बांदा में कृषि और पशु सखियां बदली रहीं जिले की सूरत। योगी सरकार की नीतियों से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं। योगी सरकार की प्रेरणा से लगभग 400 सखियाँ बनीं 'रोल मॉडल।' बांदा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब बुंदेलखंड की जमीन पर साफ दिखने लगा है। बांदा जिले में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत योगी सरकार द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का अभियान अब एक बड़ी क्रांति का रूप ले चुका है। जिले की लगभग कृषि सखियां जिन्हें 'फार्म आजीविका सखियां' कहा जाता है। इन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए न केवल किसानों की आय बढ़ा रही हैं। बल्कि प्राकृतिक और रसायन मुक्त खेती की अलख जगाकर मुख्यमंत्री के 'सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार कर रही हैं। *योगी सरकार की प्रेरणा से 'रोल मॉडल' बनीं ग्रामीण महिलाएं* डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल महिला सशक्तिकरण का सबसे बेहतरीन उदाहरण बांदा के गांवों में देखने को मिल रहा है। बड़ोखर खुर्द गांव की सरिता द्विवेदी, रीगा की सरिता शर्मा, सिमरिया की रीतु, कोर्रम की राधा और नरैनी की श्रीदेवी जैसी सैकड़ों महिलाएं आज योगी सरकार की नीतियों के चलते समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। सरकार ने कृषि सखी और पशु सखी के कार्यों को एकीकृत करते हुए इन्हें 'फार्म आजीविका सखी' का नया नाम और सम्मान दिया है। *किचन गार्डन से 'प्रेरणा पोषण वाटिका' तक का सफर* योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को कुपोषण से बचाना और जहर मुक्त भोजन उपलब्ध कराना है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए ये प्रशिक्षित सखियां गांवों में घर-घर जाकर 'प्रेरणा पोषण वाटिका' और किचन गार्डन तैयार करवा रही हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को घर पर ही ताजा और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैं जिससे स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में भारी सुधार हो रहा है। *जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा, बन रहे जैविक कीटनाशक* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्राकृतिक खेती और गो-आधारित कृषि के विजन को धरातल पर उतारते हुए ये सखियां खुद जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रही हैं। जिसके क्रम में इन महिलाओं के द्वारा बनाये गए घनजीवामृत और बीजामृत से खेतों को उपजाऊ बनाया जा रहा है वहीं नीमास्त्र और पंचगव्य जैसी स्वदेशी दवाओं से बिना किसी केमिकल के फसलों को कीटों से बचाया जा रहा है। इसके अलावा गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर भी इनके द्वारा सिखाए जा रहे हैं। जिससे खेती की लागत आधी और मुनाफा दोगुना हो रहा है। *गोवंश संरक्षण और पशुपालन को नई दिशा* योगी सरकार की गोवंश संरक्षण नीति को आगे बढ़ाते हुए ये सखियां पशुपालन के क्षेत्र में भी सराहनीय काम कर रही हैं। गांवों में पशुओं की प्राथमिक साफ-सफाई, टीकाकरण और हर्बल उपचार के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी पशु चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ये सखियां टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बना रही हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। *सीधे खाते में आ रहा मानदेय, महिलाएं हुईं आर्थिक रूप से समृद्ध* विभागीय अधिकारियों के मुताबिक योगी सरकार इन सखियों के हुनर और मेहनत का पूरा सम्मान कर रही है। मिशन के तहत इन्हें हर काम के बदले सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। एक किचन गार्डन तैयार करवाने पर ही सरकार द्वारा 500 का मानदेय दिया जा रहा है। अन्य कार्यों के लिए भी अलग से पारिश्रमिक तय है। इस पारदर्शी व्यवस्था से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ी है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। बुंदेलखंड की बदलती यह तस्वीर गवाही दे रही है कि योगी सरकार में विकास की बयार अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है।
बांदा में कृषि और पशु सखियां बदली रहीं जिले की सूरत। योगी सरकार की नीतियों से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं। योगी सरकार की प्रेरणा से लगभग 400 सखियाँ बनीं 'रोल मॉडल।' बांदा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब बुंदेलखंड की जमीन पर साफ दिखने लगा है। बांदा जिले में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत योगी सरकार द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का अभियान अब एक बड़ी क्रांति का रूप ले चुका है। जिले की लगभग कृषि सखियां जिन्हें 'फार्म आजीविका सखियां' कहा जाता है। इन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए न केवल किसानों की आय बढ़ा रही हैं। बल्कि प्राकृतिक और रसायन मुक्त खेती की अलख जगाकर मुख्यमंत्री के 'सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार कर रही हैं। *योगी सरकार की प्रेरणा से 'रोल मॉडल' बनीं ग्रामीण महिलाएं* डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल महिला सशक्तिकरण का सबसे बेहतरीन उदाहरण बांदा के गांवों में देखने को मिल रहा है। बड़ोखर खुर्द गांव की सरिता द्विवेदी, रीगा की सरिता शर्मा, सिमरिया की रीतु, कोर्रम की राधा और नरैनी की श्रीदेवी जैसी सैकड़ों महिलाएं आज योगी सरकार की नीतियों के चलते समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। सरकार ने कृषि सखी और पशु सखी के कार्यों को एकीकृत करते हुए इन्हें 'फार्म आजीविका सखी' का नया नाम और सम्मान दिया है। *किचन गार्डन से 'प्रेरणा पोषण वाटिका' तक का सफर* योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को कुपोषण से बचाना और जहर मुक्त भोजन उपलब्ध कराना है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए ये प्रशिक्षित सखियां गांवों में घर-घर जाकर 'प्रेरणा पोषण वाटिका' और किचन गार्डन तैयार करवा रही हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को घर पर ही ताजा और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैं जिससे स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में भारी सुधार हो रहा है। *जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा, बन रहे जैविक कीटनाशक* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्राकृतिक खेती और गो-आधारित कृषि के विजन को धरातल पर उतारते हुए ये सखियां खुद जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रही हैं। जिसके क्रम में इन महिलाओं के द्वारा बनाये गए घनजीवामृत और बीजामृत से खेतों को उपजाऊ बनाया जा रहा है वहीं नीमास्त्र और पंचगव्य जैसी स्वदेशी दवाओं से बिना किसी केमिकल के फसलों को कीटों से बचाया जा रहा है। इसके अलावा गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर भी इनके द्वारा सिखाए जा रहे हैं। जिससे खेती की लागत आधी और मुनाफा दोगुना हो रहा है। *गोवंश संरक्षण और पशुपालन को नई दिशा* योगी सरकार की गोवंश संरक्षण नीति को आगे बढ़ाते हुए ये सखियां पशुपालन के क्षेत्र में भी सराहनीय काम कर रही हैं। गांवों में पशुओं की प्राथमिक साफ-सफाई, टीकाकरण और हर्बल उपचार के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी पशु चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ये सखियां टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बना रही हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। *सीधे खाते में आ रहा मानदेय, महिलाएं हुईं आर्थिक रूप से समृद्ध* विभागीय अधिकारियों के मुताबिक योगी सरकार इन सखियों के हुनर और मेहनत का पूरा सम्मान कर रही है। मिशन के तहत इन्हें हर काम के बदले सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। एक किचन गार्डन तैयार करवाने पर ही सरकार द्वारा 500 का मानदेय दिया जा रहा है। अन्य कार्यों के लिए भी अलग से पारिश्रमिक तय है। इस पारदर्शी व्यवस्था से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ी है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। बुंदेलखंड की बदलती यह तस्वीर गवाही दे रही है कि योगी सरकार में विकास की बयार अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है।
- बांदा में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता के लिए रेड रन मैराथन प्रतियोगिता मैराथन का मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विजेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना। बांदा में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता के लिए रेड रन मैराथन प्रतियोगिता मैराथन का मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विजेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।1
- बांदा केवटरा मुक्ति धाम से ओवरलोड बालू का खेल, रात-दिन फर्राटे भर रहे ट्रैक्टर-ट्राली* *बांदा केवटरा मुक्ति धाम से ओवरलोड बालू का खेल, रात-दिन फर्राटे भर रहे ट्रैक्टर-ट्राली* बांदा जनपद केवटरा मुक्ति धाम से ओवरलोड बालू से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों का अवैध परिवहन खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि यहां से रात और दिन दोनों समय बालू से लदी ट्रालियां फर्राटे भरती हैं। सूत्रों का कहना है कि खनिज अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं। जिला प्रशासन भी इस पूरे खेल को अनदेखा कर रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिला अधिकारी और खनिज अधिकारी की मिलीभगत से ही ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां निकल रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये ओवरलोड वाहन दो-दो पुलिस चौकियों - जेल चौकी और संकट मोचन चौकी - के पास से होकर निकल जाते हैं, फिर भी कोई रोक-टोक नहीं होती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े-बड़े भाजपा नेताओं के हाथ इस कारोबार में हैं। बताया जा रहा है कि भूरागढ़ चौराहे पर एक नेता के चाचा के 2 ट्रैक्टर हैं जो मुक्तिधाम से रात-दिन बालू भरकर दौड़ते हैं। अब सवाल ये है कि क्या जिलाधिकारी और खनिज विभाग इस अवैध ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करेंगे, या प्रशासन की आंखों पर बंधी पट्टी ऐसे ही बनी रहेगी?1
- 10 साल से जलभराव की मार, बारिश में नरक बनी सड़क… ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार बांदा। महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही हालात और भी विकराल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहने से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जहां लगभग एक हजार लोग रहते हैं, बावजूद इसके आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिला मु1
- बबेरू तहसील बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह पर पहुंचे न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद का उद्बोधन1
- मौदहा हमीरपुर रविंद्र बलमिक ravindra balmik maudaha hamirpur रविंद्र बलमिक r1
- बांदा में हर-हर महादेव कांवड़ सेना द्वारा निकली विशाल कांवड़ यात्रा 🔱 🚩 बांदा में हर-हर महादेव कांवड़ सेना द्वारा निकली विशाल कांवड़ यात्रा 🔱 बांदा में हर-हर महादेव कांवड़ सेना द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और पूरा शहर "हर-हर महादेव" व "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। 🚩 लगभग 1012 कांवड़िए बांदा से पवित्र धाम चित्रकूट के लिए रवाना हुए। यात्रा में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि अंकित बसु सहित जनपद के कई भाजपा नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। इस अवसर पर श्याम मोहन धुरिया का आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं स्थानीय लोगों ने अंगवस्त्र और फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। उन्होंने भगवान शिव, भगवान नरसिंह एवं अन्य धार्मिक झांकियों की पूजा-अर्चना और आरती की तथा कांवड़ियों का माल्यार्पण कर शुभकामनाओं के साथ यात्रा के लिए रवाना किया। 🔱 हर-हर महादेव | बोल बम | जय भोलेनाथ 🔱1
- हरदौली गांव निवासी वाहिद पुत्र अहमद अली शाह ने आज शनिवार को तहसील संपूर्ण समाधान दिवस पर अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत किया है। जिसमें आरोप लगाया कि गांव के ही रहने वाले अफसर पुत्र रशीद ने मेरी पत्नी नूरजहां को एक वर्ष पहले भाग कर ले गया था, 6 अब मेरी पत्नी मुझे जान से मारने की धमकी दे रही है। जिसको लेकर आज तहसील दिवस पर ज्ञापन देने आए हैं।1
- हमीरपुर जनपद मुस्कुरा थाना क्षेत्र के इमलियागांव में लाइसेंसी पटाखा गोदाम में जोरदार विस्फोट 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | हमीरपुर 🚨 🔴 इमिलिया के लाइसेंसी पटाखा गोदाम में जोरदार विस्फोट 💥 धमाके से गांव में मचा हड़कंप, प्रशासन जांच में जुटा ⚠️ बच्चों के घायल होने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं 🚔 पुलिस, राजस्व व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे 📄 फर्म के अभिलेख तलब, जांच के बाद होगी कार्रवाई 📍 मामला: मुस्करा थाना क्षेत्र के ग्राम इमिलिया, हमीरपुर (मोहम्मद इस्लाम, मौदहा–सुमेरपुर–हमीरपुर ब्यूरो)1