राजस्थान शिक्षक संघ (STFI) की कोटा इकाई ने गुरुवार को शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने सर्किट हाउस से जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों शिक्षक और महिला शिक्षिकाओं ने भाग लिया। रैली के समापन पर, जिला कलेक्टर कोटा को राज्य के शिक्षा मंत्री और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस रैली का नेतृत्व एसटीएफआई के जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने किया, जिसमें प्रांतीय कार्यकारिणी से संघर्ष समिति के सहसंयोजक महावीर मीणा, प्रदेश संयुक्त मंत्री विद्यासागर वर्मा, संयोजक मुकेश मेघवाल, जिला मंत्री धनराज मीणा, संघर्ष समिति सहसंयोजक कुलदीप सिंह राठौड़ सहित कई पदाधिकारी और विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष भी मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से पुराने शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति और नई ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन करने, पे-प्रोटेक्शन के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाने, विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण करने और RGHS एवं OPS की सुरक्षा लागू रखने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र चौधरी, महावीर मीणा और विद्यासागर वर्मा ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आगामी दिनों में और भी व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा। जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों, महिला शिक्षिकाओं और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी शिक्षकों के अधिकारों पर कोई संकट आएगा, शिक्षक समाज सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगा।
राजस्थान शिक्षक संघ (STFI) की कोटा इकाई ने गुरुवार को शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने सर्किट हाउस से जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों शिक्षक और महिला शिक्षिकाओं ने भाग लिया। रैली के समापन पर, जिला कलेक्टर कोटा को राज्य के शिक्षा मंत्री और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस रैली
का नेतृत्व एसटीएफआई के जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने किया, जिसमें प्रांतीय कार्यकारिणी से संघर्ष समिति के सहसंयोजक महावीर मीणा, प्रदेश संयुक्त मंत्री विद्यासागर वर्मा, संयोजक मुकेश मेघवाल, जिला मंत्री धनराज मीणा, संघर्ष समिति सहसंयोजक कुलदीप सिंह राठौड़ सहित कई पदाधिकारी और विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष भी मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से पुराने शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति और नई
ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन करने, पे-प्रोटेक्शन के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाने, विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण करने और RGHS एवं OPS की सुरक्षा लागू रखने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र चौधरी, महावीर मीणा और विद्यासागर वर्मा ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज
किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आगामी दिनों में और भी व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा। जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों, महिला शिक्षिकाओं और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी शिक्षकों के अधिकारों पर कोई संकट आएगा, शिक्षक समाज सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगा।
- कोटा ग्रामीण पुलिस को मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुकेत थाना अधिकारी महावीर प्रसाद भार्गव ने मुस्तैदी दिखाते हुए, पिछले चार साल से फरार चल रहे ₹10,000 के इनामी ड्रग तस्कर शेख शाहरूख को झालावाड़ के इण्डस्ट्रीज इलाके से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को कोटा ग्रामीण पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।1
- कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अयोध्या राम मंदिर में हुई करोड़ों रुपए नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। गुंजल ने स्पष्ट कहा कि यह देश की धार्मिक आस्था पर गहरी चोट है, जिसमें दोषियों को बेनकाब कर सजा दी जानी चाहिए। गुंजल ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और संस्थापक ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों को अपराध को ढंकने का प्रयास और दोषियों को बचाने की रणनीति बताया। उन्होंने तर्क दिया कि चंपत राय मंदिर प्रबंधन के सर्वेसर्वा थे और डॉ. अनिल मिश्रा चढ़ावे के हिसाब-किताब की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे, ऐसे में उनकी जानकारी या संलिप्तता के बिना करोड़ों की चोरी संभव नहीं। गुंजल ने आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार" चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत बड़े लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। पूर्व विधायक ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राम का नाम लेकर सत्ता में आई भाजपा अब राम मंदिर का चंदा चोरी कर रही है, जो लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केवल छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना अन्याय है, क्योंकि "बिना मगरमच्छों के मछलियां अपराध कर सकती हैं क्या?" गुंजल के अनुसार, भाजपा का मकसद सिर्फ सत्ता और पैसा है, और "जो राम को लाए, हम उन्हें लाएंगे" कहने वाली भाजपा आज राम मंदिर चोरी पर चुप है। प्रहलाद गुंजल ने चेतावनी दी कि यह चोरी करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है और सनातन धर्म की बात करने वालों के लिए इससे शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती; समय आने पर जनता इन सबका जवाब देगी।1
- लोकसभा स्पीकर और कोटा-बून्दी सांसद ओम बिरला ने अपने संसदीय दौरे के दौरान एक पत्रकार वार्ता में क्षेत्र में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर चर्चा की जा चुकी है और वे स्वयं इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सांसद बिरला ने आश्वासन दिया कि इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शीघ्र ही एक रोडमैप तैयार करवाया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कोटा-बून्दी में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही एक विस्तृत रोडमैप प्लान बनाया जाएगा।1
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- आकाश इंस्टीट्यूट से जुड़ी रेनीत 2026 की टॉपर बन गई हैं। उनका नाम NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के साथ चमक रहा है। इस संदर्भ में उपलक्ष्य गोयल का भी जिक्र किया गया है।3
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।1
- गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक पुल अचानक ढह गया। पुल ढहने के कारण एक ट्रक गहरी खाई में जा गिरा।1
- इंटरनेट पर इन दिनों एक अत्यंत विचलित करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कलयुगी बेटा अपने ही बुजुर्ग और लाचार पिता को जानवरों की तरह बेरहमी से पीटता हुआ नजर आ रहा है। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है और लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। रूह कंपा देने वाली इस हैवानियत भरे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक नौजवान लड़का अपने बुजुर्ग पिता पर रहम खाने के बजाय उन पर टूट पड़ता है। वह कभी बुजुर्ग का गला दबाने की कोशिश करता है, तो कभी उनके बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक देता है। बुजुर्ग पिता बेबसी में खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जालिम बेटे को उन पर जरा भी तरस नहीं आता। यह घटना एक बार फिर समाज के पारिवारिक मूल्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर देती है, जहाँ एक बाप बच्चों के बचपन की हर बदतमीजी इसलिए झेल लेता है ताकि उनका भविष्य संवर सके, लेकिन वही बाप जब जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर लाचार होता है, तो कलयुगी बच्चे उसका बोझ नहीं संभाल पाते। वीडियो पर टिप्पणी करते हुए एक यूजर ने भावुक होकर लिखा कि अच्छा है कि आज के समय में वृद्धाश्रम इन बेसहारा बुजुर्गों का सहारा बने हुए हैं, वरना ऐसे जालिम बच्चों के बीच इन बुजुर्गों की जिंदगी क्या होती। वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे बेटों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। हालांकि यह वीडियो किस शहर या इलाके का है, इसकी पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन लोग इसे सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर कर रहे हैं ताकि यह मामला स्थानीय पुलिस और प्रशासन की नजरों में आ सके और इस जल्लाद बेटे को उसके किए की सख्त सजा मिल सके। लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि आरोपी की पहचान हो सके और पीड़ित बुजुर्ग को न्याय मिल सके। साथ ही, यह भी अपील की गई है कि अगर आपके आस-पास भी किसी बुजुर्ग के साथ ऐसा दुर्व्यवहार होता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सीनियर सिटीन हेल्पलाइन को सूचित करें।1