logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अमेठी: यूपीएसआई भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर विवाद, ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर सौंपा गया ज्ञापन उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में एक प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने’ जैसे अर्थ के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाने के साथ ही अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका भी है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। वहीं दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अभ्यर्थियों व समाज की भावनाएं आहत होती हैं। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द सम्मान और विद्वता का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त करने और भविष्य में ऐसी त्रुटियां न होने देने की मांग की। इस दौरान राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_Arun kumar Gupta
Arun kumar Gupta
अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अमेठी: यूपीएसआई भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर विवाद, ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर सौंपा गया ज्ञापन उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में एक प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने’ जैसे अर्थ के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाने के साथ ही अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका भी है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। वहीं दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अभ्यर्थियों व समाज की भावनाएं आहत होती हैं। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द सम्मान और विद्वता का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त करने और भविष्य में ऐसी त्रुटियां न होने देने की मांग की। इस दौरान राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में एक प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने’ जैसे अर्थ के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाने के साथ ही अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका भी है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। वहीं दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अभ्यर्थियों व समाज की भावनाएं आहत होती हैं। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द सम्मान और विद्वता का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त करने और भविष्य में ऐसी त्रुटियां न होने देने की मांग की। इस दौरान राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।
    1
    उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में एक प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने’ जैसे अर्थ के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाने के साथ ही अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका भी है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। वहीं दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अभ्यर्थियों व समाज की भावनाएं आहत होती हैं।
समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द सम्मान और विद्वता का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त करने और भविष्य में ऐसी त्रुटियां न होने देने की मांग की।
इस दौरान राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।
    user_Arun kumar Gupta
    Arun kumar Gupta
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमेठी लोकसभा क्षेत्र में एलपीजी गैस की भारी किल्लत को लेकर यूथ कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कई गैस सेंटरों पर गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता, खासकर किसानों, माता-बहनों और छोटे व्यापारियों को 4–5 दिन तक लंबी लाइन में लगने के बावजूद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। साथ ही कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा गैस की पर्याप्त उपलब्धता के दावे पूरी तरह गलत साबित हो रहे हैं। अमेठी के कई सेंटरों पर घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार की गैस की कमी है, जिससे किसान, दुकानदार और व्यापारी काफी परेशान हैं और उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि अमेठी के सभी गैस सेंटरों पर जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों, नौजवानों और आम जनता की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया और सभी सेंटरों पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई, तो अमेठी यूथ कांग्रेस किसानों और नौजवानों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। किसान और नौजवानों की परेशानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    4
    अमेठी लोकसभा क्षेत्र में एलपीजी गैस की भारी किल्लत को लेकर यूथ कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कई गैस सेंटरों पर गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता, खासकर किसानों, माता-बहनों और छोटे व्यापारियों को 4–5 दिन तक लंबी लाइन में लगने के बावजूद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। साथ ही कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा गैस की पर्याप्त उपलब्धता के दावे पूरी तरह गलत साबित हो रहे हैं। अमेठी के कई सेंटरों पर घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार की गैस की कमी है, जिससे किसान, दुकानदार और व्यापारी काफी परेशान हैं और उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि अमेठी के सभी गैस सेंटरों पर जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों, नौजवानों और आम जनता की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया और सभी सेंटरों पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई, तो अमेठी यूथ कांग्रेस किसानों और नौजवानों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। किसान और नौजवानों की परेशानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • * *भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति, अमेठी में बुद्धिजीवियों ने दिया ज्ञापन* अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। अमित तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
    1
    *
*भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति, अमेठी में बुद्धिजीवियों ने दिया ज्ञापन*
अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। अमित तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में  अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है।
दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 
इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • UPSI भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर अमेठी में आपत्ति, ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर सौंपा गया ज्ञापन अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विरोध देखने को मिला। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में “अवसर के अनुसार बदल जाने” जैसे अर्थ वाले विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक रूप से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां दोबारा न हों। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शब्दों के चयन को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए शासन को इस मामले में गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तुरंत निरस्त किया जाए और भविष्य में इस तरह की त्रुटियों को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    1
    UPSI भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर अमेठी में आपत्ति, ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर सौंपा गया ज्ञापन
अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विरोध देखने को मिला। तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित प्रश्न को निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में “अवसर के अनुसार बदल जाने” जैसे अर्थ वाले विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक रूप से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां दोबारा न हों।
इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शब्दों के चयन को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।
राजीव शुक्ल ने कहा कि इस तरह के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है।
दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए शासन को इस मामले में गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तुरंत निरस्त किया जाए और भविष्य में इस तरह की त्रुटियों को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    user_Pawan Kumar Tiwari
    Pawan Kumar Tiwari
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमेठी में सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में नगर के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी अमेठी को गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन मे व्यापारियों ने अमेठी किठावर मार्ग पर स्थित एआरओ भवन जर्जर स्थिति मे है, जिसका मेंटिनेंस नगर पंचायत अमेठी के जिम्मे है ।ऐसी अवस्था मे यदि भवन को मरम्मत नही किया गया तो यह कार्यालय अयोध्या शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस भवन का अमेठी से बहुत पुराना संबंध है जिसमें कई व्यापारी बंधुओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। और इस भवन के लिए स्थाई भूमि के लिए भी मांग किया गया है। इस मौके पर वरिष्ठ जिला महामंत्री सुशील जायसवाल नगर महामंत्री संदीप अग्रहरि युवा जिला महामंत्री पवन वैश्य नगर अध्यक्ष सोनू कसौधन हिमांशु कसौधन राहुल लोहिया रमेश राव हर्षित बरनवाल अखिलेश सोनी विकास सरोज आदि नगर वासी व्यापारी मौजूद रहे।
    2
    अमेठी में सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल  जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में नगर के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी अमेठी को  गृहमंत्री अमित शाह  को संबोधित ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन मे व्यापारियों ने अमेठी किठावर मार्ग पर स्थित एआरओ भवन जर्जर स्थिति मे है, जिसका मेंटिनेंस नगर पंचायत अमेठी के जिम्मे है ।ऐसी अवस्था मे यदि भवन को मरम्मत नही किया गया तो यह कार्यालय अयोध्या शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस भवन का अमेठी से बहुत पुराना संबंध है जिसमें कई व्यापारी बंधुओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। और इस भवन के लिए स्थाई भूमि के लिए भी मांग किया गया है। इस मौके पर वरिष्ठ जिला महामंत्री सुशील जायसवाल नगर महामंत्री संदीप अग्रहरि युवा जिला महामंत्री पवन वैश्य नगर अध्यक्ष सोनू कसौधन हिमांशु कसौधन राहुल लोहिया रमेश राव हर्षित बरनवाल अखिलेश सोनी विकास सरोज आदि नगर वासी व्यापारी मौजूद रहे।
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dharm Raj
    1
    Post by Dharm Raj
    user_Dharm Raj
    Dharm Raj
    Hotel Amethi, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • रायबरेली जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया है कि हज-2026 की यात्रा के सम्बन्ध में हज कमेटी ऑफ इण्डिया की ओर से कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में जमा की जानी वाली धनराशि की घोषणा 15 मार्च 2026 तक कर दी जायेगी, परन्तु इस धनराशि में कैटरिंग की धनराशि सम्मिलित नहीं होगी। जो हज यात्रियों को बाद में जमा करनी होगी। हज-2026 में मक्के में स्वयं बिल्डिंग में किचन व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है सभी हज यात्रियों को कैटरिंग व्यवस्था के अन्तर्गत खान-पान उपलब्ध कराया जायेगा, भारत में अनेक प्रांत हैं जहां लोग अपनी सुविधानुसार प्रान्तीय खान-पान का सेवन करते हैं, परन्तु हज में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई एक कॉमन फूड का चयन कैटरिंग सेवा हेतु विचार किया जा रहा है। हज-2026 में जाने वाले प्रत्येक हज यात्री को उड़ान स्थल पर बुकिंग उपरान्त प्रपत्रों के वितरण के समय एक स्मार्टवाच भी उपलब्ध करायी जायेगी। यह स्मार्टवाच डाटा केबिल से रिचार्ज होगी। जिसे हज यात्रा हेतु प्रस्थान करने उपरान्त प्रत्येक हज यात्री को अपनी कलाई पर पहनना आवश्यक होगा, इस स्मार्टवाच में यात्री के यात्रा से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। स्मार्टवाच इण्डिया में काम नहीं करेगी सऊदी अरब पहुंचने उपरान्त ही स्वतः एक्टिवेट हो जायेगी। यह स्मार्टवाच जी०पी०एस० से कनेक्ट होगी जिससे यात्री के बिछड़ जाने अथवा किसी अन्य समस्या होने पर इसमें लगे बटन को यात्री द्वारा दबाते ही सीधे कन्ट्रोल रूम में सिगनल पहुंच जायेगा। जिससे यात्री की सही लोकेशन पता लगाने उपरान्त उसकी समस्या निवारण किया जाना सम्भव हो सकेगा। हज यात्री अपनी स्मार्टवाच की चार्जिंग पूर्ण रखें अन्यथा डिस्चार्ज होने पर यह कार्य नहीं करेगी, जिससे यात्री को आवश्यकता पड़ने पर असुविधा होगी। सभी हज यात्रियों को उड़ान तिथि आवंटित हो चुकी है। यात्रियों को उड़ान तिथि से दो दिवस पूर्व निर्धारित उड़ान स्थल पर पहुंचकर अपनी फ्लाइट की बुकिंग कम्फर्म कराना आवश्यक होगा। बुकिंग कन्फर्मनेशन हेतु यात्री अपने सगे-सम्बन्धी को भेजकर भी करा सकते हैं परन्तु उड़ान तिथि से 24 घण्टे पूर्ण यात्री को उड़ान स्थल पहुंचना होगा। यात्रा से सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित यात्री को उपलब्ध कराये जायेंगे। हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों से पासपोर्ट पहले से जमा नहीं कराये गये हैं बुकिंग के समय प्रत्येक हज यात्री को अपना पासपोर्ट लाना आवश्यक होगा। यात्रियों को स्वयं यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि उनका पासपोर्ट डैमेज श्रेणी के अन्तर्गत न हों अन्यथा यात्रा बाधित हो जायेगी। जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित हज यात्री का ही होगा। प्रत्येक हज यात्री को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर हज सुविधा एप एवं नुसुक एप डाउनलोड करना अनिवार्य है बिना नुसुक एप के मदीने में रियाजु जन्नाह हेतु पंजीकरण संभव नहीं होगा। जिन हज यात्रियों ने अपने नम्बर के स्थान पर किसी अन्य सगे-सम्बन्धी/एजेंट का नम्बर अंकित कर रखा है उनसे अनुरोध है कि उनके स्थान पर अपना नम्बर रजिस्टर्ड करा लें अन्यथा हज यात्री को हज यात्रा के दौरान असुविधा होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया कि उक्त क्रम में जनपद रायबरेली में हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों के लिये उक्त दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें, ताकि हज-2026 की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
    1
    रायबरेली जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया है कि हज-2026 की यात्रा के सम्बन्ध में हज कमेटी ऑफ इण्डिया की ओर से कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में जमा की जानी वाली धनराशि की घोषणा 15 मार्च 2026 तक कर दी जायेगी, परन्तु इस धनराशि में कैटरिंग की धनराशि सम्मिलित नहीं होगी। जो हज यात्रियों को बाद में जमा करनी होगी।
हज-2026 में मक्के में स्वयं बिल्डिंग में किचन व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है सभी हज यात्रियों को कैटरिंग व्यवस्था के अन्तर्गत खान-पान उपलब्ध कराया जायेगा, भारत में अनेक प्रांत हैं जहां लोग अपनी सुविधानुसार प्रान्तीय खान-पान का सेवन करते हैं, परन्तु हज में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई एक कॉमन फूड का चयन कैटरिंग सेवा हेतु विचार किया जा रहा है। हज-2026 में जाने वाले प्रत्येक हज यात्री को उड़ान स्थल पर बुकिंग उपरान्त प्रपत्रों के वितरण के समय एक स्मार्टवाच भी उपलब्ध करायी जायेगी। यह स्मार्टवाच डाटा केबिल से रिचार्ज होगी। जिसे हज यात्रा हेतु प्रस्थान करने उपरान्त प्रत्येक हज यात्री को अपनी कलाई पर पहनना आवश्यक होगा, इस स्मार्टवाच में यात्री के यात्रा से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। स्मार्टवाच इण्डिया में काम नहीं करेगी सऊदी अरब पहुंचने उपरान्त ही स्वतः एक्टिवेट हो जायेगी। यह स्मार्टवाच जी०पी०एस० से कनेक्ट होगी जिससे यात्री के बिछड़ जाने अथवा किसी अन्य समस्या होने पर इसमें लगे बटन को यात्री द्वारा दबाते ही सीधे कन्ट्रोल रूम में सिगनल पहुंच जायेगा। जिससे यात्री की सही लोकेशन पता लगाने उपरान्त उसकी समस्या निवारण किया जाना सम्भव हो सकेगा। हज यात्री अपनी स्मार्टवाच की चार्जिंग पूर्ण रखें अन्यथा डिस्चार्ज होने पर यह कार्य नहीं करेगी, जिससे यात्री को आवश्यकता पड़ने पर असुविधा होगी।
सभी हज यात्रियों को उड़ान तिथि आवंटित हो चुकी है। यात्रियों को उड़ान तिथि से दो दिवस पूर्व निर्धारित उड़ान स्थल पर पहुंचकर अपनी फ्लाइट की बुकिंग कम्फर्म कराना आवश्यक होगा। बुकिंग कन्फर्मनेशन हेतु यात्री अपने सगे-सम्बन्धी को भेजकर भी करा सकते हैं परन्तु उड़ान तिथि से 24 घण्टे पूर्ण यात्री को उड़ान स्थल पहुंचना होगा। यात्रा से सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित यात्री को उपलब्ध कराये जायेंगे। हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों से पासपोर्ट पहले से जमा नहीं कराये गये हैं बुकिंग के समय प्रत्येक हज यात्री को अपना पासपोर्ट लाना आवश्यक होगा। यात्रियों को स्वयं यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि उनका पासपोर्ट डैमेज श्रेणी के अन्तर्गत न हों अन्यथा यात्रा बाधित हो जायेगी। जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित हज यात्री का ही होगा। 
प्रत्येक हज यात्री को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर हज सुविधा एप एवं नुसुक एप डाउनलोड करना अनिवार्य है बिना नुसुक एप के मदीने में रियाजु जन्नाह हेतु पंजीकरण संभव नहीं होगा। जिन हज यात्रियों ने अपने नम्बर के स्थान पर किसी अन्य सगे-सम्बन्धी/एजेंट का नम्बर अंकित कर रखा है उनसे अनुरोध है कि उनके स्थान पर अपना नम्बर रजिस्टर्ड करा लें अन्यथा हज यात्री को हज यात्रा के दौरान असुविधा होगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया कि उक्त क्रम में जनपद रायबरेली में हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों के लिये उक्त दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें, ताकि हज-2026 की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
    user_Sujeet kumar
    Sujeet kumar
    Lalganj, Rae Bareli•
    3 hrs ago
  • अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में सोमवार को एक महिला ने तालाब की जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण को हटवाने की मांग को लेकर गुहार लगाई। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोसी द्वारा तालाब खाते की भूमि पर निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया गया है। मामला पीपरपुर थाना क्षेत्र के भादर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम केशवपुर का है। गांव निवासी पीड़ित महिला निर्मला देवी पत्नी स्वर्गीय वंशीलाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। निर्मला देवी ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी अभयराज पुत्र छोटेलाल ने जबरन तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण करा लिया है। इस निर्माण के कारण उनके घर आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी सम्पूर्ण समाधान दिवस में की जा चुकी है। उस दौरान उपजिलाधिकारी द्वारा राजस्व निरीक्षक भादर को अवैध निर्माण हटवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की, लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी है। राजस्व विभाग का कहना है कि जब तक मामले में संयुक्त टीम का गठन नहीं हो जाता, तब तक अवैध निर्माण को हटाना संभव नहीं है। पीड़िता ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर अवैध निर्माण हटवाने और रास्ता खुलवाने की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने जांच कर उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
    2
    अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में सोमवार को एक महिला ने तालाब की जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण को हटवाने की मांग को लेकर गुहार लगाई।
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोसी द्वारा तालाब खाते की भूमि पर निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया गया है।
मामला पीपरपुर थाना क्षेत्र के भादर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम केशवपुर का है। गांव निवासी पीड़ित महिला निर्मला देवी पत्नी स्वर्गीय वंशीलाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
निर्मला देवी ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी अभयराज पुत्र छोटेलाल ने जबरन तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण करा लिया है। इस निर्माण के कारण उनके घर आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी सम्पूर्ण समाधान दिवस में की जा चुकी है। उस दौरान उपजिलाधिकारी द्वारा राजस्व निरीक्षक भादर को अवैध निर्माण हटवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की, लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी है।
राजस्व विभाग का कहना है कि जब तक मामले में संयुक्त टीम का गठन नहीं हो जाता, तब तक अवैध निर्माण को हटाना संभव नहीं है।
पीड़िता ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर अवैध निर्माण हटवाने और रास्ता खुलवाने की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने जांच कर उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
    user_Arun kumar Gupta
    Arun kumar Gupta
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.