आगर के बड़ोद क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। लगातार कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े तालाब और कुएं सूख चुके हैं, जिससे सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष विक्रम सिंह आंजना का कहना है कि बारिश की लंबी खेंच की वजह से फसलें खराब होने की स्थिति में पहुँच गई हैं। इसके साथ ही खेतों में इल्ली रोग लगने से भी फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कई खेतों में पौधों की बढ़वार रुक गई है और यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो फसलों के सूखने और उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है। इस कृषि संकट पर कृषि अधिकारी जगत डावर का कहना है कि खरीफ फसलों की इस अवस्था में समय पर वर्षा होना बेहद आवश्यक है। मौसम विभाग के अनुसार 19 या 20 जुलाई तक बारिश होने की संभावना बन सकती है, लेकिन यदि सूखे जैसे हालात एक सप्ताह तक और बने रहे, तो फसलों की स्थिति काफी बिगड़ सकती है और पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फिलहाल, किसान जल्द अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि फसलों को नया जीवन मिल सके।
आगर के बड़ोद क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। लगातार कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े तालाब और कुएं
सूख चुके हैं, जिससे सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष विक्रम सिंह आंजना का कहना है कि बारिश की लंबी खेंच की वजह से फसलें खराब होने की स्थिति में पहुँच गई हैं। इसके साथ ही खेतों में इल्ली रोग लगने से भी फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी
दी है कि कई खेतों में पौधों की बढ़वार रुक गई है और यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो फसलों के सूखने और उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है। इस कृषि संकट पर कृषि अधिकारी जगत डावर का कहना है कि खरीफ फसलों की इस अवस्था में समय पर वर्षा होना बेहद आवश्यक
है। मौसम विभाग के अनुसार 19 या 20 जुलाई तक बारिश होने की संभावना बन सकती है, लेकिन यदि सूखे जैसे हालात एक सप्ताह तक और बने रहे, तो फसलों की स्थिति काफी बिगड़ सकती है और पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फिलहाल, किसान जल्द अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि फसलों को नया जीवन मिल सके।
- आगर के बड़ोद क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। लगातार कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े तालाब और कुएं सूख चुके हैं, जिससे सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष विक्रम सिंह आंजना का कहना है कि बारिश की लंबी खेंच की वजह से फसलें खराब होने की स्थिति में पहुँच गई हैं। इसके साथ ही खेतों में इल्ली रोग लगने से भी फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कई खेतों में पौधों की बढ़वार रुक गई है और यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो फसलों के सूखने और उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है। इस कृषि संकट पर कृषि अधिकारी जगत डावर का कहना है कि खरीफ फसलों की इस अवस्था में समय पर वर्षा होना बेहद आवश्यक है। मौसम विभाग के अनुसार 19 या 20 जुलाई तक बारिश होने की संभावना बन सकती है, लेकिन यदि सूखे जैसे हालात एक सप्ताह तक और बने रहे, तो फसलों की स्थिति काफी बिगड़ सकती है और पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फिलहाल, किसान जल्द अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि फसलों को नया जीवन मिल सके।4
- बंदी छोड़ सतगूरू रामपाल जी महाराज द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम चलाई गई है। इस मुहिम के माध्यम से हर गरीब व्यक्ति को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और चिकित्सा सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, किसानों को भी खाद, बीज और दवाई मुहैया कराई जाएगी। इस परोपकारी अभियान के साथ 'सत् साहेब जी' का संदेश साझा किया गया है।1
- मध्य प्रदेश की आलोट मंडी में 15 जुलाई 2026 को सोयाबीन और गेहूं दोनों के बाजारों में तेजी का माहौल देखने को मिला है। अर्जुन राठौर 294 द्वारा रोजाना दी जाने वाली इस मंडी अपडेट में किसानों को फसलों के दाम, आने वाले अवकाश की जानकारी और मंडी में आवक की ताजा स्थिति से अवगत कराया जाता है। किसानों से अपील की गई है कि वे सबसे पहले मंडी अपडेट पाने के लिए चैनल को लाइक और फॉलो करने के साथ-साथ कमेंट भी जरूर करें, ताकि 'अपनी मंडी अपना भाव अपना शहर अपना बाजार' की भावना के साथ स्थानीय बाजार आगे बढ़ सके।1
- आगर मालवा जिले के सुसनेर में प्रशासनिक कामकाज को रफ्तार देने के लिए कलेक्टर प्रीति यादव लगातार जमीनी मोर्चा संभाले हुए हैं। इसी कड़ी में गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कलेक्टर ने सोयतकलां में बन रहे नवीन तहसील कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण किया। करीब ₹6.5 करोड़ की लागत से बन रहे इस हाईटेक भवन की गुणवत्ता परखते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए निर्माण एजेंसी पी.आई.यू. को बाउंड्री वॉल और पहुंच मार्ग के लिए जल्द से जल्द नया एस्टीमेट भेजने के निर्देश दिए। जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त डेडलाइन दी है कि अगस्त के पहले हफ्ते तक हर हाल में काम पूरा किया जाए, क्योंकि इस काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर क्षेत्र के आंकली में सिंहस्थ-2028 के लिए एक होल्डिंग एरिया विकसित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सिंहस्थ के मद्देनजर तैयार किए जाने वाले इस होल्डिंग एरिया में करीब एक हजार वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी।1
- मंदसौर जिले के शामगढ़ में एक नशा मुक्ति रैली निकाली गई। इस रैली में 500 छात्राओं ने भाग लिया और नशामुक्त समाज का संकल्प लिया।1
- सुसनेर में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बोरखेड़ीलढा के नारायण सिंह सिसोदिया को किसान मोर्चा का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके फलस्वरूप आज गुरुवार की शाम को 4 बजे तहसील रोड स्थित एक निजी निवास पर भाजपाइयों के द्वारा नारायण सिंह का फूलमालाएं पहनाकर व साफा बांधकर स्वागत किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। उक्त जानकारी भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉक्टर सौरभ जैन के द्वारा दी गई है।1
- पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ उमड़ने और धक्का-मुक्की होने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई है। इस घटना में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।1