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जंतर मंतर पर छात्रों के बीच आग में घी डालने और आग सुलगाने का काम करने के बाद रेलवे स्टेशन पर टहल रहे युवा साहब कैमरे की नजर में पकड़े गए हैं। छात्रों के बीच इस तरह आग भड़काने के बाद रेलवे स्टेशन पर घूमते पाए जाने पर अब ये साहब सवालों के जवाब देने के लिए बाध्य हो गए हैं।
PARUL SIROHI BC MEERUT
जंतर मंतर पर छात्रों के बीच आग में घी डालने और आग सुलगाने का काम करने के बाद रेलवे स्टेशन पर टहल रहे युवा साहब कैमरे की नजर में पकड़े गए हैं। छात्रों के बीच इस तरह आग भड़काने के बाद रेलवे स्टेशन पर घूमते पाए जाने पर अब ये साहब सवालों के जवाब देने के लिए बाध्य हो गए हैं।
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- जंतर मंतर पर छात्रों के बीच आग में घी डालने और आग सुलगाने का काम करने के बाद रेलवे स्टेशन पर टहल रहे युवा साहब कैमरे की नजर में पकड़े गए हैं। छात्रों के बीच इस तरह आग भड़काने के बाद रेलवे स्टेशन पर घूमते पाए जाने पर अब ये साहब सवालों के जवाब देने के लिए बाध्य हो गए हैं।1
- मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के 38वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने 199 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया। दिए गए मेधा पुरस्कारों में एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के नाम पर एक स्वर्ण पदक, दो चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार, 62 प्रायोजित स्वर्ण पदक और 133 कुलपति स्वर्ण पदक शामिल रहे। विद्यार्थियों को सम्मानित करने के बाद अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि हम अभी भी रिसर्च कार्य में पीछे हैं और हमारे यहां पर्याप्त रिसर्च नहीं हो रही है। नशे को किसी भी समस्या का समाधान न बताते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई युवा नशे की लत में लिप्त होता है, तो उसी दिन से उसके परिवार के सपनों को आघात पहुंचता है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों का निरीक्षण किया था, जहां बाहर शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में बाहर से आने वाले खाने के साथ ड्रग आ रहा है और इस संबंध में उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन तथा कुलपति को तस्वीरें भी दिखाई हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जो माता-पिता बरसात में खेत में कड़ी मेहनत करते हैं, वे सोचते हैं कि उनका बेटा हॉस्टल में पढ़ाई कर रहा है, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम होता कि उनका बेटा नशे की गिरफ्त में आ चुका है।3
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भारी आक्रोश जताया है। उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि हमारे बच्चों के साथ जैसा बर्ताव किया जा रहा है, उसे देखकर वे अंदर से गुस्से में उबल रहे हैं।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि जब तक इस्तीफ़ा नहीं मिल जाता, तब तक वे जंतर-मंतर छोड़कर नहीं हटेंगे। सड़कों पर डटे लोगों के हौसले को बढ़ाते हुए साफ़ कहा गया है कि अब कोई सिर झुकाकर रहने वाला नहीं है और यह लड़ाई जीत मिलने तक जारी रहेगी। दिन-रात मोर्चे पर डटे प्रदर्शनकारियों के संघर्ष को रेखांकित करते हुए स्वीकार किया गया कि सख्त ज़मीन पर रातें बिताना, नींद पूरी न होना और इस पूरी लड़ाई का मानसिक दबाव सहना बेहद कठिन है। इसके बावजूद साथ मिलकर हासिल की गई बढ़त का ज़िक्र करते हुए कहा गया कि सालों तक सवाल पूछने को अपराध समझा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे।1
- मेरठ के पूर्व पार्षद अफज़ाल सैफी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि संसद भवन घेराव के आह्वान पर छात्र-छात्राओं और विपक्षी नेताओं द्वारा संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से धरना दिया जा रहा था। अफज़ाल सैफी का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग करके लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन, धर्मेंद्र यादव और रुचि वीरा समेत विपक्षी नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उनकी गिरफ्तारी लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। अफज़ाल सैफी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा इस पूरे प्रकरण पर देश के छात्रों और विपक्षी नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।2
- मुजफ्फरनगर के महावीर चौक पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक नशे में धुत व्यक्ति द्वारा प्रदर्शनकारियों के सामने कुछ आपत्तिजनक शब्द कहे जाने पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदर्शनकारियों ने उक्त व्यक्ति को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग कर मामले को शांत कराया। पुलिस के अनुसार इस दौरान किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- मुजफ्फरनगर में शेख समाज के लोगों द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाज के सदस्यों ने एकत्रित होकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।1
- संसद के सामने जंतर-मंतर पर अपनी बात रखने के नाम पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और सीआरपी की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई है। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों को निशाना बनाया गया। जंतर-मंतर को अपनी बात सामने रखने का माध्यम माना जाता है, लेकिन इस दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या इसी तरह की तोड़फोड़ को शांति कहा जाता है।1