रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश । हेडलाइन— जटाशंकर के लिए निकली भव्य कांवड़ यात्रा, हजारों भक्तों ने पैदल उठाया भोलेनाथ का जयकारा; जगह-जगह हुआ कांवड़ियों का पुष्पवर्षा से स्वागत। एंकर— सावन के पावन महीने में शिवभक्ति का रंग एक बार फिर देखने को मिला।पन्ना जिले के जैतपुर स्थित हनुमानगढ़ी धाम से प्रसिद्ध जटाशंकर धाम के लिए भव्य पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हाथों में कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और पूरे रास्ते गूंजते “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी आस्था और श्रद्धा के साथ जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से हजारों भक्त कांवड़ लेकर जटाशंकर धाम के लिए पैदल रवाना हुए। सुबह से ही हनुमानगढ़ी परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कांवड़िए एकत्रित हो गए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद पैदल यात्रा का शुभारंभ किया गया। कांवड़ियों के हाथों में सजी कांवड़ और भगवा रंग के परिधानों के बीच जब “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” के जयकारे गूंजे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ पैदल जटाशंकर धाम की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़ यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गईं। स्थानीय लोगों और भक्तों ने कांवड़ियों को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। कई स्थानों पर पेयजल, नाश्ता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई, ताकि लंबी पैदल यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान भी हर तरफ भोलेनाथ के जयकारे सुनाई दिए और लोगों ने श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल भक्तों का उत्साह बढ़ाया। कांवड़ यात्रा के आयोजक आलोक तिवारी ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जटाशंकर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। रास्ते में जगह-जगह पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर जटाशंकर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा के बावजूद भक्तों में उत्साह और उमंग देखने को मिली। कोई भोलेनाथ के जयकारे लगाता नजर आया तो कोई भजनों और शिव गीतों पर झूमता दिखाई दिया। जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा आगे बढ़ी, मार्ग पर शिवभक्ति का रंग और गहरा होता गया। कुल मिलाकर जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से जटाशंकर के लिए निकली यह कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम नजर आई। हजारों भक्तों की मौजूदगी और गूंजते “हर-हर महादेव” के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। बम-बम भोले… हर-हर महादेव!
रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश । हेडलाइन— जटाशंकर के लिए निकली भव्य कांवड़ यात्रा, हजारों भक्तों ने पैदल उठाया भोलेनाथ का जयकारा; जगह-जगह हुआ कांवड़ियों का पुष्पवर्षा से स्वागत। एंकर— सावन के पावन महीने में शिवभक्ति का रंग एक बार फिर देखने को मिला।पन्ना जिले के जैतपुर स्थित हनुमानगढ़ी धाम से प्रसिद्ध जटाशंकर धाम के लिए भव्य पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हाथों में कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और पूरे रास्ते गूंजते “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी आस्था और श्रद्धा के साथ जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से हजारों भक्त कांवड़ लेकर जटाशंकर धाम के लिए पैदल रवाना हुए। सुबह से ही हनुमानगढ़ी परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कांवड़िए एकत्रित हो गए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद पैदल यात्रा का शुभारंभ किया गया। कांवड़ियों के हाथों में सजी कांवड़ और भगवा रंग के परिधानों के बीच जब “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” के जयकारे गूंजे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ पैदल जटाशंकर धाम की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़ यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गईं। स्थानीय लोगों और भक्तों ने कांवड़ियों को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। कई स्थानों पर पेयजल, नाश्ता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई, ताकि लंबी पैदल यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान भी हर तरफ भोलेनाथ के जयकारे सुनाई दिए और लोगों ने श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल भक्तों का उत्साह बढ़ाया। कांवड़ यात्रा के आयोजक आलोक तिवारी ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जटाशंकर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। रास्ते में जगह-जगह पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर जटाशंकर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा के बावजूद भक्तों में उत्साह और उमंग देखने को मिली। कोई भोलेनाथ के जयकारे लगाता नजर आया तो कोई भजनों और शिव गीतों पर झूमता दिखाई दिया। जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा आगे बढ़ी, मार्ग पर शिवभक्ति का रंग और गहरा होता गया। कुल मिलाकर जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से जटाशंकर के लिए निकली यह कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम नजर आई। हजारों भक्तों की मौजूदगी और गूंजते “हर-हर महादेव” के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। बम-बम भोले… हर-हर महादेव!
- 217 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अप-डाउन का मामला, विभागीय व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल पन्ना। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जिले की आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया गया कि जिले की 217 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित मुख्यालय अथवा गांव में निवास करने के बजाय 10 किलोमीटर से लेकर 216 किलोमीटर तक दूर अन्य शहरों से आवागमन कर रही हैं। सबसे गंभीर मामला पडरहा आंगनबाड़ी केंद्र का बताया जा रहा है, जहां संबंधित कार्यकर्ता के जबलपुर में निवास करने की बात सामने आई है। पन्ना जिले से जबलपुर की दूरी करीब 216 किलोमीटर है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी लंबी दूरी से प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है। बैठक में यह भी जानकारी सामने आई कि संबंधित कार्यकर्ता महीने में केवल एक-दो बार केंद्र पर पहुंचती हैं और बाकी समय केंद्र की वास्तविक स्थिति क्या रहती है, इसकी जांच की जरूरत है। इसी तरह छतरपुर से करीब 91 किलोमीटर दूर से आवागमन करने वाली कार्यकर्ताओं का मामला भी सामने आया है। वहीं कटनी, पन्ना सहित अन्य स्थानों पर निवास कर अपने निर्धारित केंद्रों पर आने-जाने वाली कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर भी विभागीय स्तर पर सवाल उठे हैं। गुनौर, पवई, ककरेती और देवनगर क्षेत्र में भी कई कार्यकर्ताओं के अपने कार्यक्षेत्र से बाहर निवास करने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ मामलों में तो संबंधित कर्मचारी लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों का सीधा संबंध बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को मिलने वाली पोषण एवं अन्य सेवाओं से है। ऐसे में यदि कार्यकर्ता निर्धारित मुख्यालय पर उपलब्ध नहीं हैं या केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, तो इसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 217 कार्यकर्ताओं को अपने निर्धारित मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति किस स्तर से मिली? क्या विभाग ने इनकी नियमित उपस्थिति और केंद्र संचालन की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया? यदि लंबे समय से केंद्रों से अनुपस्थित रहने की शिकायतें सही हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? विभागीय समीक्षा में मामला सामने आने के बाद अब निगाहें4
- हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना ककरहटी जोगी बाबा पेट्रोलियम पर सी एस ए प्रशिक्षण हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना ककरहटी जोगी बाबा पेट्रोलियम पर ( सी एस ए) प्रशिक्षण संपन्न1
- रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश । हेडलाइन— जटाशंकर के लिए निकली भव्य कांवड़ यात्रा, हजारों भक्तों ने पैदल उठाया भोलेनाथ का जयकारा; जगह-जगह हुआ कांवड़ियों का पुष्पवर्षा से स्वागत। एंकर— सावन के पावन महीने में शिवभक्ति का रंग एक बार फिर देखने को मिला।पन्ना जिले के जैतपुर स्थित हनुमानगढ़ी धाम से प्रसिद्ध जटाशंकर धाम के लिए भव्य पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हाथों में कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और पूरे रास्ते गूंजते “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी आस्था और श्रद्धा के साथ जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से हजारों भक्त कांवड़ लेकर जटाशंकर धाम के लिए पैदल रवाना हुए। सुबह से ही हनुमानगढ़ी परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कांवड़िए एकत्रित हो गए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद पैदल यात्रा का शुभारंभ किया गया। कांवड़ियों के हाथों में सजी कांवड़ और भगवा रंग के परिधानों के बीच जब “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” के जयकारे गूंजे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ पैदल जटाशंकर धाम की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़ यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गईं। स्थानीय लोगों और भक्तों ने कांवड़ियों को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। कई स्थानों पर पेयजल, नाश्ता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई, ताकि लंबी पैदल यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान भी हर तरफ भोलेनाथ के जयकारे सुनाई दिए और लोगों ने श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल भक्तों का उत्साह बढ़ाया। कांवड़ यात्रा के आयोजक आलोक तिवारी ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जटाशंकर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। रास्ते में जगह-जगह पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर जटाशंकर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा के बावजूद भक्तों में उत्साह और उमंग देखने को मिली। कोई भोलेनाथ के जयकारे लगाता नजर आया तो कोई भजनों और शिव गीतों पर झूमता दिखाई दिया। जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा आगे बढ़ी, मार्ग पर शिवभक्ति का रंग और गहरा होता गया। कुल मिलाकर जैतपुर हनुमानगढ़ी धाम से जटाशंकर के लिए निकली यह कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम नजर आई। हजारों भक्तों की मौजूदगी और गूंजते “हर-हर महादेव” के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। बम-बम भोले… हर-हर महादेव!1
- बरसात के मौसम में अत्यधिक वर्षा होने से नदी नाले जब उफान पर हो तो कृपया कर नदी नालों को पर ना करें बरसात के मौसम में अत्यधिक वर्षा होने से नदी नाले जब उफान पर हो तो कृपया कर नदी नालों को पर ना करें1