झालावाड़ के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था। मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव से किनारे पर मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में घिरने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने SDRF, NDRF, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया। बचाव दलों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर बने अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का अभ्यास किया। इस संयुक्त मॉकड्रिल में SDRF के 34, NDRF के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रिगेडियर संजय रावत, कमांडिंग ऑफिसर रोहित ढोबाल, मेजर निखिल, कंपनी कमांडर SDRF एकता हाड़ा, पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया, जिला परिषद CEO शंभुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, DSP हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ASP भागचंद मीणा और NDRF कमांडेंट निशांत कुमार ने भी इस मॉकड्रिल की तैयारियों और सफल संचालन की जानकारी दी।
झालावाड़ के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था। मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव से किनारे पर मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में घिरने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने SDRF, NDRF, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया। बचाव दलों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर बने अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का अभ्यास किया। इस संयुक्त मॉकड्रिल में SDRF के 34, NDRF के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रिगेडियर संजय रावत, कमांडिंग ऑफिसर रोहित ढोबाल, मेजर निखिल, कंपनी कमांडर SDRF एकता हाड़ा, पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया, जिला परिषद CEO शंभुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, DSP हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ASP भागचंद मीणा और NDRF कमांडेंट निशांत कुमार ने भी इस मॉकड्रिल की तैयारियों और सफल संचालन की जानकारी दी।
- झालावाड़ के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था। मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव से किनारे पर मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में घिरने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने SDRF, NDRF, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया। बचाव दलों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर बने अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का अभ्यास किया। इस संयुक्त मॉकड्रिल में SDRF के 34, NDRF के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रिगेडियर संजय रावत, कमांडिंग ऑफिसर रोहित ढोबाल, मेजर निखिल, कंपनी कमांडर SDRF एकता हाड़ा, पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया, जिला परिषद CEO शंभुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, DSP हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ASP भागचंद मीणा और NDRF कमांडेंट निशांत कुमार ने भी इस मॉकड्रिल की तैयारियों और सफल संचालन की जानकारी दी।1
- झालावाड़ के जिला मुख्यालय स्थित हीरा बा कॅवर जनाना चिकित्सालय में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 'प्रसुता हेल्प डेस्क' (पीएचडी) की शुरुआत की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय द्वारा मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के मुख्य द्वार पर स्थापित की गई इस हेल्प डेस्क को 19.07.2026 रविवार शाम 7:00 बजे से शुरू किया गया है। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) महिलाओं को अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराने, आवश्यक जांचें, सोनोग्राफी, ब्लड बैंक आदि की जानकारी न होने के कारण इलाज शुरू होने में काफी समय लग जाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए ही अब मुख्य द्वार पर ही त्वरित मदद की व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत हेल्प डेस्क पर 24 घंटे स्टाफ तैनात रहेगा, जिनकी विशेष पहचान के लिए 'ड्रेस कोड-पिंक अप्रीन' तय किया गया है। प्रशासन ने इसके लिए 'प्रसुता हैल्प डेस्क' नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है जिसमें जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल सहित तमाम उच्च अधिकारी और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी जुड़े हैं। साथ ही एक पृथक वॉट्सऐप कंट्रोल रूम भी बनाया गया है जिसका मोबाइल नंबर 80032-02104 है। ग्रामीण क्षेत्र से मरीज के रेफर होते ही इसकी सूचना और एम्बुलेंस के नंबर कंट्रोल रूम पर साझा कर दिए जाते हैं, ताकि मरीज के आते ही केवल 10 मिनट के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन करवाकर तत्काल इलाज शुरू किया जा सके। इसके अलावा चिकित्सक की सलाह पर जांच के सैंपल बेड से ही लिए जाते हैं और सोनोग्राफी व ब्लड बैंक से खून लाने जैसी तमाम जिम्मेदारियां भी यह स्टाफ ही संभालता है। इस व्यवस्था के शुरू होते ही पहले 24 घंटों में कुल 19 प्रसूताएं ग्रामीण क्षेत्रों से रेफर होकर आईं, जिनमें से 14 गंभीर एचआरपी श्रेणी की थीं। इनमें झालावाड़ की 11 (7 एचआरपी), अन्य जिलों की 2 (2 एचआरपी) और मध्य प्रदेश की 6 महिलाएं (5 एचआरपी) शामिल थीं। इस दौरान निपानिया की अंजू नागर, चौमहला की 29 वर्षीय आरती मालवीय और खानपुर की 32 वर्षीय ममता जैसी गंभीर रूप से रेफर होकर आई प्रसूताओं को इस स्टाफ ने अस्पताल पहुंचते ही तुरंत रिसीव कर इलाज शुरू करवाया। प्रसव के बाद डिस्चार्ज होने पर जच्चा-बच्चा को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने से लेकर उनके घर पहुंचने तक का फॉलोअप भी यह स्टाफ ले रहा है। इस पूरी त्वरित और सुरक्षित व्यवस्था से प्रसूताओं के परिजन बेहद खुश हैं और वे सीएमएचओ कार्यालय व जिला स्वास्थ्य समिति का आभार जता रहे हैं।1
- झालावाड़ जिले के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आयोजित इस अभ्यास में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और भारतीय सेना ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और किनारे मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में फंसने की स्थिति दर्शाई गई। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय किया गया और बचाव दलों को तत्काल रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया। रेस्क्यू टीमों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक लाइफ सेविंग उपकरणों की मदद से पानी में फंसे सभी 30 लोगों को अत्यंत संयम और दक्षता के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे अभियान के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। इस संयुक्त मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ के 34, एनडीआरएफ के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन किया। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर स्थापित अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का प्रदर्शन किया, जबकि गंभीर रूप से घायल दर्शाए गए लोगों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। शिविर में पेयजल, आवश्यक दवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं भी दिखाई गईं। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना, संचार व्यवस्था और नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली को परखना तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और प्रभावी बनाना था ताकि वास्तविक आपदा में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।4
- कोटा जिले के रामगंजमंडी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान नगर कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पन्नालाल चौराहे होते हुए सरकारी कुआं तक रैली निकाली। चौराहे पर नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह गोयंदा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस द्वारा धरना स्थल से हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार विरोध की आवाजों को दबाने और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। नगर अध्यक्ष पवन बाबेल ने कहा कि छात्र परीक्षा-पत्र लीक प्रकरण में निष्पक्ष जांच और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय सवाल पूछने वालों को ही निशाने पर ले रही है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय गौतम ने भी देश में शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने के प्रयासों पर चिंता जताई। कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर संकल्प व्यक्त किया कि पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता के साथ खड़ी रहेगी और अपना संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेगी।3
- राजस्थान में कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के दरा अभ्यारण क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश के बाद दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रही। क्षेत्र में कमलपुरा से लेकर दरा नाल तक सड़क पर गहरे गड्ढे हो जाने और अभ्यारण क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रकों के खराब हो जाने से वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। इस वजह से सैकड़ों यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और सड़क पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। अभ्यारण क्षेत्र में लगा यह जाम इतना भीषण हो गया कि सड़क के एक तरफ पदमपुरा दोबडा और दूसरी तरफ जालिमपुरा पेट्रोल पंप तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। इसके अलावा भटवाड़ा अमझार सड़क मार्ग पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से दोनों खराब ट्रकों को रास्ते से हटवाया और एक-एक तरफ से वाहनों की आवाजाही करवाकर यातायात बहाल करने में जुट गई। हालांकि, बारिश और सड़कों के खस्ताहाल होने की वजह से शाम 7 बजे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें बनी रहीं।4
- रामगंजमंडी क्षेत्र के अंतरालिया गांव में जहरीले कीड़े के काटने से रतनलाल गुर्जर की पत्नी रामचंदरी गुर्जर की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। महिला की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था की गंभीर समस्या सामने आई। श्मशान घाट पर शेड और अन्य उचित सुविधाओं का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान श्मशान घाट की स्थिति ऐसी ही बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। बारिश के मौसम में श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर जल्द से जल्द शेड सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस तरह की लाचार स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- राजस्थान के झालावाड़ से दिल्ली पहुंचीं महिला कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में झालावाड़ महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष वर्षा शर्मा की अगुवाई में जिला कार्यकारिणी की महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ओबीसी महिलाओं के लिए भी इस कानून में लाभ सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष वर्षा शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण सीधे तौर पर महिलाओं के राजनीतिक अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए महिला कांग्रेस लगातार अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कानून को तुरंत लागू करने के साथ ही ओबीसी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने की भी पुरजोर मांग की। इस प्रदर्शन में झालावाड़ जिला कार्यकारिणी की सुशीला जैन, रेखा मेहर, रहमत बी और अनीता शर्मा सहित कई अन्य महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महिलाओं के हक और अधिकारों की आवाज को बुलंद किया।1
- झालावाड़ के झालरापाटन बाईपास के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां अपने घर से ग्रोथ सेंटर ऑफिस जाने के लिए निकले युवक तोकीर गोरी की कार में अचानक ब्लास्ट हो गया। घर के बाहर बाईपास के पास हुए इस धमाके में गाड़ी काफी क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार युवक घायल हो गया। इस ब्लास्ट में युवक के दोनों हाथ जल गए हैं और उसके चेहरे पर भी निशान आए हैं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने घायल युवक को तुरंत एसआरजी (SRG) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे। वहीं, कार में ब्लास्ट की इस घटना को लेकर अब प्रशासन द्वारा भी जांच की बात सामने आ रही है।1