हरदोई के हरपालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इन दिनों अपनी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल के एक्स-रे विभाग में तैनात टेक्नीशियन अनूप पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने, मरीजों से अभद्रता करने और अस्पताल की गरिमा को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाल ही में एक बुजुर्ग मरीज के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल का एक्स-रे कक्ष अब मरीजों की सुविधा का केंद्र कम और कथित रूप से अवैध वसूली का अड्डा अधिक बन चुका है। यहाँ बाहरी व्यक्तियों, दलालों और कुछ कथित रसूखदार लोगों का दिनभर जमावड़ा लगा रहता है, और आरोप है कि मरीजों व उनके परिजनों से एक्स-रे तथा अन्य कार्यों के नाम पर धन वसूला जाता है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वे भले ही उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजने की बात कह रहे हों, लेकिन अस्पताल परिसर में अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की निष्क्रियता ने हालात को और बिगाड़ने का काम किया है। अस्पताल में लगातार उठ रही शिकायतों के बावजूद, जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मरीजों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। क्षेत्रीय जनता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हरदोई से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अस्पताल परिसर में सक्रिय बाहरी तत्वों और कथित दलालों पर रोक लगाने की मांग की है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के हित में सख्त कदम उठाता है या फिर शिकायतों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।
हरदोई के हरपालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इन दिनों अपनी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल के एक्स-रे विभाग में तैनात टेक्नीशियन अनूप पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने, मरीजों से अभद्रता करने और अस्पताल की गरिमा को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाल ही में एक बुजुर्ग मरीज के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल का एक्स-रे कक्ष अब मरीजों की सुविधा का केंद्र कम और कथित रूप से अवैध वसूली का अड्डा अधिक बन चुका है। यहाँ बाहरी व्यक्तियों, दलालों और कुछ कथित रसूखदार लोगों का दिनभर जमावड़ा लगा रहता है, और आरोप है कि मरीजों व उनके परिजनों से एक्स-रे तथा अन्य कार्यों के नाम पर धन वसूला जाता है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वे भले ही उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजने की बात कह रहे हों, लेकिन अस्पताल परिसर में अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की निष्क्रियता ने हालात को और बिगाड़ने का काम किया है। अस्पताल में लगातार उठ रही शिकायतों के बावजूद, जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मरीजों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। क्षेत्रीय जनता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हरदोई से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अस्पताल परिसर में सक्रिय बाहरी तत्वों और कथित दलालों पर रोक लगाने की मांग की है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के हित में सख्त कदम उठाता है या फिर शिकायतों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।
- हरदोई के हरपालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इन दिनों अपनी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल के एक्स-रे विभाग में तैनात टेक्नीशियन अनूप पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने, मरीजों से अभद्रता करने और अस्पताल की गरिमा को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाल ही में एक बुजुर्ग मरीज के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल का एक्स-रे कक्ष अब मरीजों की सुविधा का केंद्र कम और कथित रूप से अवैध वसूली का अड्डा अधिक बन चुका है। यहाँ बाहरी व्यक्तियों, दलालों और कुछ कथित रसूखदार लोगों का दिनभर जमावड़ा लगा रहता है, और आरोप है कि मरीजों व उनके परिजनों से एक्स-रे तथा अन्य कार्यों के नाम पर धन वसूला जाता है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वे भले ही उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजने की बात कह रहे हों, लेकिन अस्पताल परिसर में अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की निष्क्रियता ने हालात को और बिगाड़ने का काम किया है। अस्पताल में लगातार उठ रही शिकायतों के बावजूद, जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मरीजों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। क्षेत्रीय जनता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हरदोई से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अस्पताल परिसर में सक्रिय बाहरी तत्वों और कथित दलालों पर रोक लगाने की मांग की है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के हित में सख्त कदम उठाता है या फिर शिकायतों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।1
- हरदोई जनपद के हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक्स-रे कक्ष में गंभीर अव्यवस्था का माहौल है। सूत्रों के अनुसार, एक्स-रे टेक्नीशियन अनूप लगातार शराब के नशे में अपनी ड्यूटी पर रहते हैं और मरीजों के साथ कई बार अभद्रता कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, इस कक्ष में रोजाना प्राइवेट कर्मचारियों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी बताती है कि कुछ पत्रकार और स्थानीय निवासी भी प्रतिदिन एक्स-रे रूम में बैठकर मरीजों और उनके तीमारदारों से अवैध रूप से धन उगाही करते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित में कई बार अवगत कराया है। डॉ. पांडे की सूचनाओं के बावजूद, जिले से हरपालपुर के लिए कोई अन्य एक्स-रे टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस लापरवाही के कारण, एक्स-रे टेक्नीशियन अनूप द्वारा मरीजों के साथ अभद्रता का सिलसिला लगातार जारी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हरदोई के मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।1
- दिनांक 09/10.06.2026 की रात्रि लगभग 12 बजे गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 289 पर एक सड़क दुर्घटना हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि शंकरगंज, जनपद अमेठी से दिल्ली स्थित आनंद विहार की ओर जा रही बस (संख्या BR 06RA 5115) दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में जनपद अमेठी के रानीगंज बाजार निवासी शहर पत्नी नासिर (लगभग 32 वर्ष) की चिकित्सकों द्वारा चिकित्सालय में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह स्वयं गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनके साथ तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें जनपद रायबरेली के प्रतापपुर निवासी जयेंद्र पुत्र भारत सिंह (करीब 32 वर्ष), रानीगंज बाजार, अमेठी निवासी आसमो बानो पत्नी स्वर्गीय मो. नाजिम (करीब 45 वर्ष) और मो. नासिर पुत्र मो. नाजिम (करीब 35 वर्ष) शामिल हैं। घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय भेजा गया। मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, और शव को नियमानुसार कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। यातायात व्यवस्था वर्तमान में सुचारु रूप से जारी है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी हरपालपुर द्वारा दी गई है।1
- फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज क्षेत्र की दरियागंज रोड पर एक महिला को लेकर बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यह घटना तब घटी जब एक महिला के दो प्रेमी उसके सामने ही आपस में भिड़ गए और महिला पर अपने हक को लेकर संघर्ष करने लगे। दोनों प्रेमियों के बीच छिड़े इस 'युद्ध' के दौरान महिला लगातार उन्हें रोकने और बीच-बचाव करने का प्रयास करती रही। झड़प इतनी बढ़ गई कि दोनों में से एक ने दूसरे को उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे दूसरे व्यक्ति का सिर फट गया और उसे गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलने पर 112 पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायल व्यक्ति को एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) भेजा गया।3
- हरदोई जिले के भरखनी में लगभग 20 साल पुराना खड़ंजा अब ग्रामीणों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। इस पुराने खड़ंजे के कारण आए दिन ग्रामीण गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- फर्रुखाबाद जिले के थाना नवाबगंज में एक बूढ़ी महिला ने अपने पोते और पुत्रवधू के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। यह शिकायत एक विवाद के संबंध में दर्ज कराई गई है।1
- सिटी न्यूज़ के मुताबिक, परिजनों ने देवर और भाभी को जूतों की माला पहनाई है। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह ख़बर चर्चा का विषय बन गई है।1
- फर्रुखाबाद जनपद के कमालगंज क्षेत्र में एक मेले के दौरान वायरल हुए चाकू वाले वीडियो को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में एक नाबालिग के हाथ में चाकू दिखाई देने के बाद, पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसे बच्चों के बीच हुई एक मजाकिया और खेल-खेल की घटना बताया। पुलिस के अनुसार, जांच में किसी को चाकू मारने या उकसाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई, और दोनों पक्षों के परिजनों को समझाने के बाद शिकायतकर्ता ने भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाही, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य हो गई। हालांकि, पुलिस की इस रिपोर्ट से असंतुष्ट विभिन्न संगठनों ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वायरल वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया और मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच किए बिना इसे सामान्य घटना बताकर खत्म करने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिकायत के बाद IG और ADG जैसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान लेने और निर्देशों के बावजूद, स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। हिंदू सुरक्षा सेवा संघ और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है, यह कहते हुए कि यदि किसी नाबालिग को हिंसक गतिविधि के लिए उकसाने जैसी स्थिति सामने आती है तो निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संगठन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने एक वीडियो जारी कर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा और एसपी कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। इसी बीच, पीड़ित पक्ष अब फर्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है और मामले की दोबारा जांच की मांग कर रहा है। पूरे मामले में अब जनपद की निगाहें पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या पुनः जांच के आदेश दिए जाएंगे या स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट को ही अंतिम माना जाएगा। यह प्रकरण जिले में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग निष्पक्ष जांच और स्पष्ट निष्कर्ष की प्रतीक्षा कर रहे हैं।3