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लखनऊ के थाना महानगर अंतर्गत न्यू हैदराबाद क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री से युवाओं और स्कूली बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे इलाके में नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत पर जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाती है और इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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लखनऊ के थाना महानगर अंतर्गत न्यू हैदराबाद क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री से युवाओं और स्कूली बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे इलाके में नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत पर जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाती है और इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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- लखनऊ की बीकेटी तहसील में किसानों के भीषण विरोध प्रदर्शन ने सड़क पर घंटों जाम लगा दिया, जिसके चलते एडीएम ज्योति गौतम को अपना रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग से कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ा। यह आक्रोश तब भड़का जब 5 दिनों से धरने पर बैठे सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा जाहिर किया। किसान नेता कमलेश यादव किसानों की समस्याओं को लेकर समाधान दिवस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। किसानों ने तहसीलदार शरद सिंह और नायब तहसीलदार पर अभद्रता और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, धरना स्थल पर लगे उनके टेंट को उखाड़कर फेंक दिए जाने से भी किसान और भड़क उठे, जिसके बाद वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। नाराज किसानों ने तहसील से पैदल मार्च निकाला और इंदौर बाग तहसील रोड पर भारी जाम लगा दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थिति बिगड़ती देख, एसीपी विकास पांडे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर घंटों चली वार्ता के बाद, किसानों की जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर से फोन पर सीधी बातचीत हुई। जिलाधिकारी ने किसानों को दो दिन बाद अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, छुट्टा पशुओं की समस्या और सड़कों की बदहाली सहित कई सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, और उन्होंने अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।1
- बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया। घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।2
- लखनऊ हाईवे पर एक खतरनाक हादसा हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।1
- लखनऊ एयरपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 'बढ़ती उम्र में स्वस्थ जीवन के लिए योग' विषय पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को योग को अपनाकर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने विशेष रूप से बढ़ती उम्र में भी एक सक्रिय, स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के महत्व को रेखांकित किया।1
- तमिलनाडु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चॉकलेट दिलाने का लालच देकर एक 3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया। इस घटना ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में बिहार के रहने वाले एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पीड़ित बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।1
- लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने NEET (UG)-2026 परीक्षा को देखते हुए किए गए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन व्यवस्थाओं पर एक बाइट जारी की है।1
- लखनऊ के थाना महानगर अंतर्गत न्यू हैदराबाद क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री से युवाओं और स्कूली बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे इलाके में नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत पर जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाती है और इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1