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नेपाल ने सीमा पर विरोध के बाद बदले कस्टम नियम; ​यात्रियों और प्रवासी कामगारों को निजी सामान पर मिली बड़ी छूट ​ ​नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारत से आने वाले यात्रियों और वाहनों पर लागू किए गए कड़े कस्टम नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। बालेन शाह सरकार द्वारा नियमों में की गई सख्ती के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए भारी विरोध और प्रदर्शनों के बाद अब यात्रियों के निजी सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इन रियायतों का सीधा संबंध भारत सीमा पर की गई सख्ती से नहीं है, लेकिन इसे जनता के बढ़ते गुस्से को शांत करने के एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है। ​नए नियमों के तहत विदेश से लौटने वाले नेपाली नागरिकों को घरेलू सामान, दवाई, मोबाइल, लैपटॉप, घड़ी और कुछ मात्रा तक सोना लाने की अनुमति दी गई है। विशेष रूप से उन नेपाली श्रमिकों के लिए राहत बढ़ाई गई है जो लंबे समय तक विदेश में कार्यरत रहे हैं। छह महीने तक विदेश में काम कर लौटने वाले श्रमिक अब एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बिना किसी शुल्क के ला सकेंगे। वहीं, जो कामगार एक साल से अधिक समय तक विदेश में रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा कोष में पंजीकृत हैं, उन्हें एक टेलीविजन बिना शुल्क लाने की छूट दी गई है। ​दैनिक उपयोग की वस्तुओं में भी ढील देते हुए सात किलो खाने-पीने की चीजें, बच्चों के खिलौने और एक लीटर शराब को शुल्क मुक्त दायरे में रखा गया है। छह माह से एक वर्ष तक विदेश में रहने वालों को 50 हजार और एक साल से ज्यादा समय बिताने वालों को एक लाख नेपाली रुपए के सामान पर अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक सामान लाने पर यात्रियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। अप्रैल में कस्टम ड्यूटी के नियम कड़े किए जाने से सीमावर्ती इलाकों में जो तनाव पैदा हुआ था, इस नई व्यवस्था से उसे कम करने की कोशिश की जा रही है।

2 hrs ago
user_Latest news india
Latest news india
Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
2 hrs ago

नेपाल ने सीमा पर विरोध के बाद बदले कस्टम नियम; ​यात्रियों और प्रवासी कामगारों को निजी सामान पर मिली बड़ी छूट ​ ​नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारत से आने वाले यात्रियों और वाहनों पर लागू किए गए कड़े कस्टम नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। बालेन शाह सरकार द्वारा नियमों में की गई सख्ती के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए भारी विरोध और प्रदर्शनों के बाद अब यात्रियों के निजी सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इन रियायतों का सीधा संबंध भारत सीमा पर की गई सख्ती से नहीं है, लेकिन इसे जनता के बढ़ते गुस्से को शांत करने के एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है। ​नए नियमों के तहत विदेश से लौटने वाले नेपाली नागरिकों को घरेलू सामान, दवाई, मोबाइल, लैपटॉप, घड़ी और कुछ मात्रा तक सोना लाने की अनुमति दी गई है। विशेष रूप से उन नेपाली श्रमिकों के लिए राहत बढ़ाई गई है जो लंबे समय तक विदेश में कार्यरत रहे हैं। छह महीने तक विदेश में काम कर लौटने वाले श्रमिक अब एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बिना किसी शुल्क के ला सकेंगे। वहीं, जो कामगार एक साल से अधिक समय तक विदेश में रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा कोष में पंजीकृत हैं, उन्हें एक टेलीविजन बिना शुल्क लाने की छूट दी गई है। ​दैनिक उपयोग की वस्तुओं में भी ढील देते हुए सात किलो खाने-पीने की चीजें, बच्चों के खिलौने और एक लीटर शराब को शुल्क मुक्त दायरे में रखा गया है। छह माह से एक वर्ष तक विदेश में रहने वालों को 50 हजार और एक साल से ज्यादा समय बिताने वालों को एक लाख नेपाली रुपए के सामान पर अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक सामान लाने पर यात्रियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। अप्रैल में कस्टम ड्यूटी के नियम कड़े किए जाने से सीमावर्ती इलाकों में जो तनाव पैदा हुआ था, इस नई व्यवस्था से उसे कम करने की कोशिश की जा रही है।

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  • ​ ​नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारत से आने वाले यात्रियों और वाहनों पर लागू किए गए कड़े कस्टम नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। बालेन शाह सरकार द्वारा नियमों में की गई सख्ती के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए भारी विरोध और प्रदर्शनों के बाद अब यात्रियों के निजी सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इन रियायतों का सीधा संबंध भारत सीमा पर की गई सख्ती से नहीं है, लेकिन इसे जनता के बढ़ते गुस्से को शांत करने के एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है। ​नए नियमों के तहत विदेश से लौटने वाले नेपाली नागरिकों को घरेलू सामान, दवाई, मोबाइल, लैपटॉप, घड़ी और कुछ मात्रा तक सोना लाने की अनुमति दी गई है। विशेष रूप से उन नेपाली श्रमिकों के लिए राहत बढ़ाई गई है जो लंबे समय तक विदेश में कार्यरत रहे हैं। छह महीने तक विदेश में काम कर लौटने वाले श्रमिक अब एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बिना किसी शुल्क के ला सकेंगे। वहीं, जो कामगार एक साल से अधिक समय तक विदेश में रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा कोष में पंजीकृत हैं, उन्हें एक टेलीविजन बिना शुल्क लाने की छूट दी गई है। ​दैनिक उपयोग की वस्तुओं में भी ढील देते हुए सात किलो खाने-पीने की चीजें, बच्चों के खिलौने और एक लीटर शराब को शुल्क मुक्त दायरे में रखा गया है। छह माह से एक वर्ष तक विदेश में रहने वालों को 50 हजार और एक साल से ज्यादा समय बिताने वालों को एक लाख नेपाली रुपए के सामान पर अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक सामान लाने पर यात्रियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। अप्रैल में कस्टम ड्यूटी के नियम कड़े किए जाने से सीमावर्ती इलाकों में जो तनाव पैदा हुआ था, इस नई व्यवस्था से उसे कम करने की कोशिश की जा रही है।
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​नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारत से आने वाले यात्रियों और वाहनों पर लागू किए गए कड़े कस्टम नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। बालेन शाह सरकार द्वारा नियमों में की गई सख्ती के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए भारी विरोध और प्रदर्शनों के बाद अब यात्रियों के निजी सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इन रियायतों का सीधा संबंध भारत सीमा पर की गई सख्ती से नहीं है, लेकिन इसे जनता के बढ़ते गुस्से को शांत करने के एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
​नए नियमों के तहत विदेश से लौटने वाले नेपाली नागरिकों को घरेलू सामान, दवाई, मोबाइल, लैपटॉप, घड़ी और कुछ मात्रा तक सोना लाने की अनुमति दी गई है। विशेष रूप से उन नेपाली श्रमिकों के लिए राहत बढ़ाई गई है जो लंबे समय तक विदेश में कार्यरत रहे हैं। छह महीने तक विदेश में काम कर लौटने वाले श्रमिक अब एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बिना किसी शुल्क के ला सकेंगे। वहीं, जो कामगार एक साल से अधिक समय तक विदेश में रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा कोष में पंजीकृत हैं, उन्हें एक टेलीविजन बिना शुल्क लाने की छूट दी गई है।
​दैनिक उपयोग की वस्तुओं में भी ढील देते हुए सात किलो खाने-पीने की चीजें, बच्चों के खिलौने और एक लीटर शराब को शुल्क मुक्त दायरे में रखा गया है। छह माह से एक वर्ष तक विदेश में रहने वालों को 50 हजार और एक साल से ज्यादा समय बिताने वालों को एक लाख नेपाली रुपए के सामान पर अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक सामान लाने पर यात्रियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। अप्रैल में कस्टम ड्यूटी के नियम कड़े किए जाने से सीमावर्ती इलाकों में जो तनाव पैदा हुआ था, इस नई व्यवस्था से उसे कम करने की कोशिश की जा रही है।
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • बहराइच। पयागपुर में पुलिस का सघंन वाहन चेकिंग अभियान तेज़ खुटेहना चौकी पर बैरिकेडिंग लगाकर चलाया गया बड़ा अभियान थानाध्यक्ष दीपक सिंह खुद सड़क पर उतरकर संभाली कमान वाहन चालकों में मचा हड़कंप, नियम तोड़ने वालों के छूटे पसीने दोपहिया-चार पहिया वाहनों के कागजात की हुई,सख्त जांच हेलमेट,सीट बेल्ट और नंबर प्लेट पर विशेष फोकस नियम उल्लंघन करने वाले 17 वाहनों का काटा गया ई-चालान पुलिस की सख्ती से क्षेत्र में अराजक तत्वों में खौफ प्रशासन की अपील नियम मानें, वरना होगी कड़ी कार्रवाई।
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    बहराइच। पयागपुर में पुलिस का सघंन वाहन चेकिंग अभियान तेज़
खुटेहना चौकी पर बैरिकेडिंग लगाकर चलाया गया बड़ा अभियान
थानाध्यक्ष दीपक सिंह खुद सड़क पर उतरकर संभाली कमान
वाहन चालकों में मचा हड़कंप, नियम तोड़ने वालों के छूटे पसीने
दोपहिया-चार पहिया वाहनों के कागजात की हुई,सख्त जांच
हेलमेट,सीट बेल्ट और नंबर प्लेट पर विशेष फोकस
नियम उल्लंघन करने वाले 17 वाहनों का काटा गया ई-चालान
पुलिस की सख्ती से क्षेत्र में अराजक तत्वों में खौफ
प्रशासन की अपील नियम मानें, वरना होगी कड़ी कार्रवाई।
    user_Mohit Nepali
    Mohit Nepali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • “रील बनाते-बनाते मौत! 60 फीट टंकी पर फंसे बच्चे | Siddharthnagar हादसा” #Siddharthnagar #UPNews #BreakingNews #IndiaNews #RescueOperation
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    “रील बनाते-बनाते मौत! 60 फीट टंकी पर फंसे बच्चे | Siddharthnagar हादसा” #Siddharthnagar #UPNews #BreakingNews #IndiaNews #RescueOperation
    user_Fariyad Ali
    Fariyad Ali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • झज्जर पर बहराइच में नीट की परीक्षा परीक्षा में लगभग 3279 छात्रों में 3212 छात्र उपस्थित बहराइच में सकुशल नीट की परीक्षा संपन्न हुआ है परेशानी पुलिस अपनी ड्यूटी पर मुस्ताक रही
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    झज्जर पर बहराइच में नीट की परीक्षा परीक्षा में लगभग 3279 छात्रों में 3212 छात्र उपस्थित बहराइच में सकुशल नीट की परीक्षा संपन्न हुआ है परेशानी पुलिस अपनी ड्यूटी पर मुस्ताक रही
    user_Onkarnathtripathi
    Onkarnathtripathi
    Teacher बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नही मिला इंसाफ तो आत्महत्या कर लूंगी साहब...... उत्तर प्रदेश, बहराइच- तहसील नानपारा सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक महिला रोती बिलखती हुई कलेक्टर और एसपी के पास पहुंची उसने कहा साहब मुझे बचा लीजिए नहीं तो परिवार सहित आत्महत्या कर लूंगी l तहसील के पंडोहिया की रहने वाली सुनीता सिंह ने डीएम और एसपी से रोती हुई बोली फर्जी दस्तावेज बनाकर मेरी पैतृक संपत्ति बेच दी विपक्षी जब मेरी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने लगा तो हमने इसका विरोध किया और क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर जिले के सभी अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई लेकिन किसी ने मेरी फरियाद नहीं सुनी l
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    नही मिला इंसाफ तो आत्महत्या कर लूंगी साहब......
उत्तर प्रदेश, बहराइच- तहसील नानपारा सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक महिला  रोती बिलखती हुई  कलेक्टर और एसपी के पास पहुंची उसने कहा साहब मुझे बचा लीजिए नहीं तो परिवार सहित आत्महत्या कर लूंगी l
तहसील  के पंडोहिया की रहने वाली सुनीता सिंह ने डीएम  और एसपी से रोती हुई बोली  फर्जी दस्तावेज बनाकर मेरी पैतृक संपत्ति बेच दी विपक्षी जब मेरी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने लगा तो हमने इसका विरोध किया और क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर जिले के सभी अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई लेकिन किसी ने मेरी फरियाद नहीं सुनी l
    user_Shakil Ansari, News Riporter
    Shakil Ansari, News Riporter
    रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘स्मार्ट मीटर’ को ‘स्मार्ट चीटर’ बताते हुए योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा। प्रदर्शनकारियों का आरोप — स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से वसूले जा रहे हैं ज्यादा बिजली बिल, बढ़ रहा है आम आदमी पर आर्थिक बोझ। हाथों में तख्तियां, जुबां पर नारे… सड़कों पर दिखा जोरदार विरोध। मौके पर पुलिस रही तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम। अब सवाल — क्या सरकार देगी राहत या बढ़ेगा विरोध?
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    आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘स्मार्ट मीटर’ को ‘स्मार्ट चीटर’ बताते हुए योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप — स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से वसूले जा रहे हैं ज्यादा बिजली बिल, बढ़ रहा है आम आदमी पर आर्थिक बोझ।
हाथों में तख्तियां, जुबां पर नारे… सड़कों पर दिखा जोरदार विरोध।
मौके पर पुलिस रही तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
अब सवाल — क्या सरकार देगी राहत या बढ़ेगा विरोध?
    user_Gulam Mustafa
    Gulam Mustafa
    Court reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बहराइच के खैरीघाट थाने के रामपुर निवासी नागेश (20) पुत्र शंकर की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागेश अपने साथी अंसित (25) पुत्र संजय के साथ बाइक पर सवार होकर रिश्तेदारी से वापस आ रहे थे, तभी नैनिहा के पास किसी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। नागेश को इलाज के लिए बहराइच अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अंसित का इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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    बहराइच के खैरीघाट थाने के रामपुर निवासी नागेश (20) पुत्र शंकर की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागेश अपने साथी अंसित (25) पुत्र संजय के साथ बाइक पर सवार होकर रिश्तेदारी से वापस आ रहे थे, तभी नैनिहा के पास किसी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे में दोनों घायल हो गए। नागेश को इलाज के लिए बहराइच अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अंसित का इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_Pradeep
    Pradeep
    रिपोर्ट बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर कहने को तो यहां विकास की बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो रही हैं, लेकिन इन इमारतों के पीछे छिपी जर्जर हकीकत ने आज एक मां की गोद उजाड़ दी। ये साठ फीट ऊंची पानी की टंकी, जो प्यास बुझाने के लिए बनी थी, आज मातम का प्रतीक बन गई है। तस्वीरें डराने वाली हैं। महज एक रील बनाने की चाहत में कुछ मासूम बच्चे इस टंकी के ऊपर जा चढ़े। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि जिस सीढ़ी के सहारे वो ऊपर जा रहे हैं, वो मौत का फंदा बन चुकी है। अचानक एक ज़ोरदार आवाज़ हुई जर्जर सीढ़ी टूटकर नीचे गिर गई और कुछ ही सेकंड में बच्चों की हंसी, चीखों में तब्दील हो गई। हादसा दिल दहला देने वाला था। एक मासूम की मौके पर ही जान चली गई। दो बच्चे इस वक्त अस्पताल के आईसीयू में अपनी आखिरी सांसों के लिए जंग लड़ रहे हैं। और वो दो बच्चे? जो ऊपर रह गए थे... कल्पना कीजिए उस खौफ की। साठ फीट की ऊंचाई, पैर रखने को जर्जर कंक्रीट और नीचे उतरने का हर रास्ता बंद। दो घंटे तक वो बच्चे मौत को अपने सामने देखते रहे। प्रशासन जागा, क्रेन मंगाई गई, शोर मचा लेकिन यहीं विकास के दावों की पोल खुल गई। टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं थी। चारों तरफ दलदल, जहां सिस्टम के पहिए धंस गए। जब ज़मीन पर रास्ते बंद हो गए, तो आसमान से उम्मीद की किरण जागी। मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त के समन्वय के बाद भारतीय वायु सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। रविवार की सुबह जब यम आई सत्तरह हेलीकॉप्टर के पंखों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, तब जाकर उन मासूमों की सांस में सांस आई। वायु सेना के जवानों ने जांबाजी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन क्या हम इसे जीत कह सकते हैं?
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    उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर कहने को तो यहां विकास की बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो रही हैं, लेकिन इन इमारतों के पीछे छिपी जर्जर हकीकत ने आज एक मां की गोद उजाड़ दी। ये साठ फीट ऊंची पानी की टंकी, जो प्यास बुझाने के लिए बनी थी, आज मातम का प्रतीक बन गई है।
तस्वीरें डराने वाली हैं। महज एक रील बनाने की चाहत में कुछ मासूम बच्चे इस टंकी के ऊपर जा चढ़े। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि जिस सीढ़ी के सहारे वो ऊपर जा रहे हैं, वो मौत का फंदा बन चुकी है। अचानक एक ज़ोरदार आवाज़ हुई जर्जर सीढ़ी टूटकर नीचे गिर गई और कुछ ही सेकंड में बच्चों की हंसी, चीखों में तब्दील हो गई।
हादसा दिल दहला देने वाला था। एक मासूम की मौके पर ही जान चली गई। दो बच्चे इस वक्त अस्पताल के आईसीयू में अपनी आखिरी सांसों के लिए जंग लड़ रहे हैं। और वो दो बच्चे? जो ऊपर रह गए थे... कल्पना कीजिए उस खौफ की। साठ फीट की ऊंचाई, पैर रखने को जर्जर कंक्रीट और नीचे उतरने का हर रास्ता बंद। दो घंटे तक वो बच्चे मौत को अपने सामने देखते रहे।
प्रशासन जागा, क्रेन मंगाई गई, शोर मचा लेकिन यहीं विकास के दावों की पोल खुल गई। टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं थी। चारों तरफ दलदल, जहां सिस्टम के पहिए धंस गए। जब ज़मीन पर रास्ते बंद हो गए, तो आसमान से उम्मीद की किरण जागी। मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त के समन्वय के बाद भारतीय वायु सेना को मोर्चा संभालना पड़ा।
रविवार की सुबह जब यम आई सत्तरह  हेलीकॉप्टर के पंखों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, तब जाकर उन मासूमों की सांस में सांस आई। वायु सेना के जवानों ने जांबाजी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन क्या हम इसे जीत कह सकते हैं?
    user_Fariyad Ali
    Fariyad Ali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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