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लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम के माध्यम से नियमित योग के जरिए स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के महत्व का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस दौरान योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया, साथ ही समाज में स्वास्थ्य एवं जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी प्रसारित किया।
आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम के माध्यम से नियमित योग के जरिए स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के महत्व का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस दौरान योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया, साथ ही समाज में स्वास्थ्य एवं जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी प्रसारित किया।
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- लखनऊ में जिलाधिकारी (डीएम) और जॉइंट सीपी ने NEET (UG)-2026 परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान, अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और अन्य इंतजामों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया। घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।2
- लखनऊ हाईवे पर एक खतरनाक हादसा हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।1
- उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया। 2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?1
- एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।1
- लखनऊ के गुड़म्बा थाना क्षेत्र में डायटोना नाम का एक कैफे रात भर हुक्का बार चला रहा है, जिससे युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। यह हुक्का बार जगरानी हॉस्पिटल के पीछे, मस्जिद के सामने खुलेआम संचालित हो रहा है। आरोप है कि कैफे का संचालक आमिर युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा है, जहाँ युवा रात भर बैठकर हुक्का पीते और धुआँ उड़ाते हैं। आसपास के लोगों ने इस हुक्का बार को लेकर अपनी नाराज़गी जताई है, क्योंकि इसकी वजह से रात भर सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी रहती हैं। सूत्रों के मुताबिक, डायटोना कैफे में अपराधी भी बैठते हैं और अक्सर हुड़दंग होता रहता है। सबसे गंभीर आरोप गुड़म्बा पुलिस पर लगाया गया है, जिसकी कथित मिलीभगत से यह हुक्का बार धड़ल्ले से चल रहा है। लगातार सवालों के घेरे में होने के बावजूद, आरोप है कि गुड़म्बा पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और हुक्का बार के चलने पर सो रही है।1
- लखनऊ के थाना महानगर अंतर्गत न्यू हैदराबाद क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री से युवाओं और स्कूली बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे इलाके में नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत पर जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाती है और इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1