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शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इन पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। मंत्री दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भूमाफिया गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों की आड़ लेकर अपनी हजारों बीघा अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे तथा खेती के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब, आदिवासी और पशुपालक परिवारों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। दिलावर ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी अवैध जमीन बचाने के लिए कुछ कांग्रेस नेता भोले-भाले लोगों को गुमराह कर आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं, जिसे उन्होंने जनता के हित में नहीं बताया। मंत्री दिलावर ने घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी वैध भूमि और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सख्त कार्रवाई केवल उन भूमाफियाओं के खिलाफ होगी, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों के अधिकारों का हनन किया है।

2 hrs ago
user_Dushyant singh gehlot journal
Dushyant singh gehlot journal
लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
2 hrs ago

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इन पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। मंत्री दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भूमाफिया गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों की आड़ लेकर अपनी हजारों बीघा अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे तथा खेती के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब, आदिवासी और पशुपालक परिवारों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। दिलावर ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी अवैध जमीन बचाने के लिए कुछ कांग्रेस नेता भोले-भाले लोगों को गुमराह कर आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं, जिसे उन्होंने जनता के हित में नहीं बताया। मंत्री दिलावर ने घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी वैध भूमि और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सख्त कार्रवाई केवल उन भूमाफियाओं के खिलाफ होगी, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों के अधिकारों का हनन किया है।

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  • कोटा में केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित ज्यादतियों के खिलाफ कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में पशुपालकों और किसानों ने संभागीय कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। गुंजल ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि गरीबों की आत्मा सताना बंद करें, अन्यथा यह लड़ाई संभागीय आयुक्त कार्यालय की बजाय जंगलात की दीवारों से होगी। गुंजल ने वन अधिकार अधिनियम 2006 का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून आदिवासी भील समुदाय को जंगल से वन उपज जैसे पेड़, तेंदू और सूखी लकड़ी लाकर आजीविका चलाने का अधिकार देता है, और पशुपालकों को जानवरों को जंगल में चराने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन खुले तौर पर इस कानून का उल्लंघन कर गरीबों पर जुल्म कर रहे हैं। गुंजल ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अमरकुआं गांव में वन विभाग ने एक सात महीने की गर्भवती महिला को घर से घसीट कर बाहर निकाला, और जब ग्रामीण मुकदमा दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने इस लड़ाई को सिर्फ रोजी-रोटी का नहीं, बल्कि हक और जमीन का बताते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो कोटा की धरती पर महापड़ाव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से चार मांगें रखीं: वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 75 वर्ष या तीन पीढ़ियों से रह रहे लोगों को बेदखल न किया जाए; बरड क्षेत्र में पिछले 50 वर्षों से और अन्य क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों से आवंटन नहीं हुआ है, इसलिए राज्य सरकार नियम बनाकर विपरीत कब्जे के प्रावधानों के तहत आवंटन कार्रवाई करे; लोगों को जबरदस्ती बेदखल न किया जाए; वन उपज और सूखी लकड़ी से आजीविका चला रहे आदिवासी भील समुदाय के साथ अन्याय न हो; और रानपुर थाने में हुई घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो तथा निर्दोषों की गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बेरिकेड्स पार करने को लेकर खींचतान भी हुई, जिससे थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसे बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत किया गया। संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर डीजे पर लोकगीतों पर कार्यकर्ता करीब एक घंटे तक झूमते रहे, और लोग सूचना बोर्डों व पानी के टैंकरों पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिसकर्मी बार-बार नीचे उतारते रहे। इस भीड़ के कारण कीर्ति स्तंभ से ट्रैफिक पुलिस की ओर आने वाले मार्ग पर थोड़ी देर के लिए जाम के हालात भी बने। कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि संभागीय आयुक्त ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मांगों पर सात दिन में गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया है और समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा है। यदि इस अवधि में समाधान नहीं हुआ, तो प्रहलाद गुंजल ने महापड़ाव की चेतावनी दी है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस कोटा बूंदी जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, राजस्थान गुर्जर महासभा अध्यक्ष रामलाल गुंजल, हाड़ौती गुर्जर महासभा अध्यक्ष डॉ. बी एल गोचर, पूर्व प्रधान मन्नालाल गुर्जर, पूर्व विधायक घासीलाल मेघवाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।
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    कोटा में केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित ज्यादतियों के खिलाफ कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में पशुपालकों और किसानों ने संभागीय कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। गुंजल ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि गरीबों की आत्मा सताना बंद करें, अन्यथा यह लड़ाई संभागीय आयुक्त कार्यालय की बजाय जंगलात की दीवारों से होगी।

गुंजल ने वन अधिकार अधिनियम 2006 का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून आदिवासी भील समुदाय को जंगल से वन उपज जैसे पेड़, तेंदू और सूखी लकड़ी लाकर आजीविका चलाने का अधिकार देता है, और पशुपालकों को जानवरों को जंगल में चराने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन खुले तौर पर इस कानून का उल्लंघन कर गरीबों पर जुल्म कर रहे हैं। गुंजल ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अमरकुआं गांव में वन विभाग ने एक सात महीने की गर्भवती महिला को घर से घसीट कर बाहर निकाला, और जब ग्रामीण मुकदमा दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने इस लड़ाई को सिर्फ रोजी-रोटी का नहीं, बल्कि हक और जमीन का बताते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो कोटा की धरती पर महापड़ाव किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से चार मांगें रखीं: वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 75 वर्ष या तीन पीढ़ियों से रह रहे लोगों को बेदखल न किया जाए; बरड क्षेत्र में पिछले 50 वर्षों से और अन्य क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों से आवंटन नहीं हुआ है, इसलिए राज्य सरकार नियम बनाकर विपरीत कब्जे के प्रावधानों के तहत आवंटन कार्रवाई करे; लोगों को जबरदस्ती बेदखल न किया जाए; वन उपज और सूखी लकड़ी से आजीविका चला रहे आदिवासी भील समुदाय के साथ अन्याय न हो; और रानपुर थाने में हुई घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो तथा निर्दोषों की गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए।

इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बेरिकेड्स पार करने को लेकर खींचतान भी हुई, जिससे थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसे बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत किया गया। संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर डीजे पर लोकगीतों पर कार्यकर्ता करीब एक घंटे तक झूमते रहे, और लोग सूचना बोर्डों व पानी के टैंकरों पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिसकर्मी बार-बार नीचे उतारते रहे। इस भीड़ के कारण कीर्ति स्तंभ से ट्रैफिक पुलिस की ओर आने वाले मार्ग पर थोड़ी देर के लिए जाम के हालात भी बने। कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि संभागीय आयुक्त ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मांगों पर सात दिन में गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया है और समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा है। यदि इस अवधि में समाधान नहीं हुआ, तो प्रहलाद गुंजल ने महापड़ाव की चेतावनी दी है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस कोटा बूंदी जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, राजस्थान गुर्जर महासभा अध्यक्ष रामलाल गुंजल, हाड़ौती गुर्जर महासभा अध्यक्ष डॉ. बी एल गोचर, पूर्व प्रधान मन्नालाल गुर्जर, पूर्व विधायक घासीलाल मेघवाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    24 min ago
  • लोकसभा स्पीकर और लोक सभा क्षेत्र के सांसद ओम बिरला ने आम जनता द्वारा उठाई गई समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक आदेश जारी किए।
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    लोकसभा स्पीकर और लोक सभा क्षेत्र के सांसद ओम बिरला ने आम जनता द्वारा उठाई गई समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक आदेश जारी किए।
    user_Sadbhavna sandesh news
    Sadbhavna sandesh news
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    43 min ago
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के प्रवास पर हैं। इसी क्रम में, उन्होंने शक्तिनगर स्थित अपने कैम्प कार्यालय पर जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आज स्पीकर बिरला कोटा में विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों में सायं 7 बजे आरके पुरम स्थित दिशा डेल्फी स्कूल में आयोजित डिबेटेक्स कार्यक्रम प्रमुख है।
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    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के प्रवास पर हैं। इसी क्रम में, उन्होंने शक्तिनगर स्थित अपने कैम्प कार्यालय पर जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आज स्पीकर बिरला कोटा में विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों में सायं 7 बजे आरके पुरम स्थित दिशा डेल्फी स्कूल में आयोजित डिबेटेक्स कार्यक्रम प्रमुख है।
    user_Dushyant singh gehlot journal
    Dushyant singh gehlot journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के सरहदी इलाके बाड़मेर में हाल ही में एक तरफा अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ लोगों का भारी हुजूम सड़कों पर उमड़ पड़ा। स्थानीय लोगों ने 'सर्व धर्म समभाव' की भावना के तहत एकजुट होकर इस अभियान का विरोध किया, जिसे एक तरफा बताया जा रहा है। यह जनसैलाब अतिक्रमण हटाए जाने की एक तरफा कार्रवाई के विरोध में था।
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    राजस्थान के सरहदी इलाके बाड़मेर में हाल ही में एक तरफा अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ लोगों का भारी हुजूम सड़कों पर उमड़ पड़ा। स्थानीय लोगों ने 'सर्व धर्म समभाव' की भावना के तहत एकजुट होकर इस अभियान का विरोध किया, जिसे एक तरफा बताया जा रहा है। यह जनसैलाब अतिक्रमण हटाए जाने की एक तरफा कार्रवाई के विरोध में था।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    1 hr ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। राठौड़ ने विशेष रूप से अच्छी और समय पर वर्षा होने की प्रार्थना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर वर्षा होने से किसानों, पशुपालकों और आमजन को लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इसी मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई वितरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में मंदिर समिति के राजेंद्र खंडेलवाल और गिरधार बडेरा सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

राठौड़ ने विशेष रूप से अच्छी और समय पर वर्षा होने की प्रार्थना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर वर्षा होने से किसानों, पशुपालकों और आमजन को लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

इसी मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई वितरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में मंदिर समिति के राजेंद्र खंडेलवाल और गिरधार बडेरा सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कोटा kedl एसा ही लग रहा है अच्छा नास्ता करना का समय हो gaya🤩 हैं या तो जामीन के नीचे कुछ हैं या आसमान मै रील बनाने पर बवाल ऐसा होता हैं हारानी किसलिए हैं पता नहीं बस चाहिए तो एरिया देख लेना मै कोई बुरिए नहीं हैं कोटा राजस्थान अनोखा दृश्य बस अब निकल लो सडक पर जो कभी खतम नहीं होती धुप तेज हो गई है एसा ही लग रहा है अच्छा नास्ता करना का समय हो gaya🤩 हैं या तो जामीन के नीचे कुछ हैं या आसमान मै
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    कोटा kedl एसा ही लग रहा है  अच्छा नास्ता करना  का समय हो gaya🤩 हैं  या तो जामीन के नीचे कुछ हैं या आसमान मै 
रील  बनाने पर बवाल  ऐसा होता हैं  हारानी  किसलिए हैं पता नहीं  बस चाहिए तो एरिया देख लेना मै कोई बुरिए नहीं हैं  कोटा राजस्थान  अनोखा दृश्य  बस अब निकल लो   सडक पर जो कभी खतम नहीं होती  धुप  तेज हो गई है एसा ही लग रहा है  अच्छा नास्ता करना  का समय हो gaya🤩 हैं  या तो जामीन के नीचे कुछ हैं या आसमान मै
    user_Hariom Arya
    Hariom Arya
    Photographer Ladpura, Kota•
    4 hrs ago
  • मोहर्रम के अवसर पर 26 जून को निकलने वाले पारंपरिक ताजिया जुलूस में 100 वर्ष से भी अधिक पुराना बाबा जाफर का ऐतिहासिक ताजिया प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह ताजिया वर्षों से शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बना हुआ है, जिसके दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचते हैं।
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    मोहर्रम के अवसर पर 26 जून को निकलने वाले पारंपरिक ताजिया जुलूस में 100 वर्ष से भी अधिक पुराना बाबा जाफर का ऐतिहासिक ताजिया प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह ताजिया वर्षों से शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बना हुआ है, जिसके दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचते हैं।
    user_Mayur times news
    Mayur times news
    Artist लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इन पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। मंत्री दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भूमाफिया गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों की आड़ लेकर अपनी हजारों बीघा अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे तथा खेती के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब, आदिवासी और पशुपालक परिवारों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। दिलावर ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी अवैध जमीन बचाने के लिए कुछ कांग्रेस नेता भोले-भाले लोगों को गुमराह कर आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं, जिसे उन्होंने जनता के हित में नहीं बताया। मंत्री दिलावर ने घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी वैध भूमि और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सख्त कार्रवाई केवल उन भूमाफियाओं के खिलाफ होगी, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों के अधिकारों का हनन किया है।
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    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इन पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है।

मंत्री दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भूमाफिया गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों की आड़ लेकर अपनी हजारों बीघा अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे तथा खेती के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब, आदिवासी और पशुपालक परिवारों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। दिलावर ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी अवैध जमीन बचाने के लिए कुछ कांग्रेस नेता भोले-भाले लोगों को गुमराह कर आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं, जिसे उन्होंने जनता के हित में नहीं बताया।

मंत्री दिलावर ने घुमंतू, अर्धघुमंतू, आदिवासी और गरीब पशुपालक परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी वैध भूमि और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सख्त कार्रवाई केवल उन भूमाफियाओं के खिलाफ होगी, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों के अधिकारों का हनन किया है।
    user_Dushyant singh gehlot journal
    Dushyant singh gehlot journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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