Chhattisgarh news : आपकी थाली में कहीं नकली पनीर तो नहीं? सरकार का बड़ा एक्शन,,, ऐसे करें पहचान अगर आप पनीर खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। आखिर ऐनालॉग पनीर क्या होता है? इसे कैसे पहचानें? और इससे आपकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है? आइए जानते हैं इस जनहित की खबर में। पनीर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। लेकिन अब बाजार में ऐसा पनीर भी बिक रहा था, जो असली दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल और अन्य खाद्य सामग्री से तैयार किया जाता है। इसे ऐनालॉग पनीर कहा जाता है। लोग अक्सर इसे असली पनीर समझकर खरीद लेते हैं। देखने में यह लगभग एक जैसा लगता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया अलग होती है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उनका कहना है कि पनीर खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से पढ़ें। यदि पैकेट पर "Analog Paneer" या "Analogue Paneer" लिखा हो, तो उसे सामान्य डेयरी पनीर समझकर न खरीदें। खुला पनीर हमेशा विश्वसनीय दुकानदार से ही लें और यदि गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग से करें। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता जितना जागरूक होगा, उतना ही नकली या भ्रामक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना आसान होगा। इसलिए अगली बार जब भी पनीर खरीदें, केवल कीमत न देखें, बल्कि उसकी गुणवत्ता और लेबल की भी जांच जरूर करें। आपकी थोड़ी-सी सावधानी आपके परिवार की सेहत की सुरक्षा कर सकती है। यह खबर सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि आपकी सेहत से जुड़ा जनहित का संदेश है। इसे अपने परिवार और दोस्तों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि कोई भी अनजाने में गलत उत्पाद का इस्तेमाल न करे। कैमरामैन के साथ, मैं योगेश कुर्रे, खबर निरीक्षण।> नोट: यदि आपके पास विभागीय अधिकारी का वीडियो बयान है, तो स्क्रिप्ट के बीच में उनके बताए गए पहचान के तरीके (जैसे लेबल, पैकिंग, शिकायत प्रक्रिया आदि) को उनके बाइट के रूप में शामिल करें। इससे खबर अधिक विश्वसनीय और प्रभावी लगेगी।
Chhattisgarh news : आपकी थाली में कहीं नकली पनीर तो नहीं? सरकार का बड़ा एक्शन,,, ऐसे करें पहचान अगर आप पनीर खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। आखिर ऐनालॉग पनीर क्या होता है? इसे कैसे पहचानें? और इससे आपकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है? आइए जानते हैं इस जनहित की खबर में। पनीर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। लेकिन अब बाजार में ऐसा पनीर भी बिक रहा था, जो असली दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल और अन्य खाद्य सामग्री से तैयार किया जाता है। इसे ऐनालॉग पनीर कहा जाता है। लोग अक्सर इसे असली पनीर समझकर खरीद लेते हैं। देखने में यह लगभग एक जैसा लगता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया अलग होती है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उनका कहना है कि पनीर खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से पढ़ें। यदि पैकेट पर "Analog Paneer" या "Analogue Paneer" लिखा हो, तो उसे सामान्य डेयरी पनीर समझकर न खरीदें। खुला पनीर हमेशा विश्वसनीय दुकानदार से ही लें और यदि गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग से करें। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता जितना जागरूक होगा, उतना ही नकली या भ्रामक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना आसान होगा। इसलिए अगली बार जब भी पनीर खरीदें, केवल कीमत न देखें, बल्कि उसकी गुणवत्ता और लेबल की भी जांच जरूर करें। आपकी थोड़ी-सी सावधानी आपके परिवार की सेहत की सुरक्षा कर सकती है। यह खबर सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि आपकी सेहत से जुड़ा जनहित का संदेश है। इसे अपने परिवार और दोस्तों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि कोई भी अनजाने में गलत उत्पाद का इस्तेमाल न करे। कैमरामैन के साथ, मैं योगेश कुर्रे, खबर निरीक्षण।> नोट: यदि आपके पास विभागीय अधिकारी का वीडियो बयान है, तो स्क्रिप्ट के बीच में उनके बताए गए पहचान के तरीके (जैसे लेबल, पैकिंग, शिकायत प्रक्रिया आदि) को उनके बाइट के रूप में शामिल करें। इससे खबर अधिक विश्वसनीय और प्रभावी लगेगी।
- बाराद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरोह बेनकाब, महिला समेत तीन आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, बाराद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरोह बेनकाब, महिला समेत तीन आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, बाराद्वार पुलिस ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 24 घंटे के भीतर एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोना नवनीकरण और ऋण अवधि बढ़ाने का झांसा देकर एक ही परिवार से बैंक खातों एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी की थी। जेठा निवासी मूलचंद राठौर की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने कार्रवाई करते हुए रेखा राठौर, अफरोज खान और सुभाष कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव एवं बाराद्वार थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण राधा विहार कॉलोनीवासियों ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अपर कलेक्टर, कलेक्टर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित प्रशासन को सौंपे दर्जनों हस्ताक्षरयुक्त आवेदन। सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, बिना डायवर्सन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण, 6 फीट छज्जा निकालने तथा विरोध करने पर अभद्रता और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप। प्रारंभिक राजस्व जांच के बाद पटवारी ने मौके पर पंचनामा तैयार किया, अब तहसीलदार की कार्रवाई पर टिकी हैं सबकी निगाहें। बलौदाबाजार। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि, सार्वजनिक सड़क और नालियों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। लवन रोड स्थित राधा विहार कॉलोनी के दर्जनों रहवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर एक निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर तत्काल रोक लगाने, सीमांकन कराने तथा वैधानिक जांच की मांग की है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के बढ़ते हौसलों का बड़ा उदाहरण बन सकता है। कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन में दलजीत सिंह चावला, कुलदीप सिंह चावला, मेला राम गंभीर, अंशु गंभीर एवं विकास गंभीर पर सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने, बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों एवं भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) की प्रक्रिया पूर्ण किए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराने तथा विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। सार्वजनिक सड़क पर 6 फीट छज्जा निकालने की तैयारी, कॉलोनीवासियों में आक्रोश शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स से सार्वजनिक मार्ग की ओर लगभग 6 फीट का कैंटिलीवर (छज्जा) निकाला जा रहा है। इसके लिए निर्माण का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। यदि यह निर्माण पूरा हो जाता है तो मुख्य मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होगी, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि दुकानों के शटर मुख्य सड़क की ओर खुलेंगे और सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग होगी तो राधा विहार कॉलोनी का प्रवेश मार्ग स्थायी रूप से जाम की स्थिति में पहुंच जाएगा। सार्वजनिक नाली तोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी की सार्वजनिक नाली को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने और पूरी कॉलोनी में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। विरोध करने पर अभद्रता और धमकी का आरोप आवेदन के अनुसार 29 जुलाई 2026 को जब कॉलोनीवासियों ने निर्माणकर्ताओं से सार्वजनिक सड़क की ओर छज्जा नहीं निकालने तथा दुकान का शटर मुख्य सड़क की ओर नहीं रखने का अनुरोध किया, तब कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा धमकी दी गई। रहवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद कॉलोनी में भय और तनाव का वातावरण है। प्रशासन हरकत में, राजस्व अमले ने किया निरीक्षण, पटवारी ने बनाया पंचनामा शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम, जिसमें पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, निर्माण स्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पटवारी ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक तथ्य दर्ज किए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रारंभिक जांच के दौरान निर्माण स्थल पर अनधिकृत निर्माण एवं शिकायत से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। अब पटवारी द्वारा विस्तृत जांच प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाना शेष है। समाचार लिखे जाने तक प्रतिवेदन प्रस्तुत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। संभावना है कि इसकी स्थिति शुक्रवार को स्पष्ट होगी। अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने दिए निर्देश, नोटिस जारी होने की तैयारी इस संबंध में अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अब तहसीलदार के फैसले पर टिकी निगाहें पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद तहसीलदार कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं। क्या निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन (स्टे) आदेश जारी होगा? क्या सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार केवल राधा विहार कॉलोनी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को है। प्रशासन से सात प्रमुख मांगें - निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन आदेश जारी किया जाए। - राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीम से विस्तृत जांच कराई जाए। - सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि का सीमांकन कराया जाए। - अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। - सार्वजनिक मार्ग की ओर निकाले जा रहे 6 फीट छज्जे को रोका जाए। - भवन अनुज्ञा, डायवर्सन एवं अन्य सभी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच की जाए। - दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। जनहित का सवाल यह मामला केवल एक निर्माण विवाद नहीं, बल्कि सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि की सुरक्षा से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रशासन के लिए यह कानून के समान अनुपालन की परीक्षा होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध भी यदि निष्पक्ष कार्रवाई होती है तो आम नागरिकों का कानून पर विश्वास मजबूत होगा, अन्यथा यह संदेश जाएगा कि प्रभाव और पहुंच के आगे कानून कमजोर पड़ जाता है। (अस्वीकरण) यह समाचार राधा विहार कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदनों, राजस्व विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक निरीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं आदेश के अधीन है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।4
- कस्तूरबा छात्रावास में फूटा छात्राओं का आक्रोश, गंभीर शिकायतों के बाद सड़क पर उतरीं छात्राएं कोरबा(सुघर गांव) । पोंडी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में गुरुवार को छात्राओं के विरोध ने प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया। छात्रावास की व्यवस्थाओं और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर नाराज छात्राओं ने कटघोरा–अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर अपनी आवाज बुलंद की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन से हाईवे पर यातायात ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ● आरोपों से गरमाया माहौल प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने अधीक्षिका पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना, अनुचित व्यवहार और दबाव बनाकर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि लंबे समय से शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। ● भोजन और सुविधाओं पर उठे सवाल छात्राओं ने छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, दैनिक व्यवस्थाओं और अनुशासन के नाम पर किए जा रहे व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कई बार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होने से असंतोष लगातार बढ़ता गया। ● मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच के निर्देश चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन मानिकपुरी, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, बीईओ के.आर. दयाल, बांगों थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं की बातें सुनने के बाद निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। ● जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई दूसरी ओर अधीक्षिका शारदा नेताम ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से यह आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- तुरी धाम: आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम तुरी धाम: आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम1
- Post by Raigarh Chhattisgarh1
- रजगामार डूमरडीह के पास नशे में कार चालक ने स्कूटी सवार को मारी ठोकर1