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एक संन्यासी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वापस लौटने का आग्रह करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। संन्यासी का कहना है कि सब कुछ लुट चुका है और अब सभी की भलाई इसी में है कि मोदी को अपना राजा मान लिया जाए। इस बयान के साथ ही, संन्यासी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या वह एक बड़ी सच्चाई बयान कर रहे हैं, और लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट्स में बताने को कहा है।
Jitendra Kumar
एक संन्यासी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वापस लौटने का आग्रह करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। संन्यासी का कहना है कि सब कुछ लुट चुका है और अब सभी की भलाई इसी में है कि मोदी को अपना राजा मान लिया जाए। इस बयान के साथ ही, संन्यासी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या वह एक बड़ी सच्चाई बयान कर रहे हैं, और लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट्स में बताने को कहा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- लोकसभा स्पीकर और लोक सभा क्षेत्र के सांसद ओम बिरला ने आम जनता द्वारा उठाई गई समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक आदेश जारी किए।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के प्रवास पर हैं। इसी क्रम में, उन्होंने शक्तिनगर स्थित अपने कैम्प कार्यालय पर जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आज स्पीकर बिरला कोटा में विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों में सायं 7 बजे आरके पुरम स्थित दिशा डेल्फी स्कूल में आयोजित डिबेटेक्स कार्यक्रम प्रमुख है।1
- राजस्थान के सरहदी इलाके बाड़मेर में हाल ही में एक तरफा अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ लोगों का भारी हुजूम सड़कों पर उमड़ पड़ा। स्थानीय लोगों ने 'सर्व धर्म समभाव' की भावना के तहत एकजुट होकर इस अभियान का विरोध किया, जिसे एक तरफा बताया जा रहा है। यह जनसैलाब अतिक्रमण हटाए जाने की एक तरफा कार्रवाई के विरोध में था।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। राठौड़ ने विशेष रूप से अच्छी और समय पर वर्षा होने की प्रार्थना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर वर्षा होने से किसानों, पशुपालकों और आमजन को लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इसी मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई वितरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में मंदिर समिति के राजेंद्र खंडेलवाल और गिरधार बडेरा सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।1
- शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इन पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। मंत्री दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भूमाफिया गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों की आड़ लेकर अपनी हजारों बीघा अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे तथा खेती के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब, आदिवासी और पशुपालक परिवारों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। दिलावर ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी अवैध जमीन बचाने के लिए कुछ कांग्रेस नेता भोले-भाले लोगों को गुमराह कर आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं, जिसे उन्होंने जनता के हित में नहीं बताया। मंत्री दिलावर ने घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी वैध भूमि और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सख्त कार्रवाई केवल उन भूमाफियाओं के खिलाफ होगी, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों के अधिकारों का हनन किया है।1
- कोटा में माहे मोहर्रम के अवसर पर हुसैनी लंगर कमेटी द्वारा संजय गांधी नगर स्थित सब्जी मंडी के पास मेन रोड पर एक भव्य हुसैनी लंगर का आयोजन किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी, हजारों अकीदतमंदों के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं ताकि वे इस पाक मौके पर लंगर का लाभ उठा सकें। कमेटी के सदस्य इस कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। नमाज़-ए-मगरिब के बाद यह लंगर आम लोगों में तकसीम किया जाएगा। हुसैनी लंगर कमेटी ने सभी क्षेत्रवासियों और अकीदतमंदों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम में शिरकत करने और हुसैनी लंगर से फैज़ हासिल करने की भावपूर्ण अपील की है।1
- राजस्थान के कोटा संभाग में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ श्रीपुरा इलाके में गन्ने का ठेला लगाने वाले एक गरीब दुकानदार को एक महीने का ₹2,66,276 का बिजली बिल थमा दिया गया। इतनी भारी-भरकम राशि देखकर पीड़ित दुकानदार सदमे में आ गया। पीड़ित दुकानदार धनराज सुमन ने बताया कि वे इस बड़े बिल को सही करवाने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर के कई चक्कर लगा चुके थे, लेकिन थक हारने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर धनराज ने स्थानीय समाजसेवी हिम्मत सिंह से गुहार लगाई, जिसके बाद मामला गरमा गया। हिम्मत सिंह ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई और विभाग के आला अधिकारियों तक बात पहुंचाई। जनहित में आवाज़ उठते ही बिजली विभाग तुरंत हरकत में आया और अगले ही दिन मौके पर कार्रवाई की गई। विभाग ने तत्काल बिजली मीटर की जांच करवाई, पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगाया और समझौते के तहत ₹2,66,276 के बिल को संशोधित कर महज ₹14,945 कर दिया, जिससे पीड़ित को बड़ी राहत मिली। इस सफलता के बाद समाजसेवी हिम्मत सिंह ने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी सरकारी विभाग की तानाशाही या फर्जी बिलों के खिलाफ डरें नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ बुलंद करें। पीड़ित धनराज सुमन और स्थानीय लोगों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए समाजसेवी हिम्मत सिंह और टीम का आभार व्यक्त किया।1