अनुपपुर में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी बैठक संपन्न जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर हुआ मंथन अनूपपुर - मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व एसीएस एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों का गठन एवं पुनर्गठन स्थानीय आवश्यकताओं और आमजन की सुविधा को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद विकासखंड सहित विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक तथ्यों एवं कारणों सहित कलेक्टर के माध्यम से आयोग को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक मार्गदर्शी सिद्धांत विकसित करने पर भी जोर दिया। आयोग अध्यक्ष श्री मिश्रा ने प्रशासनिक इकाइयों के आकार, कार्यभार और दायित्वों के अनुरूप पद संरचना निर्धारित करने तथा मानव संसाधन के युक्तियुक्त उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न पदों के लिए आवश्यक कौशल एवं दक्षताओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और परिणामोन्मुख बनाया जा सके। आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभाग एवं जिलों का भ्रमण कर प्रशासनिक पुनर्गठन से संबंधित सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद महत्वपूर्ण नहीं होता, महत्वपूर्ण होता है आपके द्वारा किया गया कार्य। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पूरी प्रतिबद्धता से दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी एवं प्रस्तावों को जिले की स्थानीय आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या के वितरण, क्षेत्रफल, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं तथा आमजन की प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शासन की सेवाएं लोगों तक अधिक सुगमता, शीघ्रता और प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि आयोग को उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी तथ्यपरक, आवश्यकताओं पर आधारित एवं जनहित केंद्रित होगी। बैठक में बताया गया कि आयोग की प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि प्रशासनिक इकाई के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित सुझाव निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त प्रस्तावों की निर्धारित मापदंडों के आधार पर समीक्षा के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा। बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली, कार्यक्षेत्र, टर्म्स ऑफ रेफरेंस, प्रस्तावित प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं, मुख्यालय तथा कलेक्टरों से अपेक्षित जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अनुपपुर में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी बैठक संपन्न जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर हुआ मंथन अनूपपुर - मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व एसीएस एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों का गठन एवं पुनर्गठन स्थानीय आवश्यकताओं और आमजन की सुविधा को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद विकासखंड सहित विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक तथ्यों एवं कारणों सहित कलेक्टर के माध्यम से आयोग को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक मार्गदर्शी सिद्धांत विकसित करने पर भी जोर दिया। आयोग अध्यक्ष श्री मिश्रा ने प्रशासनिक इकाइयों के आकार, कार्यभार और दायित्वों के अनुरूप पद संरचना निर्धारित करने तथा मानव संसाधन के युक्तियुक्त उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न पदों के लिए आवश्यक कौशल एवं दक्षताओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और परिणामोन्मुख बनाया जा सके। आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभाग एवं जिलों का भ्रमण कर प्रशासनिक पुनर्गठन से संबंधित सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद महत्वपूर्ण नहीं होता, महत्वपूर्ण होता है आपके द्वारा किया गया कार्य। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पूरी प्रतिबद्धता से दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी एवं प्रस्तावों को जिले की स्थानीय आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या के वितरण, क्षेत्रफल, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं तथा आमजन की प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शासन की सेवाएं लोगों तक अधिक सुगमता, शीघ्रता और प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि आयोग को उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी तथ्यपरक, आवश्यकताओं पर आधारित एवं जनहित केंद्रित होगी। बैठक में बताया गया कि आयोग की प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि प्रशासनिक इकाई के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित सुझाव निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त प्रस्तावों की निर्धारित मापदंडों के आधार पर समीक्षा के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा। बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली, कार्यक्षेत्र, टर्म्स ऑफ रेफरेंस, प्रस्तावित प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं, मुख्यालय तथा कलेक्टरों से अपेक्षित जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
- अनुपपुर में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी बैठक संपन्न जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर हुआ मंथन अनूपपुर - मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व एसीएस एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों का गठन एवं पुनर्गठन स्थानीय आवश्यकताओं और आमजन की सुविधा को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद विकासखंड सहित विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक तथ्यों एवं कारणों सहित कलेक्टर के माध्यम से आयोग को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक मार्गदर्शी सिद्धांत विकसित करने पर भी जोर दिया। आयोग अध्यक्ष श्री मिश्रा ने प्रशासनिक इकाइयों के आकार, कार्यभार और दायित्वों के अनुरूप पद संरचना निर्धारित करने तथा मानव संसाधन के युक्तियुक्त उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न पदों के लिए आवश्यक कौशल एवं दक्षताओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और परिणामोन्मुख बनाया जा सके। आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभाग एवं जिलों का भ्रमण कर प्रशासनिक पुनर्गठन से संबंधित सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद महत्वपूर्ण नहीं होता, महत्वपूर्ण होता है आपके द्वारा किया गया कार्य। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पूरी प्रतिबद्धता से दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी एवं प्रस्तावों को जिले की स्थानीय आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या के वितरण, क्षेत्रफल, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं तथा आमजन की प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शासन की सेवाएं लोगों तक अधिक सुगमता, शीघ्रता और प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि आयोग को उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी तथ्यपरक, आवश्यकताओं पर आधारित एवं जनहित केंद्रित होगी। बैठक में बताया गया कि आयोग की प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि प्रशासनिक इकाई के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित सुझाव निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त प्रस्तावों की निर्धारित मापदंडों के आधार पर समीक्षा के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा। बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली, कार्यक्षेत्र, टर्म्स ऑफ रेफरेंस, प्रस्तावित प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं, मुख्यालय तथा कलेक्टरों से अपेक्षित जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।1
- *सद्भावना दिवस' पर गूंजा राजीव गांधी का विचार: कांग्रेसजनों ने आधुनिक भारत के शिल्पकार को दी भावांजलि* शहडोल-जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पूरे गरिमामय वातावरण में 'सद्भावना दिवस' के रूप में मनाई गई। इस पावन अवसर पर सिंहपुर ब्लॉक के ग्राम चुनिया और जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। *आधुनिक भारत के विजन को किया याद* ग्राम चुनिया में जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की अध्यक्षता में गरिमामय सभा हुई, जिसका संयोजन जिला महामंत्री हीरामणी पटेल एवं ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी ने किया। कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत जिला कांग्रेस भवन में दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के दूरदर्शी वास्तुकार थे। भारत में संचार क्रांति, कंप्यूटर युग और सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखने का ऐतिहासिक श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने युवाओं को मताधिकार की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा और पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती दी। *शांति, सद्भाव और युवा शक्ति का संकल्प* जिलाध्यक्ष ने रेखांकित किया कि राजीव गांधी का ध्येय तकनीक और युवा ऊर्जा के दम पर सशक्त भारत का निर्माण करना था। उनका जीवन सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और शांति की प्रेरणा देता है। विविधता में एकता को संजोना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, आयोजन में पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, राम नरेश तिवारी, प्रमोद जैन, नरेंद्र मरावी, हीरामणी पटेल, अजीत सोनी, शिव शंकर प्रसाद शुक्ला, विष्णु प्रताप सिंह, अजय सनपाल, दल प्रताप सिंह, महफूज अली, ललन सिंह मरावी, इकबाल अली, हीरालाल प्रजापति, विमल सिंह गुर्जर, जयकरण सिंह, राज कुमार कोल, शंभूलाल पटेल, साहू, कृष्णापाल पटेल, दयाशंकर पटेल, रामदीन पटेल, दुर्गेश सिंह, चमोलीय, दुईजी बाई, भारत पटेल, गोविंद पटेल, राजेश पटेल, महेश पटेल, प्रमोद पटेल, रामचरण पटेल, लक्ष्मण पटेल, गोरे कोरी, सुनील, नंदन पटेल, रमायन पटेल, सोनू कुशवाहा, कल्लू पटेल, संजीत बैगा, कामता पटेल, करण पटेल, प्रेमलाल, नेजमणि पटेल, कुशारी बैगा, हरिदास बैगा, भोले पटेल, माधव पटेल, धनश्याम कोरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- शहडोल में 110 गौवंशों को ले जाने का प्रयास विफल, गौसेवकों ने बचाया शहडोल। शहडोल में करीब 110 गौवंशों को पैदल ले जाने की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं नंदी गौ सेवा धाम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि गौवंशों को एक शोरूम के सामने से पैदल ले जाया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया, इसी दौरान तीन लोग मौके से भाग गए, जबकि दो संदिग्ध व्यक्तियों को गौसेवकों ने पकड़ लिया और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद सभी गौवंशों को सुरक्षित किया गया। मामले की सूचना सोहागपुर थाने में दी गई, जहां दोनों पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस के सुपुर्द किया गया। फिलहाल सभी 110 गौवंश सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें सुमिडाय भवन में रखा गया है। इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय लोगों की सजगता, पुलिस की तत्परता और नंदी गौ सेवा धाम की टीम के सदस्य सिल्लू रजक अविनाश मिश्रा धीरू मिश्रा विकास जोतवानी अमन यादव कमलेश जी प्रयास महत्वपूर्ण रहा 🙏 गौवंश की रक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, हमारी आस्था और सेवा का संकल्प है।4
- शहडोल में खाकी पर सवाल अमलाई के बटुरा में सरेआम चल रहा जुआ फड़, वीडियो वायरल अमलाई थाना अंतर्गत ग्राम बटुरा में सरेआम चल रहे जुआ फड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो सामने आने के बाद अमलाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में शायद तक बटुरा ग्राम जनप्रतिनिधि का नाम का व्यक्ति जुआ फड़ का संचालन करते दिखाई दे रहे हैं पुलिस अधीक्षक Shahdol Police डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के अवैध गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यह खेल धड़ल्ले से जारी है वीडियो वायरल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की भूमिका और मूक सहमति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।1
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय, जिला अधिवक्ता संघ एवं दक्षिण वन मंडल के संयुक्त समन्वय से निपनिया बीट में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित1
- सद्भावना दिवस' पर गूंजा राजीव गांधी का विचार: कांग्रेसजनों ने आधुनिक भारत के शिल्पकार को दी भावांजलि शहडोल-जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पूरे गरिमामय वातावरण में 'सद्भावना दिवस' के रूप में मनाई गई। इस पावन अवसर पर सिंहपुर ब्लॉक के ग्राम चुनिया और जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आधुनिक भारत के विजन को किया याद ग्राम चुनिया में जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की अध्यक्षता में गरिमामय सभा हुई, जिसका संयोजन जिला महामंत्री हीरामणी पटेल एवं ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी ने किया। कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत जिला कांग्रेस भवन में दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के दूरदर्शी वास्तुकार थे। भारत में संचार क्रांति, कंप्यूटर युग और सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखने का ऐतिहासिक श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने युवाओं को मताधिकार की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा और पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती दी। शांति, सद्भाव और युवा शक्ति का संकल्प जिलाध्यक्ष ने रेखांकित किया कि राजीव गांधी का ध्येय तकनीक और युवा ऊर्जा के दम पर सशक्त भारत का निर्माण करना था। उनका जीवन सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और शांति की प्रेरणा देता है। विविधता में एकता को संजोना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, आयोजन में पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, राम नरेश तिवारी, प्रमोद जैन, नरेंद्र मरावी, हीरामणी पटेल, अजीत सोनी, शिव शंकर प्रसाद शुक्ला, विष्णु प्रताप सिंह, अजय सनपाल, दल प्रताप सिंह, महफूज अली, ललन सिंह मरावी, इकबाल अली, हीरालाल प्रजापति, विमल सिंह गुर्जर, जयकरण सिंह, राज कुमार कोल, शंभूलाल पटेल, साहू, कृष्णापाल पटेल, दयाशंकर पटेल, रामदीन पटेल, दुर्गेश सिंह, चमोलीय, दुईजी बाई, भारत पटेल, गोविंद पटेल, राजेश पटेल, महेश पटेल, प्रमोद पटेल, रामचरण पटेल, लक्ष्मण पटेल, गोरे कोरी, सुनील, नंदन पटेल, रमायन पटेल, सोनू कुशवाहा, कल्लू पटेल, संजीत बैगा, कामता पटेल, करण पटेल, प्रेमलाल, नेजमणि पटेल, कुशारी बैगा, हरिदास बैगा, भोले पटेल, माधव पटेल, धनश्याम कोरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अजय पाल2
- सूरजपुर में दंतैल हाथी का कहर, ग्रामीण की मौत के बाद वन विभाग के खिलाफ फूटा आक्रोश1
- समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत कलश वंदन यात्रा का हुआ शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय से कलश वंदन यात्रा हुई रवाना अनूपपुर - राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी महाराज भक्ति, संत परंपरा एवं मानवता के अमर पुरोधा थे। उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच तथा सामाजिक भेदभाव का सदैव विरोध करते हुए सभी मनुष्यों को समान सम्मान और अधिकार देने का संदेश दिया। वे निर्गुण भक्ति के महान उपासक, समाज सुधारक एवं मानवतावादी संत थे, जिन्होंने अपने विचारों और आदर्शों के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की। अध्यक्ष श्री रौतेल कलेक्ट्रेट कार्यालय में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कलश वंदन यात्रा के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। अध्यक्ष रामलाल रौतेल कहा कि संत रविदास जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने मानव मात्र में समानता, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता की भावना को सर्वोपरि माना। उनके विचारों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जनजागरण का कार्य किया। संत रविदास जी ने अपने आचरण और संदेश के माध्यम से समाज को एकता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, कलेक्टर रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की प्रतिमा एवं छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात पावन कलश वंदन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम के दौरान संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के जीवन, उनके आदर्शों तथा समाज के लिए दिए गए संदेशों पर विद्वतापूर्वक प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1