आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह सचिव उमेश चौधरी ने मैहर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित सरपहिया तालाब क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय रहवासियों की शिकायत पर क्षेत्र का दौरा करने के बाद, उमेश चौधरी ने तालाब में व्याप्त गंदगी, जल निकासी की समस्या, टूटी हुई सड़कें, नालियों की सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक अपने मत से पार्षद, अध्यक्ष, विधायक और सांसद जैसे जन प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कें खुदी होने के कारण लोगों को लगातार परेशानी हो रही है, और बार-बार शिकायतें करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह सचिव उमेश चौधरी ने मैहर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित सरपहिया तालाब क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय रहवासियों की शिकायत पर क्षेत्र का दौरा करने के बाद, उमेश चौधरी ने तालाब में व्याप्त गंदगी, जल निकासी की समस्या, टूटी हुई सड़कें, नालियों की सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक अपने मत से पार्षद, अध्यक्ष, विधायक और सांसद जैसे जन प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कें खुदी होने के कारण लोगों को लगातार परेशानी हो रही है, और बार-बार शिकायतें करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।
- आजकल कुछ तथाकथित 'प्रबुद्ध जन' जिस तरह से पर्यावरण की सुरक्षा कर रहे हैं, उस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ये लोग पहले पेड़ काटते हैं और फिर केवल दिखावे के लिए वृक्षारोपण करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल तस्वीरें लेना होता है। यह स्थिति आज के दौर की उस 'महानता' पर व्यंग्य करती है, जहाँ पेड़ों को काटना और फिर फ़ोटो खिंचवाने के लिए दिखावटी पौधे लगाना ही चलन बन गया है। इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर पेड़ों का असली दुश्मन कौन है।1
- मैहर जिले में पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने एक साथ 10 से अधिक स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की, जिससे अवैध नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप और भय का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। छापे के दौरान, संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई और अवैध शराब जब्त की गई, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार अभियान जारी रहेंगे। इस बड़ी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वहीं, आम नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए मैहर जिले को नशा मुक्त बनाने की मांग की है।1
- चित्रकूट में रात के समय यह जानकारी सामने आई कि विभाग द्वारा पहले से जर्जर घोषित किए गए एक भवन में कुछ घुमक्कड़ लोगों को रखा गया था। जब मीडियाकर्मी इस मामले की जानकारी लेने पहुंचे और उन्होंने सवाल उठाने शुरू किए, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने थाना प्रभारी के इस कदम को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया बताया। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या मीडिया को स्वतंत्र रूप से जानकारी प्राप्त करने और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। मामले को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े हो रहे हैं, जैसे कि यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित किया है, तो उसमें लोगों को रखने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया? साथ ही, पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या उचित प्रशासनिक व्यवहार माना जा सकता है? इस पूरे मामले का रीवा आईजी ने संज्ञान लिया है।1
- साइकिल दिवस के अवसर पर सतना में एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली वेंकटेश मंदिर से शुरू होकर कलेक्ट्रेट होते हुए वापस वेंकटेश मंदिर पर ही समाप्त हुई। इस साइकिल रैली में रामपुर बाघेलान विधायक के कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी रामशंकर पयासी भी सम्मिलित हुए।1
- पन्ना जिले के गढ़ी पड़रिया स्थित गौरीशंकर मंदिर परिसर में आयोजित 24 घंटे के अखंड रामनाम संकीर्तन में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुँचे और रामभक्ति में लीन रहे। इसी कड़ी में ककरहटी से आए पप्पू विश्वकर्मा और जयपाल सिंह यादव ने भी इस अखंड रामधुन में शामिल होकर श्रद्धाभाव के साथ रामनाम संकीर्तन किया, जिससे भक्तिमय वातावरण और भी उल्लासपूर्ण हो उठा। अखंड रामनाम संकीर्तन के दौरान मंदिर परिसर में लगातार "जय श्रीराम" के जयघोष गूँजते रहे। इस आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से ऐसे धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने की अपील की।2
- राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा हो गया है। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि उनकी ये मांगें पूरी हो पाती हैं या नहीं।1
- रीवा जिला चिकित्सालय बिछिया अस्पताल में पार्किंग को लेकर खुलेआम भ्रष्टाचार चलने का आरोप सामने आया है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति अपने पिताजी को लेकर अस्पताल गए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी कर दी थी। पानी की बोतल लेने के लिए वह 20 मिनट के लिए गए और वापस लौटे तो पाया कि उनकी गाड़ी को जंजीर से बांधा गया है। पूछने पर, पार्किंग कर्मी ने बताया कि उसने सिविल सर्जन के आदेश पर गाड़ी को जंजीर से बांधा है। कर्मचारी के मुताबिक, सिविल सर्जन का निर्देश है कि अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी गाड़ियों में सकरी लगाई जाए और ₹20 का पार्किंग शुल्क वसूला जाए। साथ ही, किसी भी सवाल पर सिविल सर्जन का नाम लेने का निर्देश भी दिया गया है। मौके पर न तो कोई रेट सूची लगी है और न ही कोई नोटिस प्रदर्शित किया गया है। वहीं, जो पावती दी जा रही है उसमें साइकिल के लिए ₹2, मोटरसाइकिल के लिए ₹5 और बड़े वाहनों के लिए ₹10 का शुल्क दर्ज है, जो वसूले जा रहे ₹20 से भिन्न है। इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब जनता अपने इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आती है, क्योंकि उनके पास निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होते, ऐसे में पार्किंग के नाम पर यह वसूली अनुचित है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब जनता के 'रक्षक ही भक्षक' बन जाएं। शासन-प्रशासन से इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- सतना शहर में यातायात व्यवस्था को गंभीर चुनौती देते हुए एक जानलेवा ओवरलोड मालवाहक वाहन देखा गया। यह वाहन सतना शहर स्थित यातायात थाने के ठीक सामने से होकर शहर की ओर जा रहा था, जो प्रशासन की निष्क्रियता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- मैहर जिले के सरलानगर स्थित एक सीमेंट प्लांट से कथित प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रदूषण की शिकायतों के बाद कलेक्टर द्वारा गठित टास्क फोर्स की जांच से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, जिससे जनता में गहरी नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है कि प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया गया या नहीं। उनका दावा है कि इलाके में धूल और प्रदूषण के कारण उन्हें आँखों में जलन तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और प्रभावित क्षेत्रों का निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया जाए, क्योंकि प्रदूषण के इस गंभीर मुद्दे पर जनता की आवाज लगातार मुखर होती जा रही है।1