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10 साल से जलभराव की मार, बारिश में नरक बनी सड़क… ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार बांदा। महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही हालात और भी विकराल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहने से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जहां लगभग एक हजार लोग रहते हैं, बावजूद इसके आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिला मु

3 hrs ago
user_Shivam
Shivam
Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

10 साल से जलभराव की मार, बारिश में नरक बनी सड़क… ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार बांदा। महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही हालात और भी विकराल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहने से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जहां लगभग एक हजार लोग रहते हैं, बावजूद इसके आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिला मु

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  • 10 साल से जलभराव की मार, बारिश में नरक बनी सड़क… ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार बांदा। महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही हालात और भी विकराल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहने से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जहां लगभग एक हजार लोग रहते हैं, बावजूद इसके आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिला मु
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    10 साल से जलभराव की मार, बारिश में नरक बनी सड़क… ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
बांदा। महुआ ब्लॉक के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही हालात और भी विकराल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहने से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जहां लगभग एक हजार लोग रहते हैं, बावजूद इसके आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिला मु
    user_Shivam
    Shivam
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जल भराव की समस्या से दस वर्षों से जूझ रहे है बड़ोखर बुजुर्ग के लोग, बांदा के महुआ ब्लाक अंतर्गत बड़ोखर बुजुर्ग के रहने वाले करीब एक हजार लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं.....स्कूल जाने वाले छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं कई बार बच्चे जलभराव और फिसलन के चलते गिर चुके हैं....पर कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। *वि ओ* - दरअसल बडोखर बुजुर्ग गांव के लोगों ने आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति होने से परेशान होकर जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है 10 वर्ष बीत गए आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति बनी रहती है। कीचड़ हमेशा बना रहता है अब बरसात के सीजन में विकराल जल भराव की स्थिति होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे स्कूल आने और जाने में कीचड़ में गिर जाने की वजह से परेशान होते हैं। जबकि मेंन चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बस्ती में लोग रहते हैं और कम से कम 1000 लोगों का निवास होने के बावजूद भी वहां से निकलने के लिए समुचित रास्ते का प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और उच्च अधिकारियों को दी गई लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी बस जिला अधिकारी कार्यालय जाकर पीड़ितों ने डीएम से समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है।
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    जल भराव की समस्या से दस वर्षों से जूझ रहे है बड़ोखर बुजुर्ग के लोग,

बांदा के महुआ ब्लाक अंतर्गत बड़ोखर बुजुर्ग के रहने वाले करीब एक हजार लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं.....स्कूल जाने वाले छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं कई बार बच्चे जलभराव और फिसलन के चलते गिर चुके हैं....पर कोई भी सुनने को तैयार नहीं है।
*वि ओ* - दरअसल बडोखर बुजुर्ग गांव के लोगों ने आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति होने से परेशान होकर जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है 10 वर्ष बीत गए आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति बनी रहती है। कीचड़ हमेशा बना रहता है अब बरसात के सीजन में विकराल जल भराव की स्थिति होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे स्कूल आने और जाने में कीचड़ में गिर जाने की वजह से परेशान होते हैं। जबकि मेंन चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बस्ती में लोग रहते हैं और कम से कम 1000 लोगों का निवास होने के बावजूद भी वहां से निकलने के लिए समुचित रास्ते का प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और उच्च अधिकारियों को दी गई लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी बस जिला अधिकारी कार्यालय जाकर पीड़ितों ने डीएम से समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • यूपी के बांदा में श्रद्धा और सौहार्द का संगम,भव्य कांवड़ यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत। यूपी के बांदा में श्रद्धा और सौहार्द का संगम,भव्य कांवड़ यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत।
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    यूपी के बांदा में श्रद्धा और सौहार्द का संगम,भव्य कांवड़ यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत।
यूपी के बांदा में श्रद्धा और सौहार्द का संगम,भव्य कांवड़ यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *बिजली, पानी, अन्ना जानवरों की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर किसानों के साथ समाजसेवी ने शुरू किया बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन* *बिजली, पानी, अन्ना जानवरों की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर किसानों के साथ समाजसेवी ने शुरू किया बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन* पूरा मामला बांदा जनपद के बिसंडा बिजली घर से सामने आया है जहां वर्तमान समय में किसान धान की नर्सरी बेड रोपाई में दिन रात संघर्षरत हैं किन्तु नहरों में पानी न आने से किसानों के पास मात्र विद्युत ही सहारा है पर इस समय बिजली विभाग ठेकदार सिर्फ खानापूर्ति कर शासन प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं ग्रामीण किसानों के साथ समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने पूर्व में सम्बन्धित विभागीय कर्मचारी अधिकारियों सहित जिला प्रशासन मुख्यमंत्री पोर्टल जनप्रतिनिधियों को पत्र देकर दर्जनों बार सैकड़ों गांवों के लगभग 35 हजार किसान प्रभावित है शिकायतों को अधिकारी की सह पर बिना स्थलीय जांच के मनमुताबिक रिपोर्ट लगाकर शासन प्रशासन को गुमराह करते हुए किसानों को परेशान कर रहे हैं धान की नर्सरी अन्ना जानवरों के द्वारा फसलों को बर्बाद किया जा रहा है साथ ही सड़को पर अन्ना गौवंशों घूमने से दुर्घटनाओं को दावत दिया जाता है जबकि शासन की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है कि अन्ना गौवंशों को संरक्षित कराकर भरण पोषण कराया जाए किन्तु जिम्मेदार अधिकारियों के सिर पर जों नहीं रेंगने से गौवंशों सहित किसान दर दर भटक रहा है बुंदेलखंड बांदा में जल जीवन मिशन पूरी तरह से घरों में पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है जबकि जल जीवन मिशन के अधिकारियो के द्वारा कार्यालयों में बैठे बैठे दावा किया जा रहा है कि हर घर नल से पानी मिल रहा है किन्तु जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक सहित किसानों ने जनसमस्याओं की जिम्मेदारी अधिकारियों की हीलाहवाली की बात कही अनशन कारियों ने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों की उक्त गम्भीर जनसमस्याओं के समाधान हेतु आगे आने का आग्रह किया। अनशनकारी किसानों की प्रमुख मांगें 1.बबेरू बिसंडा के मध्य बने 132 केवीए ग्रिड स्टेशन में तत्काल सबस्टेशन की स्थापना कराई जाए 2. लाइनमैनों की गैंग संख्या तत्काल बढ़ाई जाए 3. जलजीवन मिशन के अधिकारियो को जमीनी हकीकत पर हर घर पानी पहुंचाने एवं तोड़े गए मार्गों को तत्काल दुरुस्त किया जाए 4. बिसंडा प्रभारी अवर अभियंता को तत्काल हटाकर रेगुलर अवर अभियंता की तैनाती की जाए 5. खुले आम घूम रहे अन्ना गौवंशों को तत्काल संरक्षित करवाकर शासन की मंशानुरूप उनके भरण पोषण की व्यवस्था कराई जाए 6. पुरानी 11 हजार एवं घरेलू 440 बंद केविल रस्सो को तत्काल अभियान चलाकर पूर्णरूप से दुरुस्तीकरण कराई जाए 7. उर्वरक वितरण प्रणाली में संशोधन किया जाए जिससे किसानों को कृषि आवश्यकता अनुसार उर्वरक मिल सकें 8. शासन की मंशा अनुरूप कस्बों सहित किसानों को कमसे कम 20 घंटे विद्युत आपूर्ति निर्बाधरूप से मिल सकें। इस मौके पर समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक के साथ चंद्रकेशन सिंह , राजधर शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, छोटेलाल पटेल, गया प्रसाद पत्रकार,मोहित, सचेंद्र, रामबहोरी शिक्षक, राजकरण पटेल, रामनरेश मौर्य, नवलकिशोर श्यामकिशोर पटेल, अशोक कुमार, रामबाबू, पवन त्रिपाठी, मुलायम यादव, पवन कुमार, संदीप, अंकित, रोहित, अर्जुन कुशवाहा, चंद्रकेशन आदि लोग मौजूद रहे।
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    *बिजली, पानी, अन्ना जानवरों की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर किसानों के साथ समाजसेवी ने शुरू किया बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन* 
*बिजली, पानी, अन्ना जानवरों की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर किसानों के साथ समाजसेवी ने शुरू किया बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन* 
पूरा मामला बांदा जनपद के बिसंडा बिजली घर से सामने आया है जहां वर्तमान समय में किसान धान की नर्सरी बेड रोपाई में दिन रात संघर्षरत हैं किन्तु नहरों में पानी न आने से किसानों के पास मात्र विद्युत ही सहारा है पर इस समय बिजली विभाग ठेकदार सिर्फ खानापूर्ति कर शासन प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं ग्रामीण किसानों  के साथ समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने पूर्व में सम्बन्धित विभागीय कर्मचारी अधिकारियों सहित जिला प्रशासन मुख्यमंत्री पोर्टल जनप्रतिनिधियों को पत्र देकर दर्जनों बार सैकड़ों गांवों के लगभग 35 हजार किसान प्रभावित है शिकायतों को अधिकारी की सह पर बिना स्थलीय जांच के मनमुताबिक रिपोर्ट लगाकर शासन प्रशासन को गुमराह करते हुए किसानों को परेशान कर रहे हैं धान की नर्सरी अन्ना जानवरों के द्वारा फसलों को बर्बाद किया जा रहा है साथ ही सड़को पर अन्ना गौवंशों घूमने से दुर्घटनाओं को दावत दिया जाता है जबकि शासन की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है कि अन्ना गौवंशों को संरक्षित कराकर भरण पोषण कराया जाए किन्तु जिम्मेदार अधिकारियों के सिर पर जों नहीं रेंगने से गौवंशों सहित किसान दर दर भटक रहा है बुंदेलखंड बांदा में जल जीवन मिशन पूरी तरह से घरों में पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है जबकि जल जीवन मिशन के अधिकारियो के द्वारा कार्यालयों में बैठे बैठे दावा किया जा रहा है कि हर घर नल से पानी मिल रहा है किन्तु जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है  समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक सहित किसानों ने जनसमस्याओं की जिम्मेदारी अधिकारियों की हीलाहवाली की बात कही अनशन कारियों ने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों की उक्त गम्भीर जनसमस्याओं के समाधान हेतु आगे आने का आग्रह किया।
अनशनकारी किसानों की प्रमुख मांगें 1.बबेरू बिसंडा के मध्य बने 132 केवीए ग्रिड स्टेशन में तत्काल सबस्टेशन की स्थापना कराई जाए 2. लाइनमैनों की गैंग संख्या तत्काल बढ़ाई जाए 3. जलजीवन मिशन के अधिकारियो को जमीनी हकीकत पर हर घर पानी पहुंचाने एवं तोड़े गए मार्गों को तत्काल दुरुस्त किया जाए 4.  बिसंडा प्रभारी अवर अभियंता को तत्काल हटाकर रेगुलर अवर अभियंता की तैनाती की जाए 5.  खुले आम घूम रहे अन्ना गौवंशों को तत्काल संरक्षित करवाकर शासन की मंशानुरूप उनके भरण पोषण की व्यवस्था कराई जाए 6. पुरानी 11 हजार एवं घरेलू 440 बंद केविल रस्सो को तत्काल अभियान चलाकर पूर्णरूप से दुरुस्तीकरण कराई जाए 7. उर्वरक वितरण प्रणाली में संशोधन किया जाए जिससे किसानों को कृषि आवश्यकता अनुसार उर्वरक मिल सकें 8. शासन की मंशा अनुरूप कस्बों सहित किसानों को कमसे कम 20 घंटे विद्युत आपूर्ति निर्बाधरूप से मिल सकें।
इस मौके पर समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक के साथ चंद्रकेशन सिंह , राजधर शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, छोटेलाल पटेल, गया प्रसाद पत्रकार,मोहित, सचेंद्र,  रामबहोरी शिक्षक, राजकरण पटेल, रामनरेश मौर्य, नवलकिशोर श्यामकिशोर पटेल, अशोक कुमार, रामबाबू, पवन त्रिपाठी, मुलायम यादव, पवन कुमार, संदीप, अंकित, रोहित, अर्जुन कुशवाहा, चंद्रकेशन आदि लोग मौजूद रहे।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बांदा रोजगार पर कुठाराघात नहीं चलेगा: पूर्व सैनिकों का सरकार को स्पष्ट संदेश बांदा रक्षा का दायित्व निभाने वाले पूर्व सैनिक आज अपने ही भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। विद्युत विभाग में सेवा आयु 60 वर्ष से घटाकर 55 वर्ष किए जाने के निर्णय ने उनके भीतर गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। शुक्रवार को पूर्व सैनिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।पूर्व सैनिकों का कहना है कि जो जवान अपने जीवन के सबसे ऊर्जावान वर्ष राष्ट्र की रक्षा में समर्पित कर देते हैं, उनके रोजगार के अवसरों पर इस तरह की कैंची चलाना न केवल अन्याय है, बल्कि उनके योगदान का भी अपमान है। उनका तर्क है कि पांच वर्ष की कटौती महज एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है।उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर पूर्व सैनिकों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसा निर्णय लेकर उनके भविष्य को असुरक्षा के हवाले किया जा रहा है। यदि सेवा आयु घटाने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो इसका असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन परिवारों पर भी पड़ेगा जिनकी उम्मीदें इन्हीं नौकरियों से जुड़ी हैं।पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि संवेदनशीलता और न्याय का परिचय देते हुए इस आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए तथा विद्युत विभाग में 60 वर्ष की सेवा आयु यथावत बहाल की जाए। उनका कहना है कि राष्ट्र की रक्षा करने वालों के सम्मान का वास्तविक अर्थ केवल मंचों पर प्रशंसा नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और आजीविका की रक्षा करना भी है।
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    बांदा रोजगार पर कुठाराघात नहीं चलेगा: पूर्व सैनिकों का सरकार को स्पष्ट संदेश 
बांदा रक्षा का दायित्व निभाने वाले पूर्व सैनिक आज अपने ही भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। विद्युत विभाग में सेवा आयु 60 वर्ष से घटाकर 55 वर्ष किए जाने के निर्णय ने उनके भीतर गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। शुक्रवार को पूर्व सैनिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।पूर्व सैनिकों का कहना है कि जो जवान अपने जीवन के सबसे ऊर्जावान वर्ष राष्ट्र की रक्षा में समर्पित कर देते हैं, उनके रोजगार के अवसरों पर इस तरह की कैंची चलाना न केवल अन्याय है, बल्कि उनके योगदान का भी अपमान है। उनका तर्क है कि पांच वर्ष की कटौती महज एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है।उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर पूर्व सैनिकों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसा निर्णय लेकर उनके भविष्य को असुरक्षा के हवाले किया जा रहा है। यदि सेवा आयु घटाने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो इसका असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन परिवारों पर भी पड़ेगा जिनकी उम्मीदें इन्हीं नौकरियों से जुड़ी हैं।पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि संवेदनशीलता और न्याय का परिचय देते हुए इस आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए तथा विद्युत विभाग में 60 वर्ष की सेवा आयु यथावत बहाल की जाए। उनका कहना है कि राष्ट्र की रक्षा करने वालों के सम्मान का वास्तविक अर्थ केवल मंचों पर प्रशंसा नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और आजीविका की रक्षा करना भी है।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 10 साल से जलभराव की मार झेल रहे बड़ोखर बुजुर्ग के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार, कहा- 'कीड़े-मकोड़ों जैसी जिंदगी जीने को मजबूर बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। बड़ोखर बुजुर्ग गांव के मेन बस स्टैंड के पास रहने वाले लगभग 1000 ग्रामीणों ने पिछले 10 वर्षों से जारी जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया और शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बस स्टैंड चौराहे से बाबा वाले तालाब की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर जलभराव की विकराल समस्या बनी हुई है। करीब 10 साल पहले बनी आरसीसी सड़क अब काफी नीचे हो चुकी है, जिसके कारण बारिश और नालियों का गंदा पानी पूरे रास्ते पर जमा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में ग्राम प्रधान, सचिव और महुआ सीडीओ तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई है, धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ। जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे अक्सर उनके कपड़े भीग और खराब हो जाते हैं। इसके साथ ही गंदे पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस नरकीय स्थिति में कीड़े-मकोड़ों जैसी जिंदगी जीने को विवश हैं। समस्या से परेशान होकर आज भारी संख्या में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने डीएम को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए लिखित आवेदन दिया है। प्रशासन की ओर से जल्द ही समस्या के निस्तारण और पानी की निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई और नाली-सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आगे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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    10 साल से जलभराव की मार झेल रहे बड़ोखर बुजुर्ग के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार, कहा- 'कीड़े-मकोड़ों जैसी जिंदगी जीने को मजबूर
बांदा
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। बड़ोखर बुजुर्ग गांव के मेन बस स्टैंड के पास रहने वाले लगभग 1000 ग्रामीणों ने पिछले 10 वर्षों से जारी जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया और शिकायती पत्र सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बस स्टैंड चौराहे से बाबा वाले तालाब की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर जलभराव की विकराल समस्या बनी हुई है। करीब 10 साल पहले बनी आरसीसी सड़क अब काफी नीचे हो चुकी है, जिसके कारण बारिश और नालियों का गंदा पानी पूरे रास्ते पर जमा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में ग्राम प्रधान, सचिव और महुआ सीडीओ तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई है, धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ।
जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे अक्सर उनके कपड़े भीग और खराब हो जाते हैं। इसके साथ ही गंदे पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस नरकीय स्थिति में कीड़े-मकोड़ों जैसी जिंदगी जीने को विवश हैं।
समस्या से परेशान होकर आज भारी संख्या में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने डीएम को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए लिखित आवेदन दिया है। प्रशासन की ओर से जल्द ही समस्या के निस्तारण और पानी की निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई और नाली-सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आगे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे।
    user_Shubham Singh
    Shubham Singh
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • दिनांक: 31 जुलाई 2026 | दिन: शुक्रवार नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल खिलाड़ियों की यूनिफॉर्म ही नहीं बदल रही, बल्कि शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास बदलने की भी कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश का युवा सरकार के बारे में क्या सोचता है। उन्होंने कहा कि युवा ही देश की वास्तविक आवाज़ हैं। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर लड़ी गई थी और उस संघर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कोई भूमिका नहीं थी। उल्लेखनीय है कि भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्ष इसे वैचारिक रंग देने का आरोप लगा रहा है, जबकि संबंधित पक्ष की ओर से जर्सी के रंग परिवर्तन के पीछे तकनीकी कारण और राष्ट्रीय ध्वज के केसरिया रंग के प्रतीकात्मक महत्व का हवाला दिया गया है।
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    दिनांक: 31 जुलाई 2026 | दिन: शुक्रवार
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल खिलाड़ियों की यूनिफॉर्म ही नहीं बदल रही, बल्कि शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास बदलने की भी कोशिश कर रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश का युवा सरकार के बारे में क्या सोचता है। उन्होंने कहा कि युवा ही देश की वास्तविक आवाज़ हैं।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर लड़ी गई थी और उस संघर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कोई भूमिका नहीं थी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्ष इसे वैचारिक रंग देने का आरोप लगा रहा है, जबकि संबंधित पक्ष की ओर से जर्सी के रंग परिवर्तन के पीछे तकनीकी कारण और राष्ट्रीय ध्वज के केसरिया रंग के प्रतीकात्मक महत्व का हवाला दिया गया है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • *बिसंडा बिजली घर पर किसानों के अनशन के बीच पहुंचे नायब *बिसंडा बिजली घर पर किसानों के अनशन के बीच पहुंचे नायब तहसीलदार अतर्रा लेकिन अनशन कारियो ने कहा जबतक समाधान नहीं तबतक चलेगा शांति पूर्ण आंदोलन* बबेरू एवं अतर्रा तहसील के किसान बिजली पानी अन्ना जानवरों की जनसमस्याओं को लेकर बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन जारी रखते हुए जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के आग्रह किया है कि जबतक जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाएगी तो समाधान की गुंजाइश नहीं होगी मात्र सांत्वना के लिए अधिकारी आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं किसानों के साथ समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने साफ शब्दों में बताया कि यदि वास्तविक रूप से जनप्रतिनिधि हम किसानों के साथ मिलकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए 132 केवीए ग्रिड स्टेशन कोर्रम से बिसंडा बिजली घर तक 33 हजार केवीए लाइन के कार्य में तेजी लाने हेतु कार्यदाई संस्था को लिखित रूप से ससमयलाइन बनवाने में मदद सहयोग नहीं करते तो हम किसानों की वर्तमान धान की फ़सल बच पाना असम्भव हो जाएगा समाजसेवी पीसी पटेल ने जनता द्वारा चुने जनप्रतिनिधियों से जोर देते हुए अनुरोध किया है कि आप बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों की मूलभूत जनसमस्याओं का समय बध्य तरीके से निस्तारण करवाने में अपना खुलकर सहयोग दे। इस मौके पर अनशनकारी पीसी पटेल जनसेवक के साथ,डॉ छुट्टू, केशव प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, मोहित , धीरेन्द्र पटेल,छोटेलाल, रामबहोरी पटेल, गया प्रसाद, संतोष सिंह आपरेटर, अनिल पटेल, संतोष मिश्रा, राजधर शुक्ला, विकास सिंह, अनिल राजपूत, संतोष पटेल, दिनेश मुस्तरी, भैय्यादीन, शराफत खान, विनोद विश्वकर्मा, अरुण द्विवेदी, लवकुश, आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे
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    *बिसंडा बिजली घर पर किसानों के अनशन के बीच पहुंचे नायब
*बिसंडा बिजली घर पर किसानों के अनशन के बीच पहुंचे नायब तहसीलदार अतर्रा लेकिन अनशन कारियो ने कहा जबतक समाधान नहीं तबतक चलेगा शांति पूर्ण आंदोलन* 
बबेरू एवं अतर्रा तहसील के किसान बिजली पानी अन्ना जानवरों की जनसमस्याओं को लेकर बिसंडा बिजली घर पर अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन जारी रखते हुए जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के आग्रह किया है कि जबतक जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाएगी तो समाधान की गुंजाइश नहीं होगी मात्र सांत्वना के लिए अधिकारी आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं किसानों के साथ समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने साफ शब्दों में बताया कि यदि वास्तविक रूप से जनप्रतिनिधि हम किसानों के साथ मिलकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए 132 केवीए ग्रिड स्टेशन कोर्रम से बिसंडा बिजली घर तक 33 हजार केवीए लाइन के कार्य में तेजी लाने हेतु कार्यदाई संस्था को लिखित रूप से ससमयलाइन बनवाने में मदद सहयोग नहीं करते तो हम किसानों की वर्तमान धान की फ़सल बच पाना असम्भव हो जाएगा समाजसेवी पीसी पटेल ने जनता द्वारा चुने जनप्रतिनिधियों से जोर देते हुए अनुरोध किया है कि आप बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों की मूलभूत जनसमस्याओं का समय बध्य तरीके से निस्तारण करवाने में अपना खुलकर सहयोग दे।
इस मौके पर अनशनकारी पीसी पटेल जनसेवक के साथ,डॉ छुट्टू, केशव प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, मोहित , धीरेन्द्र पटेल,छोटेलाल, रामबहोरी पटेल, गया प्रसाद, संतोष सिंह आपरेटर, अनिल पटेल, संतोष मिश्रा, राजधर शुक्ला, विकास सिंह, अनिल राजपूत, संतोष पटेल, दिनेश मुस्तरी, भैय्यादीन, शराफत खान, विनोद विश्वकर्मा, अरुण द्विवेदी, लवकुश, आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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