देवरिया में पंचायत मित्रों (ग्राम रोजगार सेवकों) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में, जिले भर के पंचायत मित्र विकास भवन परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत, सभी पंचायत मित्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मानव संसाधन नीति लागू करने और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन करीब पाँच वर्ष बीत जाने के बावजूद, इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे रोजगार सेवकों में भारी नाराजगी है। पंचायत मित्रों ने ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं के संचालन और ग्रामीण विकास कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मानव संसाधन नीति का निर्धारण कर उसे लागू करने की मांग की, ताकि रोजगार सेवकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस कड़ी में, उन्होंने राजभवन, भाजपा कार्यालय तथा जवाहर भवन के घेराव की भी चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पंचायत मित्रों ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
देवरिया में पंचायत मित्रों (ग्राम रोजगार सेवकों) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में, जिले भर के पंचायत मित्र विकास भवन परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत, सभी पंचायत मित्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मानव संसाधन नीति लागू करने और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन करीब पाँच वर्ष बीत जाने के बावजूद, इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे रोजगार सेवकों में भारी नाराजगी है। पंचायत मित्रों ने ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं के संचालन और ग्रामीण विकास कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मानव संसाधन नीति का निर्धारण कर उसे लागू करने की मांग की, ताकि रोजगार सेवकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस कड़ी में, उन्होंने राजभवन, भाजपा कार्यालय तथा जवाहर भवन के घेराव की भी चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पंचायत मित्रों ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
- जनपद देवरिया में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन की तैयारियों के तहत सोमवार को योग सप्ताह का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम श्री रविन्द्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम, देवरिया में आयोजित हुआ। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने महर्षि पतंजलि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर योग सप्ताह का उद्घाटन किया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले देवरिया में योगमय वातावरण तैयार हो गया है।1
- देवरिया जिले के भाटपार रानी रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट को लेकर शनिवार आधी रात एक युवक को दलालों ने पीटकर घायल कर दिया। इस घटना के बाद स्टेशन पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलने पर जब जीआरपी मौके पर पहुँची, तो सभी दलाल वहाँ से फरार हो गए। दरअसल, भाटपार रानी थाना के खडेसर पश्चिम टोला निवासी रोहित कुशवाहा रात लगभग 11:38 बजे भाटपार रानी रेलवे स्टेशन की आरक्षण खिड़की पर तत्काल टिकट के लिए अन्य लोगों के साथ कतार में खड़े थे। इसी दौरान कुछ दलाल वहाँ पहुँचे और रोहित कुशवाहा को जबरन हटाकर उनकी जगह पर खड़े होने लगे। जब रोहित ने इसका विरोध किया, तो दलालों ने उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा, जिससे वे घायल हो गए। यह देखकर जीआरपी पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दलालों को गिरफ्तार करने की कोशिश करने लगी, लेकिन दलाल पुलिस से हाथापाई करते हुए बाहर निकलकर भाग गए। ड्यूटी पर तैनात सहायक स्टेशन मास्टर रूपेश जायसवाल ने इस घटना की लिखित सूचना मेमो के माध्यम से जीआरपी एवं आरपीएफ भटनी के साथ-साथ लोकल पुलिस को भी दी। घायल युवक रोहित ने पहले स्टेशन की शिकायत व सुझाव पुस्तिका में घटना की शिकायत दर्ज कराई और बाद में जीआरपी भटनी को भी लिखित तहरीर दी, जिसमें कार्रवाई की माँग की गई है। जीआरपी भटनी के थानाध्यक्ष अजय कुमार मौर्य ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें घायल युवक रोहित कुशवाहा की तहरीर मिली है। उन्होंने बताया कि वह रात में ही मौके पर गए थे और मामले की छानबीन की जा रही है। यह घटना भाटपार रानी रेलवे स्टेशन पर टिकट दलालों के बढ़ते आतंक को दर्शाती है।1
- खजुराहो-उदयपुर एक्सप्रेस में एक बड़ा हादसा हो गया। यह घटना ट्रेन में आग लगने की झूठी अफवाह फैलने के कारण हुई। अफवाह के बाद, ट्रेन के यात्री तत्काल ट्रैक पर उतर गए, जिसके ठीक बाद सामने से आ रही एक अन्य ट्रेन की चपेट में आने से वे कुचले गए।1
- कुशीनगर जिले में प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान का भव्य और ज़ोरदार स्वागत किया गया।1
- देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र में, पुलिस ने अनशन पर बैठे एक व्यक्ति को न्याय का भरोसा दिलाया। स्थानीय भाटपार रानी पुलिस उस अनशनकारी व्यक्ति को थाने ले गई, जहाँ उसे न्याय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।4
- देवरिया जिले के भाटपार रानी रेलवे स्टेशन पर बीती रात तत्काल टिकट को लेकर हुए विवाद में कुछ स्थानीय युवकों ने एक यात्री को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस घटना में यात्री को गंभीर चोटें आई हैं। मामले की सूचना एक स्टाफ सदस्य ने राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को दी। GRP ने एक आरोपी युवक को पकड़ा भी, लेकिन उसे छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। यात्रियों का आरोप है कि भाटपार रानी स्टेशन पर ऐसी मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं और GRP का यहां कोई डर या नियंत्रण नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे परिसर का अधिकतर हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे यात्रियों को हर समय असुरक्षा का भय महसूस होता है।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी ब्लॉक में प्रधानमंत्री के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।1
- देवरिया जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायक एवं सहायिकाओं ने अपनी समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी देवरिया को एक मांगपत्र प्रस्तुत किया है। इस मांगपत्र में मुख्य रूप से पंचायत भवनों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, लंबित मानदेय का भुगतान, उचित प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है। पंचायत सहायकों ने बताया कि कई ग्राम पंचायत भवनों में अभी भी शुद्ध पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और यूपीएस जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण उन्हें अपने कार्यों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि इन सभी पंचायत भवनों में आवश्यक संसाधन शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं। इसके अतिरिक्त, मांगपत्र में कई पंचायत सहायकों के लंबित मानदेय का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और मानदेय में वृद्धि कर इसे डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है। अपनी अन्य मांगों में, पंचायत सहायकों ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा वर्तमान संविदा व्यवस्था को समाप्त कर एक स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की भी वकालत की है। मांगपत्र में पंचायत स्तर पर संचालित सर्वेक्षण, ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, जनसेवा एवं डिजिटल कार्यों में पंचायत सहायकों की पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें कार्य के लिए टैबलेट अथवा स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। पंचायत सहायकों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे उनकी इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि ग्राम पंचायतों में विकास और डिजिटल सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।1