राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।
राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।1
- एक संन्यासी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वापस लौटने का आग्रह करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। संन्यासी का कहना है कि सब कुछ लुट चुका है और अब सभी की भलाई इसी में है कि मोदी को अपना राजा मान लिया जाए। इस बयान के साथ ही, संन्यासी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या वह एक बड़ी सच्चाई बयान कर रहे हैं, और लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट्स में बताने को कहा है।1
- चीन की राजधानी बीजिंग में एक छोटा विमान 109 मंजिला ऊंची इमारत से टकरा गया। इस विमान हादसे के बाद, विमान कई टुकड़ों में बंट गया, और उसके छोटे-छोटे टुकड़े आसमान से नीचे गिरते दिखाई दिए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट से जुड़ी रेनीत 2026 की टॉपर बन गई हैं। उनका नाम NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के साथ चमक रहा है। इस संदर्भ में उपलक्ष्य गोयल का भी जिक्र किया गया है।3
- लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद-बीज की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बिरला ने यह भी सुनिश्चित किया कि नहरी पानी का संचालन भी समय पर कराया जाएगा, जिससे हाड़ौती क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।1
- लखनऊ समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों और केंद्र सरकार, विभिन्न उच्च न्यायालयों तथा राज्य सरकार की सख्ती के मद्देनजर कोटा प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शहर में बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) संचालित कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों और व्यावसायिक भवनों के खिलाफ नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान शुरू किया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि नगर निगम और अग्निशमन विभाग की लगभग 25 सदस्यीय संयुक्त टीम शहर के केशवपुरा, बालाकुंड, जवाहर नगर, बोरखेड़ा, स्टेशन क्षेत्र, लैंडमार्क सिटी, तलवंडी, इंदिरा विहार और बालाजी मार्केट सहित विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर रही है। अभियान के दौरान जिन भवनों में बिना फायर एनओसी के कोचिंग संस्थान, हॉस्टल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिल रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी के गंभीर मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी जारी रहने पर संबंधित भवनों को 180 दिनों तक सीज भी किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। राकेश व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। कोटा देशभर के लाखों विद्यार्थियों का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, इसलिए यहां विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है और जहां भी कमियां मिल रही हैं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को विरोध और अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों और भवन संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- Available for Sale Locality : Bara Road, Kota Area (dimensions) : 1000 Expected Price : 4000000 Property Type : Residential Plot kda and govt rera approved Geted Township2
- दुनिया के सभी यज़ीद इसी गहरे ग़म में मर गए कि उन्हें हुसैन का सर तो मिल गया, लेकिन वे उनकी बे'अत हासिल नहीं कर पाए। यह पंक्ति हुसैन के अटल रुख़ और यज़ीद की उस अपूर्ण जीत को दर्शाती है जहाँ शारीरिक रूप से कुछ हासिल होने के बावजूद वैचारिक समर्पण नहीं मिल पाया।1