प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित शंकरलाल हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मृतक की पत्नी तुलसीबाई ने पड़ोसी दुकानदार वाहिद कुरैशी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के दमनार निवासी अजीज उर्फ अज्जु (46) और मुल्तानपुरा निवासी जुनैद उर्फ जुनैब (20) के रूप में हुई है। घटनाक्रम के अनुसार, 26 जून 2026 को दलोट स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास एक कुएं से कट्टे में बंद शंकरलाल का शव बरामद किया गया था। इस मामले में पत्नी तुलसीबाई ने हत्या का प्रकरण दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि 24 जून को तुलसीबाई और वाहिद कुरैशी ने मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाकर शंकरलाल के साथ मारपीट करवाई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को कट्टे में भरकर कुएं में फेंक दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल दूसरे थाना क्षेत्र में खड़ी कर दी थी। साजिश के तहत हत्या करने वालों को 5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। इसके अलावा वाहिद कुरैशी को आधा बीघा जमीन देने, मृतक की जमीन पर बिना किराए दुकान चलाने और मकान पर कमरा बनाकर रहने का वादा किया गया था। पुलिस इस मामले में तुलसीबाई और वाहिद कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित शंकरलाल हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मृतक की पत्नी तुलसीबाई ने पड़ोसी दुकानदार वाहिद कुरैशी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के दमनार निवासी अजीज उर्फ अज्जु (46) और मुल्तानपुरा निवासी जुनैद उर्फ जुनैब (20) के रूप में हुई है। घटनाक्रम के अनुसार, 26 जून 2026 को दलोट स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास एक कुएं से कट्टे में बंद शंकरलाल का शव बरामद किया गया था। इस मामले में पत्नी तुलसीबाई ने हत्या का प्रकरण दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि 24 जून को तुलसीबाई और वाहिद कुरैशी ने मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाकर शंकरलाल के साथ मारपीट करवाई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को कट्टे में भरकर कुएं में फेंक दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल दूसरे थाना क्षेत्र में खड़ी कर दी थी। साजिश के तहत हत्या करने वालों को 5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। इसके अलावा वाहिद कुरैशी को आधा बीघा जमीन देने, मृतक की जमीन पर बिना किराए दुकान चलाने और मकान पर कमरा बनाकर रहने का वादा किया गया था। पुलिस इस मामले में तुलसीबाई और वाहिद कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
- रतलाम जिले की खारवा कला चौकी पुलिस ने खाचरोद जेल से फरार हुए तीन आरोपियों में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोपाल, पिता बाबूलाल कीर के रूप में हुई है।1
- बांसवाड़ा के कुशलगढ़ की प्रतिभाशाली छात्रा झील दोशी को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाने पर सम्मानित किया गया है। बांसवाड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में जिला कलेक्टर ने झील को स्मृति चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। शिक्षक नेता समीक्षा जैन की पुत्री झील की इस बड़ी उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद झील ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि अनुशासित मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही मंजिल तक पहुंचाते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए बताया कि वह परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन सुबह 3 बजे से 7 बजे तक नियमित अध्ययन करती थीं। अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और सहयोग को देने वाली झील ने भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करने का अपना लक्ष्य निर्धारित किया है।2
- निम्बाहेड़ा के कोतवाली पुलिस थाने में तैनात सीआई रामसुमेर मीणा का चयन एसीबी यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में हुआ है। उनके इस चयन से विभागीय क्षेत्र में चर्चाएं हैं।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- पीएम नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी तीन देशों की यात्रा पूरी करने के बाद अब स्वदेश के लिए रवाना हो गए हैं।1
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बांसवाड़ा ने जनसंख्या स्थायित्व के इंडिकेटर्स में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तरीय वर्चुअल समारोह के दौरान प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, मिशन निदेशक डॉ जोगाराम और आरसीएच निदेशक मधु रतेश्वर ने जिले को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि जिला कलेक्टर के कुशल नेतृत्व में पीपीआईयूसीडी निवेशन में भी बांसवाड़ा ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर 4 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्त किया है। इस बड़ी सफलता पर नोडल अधिकारी एवं एडिशनल सीएमएचओ डॉ भरत राम मीणा ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, एलएचवी, एएनएम और आशा सहयोगिनियों के समर्पित कार्य को दिया।2
- मनासा के आंतरी माताजी में शनिवार को जमीन की मेढ़ के पुराने विवाद और 30 सालों पुराने रास्ते से निकलने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। एक पक्ष के लोगों ने बीच रास्ते में ट्रैक्टर अड़ाकर दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में विशाल सूर्यवंशी, जीतू सूर्यवंशी और उनकी माताजी इंदिरा बाई घायल हो गईं। घटना की सूचना तुरंत मनासा डायल 112 पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के देरी से पहुंचने के कारण गंभीर रूप से घायल युवक काफी देर तक मौके पर जमीन पर ही पड़ा रहा। बाद में घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल मनासा लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना में घायल एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पीड़ित विशाल सूर्यवंशी ने बताया कि खेत की मेढ़ को लेकर इन लोगों ने पहले भी कई बार उन पर जानलेवा हमला किया था और थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1