीन, मूक-बधिर, बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं अनाथ बच्चे शामिल थे। नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। जो बच्चे देख सकते थे, वे अपनी पसंद के कपड़े चुनने में जुटे रहे। बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान और उनकी खुशी देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह आयोजन केवल उपहार बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के उन बच्चों के साथ खुशियां साझा करने का माध्यम बना, जिन्हें अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता। सेवा से मिलता है आत्मिक सुख : राजू काबरा संस्था के संस्थापक राजू काबरा ने कहा कि ये बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और ईश्वर की संतान हैं। भले ही कुछ बच्चे बोल, देख या सुन नहीं पाते, लेकिन उनके मन में भी इच्छाएं और भावनाएं होती हैं। दूसरे बच्चों की तरह उनका भी मन करता है कि वे त्योहार पर नए कपड़े पहनें, मिठाइयां खाएं और खुशियां मनाएं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि दीपावली नजदीक आने पर जब बोलने में सक्षम बच्चे उनसे नए कपड़े दिलाने की मांग करते हैं, तो उनका मन भर आता है। ऐसे बच्चों की इच्छाओं को पूरा करना और उनके जीवन में खुशियां लाना ही सच्ची सेवा है। इससे ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और सेवा करने वालों को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। काबरा ने बताया कि समिति द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्य नगर एवं अंचल के लोगों के सहयोग से संपन्न होते हैं। समाज के सहयोग से ही जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता में भी बढ़ाया था हाथ उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी सालासर समिति ने जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। समिति की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की गई थी। इस सेवा कार्य की भी नगर में काफी सराहना हुई थी। दीपावली पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के साथ खुशियां बांटकर समिति ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। भजनों से गूंज उठा आयोजन स्थल कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने हनुमान चालीसा, 'तीन बाणधारी' और 'राम-राम जप' जैसे भजनों का गायन कर माहौल को भक्तिमय एवं खुशनुमा बना दिया। राजपाल परिवार की ओर से बच्चों को स्वल्पाहार एवं चाय भी पिलाई गई। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राजू काबरा, संतोष अग्रवाल, रूपेंद्र चंद्राकर, कविता इसरानी, सरिता सिंह, मोहिनी साहू, सुरेश काबरा, गोविंद, दीपेश, प्रवेश राजपाल, नारायण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों की देखरेख करने वाली सेवा संकल्प संस्थान नवागांव बुडेनी की ओर से सुनीता साहू, रूपल शर्मा, अनिता एवं पूजा साहू तथा नेकी की कुटिया अभनपुर की ओर से योशिता गोस्वामी एवं संध्या साहू बच्चों को लेकर पहुंची थीं। समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी अपने लिए खुशियां जुटाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में मुस्कान लाने में है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।
सालासर समिति की पहल से 90 दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान दीपावली पर नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे, सेवा के इस कार्य की नगर में हो रही सराहना नवापारा-राजिम। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने और दूसरों के जीवन में उजाला लाने का पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए नगर की प्रसिद्ध धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति ने 90 दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को दीपावली की खुशियां बांटीं। समिति ने इन बच्चों को नए कपड़े, मिठाई और नमकीन उपलब्ध कराए। इस पहल से बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण खुशियों से भर गया। समिति ने प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी जरूरतमंद बच्चों के बीच दीपावली मनाई। इस दौरान नवागांव बुडेनी स्थित सेवा संकल्प संस्थान के 62 तथा अभनपुर की नेकी की कुटिया के 28 बच्चे शामिल हुए। इन बच्चों में नेत्रहीन, मूक-बधिर, बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं अनाथ बच्चे शामिल थे। नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। जो बच्चे देख सकते थे, वे अपनी पसंद के कपड़े चुनने में जुटे रहे। बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान और उनकी खुशी देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह आयोजन केवल उपहार बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के उन बच्चों के साथ खुशियां साझा करने का माध्यम बना, जिन्हें अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता। सेवा से मिलता है आत्मिक सुख : राजू काबरा संस्था के संस्थापक राजू काबरा ने कहा कि ये बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और ईश्वर की संतान हैं। भले ही कुछ बच्चे बोल, देख या सुन नहीं पाते, लेकिन उनके मन में भी इच्छाएं और भावनाएं होती हैं। दूसरे बच्चों की तरह उनका भी मन करता है कि वे त्योहार पर नए कपड़े पहनें, मिठाइयां खाएं और खुशियां मनाएं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि दीपावली
नजदीक आने पर जब बोलने में सक्षम बच्चे उनसे नए कपड़े दिलाने की मांग करते हैं, तो उनका मन भर आता है। ऐसे बच्चों की इच्छाओं को पूरा करना और उनके जीवन में खुशियां लाना ही सच्ची सेवा है। इससे ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और सेवा करने वालों को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। काबरा ने बताया कि समिति द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्य नगर एवं अंचल के लोगों के सहयोग से संपन्न होते हैं। समाज के सहयोग से ही जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता में भी बढ़ाया था हाथ उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी सालासर समिति ने जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। समिति की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की गई थी। इस सेवा कार्य की भी नगर में काफी सराहना हुई थी। दीपावली पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के साथ खुशियां बांटकर समिति ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। भजनों से गूंज उठा आयोजन स्थल कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने हनुमान चालीसा, 'तीन बाणधारी' और 'राम-राम जप' जैसे भजनों का गायन कर माहौल को भक्तिमय एवं खुशनुमा बना दिया। राजपाल परिवार की ओर से बच्चों को स्वल्पाहार एवं चाय भी पिलाई गई। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राजू काबरा, संतोष अग्रवाल, रूपेंद्र चंद्राकर, कविता इसरानी, सरिता सिंह, मोहिनी साहू, सुरेश काबरा, गोविंद, दीपेश, प्रवेश राजपाल, नारायण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों की देखरेख करने वाली सेवा संकल्प संस्थान नवागांव बुडेनी की ओर से सुनीता साहू, रूपल शर्मा, अनिता एवं पूजा साहू तथा नेकी की कुटिया अभनपुर की ओर से योशिता गोस्वामी एवं संध्या साहू बच्चों को लेकर पहुंची थीं। समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी अपने लिए खुशियां जुटाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में मुस्कान लाने में है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।
- सालासर समिति की पहल से 90 दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान दीपावली पर नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे, सेवा के इस कार्य की नगर में हो रही सराहना नवापारा-राजिम। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने और दूसरों के जीवन में उजाला लाने का पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए नगर की प्रसिद्ध धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति ने 90 दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को दीपावली की खुशियां बांटीं। समिति ने इन बच्चों को नए कपड़े, मिठाई और नमकीन उपलब्ध कराए। इस पहल से बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण खुशियों से भर गया। समिति ने प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी जरूरतमंद बच्चों के बीच दीपावली मनाई। इस दौरान नवागांव बुडेनी स्थित सेवा संकल्प संस्थान के 62 तथा अभनपुर की नेकी की कुटिया के 28 बच्चे शामिल हुए। इन बच्चों में नेत्रहीन, मूक-बधिर, बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं अनाथ बच्चे शामिल थे। नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। जो बच्चे देख सकते थे, वे अपनी पसंद के कपड़े चुनने में जुटे रहे। बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान और उनकी खुशी देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह आयोजन केवल उपहार बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के उन बच्चों के साथ खुशियां साझा करने का माध्यम बना, जिन्हें अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता। सेवा से मिलता है आत्मिक सुख : राजू काबरा संस्था के संस्थापक राजू काबरा ने कहा कि ये बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और ईश्वर की संतान हैं। भले ही कुछ बच्चे बोल, देख या सुन नहीं पाते, लेकिन उनके मन में भी इच्छाएं और भावनाएं होती हैं। दूसरे बच्चों की तरह उनका भी मन करता है कि वे त्योहार पर नए कपड़े पहनें, मिठाइयां खाएं और खुशियां मनाएं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि दीपावली नजदीक आने पर जब बोलने में सक्षम बच्चे उनसे नए कपड़े दिलाने की मांग करते हैं, तो उनका मन भर आता है। ऐसे बच्चों की इच्छाओं को पूरा करना और उनके जीवन में खुशियां लाना ही सच्ची सेवा है। इससे ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और सेवा करने वालों को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। काबरा ने बताया कि समिति द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्य नगर एवं अंचल के लोगों के सहयोग से संपन्न होते हैं। समाज के सहयोग से ही जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता में भी बढ़ाया था हाथ उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी सालासर समिति ने जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। समिति की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की गई थी। इस सेवा कार्य की भी नगर में काफी सराहना हुई थी। दीपावली पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के साथ खुशियां बांटकर समिति ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। भजनों से गूंज उठा आयोजन स्थल कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने हनुमान चालीसा, 'तीन बाणधारी' और 'राम-राम जप' जैसे भजनों का गायन कर माहौल को भक्तिमय एवं खुशनुमा बना दिया। राजपाल परिवार की ओर से बच्चों को स्वल्पाहार एवं चाय भी पिलाई गई। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राजू काबरा, संतोष अग्रवाल, रूपेंद्र चंद्राकर, कविता इसरानी, सरिता सिंह, मोहिनी साहू, सुरेश काबरा, गोविंद, दीपेश, प्रवेश राजपाल, नारायण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों की देखरेख करने वाली सेवा संकल्प संस्थान नवागांव बुडेनी की ओर से सुनीता साहू, रूपल शर्मा, अनिता एवं पूजा साहू तथा नेकी की कुटिया अभनपुर की ओर से योशिता गोस्वामी एवं संध्या साहू बच्चों को लेकर पहुंची थीं। समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी अपने लिए खुशियां जुटाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में मुस्कान लाने में है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।2
- गांव सारखी का मामला दो पक्षों का विवाद थाने पहुंचा कौन है जिम्मेदार विधवा महिला को बेदखल करने के आरोप से ग्राम विकास समिति घिरी। समिति ने आरोपों से किया इनकार। आखिर कौन सही और कौन गलत? मामला पहुंचा पुलिस तक। पूरी खबर वीडियो में देखें। #BreakingNews #ग्रामविकाससमिति #विधवामहिला #पुलिस #जनहित #अमनप्रकाशन्यूज़1
- ऑपरेशन निश्चय: तिल्दा-नेवरा में 550 ग्राम गांजा के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार खरोरा से तिल्दा आ रहे थे तीनों युवक, सेंचुरी मोड़ के पास पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा मोटरसाइकिल सहित ₹1.05 लाख से अधिक की सामग्री जब्त, तीनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल तिल्दा-नेवरा। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत तिल्दा-नेवरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 550 ग्राम गांजा के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल सहित कुल ₹1,05,250 की सामग्री जब्त की है। तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 RE 3882 में सवार तीन युवक खरोरा से तिल्दा की ओर आ रहे हैं। उनके पास एक काले रंग के बैग में गांजा रखा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सेंचुरी मोड़ के पास घेराबंदी की और बताए गए हुलिए एवं वाहन के आधार पर तीनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बैग की तलाशी ली। इस दौरान सफेद पन्नी में रखा 550 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा और परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध क्रमांक 474/2026 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नितेश नेताम (19 वर्ष), पिता राजेन्द्र नेताम, निवासी ग्राम निलजा, थाना खरोरा; समीर मंडावी (19 वर्ष), पिता रेख सिंह मंडावी, निवासी ग्राम कठिया, थाना खरोरा; तथा विकास नेताम (20 वर्ष), पिता दरवन नेताम, निवासी ग्राम निलजा, थाना खरोरा, जिला रायपुर शामिल हैं। ₹1,05,250 की सामग्री जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 550 ग्राम गांजा, जिसकी कीमत ₹25,250 बताई गई है, तथा घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत ₹80,000 है, जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत ₹1,05,250 बताई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर द्वारा संचालित ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती चंचल तिवारी एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (विधानसभा) श्री वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी तिल्दा-नेवरा निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक द्वारिका प्रसाद ध्रुव एवं पेट्रोलिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। लोकेशन – तिल्दा-नेवरा पवन बघेल | PNBCG NEWS TILDA NEORA2
- दुर्ग पुलिस का फरार वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान,एक सप्ताह में 201 स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष किया गया पेश दुर्ग पुलिस का फरार वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान *एक सप्ताह में 201 स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष किया गया पेश* - *लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए दुर्ग पुलिस का विशेष अभियान* । - *दिनांक 20.10.2026 से 26.10.2026 तक जिले के समस्त थाना/चौकी क्षेत्रों में चलाया गया अभियान* । - *201 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामीली की गई* । - *न्यायालयीन आदेशों के पालन एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने दुर्ग पुलिस की प्रभावी कार्रवाई* । - *फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए थाना/चौकी स्तर पर पुलिस टीमों की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका।* कार्रवाई का विवरण दुर्ग पुलिस द्वारा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा माननीय न्यायालय द्वारा जारी स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामीली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 20.10.2026 से 26.10.2026 तक विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी हेतु विशेष प्रयास किए गए। इस दौरान पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास करते हुए 201 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध जारी स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामीली की गई तथा उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस विशेष अभियान में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने सक्रियता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। *थानावार स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंट तामीली का विवरण* 1| थाना दुर्ग 28 2| थाना सुपेला 22 3| थाना नेवई 20 4| थाना वैशाली नगर 16 5| थाना पद्मनाभपुर 15 6| थाना छावनी 14 7| थाना भिलाई नगर 11 8| थाना उतई 09 9| थाना जामुल 08 10| थाना नंदिनी नगर 08 11| थाना खुर्सीपार 07 12| थाना भिलाई भट्ठी 06 13| महिला थाना 06 14| अन्य थाना/चौकी 32 *पुलिस टीमों की सराहनीय भूमिका* इस विशेष अभियान की सफलता में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वारंटियों की पतासाजी, गिरफ्तारी एवं न्यायालयीन आदेशों के पालन के लिए सक्रियता से कार्य किया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा वारंटों की तामीली को कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। *दुर्ग पुलिस का उद्देश्य* इस अभियान का मुख्य उद्देश्य माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करना, लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी करना, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना तथा कानून के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना है। दुर्ग पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फरार वारंटियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। *आम नागरिकों से अपील* दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी फरार वारंटी अथवा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्ति के संबंध में जानकारी होने पर तत्काल नजदीकी थाना/चौकी अथवा पुलिस को सूचित करें। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकती है। दुर्ग पुलिस — कानून का पालन, अपराध पर प्रहार।2
- lekin mera bhai Maharashtra mein kya bol raha hai abhi tak Maharashtra news1
- ज्वेलरी दुकान में नकबजनी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, 87 हजार की चांदी बरामद धमतरी पुलिस ने ज्वेलरी रिपेयरिंग दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने वाले 2 आरोपियों को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है,,,,,प्रार्थी राजेन्द्र सोनी की दुकान से 9 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी और 6 हजार 500 रुपये नकद चोरी हुए थे जिसकी रिपोर्ट पर अपराध दर्ज किया गया था,,,,,मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आमातालाब के पास घेराबंदी कर जयेश शर्मा और दानेश्वर बनबेर को पकड़ा,,,,उनके पास से 87 हजार की चांदी के 3 टुकड़े, 3 मोबाइल और एक स्कूटी जब्त की गई,,,,सोना बेचने वाले 2 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।1
- बिल्हा थाना छेत्र की एक 17 वर्ष 8 माह की नाबालिक बिन बताये घर से हुई फरार पिता न बिल्हा थाना छेत्र की एक 17 वर्ष 8 माह की नाबालिक बिन बताये घर से हुई फरार पिता ने बिल्हा थाना मे दर्ज कराई रिपोर्ट आज मंगलवार की साम 6 बजे मिली जानकारी अनुसार बिल्हा थाना छेत्र के एक ग्राम पंचायत मे रहने वाले 38 वर्षीय पिता ने मंगलवार की साम 16/40 बजे थाना उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज करवाया की विववरण – मैं बिल्हा थाना छेत्र एक ग्राम पंचायत मे रहता हु खेती किसानी का काम करता हूं। मेरे 05 लडकी एवं 01 लडका है मेरी बडी लडकी जिसकी जन्म तिथी 21/02/2009 उम्र 17 साल 08 माह की है जो कक्षा 08 वी की पढाई कर छोड चुकी है। जो दिनांक 24/10/2026 को सुबह करीबन 09/30 बजे घर से बिना कुछ बताये कही चली गयी जिसकी आसपास एवं रिस्तेदारो मे पता तलास किये किन्तु कोई पता नही चला है। मुझे संदेह है कि मेरी नाबालिक लडकी को कोई अज्ञात ब्यक्ति बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है जिसकी पता तलास करने पश्चात नही मिलन पर आज थाना रिपोर्ट करने आया हॅू, रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जावें प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है1
- नवापारा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन, पंच परिवर्तन का दिया संदेश विजयादशमी पर स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर किया संचलन, मुख्य वक्ता गौरीशंकर कश्यप ने युवाओं से संघ से जुड़ने का किया आह्वान नवापारा-राजिम। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नवापारा नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें नगर के स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर अनुशासित तरीके से संचलन किया। राष्ट्रगीत गाते हुए स्वयंसेवक गंज रोड, सदर रोड, किसानपारा, शीतलापारा और काली मंदिर मार्ग से होते हुए गायत्री माता मंदिर पहुंचे, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सीईओ नोहरदास मानिकपुरी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप उपस्थित रहे। विजयादशमी अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व मुख्य वक्ता गौरीशंकर कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी साधना और उपासना का पर्व है। यह अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नागपुर की पवित्र धरती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जो बीज बोया गया था, वह आज भारत सहित विश्व के अनेक देशों में विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने युवा पीढ़ी से राष्ट्र निर्माण के कार्यों में आगे आने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संकल्पित, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि स्वयंसेवक समाज के विकास एवं राष्ट्र सेवा के लिए तन, मन और धन से समर्पित रहते हैं। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन पर जोर अपने संबोधन में कश्यप ने संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन के विषय में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव, नागरिक कर्तव्यबोध, कुटुंब प्रबोधन और स्व का बोध जैसे विषयों को समाज एवं राष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। संघ के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक रहे उपस्थित कार्यक्रम का संचालन नगर सह कार्यवाह प्रदीप मिश्रा ने किया। एकल गीत तुषार साहू ने प्रस्तुत किया। मुख्य शिक्षक की भूमिका रितेश साहू ने निभाई, जबकि समीर साहू ने प्रार्थना कराई। अमृत वचन मुकेश निषाद ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नगर के माननीय संघचालक सनत चौधरी, प्रांत सह कार्यवाह गोपाल यादव, रायपुर जिला कार्यवाह लोकनाथ साहू, जिला प्रचारक रोहित प्रजापति सहित गायत्री शक्तिपीठ नवापारा के कार्यकर्ता एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मनोज विश्वकर्मा, वीरेंद्र साहू, विनोद देवांगन, सोहेंद्र साहू, चंदन साहू, मुकेश निषाद, हुकुम साहू, अमन पाटकर, योगेश यादव, गोविंद साहू, नरेंद्र साहू, समीर साहू, सूरज चक्रधारी, हेमंत साहू, सुमित देवांगन, रितेश साहू, तुषार साहू सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता निभाई। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन, एकजुटता और राष्ट्रसेवा का संकल्प देखने को मिला। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी का संदेश दिया गया।2